भारतीय जनता पार्टी के नेता और नीतीश सरकार में दो बार डिप्टी सीएम रह चुके सम्राट चौधरी (Bihar CM Samrat Choudhary) को पटना में सीएम पद की शपथ ली। उनका शपथग्रहण समारोह 15 अप्रैल 2026, बुधवार को हुआ। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने सम्राट को सीएम पद की शपथ दिलाई। इससे पहले नीतीश कुमार ने 14 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने लोक भवन पहुंचकर राज्यपाल को अपना त्यागपत्र सौंपा। इस्तीफे से पहले उन्होंने मंत्रिमंडल की बैठक में मंत्रिपरिषद भंग करने की जानकारी दी।
बिहार को 24वां मुख्यमंत्री मिल गया। सियासी इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब बिहार में भाजपा के किसी नेता मुख्यमंत्री के रूप शपथ ली। लोकभवन में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोकभवन में पद एवं गोपनीयता की शपथ ले ली है। उनके बाद दोनों डिप्टी सीएम विजय चौधरी और विजेंद्र यादव ने भी शपथ ली है। इस दौरान बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मौजूद थे। इससे पहले सम्राट चौधरी मंदिर गए और वहां पूजा-पाठ भी की थी।
राज्य की जनता का आभार
इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार ने राज्य की जनता का आभार जताते हुए कहा कि साल 2005 से राज्य में कानून का राज स्थापित हुआ और सभी वर्गों के विकास के लिए लगातार काम किया गया। उन्होंने नई सरकार को पूरा सहयोग देने का भरोसा भी जताया।
सम्राट चौधरी का सियासी सफर अब तक कैसा रहा?
बता दें, लालू प्रसाद यादव की राजनीतिक पाठशाला से निकले सम्राट चौधरी ने सियासत के शुरुआती गुर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में सीखे। उनकी राजनीतिक ट्रेनिंग RJD में हुई, जहां उन्होंने सत्ता और विपक्ष-दोनों का अनुभव हासिल किया। उनकी राजनीतिक सोच की बुनियाद भी इसी दौर में तैयार हुई।
सम्राट चौधरी के पिता शकुनी चौधरी, लालू प्रसाद यादव के करीबी माने जाते थे। सम्राट ने साल 1990 में अपनी सियासी पारी की शुरुआत की और लंबे समय तक आरजेडी से जुड़े रहे। उन्हें मई 1999 में राबड़ी देवी की सरकार में कृषि मंत्री बनाया गया।
वे साल 2000 और साल 2010 में परबत्ता विधानसभा सीट से विधायक चुने गए। साल 2005 में आरजेडी के सत्ता से बाहर होने के बाद भी वे लंबे समय तक पार्टी के साथ बने रहे और बिहार विधानसभा में विपक्ष के मुख्य सचेतक की जिम्मेदारी भी निभाई। लगभग दो दशकों तक RJD में सक्रिय रहने के बाद उन्होंने साल 2014 में जनता दल (यू) का दामन थाम लिया।
जेडीयू में उनका सफर लंबा नहीं चला और लगभग तीन साल बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का रुख किया। बीजेपी में उन्हें राज्य इकाई का उपाध्यक्ष बनाया गया और बाद में विधान परिषद भेजा गया।
साल 2020 के विधानसभा चुनाव में एनडीए (NDA) की जीत के बाद वे नीतीश कुमार सरकार में मंत्री बने। इसके बाद मार्च 2023 में उन्हें बिहार बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने संजय जायसवाल की जगह ली। अब मुख्यमंत्री पद तक पहुंचने के साथ ही सम्राट चौधरी के लंबे राजनीतिक सफर का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है।


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