सितंबर 2025 में, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) को स्वदेशी रणनीतिक प्रौद्योगिकियों में योगदान के लिए बिजनेसलाइन चेंजमेकर अवार्ड्स में चेंजमेकर ऑफ द ईयर अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही, अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन को शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में अपने व्यापक कार्य के लिए आइकॉनिक चेंजमेकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। ये पुरस्कार भारत के विकास के दो स्तंभों पर प्रकाश डालते हैं: अत्याधुनिक तकनीकी नेतृत्व और सतत सामाजिक प्रभाव।
भारत ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हराकर जीता एशिया कप
भारत ने पाकिस्तान को एशिया कप 2025 फाइनल में पांच विकेट से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया है। पाकिस्तान ने पहले खेलते हुए 19.1 ओवर में 146 रन बनाए थे। भारत ने दो गेंद शेष रहते ही 150 रन केवल पांच विकेट के नुकसान पर बना लिए और मैच अपने नाम कर लिया। भारत की इस साल एशिया कप में पाकिस्तान पर ये लगातार तीसरी जीत है। तिलक वर्मा ने भारत के तिलए शानदार 69 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने केवल 53 बॉल का सामना किया।
पाकिस्तान की पारी: 146 सभी आउट (19.1 ओवर)
पाकिस्तान भारत की अनुशासित गेंदबाजी के सामने संघर्ष करता रहा और 146 रन पर सभी विकेट गंवा दिए।
सर्वाधिक रन बनाने वाले:
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फखर जमान: 46 रन (32 गेंद, 2 चौके, 3 छक्के)
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साहिबजादा फरहान: 57 रन (38 गेंद, 5 चौके, 3 छक्के)
भारत के मुख्य गेंदबाज:
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कुलदीप यादव: 4/30 (4 ओवर)
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वरुण चक्रवर्ती: 2/30 (4 ओवर)
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जसप्रीत बुमराह: 2/25 (3.1 ओवर)
विकेट गिरने का क्रम: पाकिस्तान ने नियमित अंतराल पर विकेट खोए। 13वें ओवर में 113/2 से 19.1 ओवर में 146 सभी आउट तक गिरावट हुई।
भारत की पारी: 150/5 (19.4 ओवर)
भारत की बल्लेबाजी की शुरुआत नर्वस रही और पहले चार ओवर में तीन विकेट खो दिए। लेकिन मिडिल ऑर्डर की स्थिर प्रदर्शन ने टीम को जीत दिलाई।
सर्वाधिक रन बनाने वाले:
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तिलक वर्मा: 69* (53 गेंद, 3 चौके, 4 छक्के)
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संजू सैमसन: 24 (21 गेंद, 2 चौके, 1 छक्का)
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शिवम दुबे: 33 (22 गेंद, 2 चौके, 2 छक्के)
पाकिस्तान के मुख्य गेंदबाज:
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फहीम अशरफ: 3/29 (4 ओवर)
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शाहीन अफरीदी: 1/20 (4 ओवर)
मैच का निर्णायक क्षण:
तिलक वर्मा की नाबाद पारी और रिंकू सिंह के शांत प्रदर्शन ने भारत को लक्ष्य तक पहुँचाया, 2 गेंद शेष रहते।
खेल के महत्वपूर्ण मोड़
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पाकिस्तान का पतन: 113/2 से उन्होंने 33 रन पर 8 विकेट खो दिए।
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कुलदीप का जादू: मध्य ओवरों में 4 विकेट लेकर पाकिस्तान की रीढ़ तोड़ दी।
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तिलक वर्मा की पारी: दबाव में 69* रन बनाकर भारत की जीत की नींव रखी।
मैच का परिणाम
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विजेता: भारत (5 विकेट से)
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स्थल: दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, दुबई
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तारीख: 28 सितंबर 2025
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मैन ऑफ द मैच: संभवतः तिलक वर्मा (69* नाबाद)
भारतीय क्रिकेट टीम ने 2025 में जीता 9वां एशिया कप खिताब
दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में 28 सितंबर 2025 को भारत और पाकिस्तान के बीच रोमांचक मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को पांच विकेट से हराकर अपना नौवां एशिया कप खिताब अपने नाम किया। भारत ने 147 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए शुरुआती झटके के बाद 150/5 पर लक्ष्य हासिल किया। तिलक वर्मा की शांति और समझदारी से खेली गई नाबाद 69 रन की पारी, शिवम दुबे के 33 रन (22 गेंदों में) के सहयोग से भारत ने ट्रॉफी जीत ली। यह मैच हाल के समय के सबसे रोमांचक भारत-पाकिस्तान मुकाबलों में से एक माना जाएगा।
मैच सारांश
पाकिस्तान: 146 सभी आउट, 19.1 ओवर
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साहिबजादा फरहान: 57 (50 गेंदों में)
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फखर जमान: 46
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संकट का मोड़: 107/1 से 146 सभी आउट
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गेंदबाज: कुलदीप यादव 4/30, अक्षर पटेल 2 विकेट, वरुण चक्रवर्ती ने महत्वपूर्ण विकेट लिए
भारत: 150/5, 19.1 ओवर
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तिलक वर्मा: 69* (अजेय, मैच विजेता)
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शिवम दुबे: 33 (महत्वपूर्ण दो छक्कों के साथ)
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शुरुआती झटका: 20/3
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अंतिम रन: रिंकू सिंह ने मैदान के बीचोबीच चौका लगाकर मैच समाप्त किया
खेल के महत्वपूर्ण मोड़
पाकिस्तान का पतन:
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107/1 पर पाकिस्तान 170+ की तरफ बढ़ता दिख रहा था।
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कुलदीप यादव ने एक ओवर में तीन विकेट लिए।
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वरुण चक्रवर्ती ने फरहान और फखर को आउट किया, जिससे पाकिस्तान का आक्रमण रुका।
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पाकिस्तान ने 9 विकेट 39 रन में खो दिए, यह एक आश्चर्यजनक झटका था।
तिलक वर्मा की संयमित पारी:
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20/3 की स्थिति में बल्लेबाजी शुरू की।
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दबाव में भी स्थिर प्रदर्शन किया और बाद में गति बढ़ाई।
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हरिस रउफ के एक ओवर में 17 रन लेकर खेल का रुख बदला।
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नाबाद 69 रन बनाकर फाइनल के हीरो बने।
शिवम दुबे का प्रभाव:
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दो महत्वपूर्ण छक्के मारे—एक स्पिन पर और एक तेज गेंदबाजी पर।
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तिलक के साथ 60 रन की साझेदारी निभाई।
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हार्दिक पांड्या की अनुपस्थिति में तीन ओवर किफायती गेंदबाजी भी की।
पुरस्कार
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मैन ऑफ द मैच: तिलक वर्मा
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टूर्नामेंट का सबसे मूल्यवान खिलाड़ी: कुलदीप यादव
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प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट: अभिषेक वर्मा
महत्वपूर्ण तथ्य और पृष्ठभूमि
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एशिया कप की स्थापना: 1984, एशियाई क्रिकेट काउंसिल (ACC) द्वारा आयोजित।
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प्रारूप: ODI और T20I में बारी-बारी से खेला जाता है।
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भारत का रिकॉर्ड: इस जीत के साथ भारत ने 9 एशिया कप खिताब जीते—the most by any team।
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अन्य विजेता: श्रीलंका (6), पाकिस्तान (2)
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फाइनल स्थल: दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम, UAE
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उल्लेखनीय भारतीय प्रदर्शन: तिलक वर्मा (हीरो), कुलदीप यादव (4/30), शिवम दुबे (ऑल-राउंड प्रदर्शन)
BCCI ने एशिया कप चैंपियन भारत के लिए 21 करोड़ रुपये के पुरस्कार की घोषणा की
मिथुन मन्हास बने BCCI के 37वें अध्यक्ष
पूर्व दिल्ली और जम्मू-कश्मीर क्रिकेटर मिथुन मन्हास को BCCI का 37वां अध्यक्ष निर्विरोध चुना गया है। यह घोषणा 28 सितंबर 2025 को मुंबई में आयोजित BCCI की 94वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में की गई। मन्हास रोजर बिन्नी का स्थान लेंगे, जिन्होंने अगस्त 2025 में पद से इस्तीफा दिया था। इसके बीच में राजीव शुक्ला अंतरिम अध्यक्ष के रूप में सेवा दे रहे थे। यह चुनाव भारतीय क्रिकेट में पूर्व खिलाड़ियों के शीर्ष प्रशासनिक पदों में आने की प्रवृत्ति को जारी रखता है।
नई BCCI नेतृत्व टीम (94वीं AGM)
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अध्यक्ष: मिथुन मन्हास (निर्विरोध)
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उपाध्यक्ष: राजीव शुक्ला (भूमिका जारी)
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सचिव: देवजीत सैकिया (बने रहे)
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कोषाध्यक्ष: रघुराम भट्ट (पूर्व भारत स्पिनर)
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संयुक्त सचिव: प्रभतेज सिंह भाटिया
यह परिणाम क्रिकेट पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों को कार्यकारी पदों पर नियुक्त करने की रणनीतिक दिशा को दर्शाता है।
मिथुन मन्हास प्रोफ़ाइल
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जन्म: 12 अक्टूबर 1979, जम्मू
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फर्स्ट-क्लास डेब्यू: 1997–98
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घरेलू करियर: 2016–17 तक
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टीमें: दिल्ली, जम्मू & कश्मीर, विभिन्न IPL फ्रेंचाइजी
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फर्स्ट-क्लास मैच: 157 (9,714 रन)
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लिस्ट A मैच: 130 (4,126 रन)
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T20 मैच: 91 (1,170 रन)
कोचिंग और प्रशासन
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IPL टीमों (पंजाब किंग्स, RCB, गुजरात टाइटन्स) को कोच किया
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बांग्लादेश U-19 टीम के बल्लेबाजी सलाहकार
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जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन में चार साल सेवा
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BCCI द्वारा J&K क्रिकेट संचालन के उप-समिति में सदस्य
BCCI वरिष्ठ चयन समिति में नए सदस्य
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प्रज्ञान ओझा और RP सिंह को अजित अग्रकर अध्यक्षता वाली चयन समिति में वरिष्ठ चयनकर्ता नियुक्त किया गया, जिससे S शरथ और S बनर्जी की जगह ली।
रघुराम भट्ट प्रोफ़ाइल
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पूर्व भारत और कर्नाटक लेफ्ट-आर्म स्पिनर
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2022–2025 तक कर्नाटक राज्य क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) के अध्यक्ष
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अब BCCI के कोषाध्यक्ष के रूप में नियुक्त
BCCI स्थिर तथ्य (GK)
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स्थापना: दिसंबर 1928
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मुख्यालय: क्रिकेट सेंटर, मुंबई, महाराष्ट्र
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पहला अध्यक्ष: R.E. Grant Govan
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पूर्ण सदस्य संघ: 38 (राज्य एसोसिएशन्स)
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ICC सदस्यता: 1926 से पूर्ण सदस्य (ब्रिटिश भारतीय क्रिकेट टीम के रूप में)
शैलेश चंद्रा टाटा मोटर्स के एमडी और सीईओ नियुक्त
टाटा मोटर्स ने शैलेश चंद्र को 1 अक्टूबर 2025 से मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ नियुक्त किया है। उनका कार्यकाल तीन वर्षों का होगा, जो 30 सितंबर 2028 को समाप्त होगा। शैलेश चंद्र टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड (TPEM) के एमडी के रूप में भी बने रहेंगे, जो समूह की तेजी से बढ़ती इलेक्ट्रिक वाहन (EV) रणनीति पर फोकस को दर्शाता है। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब टाटा मोटर्स में कॉर्पोरेट डीमर्जर हो रहा है, जिसमें दो अलग-अलग सूचीबद्ध कंपनियाँ बनाई जाएंगी — एक कमर्शियल वाहन के लिए और दूसरी पैसेंजर व इलेक्ट्रिक वाहन, जिसमें जैगुआर लैंड रोवर (JLR) शामिल हैं।
टाटा मोटर्स में नेतृत्व पुन:संरचना
शैलेश चंद्र: रणनीतिक चयन
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2016 में टाटा मोटर्स में शामिल हुए शैलेश चंद्र ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी रणनीति को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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उनके नेतृत्व में TPEM ने मार्केट में लीडरशिप हासिल की।
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उनका MD & CEO बनना टाटा मोटर्स की उस दृष्टि को दर्शाता है जिसमें पैसेंजर वाहन और EVs को एकीकृत विकास की दिशा में ले जाया जाए।
गिरीश वाघ कमर्शियल वाहनों के प्रमुख
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डीमर्जर के बाद नेतृत्व संरचना में, गिरीश वाघ 1 अक्टूबर 2025 से TML Commercial Vehicles Ltd. के MD & CEO बनेंगे।
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वाघ, टाटा समूह के वरिष्ठ सदस्य, Ace मिनी ट्रक और बड़े कमर्शियल वाहनों के विकास में अहम रहे हैं।
PB बालाजी जैगुआर लैंड रोवर के सीईओ बनेंगे
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टाटा मोटर्स के ग्रुप CFO PB बालाजी 17 नवंबर 2025 से जैगुआर लैंड रोवर ऑटोमोटिव Plc, यूके के CEO बनेंगे।
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बालाजी 2017 से टाटा मोटर्स में थे और उन्होंने वित्तीय स्थिरता बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
धिमन गुप्ता होंगे ग्रुप CFO
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PB बालाजी के स्थान पर धिमन गुप्ता, जो वर्तमान में TPEM के CFO हैं, ग्रुप CFO बनेंगे।
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गुप्ता के पास 15 वर्षों से अधिक का वित्तीय अनुभव है और उनका उभार EV व्यवसाय की वित्तीय रणनीति में महत्व को दर्शाता है।
अन्य प्रमुख बोर्ड नियुक्तियाँ
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सुधा कृष्णन को 1 अक्टूबर 2025 से पांच साल के लिए अतिरिक्त, गैर-कार्यकारी स्वतंत्र निदेशक नियुक्त किया गया।
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हन्ने सोरेन्सन जैगुआर लैंड रोवर बोर्ड में बनी रहेंगी।
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कोसराजु वीरैया चौधरी और गुंटर कार्ल बुटशेक TML Commercial Vehicles Ltd. बोर्ड में शामिल होंगे।
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ये नियुक्तियाँ टाटा मोटर्स की कॉर्पोरेट गवर्नेंस को मजबूत करने और वित्तीय, औद्योगिक तथा अंतरराष्ट्रीय अनुभव को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
मुख्य बिंदु
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शैलेश चंद्र 1 अक्टूबर 2025 से टाटा मोटर्स के MD & CEO होंगे।
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टाटा मोटर्स का डीमर्जर हो रहा है, जिसमें गिरीश वाघ कमर्शियल वाहनों का नेतृत्व करेंगे और PB बालाजी जैगुआर लैंड रोवर यूके के CEO बनेंगे।
शीत मरुस्थलीय जीवमंडल और नए रामसर स्थल: भारत की संरक्षण में छलांग
भारत ने दो महत्वपूर्ण पर्यावरणीय उपलब्धियाँ हासिल कीं। पहली, हिमाचल प्रदेश स्थित शीत मरुस्थल जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र को यूनेस्को के विश्व जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र नेटवर्क में शामिल किया गया। दूसरी, बिहार में दो नई आर्द्रभूमियों – गोकुल जलाशय और उदयपुर झील – को रामसर स्थल का दर्जा मिला, जिससे भारत में ऐसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण आर्द्रभूमियों की संख्या 93 हो गई। ये उपलब्धियाँ जैव विविधता संरक्षण, पारिस्थितिकी तंत्र के लचीलेपन और सतत विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को पुष्ट करती हैं।
कोल्ड डेज़र्ट बायोस्फीयर रिज़र्व का UNESCO में शामिल होना
पारिस्थितिक महत्व
हिमाचल प्रदेश के लाहौल और स्पीति जिले में स्थित कोल्ड डेज़र्ट बायोस्फीयर रिज़र्व लगभग 7,770 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इसकी ऊँचाई 3,300 से 6,600 मीटर के बीच है, जो इसे दुनिया के सबसे ऊँचे ठंडे रेगिस्तान पारिस्थितिक तंत्रों में से एक बनाती है। यह क्षेत्र अपने आल्पाइन मैदानों, ग्लेशियल झीलों, पवन-प्रवाहित पठारों, और पिन वैली नेशनल पार्क व किब्बर वाइल्डलाइफ सेंचुरी जैसे संरक्षित क्षेत्रों के लिए जाना जाता है।
जैव विविधता और मानव उपस्थिति
इस क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की वनस्पति और जीव-जंतु पाए जाते हैं:
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लगभग 30 अंतःस्थलीय पौधों की प्रजातियाँ
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प्रमुख जीव-जंतु जैसे स्नो लेपर्ड, ब्लू शीप, हिमालयन आइबेक्स, और हिमालयन वुल्व्स
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लगभग 12,000 निवासी, जो परंपरागत रूप से याक और बकरी चराई, लघु पैमाने की कृषि, और हर्बल चिकित्सा पर निर्भर हैं
UNESCO मान्यता और प्रभाव
कोल्ड डेज़र्ट भारत का 13वाँ बायोस्फीयर रिज़र्व बन गया जो UNESCO नेटवर्क में शामिल हुआ। यह मान्यता वैश्विक जागरूकता बढ़ाने में मदद करती है और अनुसंधान, संरक्षण निधि, और समुदाय-आधारित सतत विकास के अवसर खोलती है। यह भारत के उच्च-ऊँचाई वाले पारिस्थितिक तंत्रों की सुरक्षा के प्रयासों को मजबूत करती है, जो जलवायु परिवर्तन और पर्यटन-संबंधित दबाव के प्रति संवेदनशील हैं।
बिहार में दो नई रामसर साइट्स
आर्द्रभूमि प्रोफाइल
भारत में रामसर साइट्स की कुल संख्या अब 93 हो गई है, जिनमें हाल ही में शामिल हुईं:
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गोकुल जलाशय (448 हेक्टेयर), बक्सर जिला
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उदयपुर झील (319 हेक्टेयर), पश्चिम चंपारण जिला
ये आर्द्रभूमियाँ प्रवासी पक्षियों, जलीय जैव विविधता और स्थानीय आजीविका के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उदयपुर झील उदयपुर वाइल्डलाइफ सेंचुरी का हिस्सा भी है, जो इसकी पारिस्थितिक महत्ता को और बढ़ाता है।
राष्ट्रीय और वैश्विक स्थिति
अब 93 आर्द्रभूमियाँ रामसर कन्वेंशन के तहत हैं, जिससे भारत विश्व स्तर पर आर्द्रभूमि संरक्षण में तीसरे स्थान पर है। रामसर साइट्स का विस्तार आर्द्रभूमियों की भूमिका—जलवायु लचीलापन, जल विनियमन और पारिस्थितिक स्वास्थ्य—की बढ़ती मान्यता को दर्शाता है।
मुख्य तथ्य
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13वाँ UNESCO बायोस्फीयर रिज़र्व: कोल्ड डेज़र्ट, हिमाचल प्रदेश
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ऊँचाई: 3,300–6,600 मीटर; क्षेत्रफल: ~7,770 वर्ग किलोमीटर
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नई रामसर साइट्स: गोकुल जलाशय (448 हेक्टेयर), उदयपुर झील (319 हेक्टेयर)
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भारत में कुल रामसर साइट्स: 93
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मुख्य ध्यान: जैव विविधता संरक्षण, जलवायु लचीलापन, सतत आजीविका
स्वच्छ शहर जोड़ी: परामर्श के माध्यम से शहरी स्वच्छता में परिवर्तन
गृह एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) ने 27 सितंबर 2025 को स्वच्छ शहर जोड़ी (Swachh Shehar Jodi – SSJ) की शुरुआत की। इस राष्ट्रीय पहल का उद्देश्य शहरी स्वच्छता और कचरा प्रबंधन में पिछड़े शहरों को उन्नत शहरों से जोड़कर उन्हें सुधारना है। इसके अंतर्गत भारतभर में एक साथ 300 समझौता ज्ञापन (MoUs) पर हस्ताक्षर हुए, जिनमें 72 मेंटर शहर और लगभग 200 मेंटी शहर शामिल हुए।
पृष्ठभूमि
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स्वच्छ सर्वेक्षण (दुनिया का सबसे बड़ा शहरी स्वच्छता सर्वे) में शीर्ष और निचले शहरों के बीच बड़ा अंतर सामने आया।
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उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शहरों को Super Swachh League में शामिल किया गया, जो अब “मेंटर्स” की भूमिका निभाते हैं।
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पिछड़े शहरों को इनके साथ जोड़कर सिटी-टू-सिटी मेंटरशिप मॉडल अपनाया गया।
पहल की मुख्य विशेषताएँ
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मेंटोर–मेंटी जोड़ीकरण
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मेंटोर शहर:
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स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 के शीर्ष 3 शहर
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सुपर स्वच्छ लीग के सदस्य
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राज्यवार चुने गए आशाजनक स्वच्छ शहर
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मेंटी शहर:
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राज्यों के निम्न-रैंकिंग शहर
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भौगोलिक निकटता को ध्यान में रखकर जोड़े गए
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100-दिवसीय कार्य योजना
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हर जोड़ी मिलकर कस्टम एक्शन प्लान बनाएगी
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कार्यशालाएँ और exposure visits आयोजित होंगी
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फोकस क्षेत्र:
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कचरा पृथक्करण (waste segregation)
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नागरिक सहभागिता
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अपशिष्ट जल प्रबंधन
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शिकायत निवारण
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इस चरण का मूल्यांकन स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 में किया जाएगा।
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रणनीतिक मार्गदर्शन और सहयोग
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MoHUA नीति दिशा और संचालन सहायता देगा
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प्रगति की निगरानी के लिए केंद्रीय डैशबोर्ड होगा
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प्रशिक्षण सामग्री, तकनीकी सहयोग और रिपोर्टिंग सिस्टम उपलब्ध कराए जाएंगे
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परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
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लॉन्च तिथि: 27 सितंबर 2025
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नेतृत्व मंत्रालय: MoHUA (स्वच्छ भारत मिशन–शहरी)
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पायलट अवधि: 100 दिन
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मुख्य क्षेत्र: कचरा पृथक्करण, स्वच्छता पहुंच, नागरिक वकालत, शिकायत निवारण
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मूल्यांकन मंच: स्वच्छ सर्वेक्षण 2026
राष्ट्रीय भूविज्ञान पुरस्कार 2024: भारत के शीर्ष पृथ्वी वैज्ञानिकों के लिए सम्मान
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 26 सितंबर 2025 को राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में राष्ट्रीय भूविज्ञान पुरस्कार 2024 प्रदान किए। इस अवसर पर 20 प्रख्यात भूविज्ञानियों को खनिज अन्वेषण, अनुप्रयुक्त भूविज्ञान तथा पर्यावरणीय सततता में उत्कृष्ट योगदान हेतु सम्मानित किया गया। ये पुरस्कार 1966 में खनन मंत्रालय द्वारा स्थापित किए गए थे और भारत के भूवैज्ञानिक पारितंत्र में नवाचार व उत्कृष्टता को सम्मानित करते हैं। समारोह में केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी, मंत्रालय सचिव पीयूष गोयल, तथा GSI महानिदेशक असित साहा भी उपस्थित रहे।
पुरस्कार श्रेणियाँ एवं प्रमुख सम्मानित
इस वर्ष तीन श्रेणियों के अंतर्गत कुल 12 पुरस्कार प्रदान किए गए।
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राष्ट्रीय भूविज्ञान आजीवन उपलब्धि पुरस्कार 2024
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प्राप्तकर्ता: प्रो. श्याम सुंदर राय
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संस्थान: वरिष्ठ वैज्ञानिक, INSA एवं अतिथि प्रोफेसर, IISER पुणे
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योगदान: ठोस पृथ्वी एवं अन्वेषण भूभौतिकी में अग्रणी कार्य, विशेषकर प्रायद्वीपीय भारत, हिमालय एवं लद्दाख में भूकंपीय अध्ययन।
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राष्ट्रीय युवा भूविज्ञानी पुरस्कार 2024
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प्राप्तकर्ता: श्री सुसोभन नेओगी
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संस्थान: वरिष्ठ भूविज्ञानी, भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण भारत (GSI)
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कार्य: मेघालय, झारखंड और बुंदेलखंड क्रेटन के थ्रस्ट बेल्ट्स की टेक्टोनिक विकास पर उन्नत शोध, जिसने खनिज उत्पत्ति एवं महाद्वीपों के संयोजन की समझ को बढ़ावा दिया।
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राष्ट्रीय भूविज्ञान पुरस्कार (10 पुरस्कार)
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खनन प्रौद्योगिकी
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अनुप्रयुक्त भूविज्ञान
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भूजल अध्ययन
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सामरिक खनिजों के अन्वेषण सहित अन्य क्षेत्रों में योगदान हेतु।
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स्थैतिक जानकारी
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घटना तिथि: 26 सितंबर 2025
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पुरस्कार स्थापना: 1966, खनन मंत्रालय
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आजीवन उपलब्धि पुरस्कार: प्रो. श्याम सुंदर राय
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युवा भूविज्ञानी पुरस्कार: श्री सुसोभन नेओगी
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प्रस्तुति स्थल: राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने पहली वन-केंद्रित पर्यावरण लेखा रिपोर्ट जारी की
भारत सरकार ने फॉरेस्ट अकाउंट्स 2025 (वन लेखे 2025) जारी किए हैं, जिनमें खंड-I: राष्ट्रीय स्तर के वन लेखे और खंड-II: राज्य स्तरीय प्रवृत्तियाँ और साहित्य समीक्षा शामिल हैं। यह रिपोर्ट पर्यावरण-आर्थिक लेखांकन प्रणाली (SEEA) ढाँचे पर आधारित है और अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप भारत के वनों की भौतिक, मौद्रिक और पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं का आकलन प्रस्तुत करती है। एक दशक से अधिक के आँकड़ों पर आधारित यह रिपोर्ट वन संरक्षण, जलवायु परिवर्तन शमन और वन सेवाओं के आर्थिक मूल्यांकन में भारत की प्रगति को रेखांकित करती है तथा 2070 तक नेट-जीरो लक्ष्य की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है।
रिपोर्ट की प्रमुख बातें
1. वन आवरण और भौतिक संपत्ति लेखा
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2010–11 से 2021–22 के बीच भारत का वन आवरण 17,444.61 वर्ग किमी (22.5%) बढ़ा।
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अब कुल वन क्षेत्र 7.15 लाख वर्ग किमी हो गया है, जो भारत के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 21.76% है।
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राज्यवार वृद्धि:
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केरल: +4,137 वर्ग किमी
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कर्नाटक: +3,122 वर्ग किमी
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तमिलनाडु: +2,606 वर्ग किमी
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2. विस्तार लेखा: वन क्षेत्र समायोजन
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2013 से 2023 के बीच भारत में वन क्षेत्र का शुद्ध वृद्धि 3,356 वर्ग किमी दर्ज की गई।
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यह वृद्धि मुख्य रूप से पुनर्वर्गीकरण और सीमा संशोधन के कारण हुई।
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उल्लेखनीय राज्य:
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उत्तराखंड: +6.3%
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ओडिशा: +1.97%
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झारखंड: +1.9%
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3. स्थिति लेखा: वन स्टॉक में वृद्धि
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2013 से 2023 के बीच 305.53 मिलियन घन मीटर (7.32%) की वृद्धि।
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प्रमुख योगदानकर्ता:
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मध्य प्रदेश: 136 मिलियन घन मीटर
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छत्तीसगढ़: 51 मिलियन घन मीटर
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तेलंगाना: 28 मिलियन घन मीटर
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अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह: 77 मिलियन घन मीटर
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4. राज्य स्तरीय प्रवृत्तियाँ और शोध (खंड-II)
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राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के स्तर पर दशकीय आँकड़े प्रस्तुत।
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विषय: वन संपत्ति में बदलाव, पारिस्थितिकी तंत्र की स्थिति, प्रावधान व नियामक सेवाएँ।
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साहित्य समीक्षा और मूल्यांकन मॉडल भी शामिल, ताकि राज्य GDP में वनों का एकीकरण किया जा सके।
5. सेवाओं का लेखा: वन योगदान का मूल्यांकन
प्रावधान सेवाएँ (Provisioning Services)
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लकड़ी, औषधीय पौधे, फल, बांस आदि का मूल्य:
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2011–12: ₹30,720 करोड़
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2021–22: ₹37,930 करोड़ (भारत के GDP का 0.16%)
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शीर्ष राज्य:
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महाराष्ट्र: ₹23,780 करोड़
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गुजरात: ₹14,150 करोड़
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केरल: ₹8,550 करोड़
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नियामक सेवाएँ (Regulating Services – Carbon Retention)
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2015–16: ₹409,100 करोड़
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2021–22: ₹620,970 करोड़ (GDP का 2.63%)
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शीर्ष राज्य:
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अरुणाचल प्रदेश: ₹296,000 करोड़
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उत्तराखंड: ₹156,600 करोड़
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असम: ₹129,960 करोड़
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6. आँकड़े और पद्धति
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स्रोत:
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इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट (ISFR)
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फॉरेस्ट्री स्टैटिस्टिक्स 2021 (ICFRE)
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राष्ट्रीय लेखा आँकड़े
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SEEA मानक
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NCAVES परियोजना
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QR कोड आधारित डेटासेट भी उपलब्ध कराए गए हैं।
स्थिर तथ्य (Static)
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जारी किया गया: MoSPI द्वारा CoCSSO, 25 सितम्बर 2025
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ढाँचा: UN SEEA (पर्यावरण-आर्थिक लेखांकन प्रणाली)
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वन आवरण वृद्धि: +17,444.61 वर्ग किमी (2010–11 से 2021–22)
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कार्बन अवशोषण मूल्य: ₹620,970 करोड़ (GDP का 2.63%, 2021–22)
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ग्रोइंग स्टॉक वृद्धि: +305.53 मिलियन घन मीटर (2013–2023)
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प्रावधान सेवाएँ मूल्य (2021–22): ₹37,930 करोड़



