जम्मू और कश्मीर के लिए 500 नई अटल टिंकरिंग लैब की घोषणा

नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन (AIM) ने एटीएल साथी (ATL Sarthi) और फ्रंटियर रीजन प्रोग्राम (Frontier Region Programme) का शुभारंभ कश्मीर विश्वविद्यालय में किया। इस अवसर का उद्घाटन केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने किया, जबकि जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, शिक्षा मंत्री सकीना मसूद और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। इस पहल के तहत जम्मू-कश्मीर में 500 नए अटल टिंकरिंग लैब्स (ATLs) स्थापित किए जाएंगे। यह पूरे भारत के सीमांत और अल्प प्रतिनिधित्व वाले क्षेत्रों में 2,500 लैब्स स्थापित करने की व्यापक योजना का हिस्सा है।

सीमांत क्षेत्रों में नवाचार को सशक्त बनाना

फ्रंटियर रीजन प्रोग्राम का उद्देश्य आदिवासी, दूरदराज और पिछड़े क्षेत्रों में समावेशी, जमीनी नवाचार को बढ़ावा देना है।

  • जम्मू-कश्मीर में 500 एटीएल्स की स्थापना पर ₹100 करोड़ का निवेश होगा, जिससे यह योजना का सबसे बड़ा लाभार्थी बनेगा।

  • इन लैब्स में छात्रों को मिलेगा:

    • 3D प्रिंटिंग और प्रोटोटाइपिंग टूल्स

    • रोबोटिक्स और एआई किट्स

    • कोडिंग प्लेटफॉर्म और STEM संसाधन
      यह पहल विद्यार्थियों को भविष्य-उन्मुख कौशल विकसित करने, स्थानीय समस्याओं के समाधान खोजने और “विकसित भारत 2047” की दृष्टि से जुड़ने में मदद करेगी।

एटीएल साथी: सहयोग का नया मॉडल

यह AIM की एक नई पहल है, जिसका उद्देश्य है:

  • लैब प्रदर्शन की निगरानी

  • मेंटॉरशिप सपोर्ट प्रदान करना

  • शिक्षक प्रशिक्षण मॉड्यूल्स उपलब्ध कराना

  • सहकर्मी-से-सहकर्मी सहयोग को प्रोत्साहित करना
    कश्मीर विश्वविद्यालय ने AIM के साथ साझेदारी की है ताकि एटीएल साथि कार्यक्रम को सहयोग मिल सके और शिक्षकों की क्षमता-वृद्धि सुनिश्चित हो।

निजी क्षेत्र की साझेदारी

कई प्रमुख कंपनियों और संस्थाओं ने जम्मू-कश्मीर के स्कूली नवाचार इकोसिस्टम में निवेश करने का संकल्प लिया है, जैसे:

  • बोइंग इंडिया

  • अमेज़न इंडिया

  • पाई जैम फाउंडेशन

  • लर्निंग लिंक्स फाउंडेशन

ये साझेदारियां ग्रामीण और आदिवासी स्कूलों में नवाचार के लिए विशेषज्ञता, पाठ्य सामग्री और वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराएंगी।

स्थिर तथ्य (Static Facts)

  • प्रक्षेपण तिथि: 25 सितंबर 2025

  • आयोजक: अटल इनोवेशन मिशन, नीति आयोग

  • शुरू किए गए कार्यक्रम: एटीएल साथी और फ्रंटियर रीजन प्रोग्राम

  • जम्मू-कश्मीर के लिए घोषित लैब्स: 500 (₹100 करोड़ निवेश)

  • फोकस क्षेत्र: रोबोटिक्स, एआई, 3डी प्रिंटिंग और STEM शिक्षा

अगस्त 2025 में अमेरिका को भारत का स्मार्टफोन निर्यात 148% बढ़ेगा

भारत से उसके सबसे बड़े बाज़ार संयुक्त राज्य अमेरिका को स्मार्टफ़ोन निर्यात में अगस्त 2025 में 148% की साल-दर-साल वृद्धि दर्ज की गई। यह जानकारी इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) ने दी। संगठन ने गिरते निर्यात के दावों को खारिज करते हुए कहा कि बीते पाँच वर्षों से उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना के तहत स्मार्टफ़ोन क्षेत्र भारत का सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला निर्यात खंड रहा है।

प्रमुख निर्यात आँकड़े (ICEA के अनुसार)

  • कुल स्मार्टफ़ोन निर्यात (अगस्त 2025): 1.53 अरब डॉलर (2024 के 1.09 अरब डॉलर से 39% अधिक)

  • अमेरिका को निर्यात (अगस्त 2025): 965 मिलियन डॉलर (388 मिलियन डॉलर से बढ़कर, 148% अधिक)

  • अप्रैल–अगस्त FY26 निर्यात (अमेरिका को): 8.43 अरब डॉलर (FY25 में 2.88 अरब डॉलर की तुलना में, जो FY25 के पूरे साल के 10.56 अरब डॉलर का लगभग 80% है)

ICEA ने कहा कि ये आँकड़े क्षेत्र की मजबूती को दर्शाते हैं और किसी भी गिरावट का संकेत नहीं हैं।

क्यों भ्रामक है महीने-दर-महीने तुलना?

  • सितंबर–अक्टूबर में नए मॉडल लॉन्च से पहले वैश्विक ग्राहक खरीदारी टालते हैं।

  • उत्पादन लाइनों को नए मॉडलों के अनुरूप ढालने का कार्य होता है।

  • घरेलू कंपनियाँ दिवाली जैसे त्यौहारों के लिए उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करती हैं।

  • निर्यात सामान्यतः अक्टूबर के मध्य से बढ़ते हैं और नवंबर–दिसंबर (थैंक्सगिविंग, ब्लैक फ्राइडे, क्रिसमस) पर चरम पर पहुँचते हैं।

भारत का स्मार्टफ़ोन निर्यात क्षेत्र – PLI की सफलता

  • स्मार्टफ़ोन निर्यात, PLI योजना के तहत सबसे सफल खंड बना है।

  • HS कोड के अनुसार भारत की वैश्विक रैंकिंग FY15 में 167वें स्थान से FY25 में पहले स्थान पर पहुँच गई।

  • एप्पल और सैमसंग जैसी दिग्गज कंपनियों ने भारत में असेंबली लाइनें स्थापित कीं।

  • इस क्षेत्र ने चीन और वियतनाम जैसे पारंपरिक विनिर्माण केंद्रों को चुनौती देते हुए उच्च-वॉल्यूम, निर्यात-आधारित इकोसिस्टम बनाया।

  • अब यह भारत का सबसे बड़ा माल निर्यात श्रेणी (by value) बन चुका है।

मुख्य तथ्य

  • अमेरिका को निर्यात (अगस्त 2025): 965 मिलियन डॉलर (↑148% साल-दर-साल)

  • अप्रैल–अगस्त FY26 निर्यात (अमेरिका को): 8.43 अरब डॉलर

  • कुल स्मार्टफ़ोन निर्यात (अगस्त 2025): 1.53 अरब डॉलर (↑39% साल-दर-साल)

  • प्रमुख योजना: उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI)

  • ICEA का दावा: मासिक गिरावट मौसमी है, संरचनात्मक नहीं।

सर्जियो बुस्केट्स ने 20 साल के फुटबॉल करियर के बाद संन्यास की घोषणा की

फुटबॉल इतिहास के सबसे सफल और बुद्धिमान मिडफ़ील्डरों में शुमार सर्जियो बुस्केट्स ने घोषणा की है कि वे 2025 एमएलएस सीज़न के अंत में संन्यास ले लेंगे। वर्तमान में इंटर मियामी के लिए खेल रहे 37 वर्षीय स्पेनिश दिग्गज ने यह घोषणा 26 सितंबर 2025 को इंस्टाग्राम पर एक भावुक वीडियो संदेश के माध्यम से की। इंटर मियामी का आख़िरी नियमित सत्र का मैच 12 अक्टूबर 2025 को अटलांटा यूनाइटेड के खिलाफ होगा, जिसके बाद संभावित प्लेऑफ़ और 6 दिसंबर को होने वाले एमएलएस कप फ़ाइनल के साथ बुस्केट्स का शानदार करियर औपचारिक रूप से समाप्त हो सकता है।

यात्रा जिसने मिडफ़ील्ड खेल को नई परिभाषा दी

ला मासिया से लेकर वैश्विक गौरव तक

  • बुस्केट्स ने अपना करियर बार्सिलोना की मशहूर ला मासिया अकादमी से शुरू किया और 2008 में पहली बार वरिष्ठ टीम के लिए मैदान में उतरे।

  • 15 वर्षों तक कैंप नोउ में खेलते हुए वे फुटबॉल की सबसे महान डाइनैस्टियों में केंद्रीय स्तंभ बने।

  • बार्सिलोना के लिए कुल मैच: 722

  • प्रमुख खिताब: 32 (9 ला लीगा, 7 कोपा डेल रे, 3 यूईएफए चैंपियंस लीग)

  • अपनी रणनीतिक बुद्धिमत्ता, पोज़िशनिंग और दबाव में संयम के लिए वे विश्वभर में मशहूर रहे।

स्पेन की भरोसेमंद धुरी

  • बुस्केट्स स्पेनिश राष्ट्रीय टीम के भी अहम स्तंभ रहे और 143 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले, जो स्पेन के इतिहास में तीसरा सबसे ऊँचा आँकड़ा है।

  • मुख्य उपलब्धियाँ:

    • 2010 फीफ़ा विश्व कप विजेता

    • 2012 यूईएफए यूरो चैम्पियन

  • उन्होंने 2022 में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लिया।

FSSAI ने आयुर्वेद आहार उत्पादों के लिए लाइसेंसिंग पोर्टल लॉन्च किया

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने आयुर्वेद आहार उत्पादों के लिए अपने FoSCoS (Food Safety Compliance System) पोर्टल पर एक विशेष लाइसेंसिंग और पंजीकरण सुविधा शुरू की है। यह कदम पारंपरिक आयुर्वेदिक खाद्य प्रथाओं को आधुनिक खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत मानकीकृत और औपचारिक बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। आयुष मंत्रालय के सहयोग से यह पहल भारत की परंपरागत खाद्य विरासत को वैज्ञानिक नियमन और व्यावसायिक अवसरों से जोड़ती है, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य और उद्योग दोनों को लाभ मिलेगा।

आयुर्वेद आहार क्या है?

  • आयुर्वेद आहार वे पारंपरिक खाद्य उत्पाद हैं, जो प्राचीन ग्रंथों और सिद्धांतों पर आधारित होते हैं।

  • इनका उद्देश्य व्यक्तिगत पोषण (प्रकृति या शरीर संरचना के अनुसार) प्रदान करना होता है और इन्हें आयुर्वेदिक उपचारों के साथ जोड़ा जा सकता है।

  • नए FSSAI ढांचे के तहत कंपनियां ऐसे खाद्य उत्पादों के निर्माण और बिक्री के लिए लाइसेंस प्राप्त कर सकती हैं, बशर्ते वे अनुमोदित फॉर्मुलेशन और सुरक्षा मानकों का पालन करें।

नियमों में नया क्या है?

  • FoSCoS पोर्टल पर आयुर्वेद आहार निर्माताओं के लिए नई KoB (Kind of Business) श्रेणी।

  • 25 जुलाई 2025 को जारी प्राचीन आयुर्वेदिक ग्रंथों पर आधारित 91 पूर्व-स्वीकृत पारंपरिक व्यंजनों की सूची।

  • उपभोक्ता सहभागिता और शिकायत निवारण के लिए QR कोड एकीकरण

  • आयुष मंत्रालय के साथ सहयोग, ताकि प्रामाणिकता और नियामक अनुपालन दोनों सुनिश्चित हो सकें।

इसका महत्व

यह कदम भारत के आयुर्वेद और स्वास्थ्य-खाद्य क्षेत्र के लिए परिवर्तनकारी है।

  • निर्माताओं के लिए: लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सरल और स्पष्ट बनाना।

  • उपभोक्ताओं के लिए: सुरक्षित, प्रामाणिक और उच्च गुणवत्ता वाले आयुर्वेदिक खाद्य उत्पाद उपलब्ध कराना।

  • स्वास्थ्य प्रणाली के लिए: पोषण-आधारित समाधान को आयुर्वेदिक उपचार योजनाओं में शामिल करना।
    FSSAI के अनुसार, यह पहल भारत सरकार के उस लक्ष्य का हिस्सा है, जो पारंपरिक प्रथाओं को वैज्ञानिक प्रमाणों और आधुनिक ढांचे के माध्यम से बढ़ावा देना चाहता है।

उद्योग पर प्रभाव

  • आयुर्वेदिक खाद्य क्षेत्र में स्टार्टअप्स और MSMEs को प्रोत्साहन।

  • खाद्य सुरक्षा मानकों को पूरा करने से आयुर्वेदिक खाद्य उत्पादों का निर्यात बढ़ेगा।

  • नवाचार के नए अवसर, भारत की समृद्ध समग्र पोषण परंपरा को व्यावसायिक स्तर पर आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

आईएसएसएफ जूनियर विश्व कप 2025 में भारत ने पांच पदक जीते

नई दिल्ली के डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में शुरू हुए आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप 2025 में भारतीय निशानेबाजों ने पहले ही दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 पदक जीत लिए। यह प्रतियोगिता ऐतिहासिक है क्योंकि पहली बार भारत इसकी मेजबानी कर रहा है। इसमें 19 देशों के 208 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं, जबकि भारत की ओर से 69 सदस्यीय दल हिस्सा ले रहा है।

महिला 50 मीटर प्रोन राइफल इवेंट में क्लीन स्वीप

भारतीय महिला निशानेबाजों ने 50 मीटर प्रोन राइफल स्पर्धा में पूरे पदक तालिका पर कब्जा जमाकर इतिहास रच दिया।

  • अनुष्का ठोकुर ने स्वर्ण पदक जीता।

  • अंशिक ने रजत पदक हासिल किया।

  • आध्या अग्रवाल ने कांस्य पदक अपने नाम किया।

यह ऑल-इंडिया पोडियम स्वीप भारत की महिला निशानेबाजी की गहराई और जूनियर स्तर की प्रशिक्षण प्रणाली की मजबूती को दर्शाता है।

पुरुष 50 मीटर प्रोन राइफल इवेंट

पुरुष वर्ग में भी भारतीय निशानेबाजों ने दमखम दिखाया।

  • दीपेन्द्र सिंह शेखावत ने कड़े मुकाबले में सिर्फ एक अंक से स्वर्ण पदक गंवाया और रजत अपने नाम किया।

  • रोहित कन्यन ने कांस्य पदक जीतकर भारत की झोली में एक और पदक डाला।

प्रतियोगिता का संक्षिप्त विवरण

  • संस्करण: 11वां आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप

  • स्थल: डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज, नई दिल्ली

  • तारीख: प्रतियोगिता 2 अक्टूबर 2025 तक चलेगी

  • प्रतिभागी: 19 देशों से 208 निशानेबाज

  • भारतीय दल: 69 खिलाड़ी

प्रमुख उपलब्धियां

  • भारत ने पहले दिन ही 5 पदक जीते।

  • महिला 50 मीटर प्रोन राइफल में गोल्ड (अनुष्का ठोकुर), सिल्वर (अंशिक), ब्रॉन्ज़ (आध्या अग्रवाल)

  • पुरुष 50 मीटर प्रोन राइफल में सिल्वर (दीपेन्द्र सिंह शेखावत), ब्रॉन्ज़ (रोहित कन्यन)

  • पहली बार भारत इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी कर रहा है।

विश्व पर्यटन दिवस 2025

विश्व पर्यटन दिवस 2025, 27 सितंबर को “पर्यटन और सतत परिवर्तन” थीम के साथ मनाया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (यूएनडब्ल्यूटीओ) के नेतृत्व में आयोजित इस वैश्विक आयोजन का उद्देश्य पर्यटन को स्थायित्व, सांस्कृतिक संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण के वाहक के रूप में पुनर्परिभाषित करना है। वैश्विक स्तर पर पर्यटन के फिर से उभरने के साथ, इस वर्ष की थीम इस उद्योग को और अधिक लचीला, समावेशी और जलवायु-सचेत बनाने का एक स्पष्ट आह्वान है।

विश्व पर्यटन दिवस का ऐतिहासिक महत्व

विश्व पर्यटन दिवस मनाने का विचार 1980 में संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (UNWTO) द्वारा औपचारिक रूप से अपनाया गया था। इसके लिए 27 सितम्बर की तारीख इसलिए चुनी गई क्योंकि इसी दिन 1970 में UNWTO का संविधान अंगीकृत किया गया था। तब से यह दिवस हर वर्ष पर्यटन की बहुआयामी भूमिका—आर्थिक विकास, सामाजिक एकजुटता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग—पर चिंतन का वैश्विक मंच बन गया है। हर साल इसकी थीम बदलकर वैश्विक प्राथमिकताओं को दर्शाती है, जैसे डिजिटल रूपांतरण से लेकर ग्रामीण विकास तक। वर्ष 2025 में इसका मुख्य जोर हरित पुनर्प्राप्ति और जिम्मेदार पर्यटन पर है।

थीम 2025: “पर्यटन और सतत रूपांतरण”

विश्व पर्यटन दिवस 2025 की थीम सभी हितधारकों—सरकारों, व्यवसायों, समुदायों और पर्यटकों—से यह आह्वान करती है कि पर्यटन को सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के अनुरूप बनाया जाए। इसका मुख्य ध्यान कार्बन उत्सर्जन घटाने, जैव विविधता के संरक्षण, महिलाओं, युवाओं और आदिवासी समुदायों को सशक्त बनाने, छोटे व सामुदायिक उद्यमों को प्रोत्साहन देने और पर्यटन क्षेत्र में शिक्षा व कौशल को समाहित करने पर है। सामाजिक न्याय और पर्यावरण संरक्षण को एकीकृत करके यह थीम पर्यटन को जलवायु-स्मार्ट और जन-केंद्रित उद्योग में बदलने का लक्ष्य रखती है।

क्यों महत्वपूर्ण है विश्व पर्यटन दिवस 2025

पर्यटन वैश्विक GDP का 10% से अधिक योगदान करता है और विश्वभर में करोड़ों लोगों को रोज़गार देता है, विशेषकर विकासशील देशों में। यह दिवस केवल उत्सव नहीं बल्कि एक ऐसा वैश्विक मंच है जो सांस्कृतिक संरक्षण व आदान-प्रदान, सीमा-पार शांति निर्माण, महामारी के बाद लचीली पर्यटन व्यवस्था और सभी के लिए सुलभ पर्यटन पर जागरूकता फैलाता है। वर्ष 2025 में, जब दुनिया जलवायु परिवर्तन, प्रवासन और भू-राजनीतिक अस्थिरता जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है, तब पर्यटन के माध्यम से शांति और स्थिरता का संदेश पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो जाता है।

विश्व पर्यटन दिवस में UNWTO की भूमिका

संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (UNWTO) इस दिवस का नेतृत्व करता है। यह अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नीतियां बनाता है, जागरूकता अभियान चलाता है, संवाद और कार्यक्रम आयोजित करता है और डेटा-आधारित, समावेशी सुधारों को प्रोत्साहित करता है। 2025 में UNWTO हरित अवसंरचना, सामुदायिक-आधारित पर्यटन और पर्यटन कर्मियों की शिक्षा-प्रशिक्षण पर केंद्रित सम्मेलनों और परियोजनाओं का नेतृत्व करेगा, ताकि स्थानीय प्रयास वैश्विक जलवायु और सामाजिक लक्ष्यों के अनुरूप हों।

सतत पर्यटन: 2025 का मुख्य संदेश

सततता इस वर्ष का आधार है। राष्ट्रों को प्रोत्साहित किया जा रहा है कि वे पर्यावरण-अनुकूल अवसंरचना में निवेश करें, कम-उत्सर्जन वाले परिवहन को बढ़ावा दें, जिम्मेदार वन्यजीव पर्यटन से प्रकृति संरक्षण करें, स्थानीय कारीगरों और हस्तशिल्प बाजारों को सहयोग दें और पर्यटन कर्मियों को हरित आतिथ्य प्रथाओं में प्रशिक्षित करें। यात्रियों से अपेक्षा है कि वे अपने कार्बन पदचिह्न को समझें, स्थानीय परंपराओं का सम्मान करें और नैतिक यात्रा विकल्प चुनें।

सांस्कृतिक आदान-प्रदान और शांति का साधन के रूप में पर्यटन

पर्यटन सभ्यताओं के बीच एक पुल का कार्य करता है। विश्व पर्यटन दिवस 2025 भाषाओं, त्योहारों, व्यंजनों और आदिवासी ज्ञान की विविधता का उत्सव मनाने, विरासत स्थलों और अमूर्त सांस्कृतिक धरोहरों को प्रोत्साहित करने, मेजबान समुदायों के साथ सम्मानजनक जुड़ाव और अंतरसांस्कृतिक सीख को शांतिपूर्ण सहअस्तित्व का मार्ग मानने पर बल देता है। एक बढ़ती विभाजित दुनिया में पर्यटन कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में से एक है जो लोगों को सीमाओं के पार एकजुट कर सकता है।

फीफा ने 2026 विश्व कप के विशेष सत्र के लिए शुभंकर की घोषणा की

फीफा ने आधिकारिक रूप से विश्व कप 2026 के मैस्कॉट्स का अनावरण किया। यह आयोजन 25 सितम्बर 2025 को किया गया। तीनों मैस्कॉट्स अपने-अपने सह-मेज़बान देशों का प्रतिनिधित्व करते हैं और विश्व कप की एकता, आनंद और वैश्विक उत्सव की भावना को दर्शाते हैं।

क्लच द बाल्ड ईगल – अमेरिका

  • प्रतीक: साहस, जिज्ञासा और समावेशिता।

  • मैदान पर भूमिका: मिडफील्डर, जो टीम को जोड़कर रखता है और रणनीतिक कौशल दर्शाता है।

  • संदेश: अमेरिका की विविध सांस्कृतिक पृष्ठभूमि और समरसता।

मेपल द मूस – कनाडा

  • प्रतीक: प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विविधता।

  • मैदान पर भूमिका: गोलकीपर, जो संरक्षक और शक्ति का प्रतीक है।

  • संदेश: कनाडा की स्वागतपूर्ण भावना और दृढ़ता।

ज़ायू द जैगुआर – मेक्सिको

  • प्रतीक: दक्षिण मेक्सिको के जंगल, प्राचीन विरासत और रंगीन परंपराएँ।

  • मैदान पर भूमिका: स्ट्राइकर, जो रचनात्मक और फुर्तीला है।

  • संदेश: फुटबॉल में जुनून और लय।

खास बातें

  • पहली बार पुरुषों के वरिष्ठ फीफा विश्व कप में एक से अधिक मैस्कॉट्स पेश किए गए।

  • यह निर्णय बहुराष्ट्रीय मेज़बानी प्रारूप और टूर्नामेंट के विस्तार (32 से 48 टीमों) के अनुरूप है।

  • फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने कहा – “ये मैस्कॉट्स आनंद, ऊर्जा और एकजुटता की भावना से भरपूर हैं, बिल्कुल विश्व कप की तरह।”

फीफा विश्व कप 2026 – मुख्य जानकारी

बिंदु विवरण
उद्घाटन मैच 11 जून 2026 – एस्तादियो अज़्टेका, मैक्सिको सिटी
फाइनल मैच 19 जुलाई 2026 – मेटलाइफ स्टेडियम, न्यू जर्सी (न्यूयॉर्क सिटी के पास)
टीमें 48 (पहले 32)
कुल मैच 104
नई विशेषता फाइनल के दौरान पहला हाफटाइम शो

27 साल का हुआ Google, एक यादगार डूडल के साथ नवाचार की विरासत का जश्न

गूगल ने 27 सितंबर 2025 को अपने 27वें जन्मदिन पर एक खास डूडल जारी किया, जो उपयोगकर्ताओं को उसकी शुरुआती यात्रा की याद दिलाता है। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोध प्रोजेक्ट के रूप में 1998 में शुरू हुआ यह सफ़र आज इसे दुनिया की सबसे प्रभावशाली तकनीकी कंपनियों में से एक बना चुका है। इस अवसर पर जारी डूडल में गूगल का पहला लोगो दिखाया गया है, जो बीते तीन दशकों से उपयोगकर्ताओं के विश्वास और समर्थन के प्रति आभार का प्रतीक है।

गूगल 27 सितंबर को क्यों मनाता है जन्मदिन?

  • आधिकारिक स्थापना (Incorporation): 4 सितंबर 1998

  • जन्मदिन का उत्सव: 27 सितंबर

हालाँकि कंपनी की स्थापना 4 सितंबर को हुई थी, लेकिन गूगल अब 27 सितंबर को ही अपना प्रतीकात्मक जन्मदिन मानता है। इसका कारण है शुरुआती डूडल परंपरा, जो इसी दिन से शुरू हुई थी और धीरे-धीरे हर साल का नियमित उत्सव बन गई।

एक गैराज से लेकर वैश्विक ताक़त तक

गूगल का मिशन शुरू से ही था – “दुनिया की जानकारी को व्यवस्थित करना और उसे सार्वभौमिक रूप से सुलभ व उपयोगी बनाना।”

मुख्य मील के पत्थर:

  • संस्थापक: लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन

  • शुरुआत: मेनलो पार्क, कैलिफ़ोर्निया के एक गैराज से

  • पैरेंट कंपनी: अब Alphabet Inc. का हिस्सा

मुख्य कारोबार:

  • सर्च इंजन – विश्व का सबसे लोकप्रिय प्लेटफ़ॉर्म

  • YouTube – सबसे बड़ा वीडियो-शेयरिंग मंच

  • एंड्रॉयड OS – वैश्विक स्मार्टफ़ोन बाज़ार में प्रभुत्व

  • क्लाउड व विज्ञापन – राजस्व और नवाचार के मुख्य स्तंभ

  • AI व क्वांटम कंप्यूटिंग – सुंदर पिचाई के नेतृत्व में अग्रणी योगदान

गूगल डूडल्स का विकास

  • पहला डूडल (1998): बर्निंग मैन फेस्टिवल के लिए स्टिक फिगर लोगो

  • आज: वैज्ञानिकों, कलाकारों, ऐतिहासिक घटनाओं और त्योहारों को समर्पित

  • उद्देश्य: शिक्षित करना, मनोरंजन करना और उपयोगकर्ताओं को वैश्विक संस्कृति से जोड़ना

इस साल का 27वाँ जन्मदिन डूडल एक भावनात्मक झलक है—गूगल के पहले लोगो के ज़रिए उसके विकास और उपयोगकर्ताओं के प्रति आभार को दर्शाता है।

गूगल का भविष्य

सुंदर पिचाई के नेतृत्व में गूगल इन क्षेत्रों में अग्रसर है:

  • क्वांटम कंप्यूटिंग – अगली पीढ़ी की कंप्यूटिंग क्षमता

  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) – गूगल बार्ड और जेमिनी जैसे टूल्स

  • क्लाउड व ई-कॉमर्स सेवाएँ – वैश्विक व्यापार समाधान में परिवर्तन

गूगल का मूल उद्देश्य अब भी वही है – जानकारी के माध्यम से लोगों को सशक्त बनाना

भारत सरकार ने बीएसआई का नेतृत्व करने के लिए पहले मशरूम वैज्ञानिक को नियुक्त किया

भारत के वैज्ञानिक समुदाय के लिए 25 सितम्बर 2025 का दिन ऐतिहासिक रहा, जब डॉ. कनद दास ने बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया (BSI) के 13वें निदेशक के रूप में पदभार संभाला। वे इस प्रतिष्ठित संस्था के पहले माइकोलॉजिस्ट (कवक विशेषज्ञ) बने हैं। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) के अधीन कार्यरत BSI की स्थापना 1890 में हुई थी और इसका कार्य भारत की वनस्पति विविधता का दस्तावेज़ीकरण एवं संरक्षण करना है। डॉ. दास की नियुक्ति कवकीय विविधता (फंगल बायोडायवर्सिटी) की अहमियत को नई पहचान देती है।

डॉ. कनद दास कौन हैं?

भारत के अग्रणी कवक वर्गीकरण विशेषज्ञ (Fungal Taxonomist)

  • 165 से अधिक नई जंगली मशरूम प्रजातियाँ और 2 नए वंश (Genera) खोजे।

  • 170 शोध-पत्र प्रकाशित (Fungal Diversity, Mycosphere, Nature Scientific Reports, IMA Fungus जैसी जर्नल्स में)।

  • 8 पुस्तकें जंगली मशरूम पर लिखीं।

  • 25+ वर्ष का अनुभव वनस्पति विज्ञान में।

  • नेतृत्वकारी भूमिकाएँ – आचार्य जगदीश चंद्र बोस भारतीय वानस्पतिक उद्यान एवं सेंट्रल नेशनल हर्बेरियम।

  • करियर की शुरुआत – BSI देहरादून केंद्र में शोध छात्र के रूप में।

उनकी यात्रा संस्थान से प्रारंभ होकर उसी के शीर्ष तक पहुँचना, समर्पण और दीर्घ अनुभव का प्रतीक है।

बीएसआई के लिए दृष्टिकोण (Vision)

  • भारत के निम्न पादप समूहों और कवकों की व्यापक चेकलिस्ट तैयार करना।

  • राष्ट्रीय हर्बेरियम डेटाबेस का डिजिटलीकरण, ताकि शोधकर्ताओं और आम जनता दोनों के लिए सुलभ हो।

  • वनस्पति सर्वेक्षण कार्यों में समावेशिता और वैज्ञानिक विस्तार को बढ़ावा देना।

बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया (BSI) – तथ्य

  • स्थापना: 1890

  • मुख्यालय: कोलकाता

  • मंत्रालय: MoEFCC

  • संरचना: 11 क्षेत्रीय केंद्र, 4 सहायक इकाइयाँ

  • मिशन: भारत की पुष्पीय संपदा का अन्वेषण, दस्तावेज़ीकरण और संरक्षण

प्रमुख स्थिर तथ्य (Static)

बिंदु विवरण
नए निदेशक डॉ. कनद दास
विशेषज्ञता माइकोलॉजी (कवक वर्गीकरण)
प्रमुख उपलब्धि 165 नई मशरूम प्रजातियाँ, 2 नए वंश
BSI स्थापना 1890
मुख्यालय कोलकाता
दृष्टि निम्न पादप समूहों की चेकलिस्ट व हर्बेरियम का डिजिटलीकरण

मोदी ने राजस्थान में ₹1.22 लाख करोड़ के विकास अभियान की शुरुआत की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 सितम्बर 2025 को बांसवाड़ा (राजस्थान) से नवरात्रि के अवसर पर राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा विकास पैकेज शुरू किया। नवरात्रि के दौरान बांसवाड़ा से की गई इस घोषणा में स्वच्छ ऊर्जा, आदिवासी उत्थान, कनेक्टिविटी और कल्याणकारी योजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसका उद्देश्य दक्षिण राजस्थान और उसके आसपास के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को बदलना है।

कुल राशि: ₹1.22 लाख करोड़
यह पैकेज स्वच्छ ऊर्जा, आदिवासी सशक्तिकरण, संपर्कता और कल्याण योजनाओं पर केंद्रित है।

शक्ति भूमि से ऊर्जा क्रांति

भारत के ऊर्जा क्षेत्र को नई उड़ान

  • माही बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा परियोजना – ₹42,000 करोड़

    • 4 स्वदेशी 700 मेगावॉट रिएक्टर (Fleet Mode में)

  • सौर ऊर्जा परियोजनाएँ – जैसलमेर, जालोर, सीकर, फालोदी में उद्घाटन; बीकानेर और आंध्रप्रदेश में शिलान्यास।

  • ट्रांसमिशन अवसंरचना – ₹13,180 करोड़

    • नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों को देशभर के उपभोक्ता केन्द्रों से जोड़ने के लिए।

भारत अब ऊर्जा घाटे से स्वच्छ ऊर्जा नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है और राजस्थान इसमें प्रमुख भूमिका निभा रहा है।

किसानों और गाँवों को सौर योजना से शक्ति

  • पीएम सूर्या घर मुफ्त बिजली योजना – घरों के लिए मुफ्त रूफटॉप सौर पैनल।

  • पीएम-कुसुम योजना (घटक C) – ₹16,050 करोड़

    • 3,517 मेगावॉट कृषि फीडरों का सौरकरण।

सिंचाई की लागत घटेगी, डीज़ल निर्भरता कम होगी, ग्रामीण ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।

हर घर और खेत तक पानी

  • ₹20,830 करोड़ – बाँध निर्माण और पुनर्जीवन (इसरदा, मोर सागर), नहर और पंप हाउस, लिफ्ट एवं फीडर कैनाल।

  • ₹5,880 करोड़ – बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर, अजमेर जिलों में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति (अमृत 2.0 के तहत)।

सड़क, रेल और क्षेत्रीय संपर्कता

  • ₹2,630 करोड़ – फ्लाईओवर, हाईवे और पुल।

  • 3 नई ट्रेनें शुरू

    • इनमें 2 वंदे भारत एक्सप्रेस सेवाएँ भी शामिल।
      ग्रामीण इलाकों को शहरी केन्द्रों से जोड़ने पर जोर।

रोजगार, युवा और कल्याण

  • 15,000 से अधिक नियुक्ति पत्र सरकारी नौकरियों (शिक्षक, अभियंता आदि) में।

  • आदिवासी और वंचित वर्ग के लिए विशेष योजनाएँ:

    • पीएम जनमन योजना

    • एकलव्य आवासीय विद्यालय और वन धन योजना

    • वनाधिकारों की मान्यता और लघु वनोपज पर एमएसपी विस्तार।

संक्षिप्त तथ्य (Static)

बिंदु विवरण
कुल पैकेज ₹1.22 लाख करोड़
घोषणा तिथि 25 सितम्बर 2025
स्थान बांसवाड़ा, राजस्थान
ऊर्जा परियोजनाएँ ₹90,000 करोड़ (परमाणु + सौर + ट्रांसमिशन)
जल परियोजनाएँ ₹20,830 करोड़ (बाँध, नहर) + ₹5,880 करोड़ (पेयजल)
सड़क-रेल ₹2,630 करोड़ + 3 नई ट्रेनें (2 वंदे भारत)
रोजगार 15,000 नियुक्ति पत्र
आदिवासी/कल्याण योजनाएँ पीएम जनमन, एकलव्य विद्यालय, वन धन, एमएसपी विस्तार

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