उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने नई दिल्ली में ‘अटल बिहारी वाजपेयी: द एटरनल स्टेट्समैन’ का विमोचन किया

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली में 21 फरवरी 2026 को कॉफी टेबल बुक ‘अटल बिहारी वाजपेयी: द इटरनल स्टेट्समैन’ का विमोचन किया। उन्होंने इस पुस्तक को भारत रत्न Atal Bihari Vajpayee के प्रति एक उपयुक्त श्रद्धांजलि बताया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह प्रकाशन केवल तस्वीरों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह भारत के महानतम राजनेताओं में से एक के जीवन, नेतृत्व और अमर विरासत का उत्सव है, जिनके आदर्श आज भी राष्ट्र को प्रेरित करते हैं। ये किताब पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल द्वारा लिखी गई है, जिसका विमोचन उपराष्‍ट्रपति सी. पी. राधाकृष्‍णन ने किया है।

नई दिल्ली में पुस्तक विमोचन: अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि

नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में कॉफी टेबल बुक ‘अटल बिहारी वाजपेयी: द इटरनल स्टेट्समैन’ का विमोचन किया गया। यह पुस्तक भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के राजनीतिक जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों को उजागर करती है। उपराष्ट्रपति ने इसे वाजपेयी जी की लोकतांत्रिक विरासत का उत्सव बताया और कहा कि यह पुस्तक उनके नेतृत्व, दूरदर्शिता और राष्ट्रसेवा को रेखांकित करती है। उन्होंने उल्लेख किया कि यह पुस्तक वाजपेयी जी के जीवन के व्यक्तिगत और राजनीतिक दोनों आयामों को समग्र रूप से प्रस्तुत करती है।

अटल बिहारी वाजपेयी: सांसद से प्रधानमंत्री तक

  • पुस्तक विमोचन समारोह में उपराष्ट्रपति ने वाजपेयी जी के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों को भी याद किया।
  • उन्होंने कहा कि उन्हें वाजपेयी जी के प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान लोकसभा सदस्य के रूप में सेवा करने का अवसर मिला था।
  • उन्होंने कहा कि वाजपेयी जी की सांसद से प्रधानमंत्री तक की यात्रा भारतीय लोकतंत्र की शक्ति और परिपक्वता का प्रतीक है।
  • पुस्तक में यह दर्शाया गया है कि वाजपेयी जी ने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में संवाद, सहमति निर्माण और लोकतांत्रिक मूल्यों को सर्वोपरि रखा।

पोखरण परमाणु परीक्षण और दिल्ली मेट्रो: नेतृत्व के ऐतिहासिक क्षण

उपराष्ट्रपति ने वाजपेयी जी के नेतृत्व के कुछ निर्णायक क्षणों का विशेष उल्लेख किया।

मुख्य उपलब्धियाँ:

  • 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षण, जिन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा को सशक्त किया।
  • दूरदर्शी बुनियादी ढांचा विकास, जिसमें Delhi Metro परियोजना की शुरुआत शामिल है।
  • विकासोन्मुखी शासन पर विशेष जोर।
  • उन्होंने कहा कि वाजपेयी जी ने यह सिद्ध किया कि नेतृत्व में शक्ति और संवेदनशीलता साथ-साथ चल सकती हैं।

मार्गदर्शक सिद्धांत: संवाद, लोकतंत्र और विकास

पुस्तक ‘अटल बिहारी वाजपेयी: द इटरनल स्टेट्समैन’ वाजपेयी जी के नेतृत्व के तीन प्रमुख स्तंभों को रेखांकित करती है—

  • टकराव के स्थान पर संवाद
  • लोकतंत्र को सर्वोच्च मूल्य मानना
  • विकास को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाना

उपराष्ट्रपति ने कहा कि जटिल राजनीतिक और वैश्विक चुनौतियों के बीच भी वाजपेयी जी ने इन सिद्धांतों को दृढ़ता से निभाया और राष्ट्र को स्थिर, सशक्त और प्रगतिशील दिशा प्रदान की।

 

AI इम्पैक्ट समिट 2026 संपन्न: 89 देशों ने नई दिल्ली घोषणा का समर्थन किया

AI इम्पैक्ट समिट 2026 (AI Impact Summit 2026) का समापन 19 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में “नई दिल्ली घोषणा ऑन AI इम्पैक्ट” को अपनाने के साथ हुआ। इस घोषणा का समर्थन विश्वभर के 89 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने किया। यह शिखर सम्मेलन वैश्विक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) शासन और सहयोग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। भारत ने “AI for All” का आह्वान किया, जो समानता, पहुंच और साझा वैश्विक प्रगति के सिद्धांतों पर आधारित है। नई दिल्ली घोषणा में सात प्रमुख कार्य स्तंभों (Seven Pillars of Action) की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है और साथ ही नए वैश्विक प्लेटफॉर्म की शुरुआत का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता मानवता के लिए सहयोगात्मक, विश्वसनीय, सुदृढ़ और प्रभावी बनी रहे।

ग्लोबल AI इम्पैक्ट समिट 2026 और नई दिल्ली घोषणा

AI इम्पैक्ट समिट 2026 का मुख्य उद्देश्य जिम्मेदार और समावेशी AI विकास के लिए एक साझा वैश्विक ढांचा तैयार करना था। इस शिखर सम्मेलन में अपनाई गई “नई दिल्ली घोषणा” कृत्रिम बुद्धिमत्ता के संतुलित, सुरक्षित और मानव-केंद्रित उपयोग पर जोर देती है।

संस्कृत सिद्धांत “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” (सभी के कल्याण और सभी के सुख के लिए) से प्रेरित यह घोषणा इस बात पर बल देती है कि AI के लाभ समान रूप से सभी देशों और समाजों तक पहुंचने चाहिए।

प्रमुख बिंदु

  • 89 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा समर्थन
  • अंतरराष्ट्रीय सहयोग और बहु-हितधारक भागीदारी पर जोर
  • राष्ट्रीय संप्रभुता का सम्मान
  • विश्वसनीय, सुलभ और ऊर्जा-कुशल AI प्रणालियों पर ध्यान

यह घोषणा स्वैच्छिक और गैर-बाध्यकारी (Non-binding) है, लेकिन यह वैश्विक AI शासन की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण मार्गदर्शक दस्तावेज के रूप में उभरकर सामने आई है।

AI इम्पैक्ट समिट 2026 के सात पिलर (चक्र)

नई दिल्ली डिक्लेरेशन सात पिलर के आस-पास बना है, जो ग्लोबल AI कोऑपरेशन की रीढ़ हैं।

स्तंभ फोकस क्षेत्र
AI संसाधनों का लोकतंत्रीकरण AI अवसंरचना तक किफायती और समान पहुंच सुनिश्चित करना
आर्थिक वृद्धि एवं सामाजिक विकास विकास और विस्तार के लिए “अच्छा AI” (Good AI) को बढ़ावा देना
सुरक्षित और विश्वसनीय AI सुरक्षा, पारदर्शिता और मानक (Benchmarks) स्थापित करना
विज्ञान के लिए AI वैश्विक शोध सहयोग को प्रोत्साहन देना
सामाजिक सशक्तिकरण हेतु पहुंच समावेशी AI अपनाने को बढ़ावा देना
मानव पूंजी विकास कौशल विकास और AI साक्षरता को मजबूत करना
लचीली और कुशल AI प्रणालियां ऊर्जा-कुशल और टिकाऊ AI अवसंरचना विकसित करना

ये पिलर्स यह पक्का करेंगे कि AI इम्पैक्ट समिट 2026 चर्चा से आगे बढ़कर स्ट्रक्चर्ड ग्लोबल एक्शन की ओर बढ़े।

AI इम्पैक्ट समिट 2026 में घोषित प्रमुख वैश्विक पहलें

नई दिल्ली घोषणा के तहत AI इम्पैक्ट समिट 2026 में कई महत्वपूर्ण वैश्विक सहयोगात्मक पहलों की घोषणा की गई, जो “AI for All” ढांचे को मजबूत करती हैं।

1. लोकतांत्रिक AI प्रसार के लिए चार्टर 

  • आधारभूत AI उपकरणों तक किफायती पहुंच को बढ़ावा
  • स्थानीय नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को समर्थन
  • लचीली और सुदृढ़ AI अवसंरचना को मजबूत करना

2. ग्लोबल AI इम्पैक्ट कॉमन्स 

  • स्केलेबल AI उपयोग मामलों को साझा करने का मंच
  • विभिन्न देशों में AI समाधानों की पुनरावृत्ति (Replication) को प्रोत्साहन
  • आर्थिक विकास और सामाजिक प्रगति को समर्थन

3. ट्रस्टेड AI कॉमन्स 

  • उपकरणों, मानकों (Benchmarks) और सर्वोत्तम प्रथाओं का भंडार
  • सुरक्षित और विश्वसनीय AI जीवनचक्र को प्रोत्साहन

4. AI फॉर साइंस संस्थानों का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क

  • वैश्विक शोध संस्थानों को जोड़ना
  • AI-आधारित वैज्ञानिक नवाचार को बढ़ावा देना

5. AI वर्कफोर्स डेवलपमेंट प्लेबुक

  • कौशल विकास और पुनःकौशल (Reskilling) पहलों को समर्थन
  • AI साक्षरता और व्यावसायिक सुधारों को प्रोत्साहन

6. लचीले और कुशल AI पर मार्गदर्शक सिद्धांत

  • ऊर्जा-कुशल AI प्रणालियों पर विशेष ध्यान
  • AI अवसंरचना लचीलापन प्लेबुक द्वारा समर्थित

ये सभी पहलें AI इम्पैक्ट समिट 2026 में प्रस्तुत “AI for All” दृष्टिकोण को सुदृढ़ करती हैं, जिसका उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता को समावेशी, सुरक्षित और मानव-केंद्रित बनाना है।

आर्थिक वृद्धि और सामाजिक कल्याण के लिए AI

नई दिल्ली घोषणा का एक प्रमुख फोकस आर्थिक परिवर्तन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की भूमिका पर है। समिट में इस बात पर जोर दिया गया कि ओपन-सोर्स पारिस्थितिकी तंत्र और सुलभ AI उपकरण शासन, विज्ञान तथा सार्वजनिक सेवा वितरण को अधिक प्रभावी बना सकते हैं।

प्रमुख प्राथमिकताएं:

  • विभिन्न क्षेत्रों में AI अपनाने का विस्तार
  • ओपन-सोर्स AI फ्रेमवर्क को बढ़ावा
  • ऊर्जा-कुशल AI अवसंरचना सुनिश्चित करना
  • उद्योग-नेतृत्व वाले स्वैच्छिक सुरक्षा उपायों को प्रोत्साहन

AI इम्पैक्ट समिट 2026 ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता को सतत वैश्विक आर्थिक विकास का एक प्रमुख प्रेरक (Key Driver) बताया।

वैश्विक AI शासन और सहयोग को सुदृढ़ करना

नई दिल्ली घोषणा वैश्विक AI शासन में स्वैच्छिक सहयोग को मजबूत करती है। सहभागी देशों ने सहमति व्यक्त की कि वे—

  • गैर-बाध्यकारी (Non-binding) AI सिद्धांतों को बढ़ावा देंगे
  • बहुपक्षीय साझेदारियों को आगे बढ़ाएंगे
  • समिट की प्रतिबद्धताओं को क्रियान्वित करेंगे
  • लचीले और समावेशी AI पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करेंगे

एशिया, यूरोप, अफ्रीका और अमेरिका के देशों के साथ-साथ यूरोपीय संघ (EU) और अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास कोष (IFAD) जैसे संगठनों की भागीदारी ने इस पहल पर मजबूत वैश्विक सहमति को दर्शाया।

पीएम मोदी ने इस कॉरिडोर पर भारत के पहले नमो भारत आरआरटीएस का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 फरवरी 2026 को मेरठ में भारत की पहली नमो भारत रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) का उद्घाटन किया और दिल्ली–मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को जनता को समर्पित किया। यह परियोजना भारत में पहली बार ऐसी व्यवस्था लेकर आई है, जहां रैपिड रेल और मेट्रो सेवा एक ही स्टेशन तथा एक ही ट्रैक से संचालित हो रही है। प्रधानमंत्री ने इस पहल को उत्तर प्रदेश और पूरे देश के लिए विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के नए युग की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने, यात्रा समय कम करने और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

भारत की पहली RRTS और मेरठ मेट्रो का उद्घाटन

दिल्ली–मेरठ नमो भारत कॉरिडोर भारत की पहली परिचालन क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट प्रणाली (RRTS) है। 22 फरवरी 2026 को मेरठ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया। इसी प्लेटफॉर्म से मेरठ मेट्रो सेवा की भी शुरुआत की गई।

प्रमुख विशेषताएं

  • पहली बार नमो भारत और मेट्रो रेल एक ही ट्रैक और स्टेशन से संचालित
  • इंट्रा-सिटी (शहर के भीतर) और इंटर-सिटी (शहरों के बीच) यात्रा के लिए एकीकृत परिवहन मॉडल
  • दिल्ली और मेरठ के बीच तीव्र कनेक्टिविटी
  • एक ही प्लेटफॉर्म से शहर के भीतर या दिल्ली तक सीधी यात्रा

यह परियोजना यात्रियों को शहर के भीतर यात्रा के लिए मेट्रो और क्षेत्रीय हाई-स्पीड यात्रा के लिए नमो भारत ट्रेन का विकल्प प्रदान करती है।

NCR कनेक्टिविटी और “ट्विन सिटीज” विजन को बढ़ावा

यह एकीकृत कॉरिडोर मेरठ और दिल्ली को सहज रूप से जोड़कर “ट्विन सिटीज” अवधारणा को मजबूत करता है।

प्रधानमंत्री के अनुसार—

  • बेहतर कनेक्टिविटी के कारण अब लोगों को दिल्ली में किराए पर घर लेने की आवश्यकता कम होगी।
  • यात्रा तेज, सुगम और सुविधाजनक बनेगी।
  • कम यात्रा समय से आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा मिलेगा।

प्रमुख एकीकरण केंद्र

  • सराय काले खां
  • आनंद विहार
  • गाजियाबाद
  • मेरठ

यह कॉरिडोर भारतीय रेलवे, मेट्रो और बस टर्मिनलों से जुड़कर मल्टी-मॉडल परिवहन को सहज बनाता है।

बुनियादी ढांचा विकास और रोजगार वृद्धि

  • प्रधानमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेसवे, फ्रेट कॉरिडोर, जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और रैपिड रेल कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार और औद्योगिक विकास को गति दे रही हैं।
  • उन्होंने उल्लेख किया कि 2014 से पहले जहां मेट्रो सेवाएं केवल 5 शहरों में थीं, वहीं आज 25 से अधिक शहरों में विस्तार हो चुका है, जिससे भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क बन गया है।

नमो भारत संचालन में महिला सशक्तिकरण

नमो भारत RRTS की एक विशेष उपलब्धि महिलाओं की भागीदारी है।

  • अधिकांश ट्रेन ऑपरेटर महिलाएं हैं।
  • स्टेशन कंट्रोल स्टाफ में भी महिलाओं की संख्या अधिक है।

प्रधानमंत्री ने इसे अवसंरचना और परिवहन क्षेत्र में “नारी शक्ति” का प्रतीक बताया।

स्थैतिक तथ्य (Static Points)

  • परियोजना: नमो भारत रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (RRTS)
  • कॉरिडोर: दिल्ली–मेरठ
  • लॉन्च तिथि: 22 फरवरी 2026
  • उद्घाटनकर्ता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
  • पहली बार: मेट्रो और रैपिड रेल एक ही स्टेशन और ट्रैक पर
  • मुख्य एकीकरण हब: सराय काले खां, आनंद विहार, गाजियाबाद, मेरठ
  • राज्य: उत्तर प्रदेश

भारत-ब्राज़ील ने किए 10 बड़े समझौते: ग्लोबल साउथ में उभरता नया शक्ति

भारत और ब्राज़ील ने व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य और महत्वपूर्ण खनिज जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए दस महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा के साथ विस्तृत वार्ता की। दोनों नेताओं ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर से अधिक तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया। यह कदम वर्ष 2006 में स्थापित सामरिक साझेदारी (Strategic Partnership) के बाद से लगातार मजबूत हो रहे संबंधों को और सुदृढ़ करता है।

भारत–ब्राज़ील समझौते 2026: क्या तय हुआ?

भारत और ब्राज़ील के बीच 2026 में हुए दस समझौते कई रणनीतिक क्षेत्रों को कवर करते हैं और भारत–ब्राज़ील सामरिक साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।

ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। उन्होंने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी अर्पित की, जो भारत–ब्राज़ील संबंधों की साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और जन-से-जन संपर्क की भावना को दर्शाता है।

10 प्रमुख समझौतों के मुख्य क्षेत्र

इन समझौतों में कई प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को शामिल किया गया—

प्रमुख फोकस क्षेत्र:

  • क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ
  • डिजिटल सहयोग और प्रौद्योगिकी
  • स्वास्थ्य और फार्मास्यूटिकल्स
  • सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) और उद्यमिता
  • पारंपरिक ज्ञान का आदान-प्रदान
  • जनसंचार
  • रक्षा सहयोग

क्रिटिकल मिनरल्स पर समझौता वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के बीच लचीली (resilient) सप्लाई चेन विकसित करने की रणनीतिक पहल माना जा रहा है।

20 अरब डॉलर व्यापार लक्ष्य: रणनीतिक आर्थिक पहल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्राज़ील को लैटिन अमेरिका में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बताया और कहा कि द्विपक्षीय व्यापार आपसी विश्वास को दर्शाता है।

वर्तमान दिशा:

  • अगले पांच वर्षों में 20 अरब डॉलर का व्यापार लक्ष्य
  • ऊर्जा, कृषि, रक्षा और प्रौद्योगिकी में विस्तार
  • निजी क्षेत्र की अधिक भागीदारी

यह पहल ग्लोबल साउथ सहयोग और व्यापारिक साझेदारियों के विविधीकरण की व्यापक रणनीति के अनुरूप है।

डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी सहयोग

दोनों देश ब्राज़ील में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence) स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।

इस पहल का उद्देश्य है—

  • भारत के डिजिटल गवर्नेंस अनुभव को साझा करना
  • वित्तीय समावेशन और डिजिटल पहचान प्रणालियों को बढ़ावा देना
  • ग्लोबल साउथ में तकनीकी सहयोग को मजबूत करना

दोनों नेताओं ने माना कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर्स और नवाचार में सहयोग न केवल उनके देशों बल्कि उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए भी लाभकारी होगा।

साझा दृष्टिकोण: बहुध्रुवीय विश्व और संयुक्त राष्ट्र सुधार

भारत और ब्राज़ील ने समावेशी और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

साझा रुख:

  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में त्वरित सुधार
  • आतंकवाद के खिलाफ सशक्त वैश्विक कार्रवाई
  • जलवायु कार्रवाई और सतत विकास
  • ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करना

दोनों देश ब्रिक्स, जी20, अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन, आईबीएसए संवाद मंच और G-4 जैसे मंचों पर करीबी समन्वय बनाए रखते हैं। उनका सहयोग संयुक्त राष्ट्र, WTO और UNESCO जैसे बहुपक्षीय मंचों तक विस्तारित है।

रक्षा और रणनीतिक समन्वय

  • प्रधानमंत्री मोदी ने रक्षा सहयोग को बढ़ते विश्वास और रणनीतिक तालमेल का उदाहरण बताया। इस क्षेत्र में संयुक्त सैन्य अभ्यास, प्रौद्योगिकी आदान-प्रदान और रक्षा उद्योग साझेदारी शामिल हैं।
  • रक्षा संबंधों की मजबूती ऊर्जा सहयोग, नवीकरणीय पहलों और रेयर अर्थ सामग्री सहयोग को भी पूरक करती है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी और सुदृढ़ होती है।

विंटर ओलंपिक्स 2026 – पूरी मेडल टेबल और हाइलाइट्स

शीतकालीन ओलंपिक 2026, जिन्हें आधिकारिक रूप से 2026 Winter Olympics (XXV ओलंपिक विंटर गेम्स) कहा जाता है, 6 से 22 फरवरी 2026 तक इटली के मिलान और कॉर्टिना डी’अम्पेज़ो में आयोजित किए गए। इन खेलों में 92 राष्ट्रीय ओलंपिक समितियों (NOCs) के लगभग 2,900 खिलाड़ियों ने भाग लिया। इस वैश्विक आयोजन में 8 खेलों और 16 विधाओं के अंतर्गत कुल 116 पदक स्पर्धाएं आयोजित की गईं, जिसने इसे शीतकालीन खेल इतिहास के सबसे व्यापक और प्रतिस्पर्धी संस्करणों में से एक बना दिया।

मेडल स्टैंडिंग में टॉप 10 देश: विंटर ओलंपिक्स 2026

Rank Country Gold Silver Bronze Total
1 Norway 18 12 11 41
2 United States 12 12 9 33
3 Netherlands 10 7 3 20
4 Italy 10 6 14 30
5 Germany 8 10 8 26
6 France 8 9 6 23
7 Sweden 8 6 4 18
8 Switzerland 6 9 8 23
9 Austria 5 8 5 18
10 Japan 5 7 12 24

2026 शीतकालीन ओलंपिक खेलों की प्रमुख झलकियां

नॉर्वे – निर्विवाद अग्रणी

Norway ने एक बार फिर शीतकालीन खेलों में अपनी बादशाहत साबित करते हुए पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया। नॉर्वे ने कुल 41 पदक जीते, जिनमें 18 स्वर्ण पदक शामिल थे। देश ने विशेष रूप से क्रॉस-कंट्री स्कीइंग, बायथलॉन और नॉर्डिक कंबाइंड स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन किया, जिससे उसकी पारंपरिक ताकत और उत्कृष्ट प्रशिक्षण प्रणाली का प्रदर्शन हुआ।

यूनाइटेड स्टेट्स – शानदार ऑल-राउंड परफॉर्मेंस

यूनाइटेड स्टेट्स ने स्नोबोर्डिंग, अल्पाइन स्कीइंग और आइस हॉकी में अपनी ताकत दिखाते हुए 33 मेडल के साथ दूसरा स्थान हासिल किया।

नीदरलैंड्स – स्पीड स्केटिंग का पावरहाउस

नीदरलैंड्स ने स्पीड स्केटिंग में अपनी पारंपरिक श्रेष्ठता को बरकरार रखते हुए शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने कुल 10 स्वर्ण पदक जीते और समग्र पदक तालिका में तीसरा स्थान हासिल किया। स्पीड स्केटिंग में उनकी तकनीकी दक्षता और वर्षों की मजबूत खेल संरचना एक बार फिर दिखाई दी।

इटली – मेजबान देश की शानदार सफलता

मेजबान देश इटली ने घरेलू समर्थन का पूरा लाभ उठाते हुए प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इटली ने कुल 30 पदक जीते, जिनमें 10 स्वर्ण पदक शामिल थे। विशेष रूप से 14 कांस्य पदकों के साथ उनका कांस्य पदक आंकड़ा सबसे अधिक में से एक रहा, जिसने मेजबान राष्ट्र के रूप में उनकी मजबूत उपस्थिति को दर्शाया।

अन्य उल्लेखनीय प्रदर्शन

  • जर्मनी ने 26 पदकों के साथ मजबूत प्रदर्शन किया।
  • कनाडा ने कुल 21 पदक अपने नाम किए।
  • चीन ने 15 पदक हासिल किए।
  • दक्षिण कोरिया ने 10 पदक जीते।
  • ऑस्ट्रेलिया ने 6 पदक अर्जित किए।
  • ग्रेट ब्रिटेन ने 5 पदक हासिल किए।

पहली या दुर्लभ स्वर्ण पदक जीतने वाले देश

कई देशों ने ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतकर अपने शीतकालीन ओलंपिक सफर में महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की—

  • स्पेन – 1 स्वर्ण
  • ब्राज़िल– 1 स्वर्ण
  • कजाकिस्तान– 1 स्वर्ण

इन उपलब्धियों ने उनके शीतकालीन ओलंपिक इतिहास में नए अध्याय जोड़े और वैश्विक खेल मंच पर उनकी बढ़ती उपस्थिति को दर्शाया।

रजत पदक विजेता (बिना स्वर्ण के)

कुछ देशों ने स्वर्ण पदक भले ही न जीते हों, लेकिन रजत पदकों के माध्यम से उल्लेखनीय प्रदर्शन किया—

  • पोलैंड– 3 रजत पदक
  • न्यूज़ीलैंड – 2 रजत पदक
  • फिनलैंड – 1 रजत पदक

बिना पदक वाले देश

  • कई सहभागी देश, जिनमें भारत, अर्जेंटीना, दक्षिण अफ्रीका, पुर्तगाल आदि शामिल हैं, इस संस्करण में पदक हासिल नहीं कर सके।
  • हालांकि, शीतकालीन ओलंपिक में भागीदारी स्वयं में एक बड़ी उपलब्धि है। यह न केवल खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय अनुभव प्रदान करती है, बल्कि विश्वभर में शीतकालीन खेलों के विकास और लोकप्रियता को भी बढ़ावा देती है।

BAFTA Awards 2026: देखें पूरी बाफ्टा अवार्ड्स विनर्स की लिस्ट

79वें ब्रिटिश अकादमी फिल्म अवॉर्ड्स (BAFTA 2026) का आयोजन 22 फरवरी को लंदन के रॉयल फेस्टिवल हॉल में British Academy of Film and Television Arts द्वारा किया गया। इस भव्य समारोह की मेजबानी प्रसिद्ध अभिनेता Alan Cumming ने की। इस अवॉर्ड में भारतीय फिल्म ‘बूंग’ ने चिल्ड्रन्स एंड फैमिली फिल्म कैटेगरी में बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड जीता। इसके अलावा इस बार बाफ्टा में ‘वन बैटल आफ्टर अनदर’ और ‘सिनर्स’ का दबदबा रहा। लियोनार्डो डिकैप्रियो की एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘वन बैटल आफ्टर अनदर’ सर्वश्रेष्ठ फिल्म समेत छह पुरस्कार जीते। वहीं अमेरिकन फिल्म ‘सिनर्स’ और हॉरर कहानी ‘फ्रैंकस्टीन’ ने तीन-तीन पुरस्कार जीते। जेसी बकले ने ‘हैमनेट’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार जीता। जबकि रॉबर्ट आरामयो ने ब्रिटिश इंडी फिल्म ‘आई स्वियर’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार अपने नाम किया।

यहां देखें पूरी लिस्ट

  • सर्वश्रेष्ठ फिल्म – बैटल आफ्टर अनदर
  • सर्वश्रेष्ठ निर्देशक – पॉल थॉमस एंडरसन (वन बैटल आफ्टर अनदर)
  • सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री – जेसी बकले (हैमनेट)
  • सर्वश्रेष्ठ अभिनेता – रॉबर्ट आरामयो (आई स्वियर)
  • सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री – वुन्मी मोसाकु (सिनर्स)
  • सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता –
  • आउटस्टैंडिंग ब्रिटिश फिल्म- हैमनेट
  • बेस्ट चिंड्रेंस एंड फैमिली फिल्म – बूंग
  • गैर अंग्रेजी भाषा की फिल्म – सेंटिमेंटल वैल्यूज
  • बेस्ट स्क्रीनप्ले – सिनर्स
  • बेस्ट एनिमेटेड फिल्म – जूट्रोपोलिस 2
  • बेस्ट डॉक्यूमेंट्री – मिस्टर नोबडी अगेंस्ट पुतिन
  • बेस्ट सिनेमैटोग्राफी – वन बैटल आफ्टर अनदर
  • बेस्ट एडिटिंग – वन बैटल आफ्टर अनदर
  • स्पेशल विजुअल इफेक्ट्स – अवतार: फायर एंड ऐश
  • ब्रिटिश शॉर्ट फिल्म – दिस इज एंडोमेट्रियोसिस
  • राइजिंग स्टार – रॉबर्ट अरामायो (सिनर्स)

BAFTA के बारे में

  • ब्रिटिश अकादमी फिल्म अवॉर्ड्स (BAFTA) एक वार्षिक पुरस्कार समारोह है, जो ब्रिटिश और अंतरराष्ट्रीय फिल्मों में उत्कृष्टता को सम्मानित करता है।
  • यह पुरस्कार British Academy of Film and Television Arts (BAFTA) द्वारा प्रदान किए जाते हैं।
  • इन पुरस्कारों का पहला आयोजन 29 मई 1949 को यूनाइटेड किंगडम में किया गया था।
  • वर्ष 2013 से इनका आधिकारिक नाम “EE ब्रिटिश अकादमी फिल्म अवॉर्ड्स” रखा गया है।
  • इस समारोह का प्रसारण 1956 से BBC द्वारा किया जा रहा है, जिससे यह विश्वभर में दर्शकों तक पहुंचता है।

विश्व शांति और समझदारी दिवस 2026

विश्व शांति और समझ दिवस 2026 (World Peace and Understanding Day 2026), हर साल 23 फरवरी को मनाया जाता है, जो वैश्विक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए संवाद, आपसी सम्मान और अंतर-सांस्कृतिक समझ पर जोर देता है, जो रोटरी इंटरनेशनल के साथ निकटता से जुड़ा हुआ है। उसी ऐतिहासिक बैठक ने आगे चलकर रोटरी इंटरनेशनल की स्थापना की नींव रखी, जो आज विश्व के सबसे बड़े मानवीय सेवा नेटवर्क में से एक है।

यह दिवस “वर्ल्ड अंडरस्टैंडिंग मंथ” (World Understanding Month) के दौरान मनाया जाता है और वैश्विक शांति, नैतिक नेतृत्व तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देता है। यह समाज को याद दिलाता है कि स्थायी शांति केवल तभी संभव है जब न्याय, संवाद, सहानुभूति और सामूहिक प्रयास को प्राथमिकता दी जाए। देशों और समुदायों के बीच सहयोग तथा पारस्परिक समझ ही विश्व में दीर्घकालिक शांति की आधारशिला है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: 1905 में रोटरी की स्थापना

विश्व शांति और समझ दिवस, 1905 में शिकागो में Paul P. Harris द्वारा स्थापित रोटरी की वर्षगांठ का प्रतीक है।

प्रमुख मील के पत्थर

  • 1905: शिकागो में पहली रोटरी बैठक
  • अमेरिका के विभिन्न शहरों में विस्तार
  • इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ रोटरी क्लब्स का गठन
  • आगे चलकर Rotary International के रूप में विकास

एक छोटे पेशेवर समूह से शुरू होकर रोटरी आज 200 से अधिक देशों और क्षेत्रों में कार्यरत एक वैश्विक मानवीय आंदोलन बन चुका है।

विश्व शांति और समझ दिवस 2026 की विशेषताएं

विश्व शांति और समझ दिवस 2026, रोटरी की शांति निर्माण और विकास के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

  • 1905 में रोटरी की स्थापना का स्मरण
  • प्रतिवर्ष 23 फरवरी को आयोजन
  • “वर्ल्ड अंडरस्टैंडिंग मंथ” के दौरान मनाया जाना
  • नैतिक नेतृत्व और मानवीय सेवा पर जोर
  • संवाद और अंतर-सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा

रोटरी ने अपने प्रारंभिक वर्षों से ही United Nations के साथ सहयोग किया है और वैश्विक विकास व शांति पहलों में योगदान दिया है।

प्रत्येक वर्ष रोटरी लगभग 75 विद्वानों का चयन “रोटरी पीस एंड कॉन्फ्लिक्ट रेजोल्यूशन” स्नातकोत्तर कार्यक्रम के तहत करता है, जिससे शांति निर्माण के अकादमिक और व्यावहारिक प्रयासों को सशक्त किया जाता है।

फोकस के क्षेत्र: रोटरी वैश्विक शांति को कैसे बढ़ावा देता है

विश्व शांति और समझ दिवस 2026, रोटरी के उन प्रमुख क्षेत्रों को रेखांकित करता है जो सतत शांति में योगदान देते हैं—

  • रोग निवारण और उपचार
  • स्वच्छ जल और स्वच्छता पहल
  • मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य
  • बुनियादी शिक्षा और साक्षरता
  • आर्थिक विकास
  • संघर्ष समाधान और शांति अध्ययन

गरीबी, असमानता और संसाधनों की कमी जैसी समस्याओं को संबोधित कर रोटरी अस्थिरता के मूल कारणों पर काम करता है।

विश्व शांति और समझ दिवस 2026 का महत्व

यह दिवस इस बात पर बल देता है कि शांति निष्क्रिय प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसके लिए सक्रिय सहयोग आवश्यक है।

इसका व्यापक महत्व—

  • ध्रुवीकरण कम करने हेतु अंतर-सांस्कृतिक संवाद को प्रोत्साहन
  • न्याय और जिम्मेदारी पर आधारित नेतृत्व को बढ़ावा
  • समुदायों के बीच आपसी सम्मान को मजबूत करना
  • व्यक्तिगत कल्याण को सामाजिक स्थिरता से जोड़ना
  • समावेशी और न्यायपूर्ण समाजों का समर्थन

यह दिवस रेखांकित करता है कि संवाद, सहानुभूति और सेवा जैसे दैनिक कार्य वैश्विक सद्भाव में प्रत्यक्ष योगदान देते हैं।

वैश्विक सहयोग और नैतिक नेतृत्व

नैतिक नेतृत्व विश्व शांति और समझ दिवस 2026 का मूल तत्व है। रोटरी का मार्गदर्शक सिद्धांत “Service Above Self” जिम्मेदार शासन और नागरिक भागीदारी को सुदृढ़ करता है।

यह दिवस बढ़ावा देता है—

  • राजनीतिक विभाजनों से परे अंतरराष्ट्रीय सहयोग
  • सतत विकास के लिए साझेदारी
  • वैश्विक चुनौतियों के समाधान हेतु सामूहिक प्रयास

साझेदारी और शांति शिक्षा पहलों के माध्यम से रोटरी सीमाओं के पार समझ और सहयोग को निरंतर मजबूत करता रहा है।

व्यापार सूचकांकों का आधार वर्ष बदलकर 2022-23 किया गया

भारत सरकार ने भारत के मर्चेंडाइज ट्रेड इंडेक्स (Merchandise Trade Indices) का आधार वर्ष 2012-13 से बदलकर 2022-23 कर दिया है। यह घोषणा 20 फरवरी 2026 को की गई। इस संशोधन का उद्देश्य व्यापार आंकड़ों की प्रासंगिकता, विश्वसनीयता और विश्लेषणात्मक उपयोगिता को बेहतर बनाना है, ताकि नीति-निर्माताओं, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत को अधिक सटीक जानकारी मिल सके। यह संशोधन वाणिज्यिक खुफिया और सांख्यिकी महानिदेशालय (DGCI&S) द्वारा किया गया, क्योंकि पिछले दशक में अर्थव्यवस्था और वैश्विक व्यापार पैटर्न में बड़े संरचनात्मक बदलाव हुए हैं।

आधार वर्ष क्यों बदला गया?

  • भारत के मर्चेंडाइज ट्रेड इंडेक्स (Merchandise Trade Indices) का आधार वर्ष 2022-23 इसलिए संशोधित किया गया है ताकि यह भारत के वर्तमान बाह्य व्यापार ढांचे को सही रूप से प्रतिबिंबित कर सके।
  • वर्ष 2012-13 के बाद से भारतीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण संरचनात्मक बदलाव हुए हैं। इनमें वस्तुओं की संरचना (Commodity Composition) में परिवर्तन, निर्यात का विविधीकरण (Export Diversification) तथा नए व्यापारिक साझेदारों का उदय शामिल है।
  • सरकार के अनुसार, आधार वर्ष को अद्यतन करने से सूचकांक समकालीन व्यापक आर्थिक संकेतकों (Macroeconomic Indicators) और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं (Global Best Practices) के साथ बेहतर सामंजस्य स्थापित करते हैं।
  • यह संशोधन भारतीय सांख्यिकी संस्थान, कोलकाता के प्रोफेसर नचिकेता चट्टोपाध्याय की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिशों के आधार पर किया गया।

संशोधित ट्रेड इंडेक्स में क्या बदलाव हुए?

नई 2022-23 श्रृंखला में कई सुधार शामिल किए गए हैं—

  • प्रमुख वस्तु (Principal Commodity – PC) स्तर पर अद्यतन कवरेज
  • 2022-23 के व्यापार मूल्यों के आधार पर संशोधित वेटिंग संरचना
  • उभरती और घटती व्यापार वस्तुओं का बेहतर प्रतिनिधित्व
  • अंतरराष्ट्रीय व्यापार वर्गीकरण के साथ सामंजस्य
  • निर्यात और आयात में नवीनतम मूल्य हिस्सेदारी के अनुसार पुनर्गणित वेट

इससे सूचकांक भारत की वर्तमान व्यापार टोकरी को अधिक सटीक रूप से दर्शाते हैं।

नई श्रृंखला में विस्तृत कवरेज

संशोधित आधार वर्ष के तहत निम्नलिखित विस्तृत सूचकांक शामिल किए गए हैं—

  • मासिक, त्रैमासिक और वार्षिक सूचकांक
  • प्रमुख वस्तु (PC) वर्गीकरण आधारित सूचकांक
  • मानक अंतर्राष्ट्रीय व्यापार वर्गीकरण (SITC) आधारित सूचकांक
  • व्यापक आर्थिक श्रेणियाँ (BEC) आधारित सूचकांक
  • शीर्ष 20 निर्यात और आयात साझेदार देशों के द्विपक्षीय एवं क्षेत्रवार सूचकांक
  • व्यापार की शर्तें (Terms of Trade) — सकल, शुद्ध और आय शर्तें

यह व्यापक संरचना व्यापार नीति मूल्यांकन और आर्थिक पूर्वानुमान के लिए विश्लेषण क्षमता को मजबूत बनाती है।

Terms of Trade (व्यापार की शर्तें) क्या हैं?

संशोधन के बाद भारत में Terms of Trade के विश्लेषण को और सशक्त बनाया गया है—

  • सकल व्यापार शर्तें (Gross Terms of Trade): निर्यात मात्रा सूचकांक ÷ आयात मात्रा सूचकांक
  • शुद्ध व्यापार शर्तें (Net Terms of Trade): निर्यात मूल्य सूचकांक ÷ आयात मूल्य सूचकांक
  • आय व्यापार शर्तें (Income Terms of Trade): शुद्ध व्यापार शर्तें × निर्यात मात्रा

इन संकेतकों से यह आकलन किया जाता है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भारत की क्रय शक्ति बढ़ रही है या घट रही है।

अर्थशास्त्र में आधार वर्ष संशोधन का महत्व

  • आधार वर्ष बदलना एक मानक सांख्यिकीय प्रक्रिया है, जिससे आर्थिक संकेतक सटीक और अद्यतन बने रहते हैं।
  • समय के साथ व्यापार पैटर्न बदलते हैं, इसलिए पुराना आधार वर्ष वर्तमान वास्तविकताओं को सही ढंग से नहीं दर्शा पाता।
  • अब 2022-23 को नया आधार वर्ष बनाने से नीति-निर्माताओं को निर्यात-आयात प्रदर्शन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर अधिक यथार्थवादी और समकालीन दृष्टिकोण मिलेगा।

कौन हैं आशा शर्मा? जो संभालेंगी Microsoft Gaming की कमान

माइक्रोसॉफ्ट ने 2026 में एक बड़े नेतृत्व परिवर्तन के तहत भारतीय मूल की अधिकारी आशा शर्मा को माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग की नई सीईओ और Xbox प्रमुख नियुक्त किया है। वे लंबे समय से Xbox डिवीजन का नेतृत्व कर रहे फिल स्पेंसर का स्थान लेंगी, जो 2014 से इस पद पर कार्यरत रहने के बाद सेवानिवृत्त हो रहे हैं। आशा शर्मा की नियुक्ति को माइक्रोसॉफ्ट की रणनीतिक दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। कंपनी अब कंसोल खिलाड़ियों पर दोबारा ध्यान केंद्रित करने के साथ-साथ गेमिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) नवाचार को संतुलित करने की योजना बना रही है। यह कदम गेमिंग उद्योग में प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने और Xbox ब्रांड को नई दिशा देने की कोशिश का संकेत देता है।

माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग में नेतृत्व परिवर्तन

माइक्रोसॉफ्ट के गेमिंग डिवीजन में यह नेतृत्व परिवर्तन ऐसे समय पर हुआ है जब वैश्विक गेमिंग उद्योग तेज प्रतिस्पर्धा और तकनीकी बदलाव के दौर से गुजर रहा है।

प्रमुख घटनाक्रम

  • 2014 से Xbox का नेतृत्व कर रहे फिल स्पेंसर का सेवानिवृत्त होना
  • Xbox प्रेसिडेंट Sarah Bond का पद छोड़ना
  • Matt Booty को चीफ कंटेंट ऑफिसर के रूप में पदोन्नति
  • आशा शर्मा की 2026 में माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग की सीईओ के रूप में नियुक्ति

माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला ने कहा कि आशा शर्मा को उनके मजबूत उपभोक्ता अनुभव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पृष्ठभूमि के कारण चुना गया है। यह बदलाव माइक्रोसॉफ्ट की भविष्य की गेमिंग रणनीति को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।

आशा शर्मा कौन हैं? करियर और पृष्ठभूमि

आशा शर्मा ने माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग प्रमुख बनने से पहले तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में मजबूत पहचान बनाई है। उनका करियर नेतृत्व, नवाचार और रणनीतिक क्रियान्वयन का उदाहरण माना जाता है।

पेशेवर उपलब्धियां

  • इंस्टाकार्ट में चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) रहीं, जहां उन्होंने कंपनी को उसके IPO के दौरान सफलतापूर्वक मार्गदर्शन दिया।
  • मेटा प्लेटफ़ॉर्म में चार वर्षों तक प्रोडक्ट लीडरशिप की भूमिका निभाई।
  • 2013 से पहले माइक्रोसॉफ्ट की मार्केटिंग टीम में कार्य किया।
  • बाद में माइक्रोसॉफ्ट में वापसी कर AI मॉडल, AI एजेंट एप्लिकेशन और डेवलपर टूल्स का नेतृत्व संभाला।

रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने लगभग 100 इंजीनियरों की टीम को संगठित कर चीन के DeepSeek AI मॉडल का तेजी से परीक्षण कराया और कुछ ही दिनों में माइक्रोसॉफ्ट एज़्योर के माध्यम से समाधान उपलब्ध कराए। यह उनकी तेज निर्णय क्षमता और दबाव में उत्कृष्ट क्रियान्वयन क्षमता को दर्शाता है।

आशा शर्मा का विज़न

आशा शर्मा ने 2026 में माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग की सीईओ के रूप में कर्मचारियों को अपने पहले संदेश में संतुलित और दूरदर्शी दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।

उन्होंने कहा कि इस पद को संभालते समय वह “विनम्रता और तात्कालिकता” दोनों महसूस कर रही हैं। उन्होंने Xbox की विरासत को स्वीकार करते हुए यह भी माना कि गेमिंग उद्योग तेजी से बदल रहा है और नई रणनीति की आवश्यकता है।

उनकी तीन प्रमुख प्राथमिकताएं

1. बेहतरीन गेम्स (Great Games)
उच्च गुणवत्ता और रचनात्मकता से भरपूर गेम्स का विकास, जो खिलाड़ियों को वास्तविक और यादगार अनुभव दें।

2. Xbox की वापसी (The Return of Xbox)
कंसोल खिलाड़ियों के साथ मजबूत संबंध स्थापित करना और ब्रांड की पहचान को फिर से सशक्त बनाना।

3. गेमिंग का भविष्य (Future of Play)
नई तकनीकों, विशेषकर AI, का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करते हुए गेमिंग अनुभव को अगले स्तर तक ले जाना।

AI पर स्पष्ट रुख

AI को लेकर उठ रही चिंताओं पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि माइक्रोसॉफ्ट अल्पकालिक लाभ के लिए गेमिंग इकोसिस्टम को “भावनाहीन AI कंटेंट” (Soulless AI Slop) से नहीं भरेगा। उनका संदेश साफ था—AI का उपयोग रचनात्मकता को बढ़ाने के लिए होगा, न कि उसे प्रतिस्थापित करने के लिए। यह दृष्टिकोण दर्शाता है कि कंपनी गुणवत्ता, नवाचार और खिलाड़ियों के भरोसे को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी।

हरशरण कौर त्रेहन PSPCL की पहली महिला डायरेक्टर (कमर्शियल) बनीं

हरशरण कौर त्रेहन को पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (PSPCL) में निदेशक (वाणिज्यिक) नियुक्त किया गया है। 20 फरवरी 2026 को जारी इस नियुक्ति के साथ वे PSPCL के बोर्ड स्तर तक पहुँचने वाली पहली महिला तकनीकी विशेषज्ञ (टेक्नोक्रेट) बन गई हैं। उन्होंने पटियाला स्थित निगम मुख्यालय में दो वर्ष के कार्यकाल के लिए पदभार ग्रहण किया, जो भारत के सार्वजनिक क्षेत्र की विद्युत उपयोगिताओं में महिला नेतृत्व के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

हरशरण कौर त्रेहन की PSPCL नियुक्ति: प्रमुख विवरण

  • हरशरण कौर त्रेहन की पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (PSPCL) में नियुक्ति पंजाब सरकार के ऊर्जा सचिव बसंत गर्ग द्वारा जारी आदेशों के माध्यम से औपचारिक रूप से की गई। बसंत गर्ग वर्तमान में PSPCL के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे हैं।
  • उन्हें पदभार ग्रहण करने की तिथि से दो वर्ष के लिए निदेशक (वाणिज्यिक) नियुक्त किया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि 65 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद वे इस पद पर कार्यरत नहीं रहेंगी।
  • यह नियुक्ति अगस्त 2025 में पूर्व निदेशक (वाणिज्यिक) हीरा लाल गोयल के इस्तीफे के बाद हुई है। इससे पहले इस पद का अतिरिक्त प्रभार इंद्रपाल सिंह के पास था।

पंजाब के पावर सेक्टर में एक अग्रणी हस्ती

हरशरण कौर त्रेहन पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (PSPCL) में निदेशक स्तर तक पहुँचने वाली पहली महिला टेक्नोक्रेट हैं। इससे पहले मई 2021 में वे संगठन की पहली महिला इंजीनियर-इन-चीफ बनी थीं और मटेरियल मैनेजमेंट विंग का नेतृत्व किया था। अक्टूबर 2022 में सेवानिवृत्त होने के बाद अब वे पुनः नेतृत्वकारी भूमिका में सेवा देने लौटी हैं।

उनका करियर वर्ष 1987 में तत्कालीन पंजाब राज्य विद्युत बोर्ड में सहायक अभियंता (Assistant Engineer) के रूप में शुरू हुआ था। तीन दशकों से अधिक के कार्यकाल में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ संभालीं, जिनमें शामिल हैं—

  • ट्रांसमिशन डिज़ाइन
  • सबस्टेशन डिज़ाइन
  • हाइडल (जलविद्युत) डिज़ाइन
  • थर्मल प्लांट संचालन
  • इन्वेस्टमेंट प्रमोशन सेल

उनका अनुभव तकनीकी और वाणिज्यिक दोनों परिचालन क्षेत्रों में व्यापक रहा है, जो उन्हें ऊर्जा क्षेत्र में एक अनुभवी और प्रभावशाली नेतृत्वकर्ता बनाता है।

हरशरण कौर त्रेहन के प्रमुख योगदान

हरशरण कौर त्रेहन ने डिप्टी चीफ इंजीनियर (रेगुलेशन) के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण सुधारों में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने—

  • सप्लाई कोड में सुधार
  • वाणिज्यिक विनियम (Commercial Regulations) को परिष्कृत किया
  • विद्युत आपूर्ति निर्देश पुस्तिकाओं को अद्यतन और सुव्यवस्थित किया

इंजीनियर-इन-चीफ (मटेरियल मैनेजमेंट) के रूप में उन्होंने ₹1,000 करोड़ से अधिक के वार्षिक बजट वाली खरीद प्रक्रियाओं का प्रबंधन किया, जिससे पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित हुई।

नियुक्ति का महत्व

पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (PSPCL) में उनकी नियुक्ति तकनीकी नेतृत्व पदों पर लैंगिक प्रतिनिधित्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति मानी जा रही है।

भारत की पावर यूटिलिटीज़ में परंपरागत रूप से बोर्ड स्तर पर महिलाओं की भागीदारी सीमित रही है। ऐसे में उनका निदेशक (वाणिज्यिक) बनना कई महिला इंजीनियरों और पेशेवरों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।

निदेशक (वाणिज्यिक) के रूप में उनका फोकस उपभोक्ता सेवाओं में सुधार और PSPCL की वाणिज्यिक गतिविधियों को मजबूत करने पर रहेगा, विशेषकर—

  • बिलिंग दक्षता
  • राजस्व प्रबंधन
  • नियामक अनुपालन

स्थिर तथ्य (Static Facts)

  • नाम: हरशरण कौर त्रेहन
  • पद: निदेशक (वाणिज्यिक), PSPCL
  • नियुक्ति तिथि: 20 फरवरी 2026
  • कार्यकाल: 2 वर्ष
  • PSEB में नियुक्ति वर्ष: 1987
  • PSPCL की पहली महिला इंजीनियर-इन-चीफ: 2021
  • मुख्यालय: पटियाला, पंजाब

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