भारत ने 27 फरवरी को मनाया अपना पहला ‘प्रोटीन दिवस’

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राष्ट्रीय स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य पहल, प्रोटीन का अधिकार द्वारा 27 फरवरी को भारत के पहले ‘प्रोटीन दिवस’ को मनाए जाने की शुरूआत की गई। इस दिन को मनाए जाने का उद्देश्य भारत में प्रोटीन के स्वास्थ्य लाभों के बारे लोगो का ध्यान आकर्षित करना, जागरूकता बढ़ाना और शिक्षित करना है।
भारतीय प्रोटीन दिवस 2020 का विषय सभी नागरिकों के लिए रोजाना खुद से और दूसरों से पूछना कि “प्रोटीन मे क्या है” निर्धारित किया गया है। इस दिन की मुख्य गतिविधियों के माध्यम से भविष्य में प्रोटीन के बारे में अधिक जानकारी का प्रचार-प्रसार करना है और भारतीयों को भोजन में पर्याप्त प्रोटीन खाने के लिए प्रेरित करके थाली कम से कम एक चौथाई प्रोटीन को शामिल कराना है।
कई देश विश्व स्तर पर 27 फरवरी को प्रोटीन दिवस के रूप में मनातेहैं और इस वर्ष से भारत भी इस अभियान में शामिल हुआ है। राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाने वाला प्रोटीन दिवस बड़े पैमाने पर भारतीय नागरिकों को विभिन्न प्रकार के उपलब्ध पौधों और जानवरों से मिलने वाले प्रोटीन के विभिन्न स्रोतों के बारे में जानने के लिए प्रोत्साहित करेगा और बेहतर पोषण और स्वास्थ्य के लिए दैनिक भोजन में उनके महत्व को बताएगा।

उपरोक्त समाचार से सभी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-

  • केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री: हरसिमरत कौर बादल.

श्रीलंका संयुक्त राष्ट्र के अधिकार प्रस्ताव से हुआ अलग

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श्रीलंका की सरकार ने संयुक्त राष्ट्र को औपचारिक रूप से सूचित किया कि वह कथित तौर पर किये गए युद्ध अपराधों की जांच के UNHRC (संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद) प्रस्ताव से खुद को अलग कर रहा है। ये मामला तमिल अलगाववादियों के साथ दशकों तक चले पुराने संघर्ष का था।
UNHRC का प्रस्ताव 40/1, श्रीलंका और 11 अन्य देशों द्वारा सह-प्रायोजित था। इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य तमिल टाइगर विद्रोहियों के खिलाफ युद्ध के समय की गई हिंसा की जांच करना था। तमिल विद्रोहियों अलग देश की मांग कर रहे थे। वे दावा कर रहे थे कि वे जातीय तौर पर तमिल अल्पसंख्यक है और इसलिए उनके लिए अलग देश होना चाहिए हैं।

उपरोक्त समाचार से सभी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-

  • श्रीलंका की मुद्रा: श्रीलंकन रुपया.
  • श्रीलंका के राष्ट्रपति: गोतबाया राजपक्षे.
  • श्रीलंका के प्रधानमंत्री: महिंदा राजपक्षे.

    दिल्ली में ICAR सोसायटी की 91 वीं वार्षिक बैठक का किया गया आयोजन

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    भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (Indian Council of Agricultural Research – ICAR) सोसायटी की 91 वीं वार्षिक आम बैठक दिल्ली में आयोजित की गई। केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने इस वार्षिक आम बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान, मंत्री ने घोषणा की कि सरकार मिलकर खेती करने को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही 10,000 नए किसान उत्पादक संगठनों (Farmer Producer Organisations) को पंजीकृत करेगी। साथ ही सरकार ने प्रत्येक एफपीओ को वितरण और मार्केटिंग सहित बुवाई, कटाई सहित खेती संबंधी सभी गतिविधियों के लिए 15 लाख रुपये की राशि प्रदान करने के लिए एक बजटीय प्रावधान भी किया है। 

    उपरोक्त समाचार से सभी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-

    • भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) सोसायटी के अध्यक्ष: नरेंद्र सिंह तोमर.

    महाराष्ट्र सरकार अध्ययन के जरिए मवेशियों की मूल प्रजातियों का करेगी संरक्षण

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    महाराष्ट्र सरकार ने पालतू जानवरों की मूल प्रजातियों को बचाने के लिए आनुवंशिक अध्ययन करने का फैसला किया है। इस आनुवंशिक अध्ययन का उद्देश्य महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में पालतू जानवरों की देशी प्रजातियों का संरक्षण करना है।
    इस परियोजना के तहत, उस्मानाबादी बकरी, लाल कंधारी गाय, देवनी बैल, कारवां या पश्मी कुत्तों के आनुवंशिक लक्षणों का अध्ययन किया जाएगा क्योंकि इन जानवरों की असली नस्लों की संख्या में गिरावट आ रही है। इस परियोजना में उनकी क्षमताओं और अनुकूलन क्षमताओं का विश्लेषण भी किया जाएगा। इस परियोजना को महाराष्ट्र सरकार द्वारा वित्त पोषित किया जाएगा।

    उपरोक्त समाचार से सभी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-

    • महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री: उद्धव ठाकरे; राज्यपाल: भगत सिंह कोश्यारी.

    भुवनेश्वर में आयोजित की जा रही है पूर्वी आंचलिक परिषद की 24 वीं बैठक

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    पूर्वी आंचलिक परिषद की 24 वीं बैठक ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित की जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पूर्वी आंचलिक परिषद की बैठक की अध्यक्षता कर रहे है। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक इस बैठक के उपाध्यक्ष और मेजबान है। बैठक में बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल राज्य शामिल हैं। भाग लेने वाले राज्य बिजली ट्रांसमिशन लाइनों, जघन्य अपराधों की जांच, अंतर-राज्यीय जल मुद्दों, पेट्रोलियम परियोजनाओं सहित विभिन्न अन्य मुद्दों पर चर्चा करेंगे। बैठक में सर्वसम्मति से इन मुद्दों के समाधान खोजे जाने की उम्मीद है।

    पूर्वी आंचलिक परिषद की 23 वीं बैठक  पश्चिम बंगाल के कोलकाता में आयोजित की गई थी।
    बैठक की पृष्ठभूमि:

    राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 की धारा 15-22 के तहत, वर्ष 1957 में पांच आंचलिक परिषदें गठित की गईं थी। केंद्रीय गृहमंत्री इन पाँचों आंचलिक परिषदों के अध्यक्ष और मेजबान राज्य का मुख्यमंत्री इसका उपाध्यक्ष होता है। आंचलिक परिषद केंद्र और राज्यों से संबंधित मुद्दों को उठाती है, और सदस्य-राज्यों के बीच जोन में आते हैं। इस प्रकार यह परिषद सदस्य राज्यों के बीच पैदा हुए विवादों और अड़चनों को सुलझाने के लिए एक मंच प्रदान करती हैं।

    आंचलिक परिषद में सीमा संबंधी विवादों, सुरक्षा और बुनियादी ढांचे से संबंधित मुद्दे जैसे – सड़क, परिवहन, उद्योग, जल और बिजली आदि,  वन और पर्यावरण, आवास, शिक्षा, खाद्य सुरक्षा, पर्यटन, परिवहन, आदि से संबंधित मामलों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाता हैं। 

    उपरोक्त समाचार से सभी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-

    • ओडिशा के मुख्यमंत्री: नवीन पटनायक; राज्यपाल: गणेशी लाल.

    छठे तटरक्षक अपतटीय गश्ती पोत “VAJRA” का हुआ शुभारंभ

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    चेन्नई में छठा तटरक्षक अपतटीय गश्ती पोत (ओपीवी) ‘वज्र’ लॉन्च किया गया। तटरक्षक बल के अपतटीय गश्ती पोत को भारतीय तट रक्षक 7500 किलोमीटर से अधिक विशाल समुद्र तट को सुरक्षित करने के प्रयासों को मजबूत करेगा, जिसमें 20 लाख वर्ग किलोमीटर से अधिक का विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) शामिल है।
    ओपीवी ‘वज्र’ सात ओपीवी परियोजनाओं की श्रृंखला का छठा पोत है। ऑफशोर पेट्रोल वेसल को मेक इन इंडिया के तहत मेसर्स एलएंडटी शिपबिल्डिंग द्वारा निर्मित किया गया है। ओपीवी वज्र अत्‍याधुनिक सुविधा से लैस है, जो ऑपरेशन, निगरानी, खोज और बचाव के मामले में भारतीय तटरक्षक बल की क्षमताओं को बढ़ाएगा। ओपीवी का निर्माण अल्ट्रा-आधुनिक तकनीक, अत्याधुनिक नैविगेशन और लेटेस्ट कम्युनिकेशन सिस्टम सहित दो नेविगेशन रडार के साथ किया गया है। भारतीय तटरक्षक बल ओपीवी का इस्तेमाल दिन और रात गश्त/निगरानी के साथ-साथ विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) में आतंकवाद-रोधी/तस्करी विरोधी अभियानों के साथ-साथ तटीय सुरक्षा के लिए भी करेगा।

    Hurun Global Rich List 2020: भारत अरबपतियों के मामलें बना तीसरा देश, मुकेश अंबानी नौवें सबसे अमीर आदमी

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    हुरून रिपोर्ट ने सबसे अमीर व्यक्तियों की सूची – Hurun Global Rich List 2020 जारी की है। हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट 2020 दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों (यूएस-डॉलर अरबपतियों) की सूची है। हुरून ग्लोबल रिच लिस्ट के 9 वें संस्करण में 71 देशों और 2,182 कंपनियों के 2,816 अरबपति को स्थान दिया गया।
    सूची की मुख्य बाते:
    • देशों के मामलें में चीन 799 अरबपतियों के साथ सबसे ऊपर है जबकि अमेरिका 626 अरबपतियों के साथ दूसरे स्थान पर है.
    • व्यक्तियों में देखे तो जेफ बेजोस 140 यूएस बिलियन डॉलर की कुल संपत्ति के साथ दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति है।
    • चीन का बीजिंग शहर पांचवीं बार 110 अरबपतियों के साथ दुनिया के अरबपतियों की राजधानी बना है.
    • केवल चार व्यक्ति इस सूची में 100 बिलियन US डॉलर से अधिक वाले है.
    • मुकेश अंबानी सबसे अमीर लोगो की सूची में 67 अमेरिकी डॉलर की संपत्ति के साथ लैरी पेज और स्टीव बाल्मर के साथ 9 वें स्थान पर है । सूची में टॉप 10 में मुकेश अंबानी ही केवल एकमात्र एशियाई व्यक्ति है।



    Hurun Global Rich List 2020 में शामिल दस सबसे अमीर व्यक्ति:-

    रैंक
    नाम
    संपत्ति (यूएस $ बिलियन)
    मुख्य
    कंपनी
    देश
    1
    जेफ
    बेजोस
    140
    अमजोन
    अमेरीका
    2
    बर्नार्ड
    अरनॉल्ट
    107
    LVMH
    फ्रांस
    3
    बिल
    गेट्स
    106
    माइक्रोसॉफ्ट
    अमेरीका
    4
    वारेन
    बफेट
    102
    बर्कशायर
    हैथवे
    अमेरीका
    5
    मार्क
    जकरबर्ग
    84
    फेसबुक
    अमेरीका
    6
    अमानसियो
    ओर्टेगा
    81
    ज़ारा
    स्पेन
    7
    कार्लोस
    स्लिम हेलू एंड परिवार
    72
    अमेरिका
    Movil
    मेक्सिको
    8
    सर्गी
    ब्रिन
    68
    गूगल
    अमेरीका
    9
    लेरी
    पेज
    67
    गूगल
    अमेरीका
    9
    मुकेश
    अंबानी
    67
    रिलायंस
    भारत
    9
    स्टीव
    बाल्मर
    67
    माइक्रोसॉफ्ट
    अमेरीका



    Hurun Global Rich List 2020 में शामिल शीर्ष दस इस प्रकार है:-

    रैंक
    देश
    अरबपतियों
    की संख्या
    1
    चीन
    799
    2
    अमेरीका
    626
    3
    भारत
    137
    4
    जर्मनी
    122
    5
    यूके
    119
    6
    रूस
    91
    7
    स्विट्जरलैंड
    88
    8
    ब्राज़िल
    69
    9
    थाईलैंड
    57
    10
    फ्रांस
    51

    दुनिया भर में आज मनाया गया विश्व एनजीओ (NGO) दिवस

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    विश्व स्तर पर 27 फरवरी को विश्व एनजीओ (NGO) दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाए जाने का उद्देश्य गैर-सरकारी संगठन (Non-Governmental Organisation) क्षेत्र के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। यह दिवस हर साल दुनिया भर के उन लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए मनाया जाता है ,जिन्होंने समर्पित होकर अच्छे कार्यों में योगदान दिया। साथ ही यह दिन दुनिया भर में मौजूद सभी क्षेत्रों के गैर सरकारी संगठनों की उपलब्धियों और सफलता की हाइलाइट करता है। यह दिन समाज में गैर-सरकारी संगठनों की भूमिका के महत्व को दर्शाता है।
    NGO दिवस का इतिहास:-

    विश्व एनजीओ दिवस मनाए जाने विचार 2009 में कानून के एक छात्र मार्किस लियर्स स्काडमैनिस ने किया था। जिसे मनाए जाने की आधिकारिक रूप से घोषणा 17 अप्रैल 2010 को 12 देशों द्वारा की गई थी। इसे संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) द्वारा 27 फरवरी 2014 को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी गई थी।

    उपरोक्त समाचार से सभी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-

    • संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम मुख्यालय: न्यूयॉर्क, अमेरिका.
    • संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम प्रमुख: अचिम स्टेनर
    • संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम स्थापित: 22 नवंबर 1965.
    • .

    नई दिल्ली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर RAISE 2020 सम्मेलन का किया जाएगा आयोजन

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    भारत सरकार ने 11-12 अप्रैल को नई दिल्ली में शिखर सम्मेलन RAISE 2020- ‘Responsible AI for Social Empowerment 2020 (सामाजिक सशक्तिकरण के लिए उत्‍तरदायी कृत्रिम बुद्धिमत्‍ता-2020) आयोजित करने की घोषणा की है। RAISE 2020 सरकार द्वारा उद्योग और शिक्षा जगत के साथ मिलकर आयोजित किया जाने वाला भारत का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिखर सम्मेलन है।
    इस शिखर सम्मेलन में दुनिया भर के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र के विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। यह एआई के सामाजिक सशक्तीकरण, परिवर्तन और समावेशन और कृषि, स्वास्थ्य सेवा, स्मार्ट गतिशीलता और शिक्षा जैसे अन्य प्रमुख क्षेत्रों में इस्तेमाल पर फोकस होगा। एआई को सामाजिक परिवर्तन में लागू करना आवश्यक है क्योंकि यह नियामक परिवर्तनों को लाने में मदद करेगा। साथ ही यह कार्यस्थलों की दक्षता में सुधार लाएगा।

    उपरोक्त समाचार से सभी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-

    • विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री और पृथ्वी विज्ञान मंत्री: हर्षवर्धन.

    CBSE ने विधार्थियों के लिए परीक्षा केंद्र लोकेटर ऐप “CBSE ECL” की लॉन्च

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    केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने परीक्षा केंद्र लोकेटर ऐप “CBSE ECL” और ऑनलाइन परीक्षा केंद्र प्रबंधन प्रणाली “OECMS” शुरू की है। “CBSE ECL” एक मोबाइल एप्लिकेशन है जो छात्रों को परीक्षा केंद्र का पता लगाने और अपने स्थान से परीक्षा केंद्र के बीच की दूरी जानने में मदद करेगी। इस ऐप को छात्रों की सुविधा के लिए परीक्षा केंद्र के बारे में जानकारी प्रदान करने के शुरू किया गया है।
    इसके अलावा केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने स्कूल के प्रधानाचार्यों के लिए “OECMS” के नाम से एक ऑनलाइन परीक्षा केंद्र प्रबंधन प्रणाली भी शुरू की है। इस प्रणाली के जरिए विद्यालय के प्रधानाचार्यों को एक क्लिक करने पर पर्यवेक्षकों, अनुपस्थित छात्र, दिव्यांग छात्र, अनुचित साधनों और विभिन्न अन्य विवरणों की उपलब्धता जैसी रियल टाइम जानकारी प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

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