उत्तर कोरिया के मिसाइल प्रक्षेपण से जापान में अलर्ट, संकट प्रबंधन टीम सक्रिय

उत्तर कोरिया ने 14 मार्च 2026 को पूर्वी सागर की ओर करीब 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। दक्षिण कोरिया की सेना ने कहा कि यह प्रक्षेपण ऐसे समय किया गया, जब दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास जारी है।

जापान ने पुष्टि की

दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) के मुताबिक, मिसाइलें प्योंगयांग के पास सुनान क्षेत्र से दागी गईं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इन मिसाइलों ने लगभग 350 किलोमीटर तक उड़ान भरी। जापान के रक्षा मंत्रालय ने भी पुष्टि की कि ये हथियार जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के बाहर समुद्र में गिरे और किसी नुकसान की खबर नहीं है।

दक्षिण कोरिया ने निगरानी बढ़ाई

दक्षिण कोरियाई सेना ने कहा है कि उसने निगरानी बढ़ा दी है और किसी भी अतिरिक्त लॉन्च की आशंका को देखते हुए पूरी तैयारी बनाए रखी है। सियोल, वॉशिंगटन और टोक्यो इस घटनाक्रम को लेकर आपस में सूचनाएं साझा कर रहे हैं।

इस प्रक्षेपण की वजह क्या हो सकती है?

  • यह मिसाइल परीक्षण ऐसे वक्त हुआ है, जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया का वार्षिक फ्रीडम शील्ड सैन्य अभ्यास 9 मार्च से 19 मार्च 2026 तक चल रहा है। इस अभ्यास का मकसद दोनों देशों की संयुक्त सैन्य क्षमता और युद्धक तैयारियों को परखना बताया गया है।
  • उत्तर कोरिया लंबे समय से अमेरिका-दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यासों को हमले की तैयारी बताता रहा है। इसी पृष्ठभूमि में किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि अगर उत्तर कोरिया की सुरक्षा को चुनौती दी गई तो इसके भयानक परिणाम होंगे।
  • तनाव इसलिए भी बढ़ा हुआ है क्योंकि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच दक्षिण कोरिया में तैनात अमेरिकी मिसाइल रक्षा प्रणालियों, जैसे THAAD और पैट्रियट, के संभावित पुनर्स्थापन को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि सियोल ने कहा है कि इससे उत्तर कोरिया के खिलाफ सहयोगी देशों की रक्षा स्थिति पर असर नहीं पड़ेगा।
  • 2019 में अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत ठप पड़ने के बाद से प्योंगयांग लगातार मिसाइल और हथियार परीक्षणों के जरिए दबाव की राजनीति करता रहा है। ताजा लॉन्च को भी संयुक्त सैन्य अभ्यास के जवाब में शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है।

दक्षिण कोरिया ने भी अलर्ट जारी किया

जापान के साथ ही साथ दक्षिण कोरिया में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। उत्तर कोरिया लंबे समय से अमेरिका-दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यासों को बहाना बनाकर हथियार परीक्षण करता रहा है। यह मिसाइल लॉन्च क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकता है। जापान सरकार ने नागरिकों से सतर्क रहने और आधिकारिक अपडेट का इंतजार करने की अपील की है।

डिजिटल मैपिंग को बढ़ावा: सुजल गांव आईडी का शुभारंभ

जल शक्ति मंत्रालय ने जल जीवन मिशन (JJM) 2.0 के तहत भारत के हर ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। सरकार ने इस मिशन की अवधि को दिसंबर 2028 तक बढ़ा दिया है और इसके लिए वित्तीय प्रावधान भी बढ़ाया गया है। JJM 2.0 का मुख्य फोकस डिजिटल सुधार, गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचे का विकास, सामुदायिक भागीदारी और जल आपूर्ति प्रणाली की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने पर है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में सभी घरों को सुरक्षित और नियमित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।

जल जीवन मिशन 2.0 पर महत्वपूर्ण बैठक

केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने Jal Jeevan Mission 2.0 के संबंध में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED), ग्रामीण जल आपूर्ति (RWS) और पंचायती राज विभाग के मंत्री शामिल हुए। इस अवसर पर जल शक्ति मंत्रालय के राज्य मंत्री वी. सोमन्ना भी उपस्थित रहे। बैठक में कैबिनेट द्वारा मिशन की अवधि बढ़ाने, बजट में वृद्धि और संरचनात्मक सुधारों की मंजूरी के बाद जल जीवन मिशन 2.0 के क्रियान्वयन की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की गई।

सुजल गांव आईडी का शुभारंभ: ग्रामीण जल योजनाओं की डिजिटल मैपिंग

सी. आर. पाटिल ने “सुजल गांव आईडी” की शुरुआत की, जो भारत की प्रत्येक ग्रामीण पेयजल योजना के लिए एक विशिष्ट डिजिटल पहचान संख्या है। यह अपनी तरह की पहली पहल है, जिसके माध्यम से देश की सभी ग्रामीण जल आपूर्ति प्रणालियों को एकीकृत राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जा रहा है।

इस पहल के तहत:

  • 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 1.64 लाख सुजल गांव आईडी बनाई गई हैं।
  • इन्हें लगभग 67,000 सुजलम भारत आईडी से जोड़ा गया है।
  • इसमें योजना के बुनियादी ढांचे की आईडी और सेवा क्षेत्र की आईडी को एकीकृत किया गया है।
  • इससे रीयल-टाइम निगरानी, पारदर्शिता और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने में मदद मिलेगी।

यह डिजिटल सुधार तकनीकी रूप से सशक्त “विकसित भारत @2047” के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

समय पर कार्य पूर्ण करने और गुणवत्ता पर जोर

सी. आर. पाटिल ने राज्यों से अपील की कि वे जल योजनाओं को समय पर पूरा करें, जमीनी स्तर पर निगरानी को मजबूत करें और किसी भी प्रकार की तकनीकी कमियों से बचें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी परियोजना में अनावश्यक खर्च या मानकों का उल्लंघन होता है, तो उसकी जिम्मेदारी राज्यों को ही उठानी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पानी की गुणवत्ता जितनी महत्वपूर्ण है, उतनी ही कार्य की गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण है, इसलिए राज्यों को स्वीकृत तकनीकी मानकों का पालन करते हुए ग्रामीण जल आपूर्ति प्रणाली की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करनी चाहिए।

पंचायती राज और सामुदायिक भागीदारी की भूमिका

जल शक्ति मंत्रालय के राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण, जल स्रोतों की स्थिरता और संचालन व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायती राज संस्थाओं को परिसंपत्ति प्रबंधन में सशक्त बनाना आवश्यक है।

Jal Jeevan Mission 2.0 के तहत जन भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए जल अर्पण और जल उत्सव जैसे कार्यक्रम जारी रहेंगे। इन पहलों से कई सामाजिक-आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है, जैसे:

  • महिलाओं के श्रम में कमी
  • जन स्वास्थ्य में सुधार
  • ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन
  • वर्ष 2028 तक सभी घरों तक नल से जल की उपलब्धता

मिशन संचालन और डिजिटल सुधार

अशोक के. के. मीना, सचिव, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (DDWS) ने मिशन के प्रशासनिक और डिजिटल सुधारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मिशन को दिसंबर 2028 तक बढ़ाया गया है और इसमें ग्राम पंचायत आधारित शासन व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।

मुख्य कदम:

  • संचालन और रखरखाव (O&M) प्रणाली को मजबूत करना
  • राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) के माध्यम से क्रियान्वयन
  • Sujalam Bharat डिजिटल आर्किटेक्चर के माध्यम से स्रोत से नल तक मैपिंग
  • जल सेवा आंकलन के जरिए गांव स्तर पर सेवा का मूल्यांकन
  • Meri Panchayat ऐप के माध्यम से नागरिक निगरानी को मजबूत करना

ग्राम पंचायतें तभी ‘हर घर जल’ का प्रमाणन करेंगी जब स्थायी संचालन और रखरखाव व्यवस्था सुनिश्चित हो जाएगी।

वित्तपोषण और वित्तीय सुधार

कमल किशोर सोन, अतिरिक्त सचिव एवं प्रबंध निदेशक, राष्ट्रीय जल जीवन मिशन (NJJM) ने फंड जारी करने से जुड़ी जानकारी दी।

मुख्य तथ्य:

कुल बजट ₹3.60 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹8.69 लाख करोड़ किया गया है।

केंद्र सरकार से धन तभी जारी होगा जब चार शर्तें पूरी हों:

  • MoU पर हस्ताक्षर
  • सुजल गांव आईडी का निर्माण
  • समय पर वित्तीय समन्वय
  • राज्य O&M नीति की अधिसूचना

फंड जारी करने के तरीके

  • Upfront Payment Mode – गुणवत्ता प्रभावित क्षेत्रों में छोटे और गैर-PWS सिस्टम के लिए
  • Reimbursement Mode – चल रही मध्यम और बड़े जल आपूर्ति परियोजनाओं के लिए
  • VGF Mode – PPP आधारित बड़े जल आपूर्ति परियोजनाओं के लिए

इसके अलावा, पुरानी योजनाओं के पुनर्निर्माण (retrofitting) के लिए केंद्रीय फंड उपलब्ध नहीं होगा।

JJM 2.0 के प्रमुख फोकस क्षेत्र

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ हुए MoU में निम्न क्षेत्रों में सुधार और जिम्मेदारियों पर जोर दिया गया है:

  • नीति, संस्थागत ढांचा और शासन सुधार
  • परिसंपत्तियों का स्वामित्व, प्रबंधन और तकनीकी सहायता
  • योजना निर्माण, वित्तपोषण और कार्यक्रम कार्यान्वयन
  • डिजिटल सिस्टम, डेटा गवर्नेंस और निगरानी
  • ग्रामीण जल कार्यबल का कौशल विकास और क्षमता निर्माण
  • जल गुणवत्ता की निगरानी और सर्विलांस
  • संचार, सामुदायिक भागीदारी और जनविश्वास

सामुदायिक भागीदारी और जल महोत्सव

राज्यों और जिलों को जल महोत्सव गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया गया है, जैसे:

  • जल अर्पण और जल उत्सव का आयोजन
  • जिला जल एवं स्वच्छता मिशन (DWSM) की बैठकें आयोजित करना और सेवा सुधार योजनाएँ तैयार करना
  • डिस्ट्रिक्ट टेक्निकल यूनिट (DTU) का गठन
  • राज्य जल उत्सव कैलेंडर तैयार करना
  • ग्राम पंचायत स्तर पर लोक जल उत्सव आयोजित करना

जिला मजिस्ट्रेट (DM) या जिला परिषद के CEO द्वारा कम से कम दो जल अर्पण कार्यक्रमों में भाग लेना।

राष्ट्रपति भवन में ‘पर्पल फेस्ट’: दिव्यांगजनों की प्रतिभा और उपलब्धियों का उत्सव

पर्पल फेस्ट (Purple Fest) का विशेष आयोजन 13 मार्च 2026 को राष्ट्रपति भवन में किया गया, जिसका उद्देश्य दिव्यांगजनों (Persons with Disabilities) की प्रतिभा, उपलब्धियों और सपनों को सम्मान देना था। इस कार्यक्रम का लक्ष्य समाज में समावेशन, सम्मान और जागरूकता को बढ़ावा देना था। इस उत्सव में हजारों प्रतिभागियों ने भाग लिया और उनके लिए विशेष रूप से आयोजित विभिन्न गतिविधियों का आनंद लिया।

हजारों दिव्यांगजन ने अमृत उद्यान का दौरा किया

दिनभर चले इस कार्यक्रम के दौरान 8,000 से अधिक दिव्यांगजनों ने अमृत ​​उद्यान का भ्रमण किया। इस सुंदर उद्यान को इस विशेष दिन पर केवल उनके लिए खोला गया था।

प्रतिभागियों ने कई गतिविधियों में भाग लिया, जैसे:

  • मनोरंजक और इंटरैक्टिव खेल
  • सीखने से जुड़े सत्र और जागरूकता स्टॉल
  • दिव्यांगजनों के लिए कार्य करने वाले समूहों द्वारा आयोजित प्रदर्शनियाँ
  • सामाजिक संवाद और मनोरंजन कार्यक्रम

दिव्यांगजनों के लिए कार्य करने वाले कई संगठनों ने सूचना, मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करने के लिए स्टॉल लगाए।

शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम

शाम के समय भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति परिसर के ओपन एयर थिएटर में आयोजित इस उत्सव में भाग लिया। उन्होंने दिव्यांग कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखा।

इन प्रस्तुतियों में संगीत, नृत्य और अन्य रचनात्मक कार्यक्रम शामिल थे, जिन्होंने प्रतिभागियों के आत्मविश्वास और प्रतिभा को प्रदर्शित किया। दर्शकों ने इन प्रेरणादायक प्रस्तुतियों की सराहना की।

समावेशन और समानता पर राष्ट्रपति का संदेश

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि किसी देश का मूल्यांकन केवल उसके विशेषाधिकार प्राप्त लोगों की प्रगति से नहीं किया जाता। बल्कि यह इस बात से तय होता है कि वह अपने वंचित और कमजोर वर्गों का कितना समर्थन और संरक्षण करता है।

उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति हमेशा इन मूल्यों को महत्व देती रही है:

  • संवेदनशीलता और करुणा
  • समाज में समावेशन
  • लोगों के बीच सामंजस्य

उन्होंने यह भी कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक, विशेषकर दिव्यांगजनों, को सामाजिक न्याय, समानता और गरिमा का अधिकार देता है।

दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण का महत्व

राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि दिव्यांगजनों को सशक्त बनाना एक समावेशी और मजबूत समाज के निर्माण के लिए आवश्यक है। हालांकि यह लक्ष्य केवल सरकार के प्रयासों से पूरा नहीं हो सकता।

उनके अनुसार, प्रत्येक नागरिक, संगठन और संस्था की भागीदारी आवश्यक है ताकि दिव्यांगजनों को समान अवसर मिल सकें।

विकसित भारत 2047 की परिकल्पना में दिव्यांगजन

  • राष्ट्रपति ने कहा कि भारत “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसका उद्देश्य वर्ष 2047 तक देश को पूर्ण विकसित बनाना है।
  • उन्होंने बताया कि इस यात्रा में दिव्यांगजन भी समान भागीदार हैं। समाज को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उन्हें आगे बढ़ने, सफलता प्राप्त करने और गरिमा के साथ जीवन जीने के समान अवसर मिलें।

आत्मविश्वास के लिए प्रेरणा

राष्ट्रपति ने दिव्यांगजनों को आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार और समाज दोनों उनके विकास और प्रगति में सहयोग करते रहेंगे।

उन्होंने कहा कि उनकी मेहनत, समर्पण और दृढ़ता न केवल उनके जीवन में सफलता लाएगी, बल्कि देश के अन्य नागरिकों को भी प्रेरित करेगी।

पर्पल फेस्ट का उद्देश्य

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित पर्पल फेस्ट का उद्देश्य विभिन्न प्रकार की दिव्यांगताओं और उनके प्रभाव के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।

इस उत्सव के प्रमुख उद्देश्य हैं:

  • दिव्यांगताओं के बारे में समझ बढ़ाना
  • स्वीकार्यता और सम्मान को प्रोत्साहित करना
  • समान अवसरों को बढ़ावा देना
  • सभी के लिए समावेशी समाज का निर्माण करना।

फिच ने भारत की FY26 जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 7.5% किया

वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स (Fitch Ratings) ने वित्त वर्ष 2025–26 (FY26) के लिए भारत की GDP वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 7.5% कर दिया है। एजेंसी के अनुसार, मजबूत घरेलू मांग भारत की आर्थिक वृद्धि का मुख्य आधार बनी हुई है। संशोधित अनुमान यह दर्शाता है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था में पर्याप्त मजबूती और लचीलापन है।

इससे पहले फिच ने भारत की वृद्धि दर 7.4% रहने का अनुमान लगाया था, लेकिन देश में खपत (consumption) और निवेश गतिविधियों में सुधार को देखते हुए इस पूर्वानुमान को थोड़ा बढ़ाया गया है।

वृद्धि अनुमान बढ़ाने के कारण

फिच रेटिंग्स के अनुसार घरेलू मांग भारत की आर्थिक वृद्धि का प्रमुख इंजन बनी हुई है। बढ़ता उपभोक्ता खर्च और निवेश में तेजी FY26 में आर्थिक विस्तार को समर्थन देंगे।

मुख्य वृद्धि कारक

  • विभिन्न क्षेत्रों में मजबूत उपभोक्ता खर्च
  • अर्थव्यवस्था में निवेश गतिविधियों में वृद्धि
  • घरेलू मांग में लगातार मजबूती

फिच के अनुसार उपभोक्ता खर्च लगभग 8.6% तक बढ़ सकता है, जबकि निवेश में लगभग 6.9% की वृद्धि होने का अनुमान है।

दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भारत

7.5% की संशोधित वृद्धि दर के साथ भारत के दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बने रहने की उम्मीद है। एजेंसी ने कहा कि मजबूत आर्थिक आधार और घरेलू मांग भारत को वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भी स्थिर वृद्धि बनाए रखने में मदद कर रहे हैं।

अगले वित्त वर्ष के लिए अनुमान

  • फिच ने FY27 के लिए भी अपने विकास अनुमान को बढ़ाकर 6.7% कर दिया है, जो कि दिसंबर 2025 में दिए गए 6.4% के अनुमान से अधिक है।
  • हालांकि एजेंसी ने यह भी कहा कि मुद्रास्फीति (Inflation) और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियाँ आने वाले वर्षों में वृद्धि की गति को प्रभावित कर सकती हैं।

वैश्विक आर्थिक परिदृश्य

अपने नवीनतम वैश्विक आर्थिक दृष्टिकोण में फिच रेटिंग्स ने अनुमान लगाया है कि 2026 में वैश्विक GDP वृद्धि लगभग 2.6% रह सकती है, बशर्ते ऊर्जा की कीमतें स्थिर रहें और भू-राजनीतिक तनाव वैश्विक बाजारों को गंभीर रूप से प्रभावित न करें।

Pi Day 2026: 14 मार्च को पाई दिवस क्यों मनाया जाता है?

पाई दिवस (Pi Day) हर वर्ष 14 मार्च को मनाया जाता है। यह दिन गणितीय स्थिरांक Pi (π) के सम्मान में मनाया जाता है। 14 मार्च की तारीख (3/14) पाई के पहले तीन अंकों 3.14 का प्रतिनिधित्व करती है, इसलिए इस दिन को विशेष रूप से चुना गया है।

यह दिवस दुनिया भर में छात्रों, गणितज्ञों और विज्ञान के प्रति रुचि रखने वाले लोगों द्वारा उत्साह के साथ मनाया जाता है। पाई दिवस गणित के महत्व को उजागर करता है और छात्रों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) के क्षेत्रों में रुचि विकसित करने के लिए प्रेरित करता है।

पाई (π) क्या है?

Pi (π) एक गणितीय स्थिरांक है, जो किसी वृत्त की परिधि (Circumference) और उसके व्यास (Diameter) के अनुपात को दर्शाता है। पाई का मान लगभग 3.14159 होता है और यह एक अपरिमेय संख्या (Irrational Number) है, अर्थात इसके दशमलव अंक अनंत तक चलते हैं और दोहराए नहीं जाते।

पाई का उपयोग गणित, भौतिकी, इंजीनियरिंग और विज्ञान की कई गणनाओं में किया जाता है, खासकर वृत्त, तरंगों और ज्यामिति से संबंधित गणनाओं में।

14 मार्च को पाई दिवस क्यों मनाया जाता है?

पाई दिवस (Pi Day) हर वर्ष 14 मार्च (3/14) को मनाया जाता है, क्योंकि पाई के पहले तीन अंक 3.14 होते हैं। तारीख और संख्या के इस सरल संबंध के कारण इस दिन को पाई के उत्सव के रूप में चुना गया है। कई गणित प्रेमी इसे दोपहर 1:59 बजे भी मनाते हैं, क्योंकि यह पाई के अगले अंकों 3.14159 को दर्शाता है।

पाई दिवस का इतिहास

  • Pi Day पहली बार 1988 में मनाया गया था। इसकी शुरुआत अमेरिकी भौतिक विज्ञानी लैरी शॉ ने Exploratorium, सैन फ्रांसिस्को (अमेरिका) में की थी। पहले उत्सव के दौरान प्रतिभागियों ने वृत्ताकार परेड निकाली और इस अवसर को चिह्नित करने के लिए पाई (pie) खाई।
  • बाद में 2009 में संयुक्त राज्य प्रतिनिधि सभा ने आधिकारिक रूप से पाई दिवस को मान्यता दी, ताकि छात्रों के बीच गणित और विज्ञान के प्रति रुचि को बढ़ावा दिया जा सके।
  • इसके बाद 2019 में UNESCO ने 14 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय गणित दिवस घोषित किया, जिससे इस दिन का वैश्विक महत्व और बढ़ गया।

पाई दिवस कैसे मनाया जाता है?

पाई दिवस दुनिया भर के स्कूलों, विश्वविद्यालयों और विज्ञान संगठनों में विभिन्न गतिविधियों के साथ मनाया जाता है।

पाई दिवस की सामान्य गतिविधियाँ

  • पाई के अंकों को याद करके सुनाने की प्रतियोगिताएँ
  • गणित से जुड़े क्विज़ और पहेलियाँ
  • शैक्षिक व्याख्यान और कार्यशालाएँ
  • पाई (Pie) खाने के कार्यक्रम, क्योंकि अंग्रेज़ी में “pi” और “pie” की ध्वनि समान होती है
  • STEM से संबंधित गतिविधियाँ, जो छात्रों को गणित और विज्ञान सीखने के लिए प्रेरित करती हैं

ये गतिविधियाँ छात्रों के लिए गणित को रोचक और मनोरंजक बनाती हैं।

पाई दिवस से जुड़े रोचक तथ्य

  • आधुनिक कंप्यूटरों की मदद से Pi के मान को खरबों अंकों तक गणना किया जा चुका है।
  • यह दिन महान वैज्ञानिक Albert Einstein के जन्मदिन (14 मार्च) के साथ भी मेल खाता है।
  • पाई का उपयोग इंजीनियरिंग, भौतिकी, खगोल विज्ञान और कंप्यूटर विज्ञान में व्यापक रूप से किया जाता है।
  • कुछ लोग 22 जुलाई (22/7) को पाई सन्निकटन दिवस (Pi Approximation Day) भी मनाते हैं, क्योंकि 22/7 पाई का एक सामान्य भिन्नात्मक अनुमान है।

अंतरराष्ट्रीय इस्लामोफोबिया विरोध दिवस 2026: तिथि, इतिहास, महत्व और संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव

इस्लामोफोबिया से मुकाबला करने का अंतरराष्ट्रीय दिवस हर वर्ष 15 मार्च को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य दुनिया भर में मुसलमानों के खिलाफ होने वाले भेदभाव, पूर्वाग्रह और घृणा के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। यह दिवस विभिन्न देशों, संगठनों और समुदायों को अलग-अलग धर्मों और संस्कृतियों के लोगों के बीच सहिष्णुता, पारस्परिक सम्मान और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करता है।

यह दिवस संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा स्थापित किया गया था, ताकि इस्लामोफोबिया को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंता को उजागर किया जा सके और धार्मिक असहिष्णुता के खिलाफ वैश्विक स्तर पर कार्रवाई को प्रोत्साहित किया जा सके।

अंतरराष्ट्रीय इस्लामोफोबिया विरोध दिवस क्यों मनाया जाता है?

इस दिवस का मुख्य उद्देश्य मुस्लिम समुदायों द्वारा झेली जाने वाली चुनौतियों को उजागर करना और शांति, समझ तथा धार्मिक विविधता के प्रति सम्मान की संस्कृति को बढ़ावा देना है।

मुख्य उद्देश्य

  • इस्लामोफोबिया और मुसलमानों के खिलाफ भेदभाव के बारे में वैश्विक जागरूकता बढ़ाना।
  • विभिन्न समुदायों के बीच धार्मिक सहिष्णुता और सद्भाव को प्रोत्साहित करना।
  • सरकारों और संगठनों को घृणा भाषण और हिंसा के खिलाफ कदम उठाने के लिए प्रेरित करना।
  • संवाद, शिक्षा और सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा देना।

पृष्ठभूमि और इतिहास

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने 2022 में प्रस्ताव A/RES/76/254 के माध्यम से 15 मार्च को अंतरराष्ट्रीय इस्लामोफोबिया विरोध दिवस घोषित किया। यह प्रस्ताव पाकिस्तान ने इस्लामी सहयोग संगठन (OIC) की ओर से प्रस्तुत किया था और इसे सर्वसम्मति से अपनाया गया।

15 मार्च की तिथि इसलिए चुनी गई क्योंकि यह 2019 में क्राइस्टचर्च की मस्जिदों पर हुए हमलों की बरसी है, जिसमें शुक्रवार की नमाज़ के दौरान 51 लोगों की मृत्यु हो गई थी।

इस्लामोफोबिया क्या है?

इस्लामोफोबिया का अर्थ है इस्लाम या मुसलमानों के प्रति भय, पूर्वाग्रह, भेदभाव या शत्रुता। यह कई रूपों में दिखाई दे सकता है, जैसे:

  • मुसलमानों के खिलाफ घृणा भाषण या रूढ़िवादी धारणाएँ
  • रोजगार या शिक्षा में भेदभाव
  • मस्जिदों या धार्मिक स्थलों पर हमले
  • ऑनलाइन उत्पीड़न और गलत जानकारी का प्रसार

संयुक्त राष्ट्र का जोर है कि आतंकवाद या उग्रवाद को किसी भी धर्म या समुदाय से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।

बढ़ते इस्लामोफोबिया पर वैश्विक चिंता

  • अंतरराष्ट्रीय संगठनों और मानवाधिकार समूहों ने दुनिया के कई हिस्सों में मुसलमानों के खिलाफ बढ़ते घृणा भाषण, भेदभाव और हिंसा पर चिंता व्यक्त की है।
  • संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी कहा है कि समानता, मानवाधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान समावेशी समाज बनाने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

इस दिवस का महत्व

अंतरराष्ट्रीय इस्लामोफोबिया विरोध दिवस का महत्व कई दृष्टियों से है:

  • विभिन्न धर्मों के बीच संवाद और सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा देना
  • पूर्वाग्रह और रूढ़ियों के खिलाफ शिक्षा को प्रोत्साहित करना
  • धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की रक्षा करने वाली नीतियों का समर्थन करना
  • नस्लवाद, ज़ेनोफोबिया और असहिष्णुता के खिलाफ वैश्विक सहयोग को मजबूत करना

यह दिवस दुनिया को याद दिलाता है कि विविधता और सभी धर्मों के प्रति सम्मान ही वैश्विक शांति और सद्भाव की आधारशिला है।

अमेरिका–दक्षिण कोरिया का बड़ा संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘फ्रीडम शील्ड’ शुरू

अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने अपना वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास फ्रीडम शील्ड (Freedom Shield) शुरू कर दिया है। यह अभ्यास ऐसे समय में हो रहा है जब मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण संभावित अमेरिकी सैन्य गतिविधियों को लेकर चर्चाएँ तेज हैं। कुछ सैन्य उपकरणों की पुनः तैनाती को लेकर अटकलों के बावजूद, दोनों देशों ने स्पष्ट किया है कि यह संयुक्त सैन्य अभ्यास निर्धारित योजना के अनुसार ही जारी रहेगा।

‘फ्रीडम शील्ड’ सैन्य अभ्यास क्या है?

फ्रीडम शील्ड एक बड़ा वार्षिक रक्षा अभ्यास है, जिसे अमेरिका और दक्षिण कोरिया की सेनाएँ संयुक्त रूप से आयोजित करती हैं। इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों सहयोगी देशों के बीच समन्वय को मजबूत करना और संभावित सुरक्षा खतरों से निपटने की क्षमता को बढ़ाना है।

इस अभ्यास में मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • कमांड-पोस्ट सिमुलेशन
  • फील्ड ट्रेनिंग अभ्यास
  • संयुक्त सैन्य समन्वय गतिविधियाँ

यह अभ्यास सोमवार से शुरू हुआ है और 19 मार्च तक जारी रहेगा।

दक्षिण कोरिया और अमेरिकी सैनिकों की भागीदारी

इस अभ्यास में लगभग 18,000 दक्षिण कोरियाई सैनिक भाग ले रहे हैं। हालांकि, यूएस फोर्सेज कोरिया ने इसमें शामिल अमेरिकी सैनिकों की सटीक संख्या का खुलासा नहीं किया है। यह अभ्यास दोनों देशों की रक्षा साझेदारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है और हर वर्ष आयोजित किया जाता है।

अमेरिकी सैन्य उपकरणों की आवाजाही की रिपोर्ट

हाल ही में मीडिया रिपोर्टों में कहा गया कि दक्षिण कोरिया में मौजूद कुछ अमेरिकी सैन्य उपकरणों को मध्य पूर्व में संभावित अभियानों के समर्थन के लिए स्थानांतरित किया जा सकता है।

योनहाप समाचार एजेंसी के अनुसार, बड़े अमेरिकी सैन्य परिवहन विमान जैसे:

  • लॉकहीड C-5 गैलेक्सी
  • बोइंग C-17 ग्लोबमास्टर III

सियोल के पास स्थित Osan Air Base पर उतरे और कुछ दिनों बाद वहां से रवाना हो गए। इस गतिविधि के बाद सैन्य संसाधनों के संभावित स्थानांतरण को लेकर अटकलें तेज हो गईं।

पैट्रियट मिसाइल रक्षा प्रणाली की भूमिका

रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि कुछ MIM-104 पैट्रियट मिसाइल प्रणाली इकाइयों को दक्षिण कोरिया में अन्य अमेरिकी ठिकानों से ओसान एयर बेस पर स्थानांतरित किया गया।

पैट्रियट प्रणाली वायु रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है क्योंकि यह:

  • आने वाले खतरों का पता लगा सकती है
  • दुश्मन की मिसाइलों और ड्रोन को ट्रैक कर सकती है
  • क्रूज़ मिसाइल और सामरिक बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर सकती है

यह प्रणाली मुख्य रूप से उत्तरी कोरिया से संभावित खतरों का सामना करने के लिए दक्षिण कोरिया की मिसाइल रक्षा प्रणाली का अहम हिस्सा है।

मध्य पूर्व में पहले भी अस्थायी तैनाती

  • पिछले वर्ष जून में दक्षिण कोरिया में तैनात अमेरिकी सेना की दो पैट्रियट मिसाइल बैटरियों को ईरान के परमाणु ठिकानों को लेकर चल रहे अभियानों के दौरान अस्थायी रूप से मध्य पूर्व भेजा गया था। बाद में ये प्रणाली अक्टूबर में वापस दक्षिण कोरिया लौट आई थी।
  • इसी वजह से हाल की विमान गतिविधियों ने फिर से संभावित पुनः तैनाती को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सरकारों की प्रतिक्रिया

  • दोनों देशों की सरकारों ने सैन्य उपकरणों की आवाजाही के बारे में विस्तृत जानकारी देने से परहेज किया है।
  • दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि दोनों देश लगातार संपर्क में हैं ताकि सुरक्षा में किसी प्रकार की कमी न आए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फ्रीडम शील्ड अभ्यास सामान्य रूप से जारी है, भले ही मध्य पूर्व की स्थिति बदलती रहे।

अभ्यास के पैमाने में बदलाव

  • इस वर्ष के अभ्यास में 22 फील्ड ट्रेनिंग ड्रिल शामिल हैं, जबकि पिछले संस्करण में 51 ड्रिल आयोजित किए गए थे।
  • यह कमी दक्षिण कोरिया के वर्तमान राष्ट्रपति ली जे-म्युंग के प्रशासन के दौरान की गई है, जो पूर्व नेता यून सुक योल के महाभियोग के बाद पद पर आए हैं।
  • इस कदम को उत्तर कोरिया के साथ संबंधों को स्थिर करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

उत्तर कोरिया की प्रतिक्रिया और परमाणु योजना

  • उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने हाल ही में सत्तारूढ़ कोरिया की श्रमिक पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक की। इसमें उन्होंने देश के परमाणु हथियार कार्यक्रम को मजबूत करने और मिसाइल वितरण प्रणालियों को उन्नत करने का संकल्प व्यक्त किया।
  • साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि अमेरिका अपनी “शत्रुतापूर्ण नीति” बदलता है, तो अमेरिका के साथ बेहतर संबंध संभव हो सकते हैं।

भविष्य में कूटनीति की संभावना

  • किम जोंग उन पहले भी डोनाल्ड ट्रम्प के साथ अपनी बैठकों के बारे में सकारात्मक टिप्पणी कर चुके हैं। ट्रंप के पहले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान दोनों नेताओं की तीन बार मुलाकात हुई थी।
  • दक्षिण कोरियाई अधिकारियों का मानना है कि इस महीने ट्रंप की संभावित China यात्रा उत्तर कोरिया से जुड़े नए कूटनीतिक संवाद का अवसर प्रदान कर सकती है।
  • हालांकि, किम जोंग उन ने हाल ही में दक्षिण कोरिया को “सबसे शत्रुतापूर्ण इकाई” बताते हुए उसके प्रति कड़ा रुख भी बनाए रखा है।

पार्थनिल घोष बने HDFC ERGO जनरल इंश्योरेंस के प्रबंध निदेशक और सीईओ

भारत के बीमा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन के तहत HDFC ERGO जनरल इंश्योरेंस ने पार्थनिल घोष को अपना नया प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (MD & CEO) नियुक्त करने की घोषणा की है। कंपनी के निदेशक मंडल ने हाल ही में इस निर्णय को मंजूरी दी। घोष 16 अप्रैल 2026 से आधिकारिक रूप से पदभार संभालेंगे। उनकी नियुक्ति भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) और अन्य संबंधित प्राधिकरणों से आवश्यक अनुमोदन मिलने के बाद प्रभावी होगी।

पार्थनिल घोष अनुज त्यागी की जगह लेंगे

इस नियुक्ति के साथ पार्थनिल घोष कंपनी के वर्तमान प्रमुख अनुज त्यागी का स्थान लेंगे, जो पिछले कई वर्षों से कंपनी का नेतृत्व कर रहे थे। उनके कार्यकाल में HDFC ERGO जनरल इंश्योरेंस ने अपने कारोबार का विस्तार किया और भारतीय बीमा बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति स्थापित की। कंपनी के निदेशक मंडल ने उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए आभार व्यक्त करते हुए उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएँ भी दी हैं।

बीमा और वित्तीय सेवाओं में व्यापक अनुभव

पार्थनिल घोष के पास वित्तीय सेवा उद्योग में तीन दशकों से अधिक का पेशेवर अनुभव है। इनमें से 16 वर्ष से अधिक का समय उन्होंने सामान्य बीमा क्षेत्र में कार्य करते हुए बिताया है। अपने करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण नेतृत्व पदों पर काम किया है और बीमा संचालन, रणनीति तथा व्यवसाय प्रबंधन की गहरी समझ विकसित की है।

HDFC ERGO के साथ उनका सफर

पार्थनिल घोष वर्ष 2016 में HDFC ERGO जनरल इंश्योरेंस से जुड़े थे, जब कंपनी का L&T जनरल इंश्योरेंस के साथ विलय हुआ था। तब से वह कंपनी के व्यवसाय को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। मई 2025 में उन्हें एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर पदोन्नत किया गया, जहां उन्होंने कंपनी के प्रबंधन और संचालन में महत्वपूर्ण योगदान जारी रखा।

प्रमुख योगदान के क्षेत्र

कंपनी में अपने कार्यकाल के दौरान पार्थनिल घोष ने कई महत्वपूर्ण विभागों में कार्य किया। इन प्रमुख क्षेत्रों में शामिल हैं:

  • रिटेल इंश्योरेंस
  • कमर्शियल इंश्योरेंस
  • फसल बीमा
  • अंडरराइटिंग
  • क्लेम्स मैनेजमेंट
  • रीइंश्योरेंस रणनीति
  • प्रौद्योगिकी विकास

इन क्षेत्रों में उनके प्रयासों ने HDFC ERGO जनरल इंश्योरेंस की संचालन क्षमता (Operational Efficiency) को बेहतर बनाने और ग्राहक सेवाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

बीमा एकीकरण (Integration) परियोजनाओं में भूमिका

पार्थनिल घोष ने कंपनी की कई महत्वपूर्ण एकीकरण परियोजनाओं में भी अहम भूमिका निभाई। इनमें सबसे महत्वपूर्ण L&T जनरल इंश्योरेंस के साथ हुआ विलय था। इसके अलावा वे Apollo Munich Health Insurance के एकीकरण में भी शामिल रहे, जिससे HDFC ERGO जनरल इंश्योरेंस की स्वास्थ्य बीमा बाजार में उपस्थिति और अधिक मजबूत हुई।

नियुक्ति पर चेयरमैन का बयान

केकी एम. मिस्त्री, जो HDFC ERGO जनरल इंश्योरेंस के चेयरमैन हैं, ने पार्थनिल घोष के संगठन में दिए गए योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि घोष ने कंपनी की वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और बीमा उद्योग में इसकी स्थिति को मजबूत करने में मदद की है।

उनके अनुसार, घोष के पास उद्योग का व्यापक अनुभव, संचालन संबंधी विशेषज्ञता और रणनीतिक नेतृत्व क्षमता है, जो कंपनी को अपनी विकास यात्रा जारी रखने और ग्राहकों का विश्वास बनाए रखने में मदद करेगी।

आगे की दिशा

पार्थनिल घोष के एमडी और सीईओ बनने के साथ HDFC ERGO जनरल इंश्योरेंस के नवाचार, ग्राहक-केंद्रित सेवाओं और सतत विकास पर अधिक ध्यान देने की उम्मीद है। यह नेतृत्व परिवर्तन भारत के प्रतिस्पर्धी बीमा क्षेत्र में कंपनी को विस्तार के अगले चरण तक ले जाने के उद्देश्य से किया गया है।

ऑस्कर 2026: किन फिल्मों और कलाकारों को मिल सकता है बड़ा सम्मान?

98th Academy Awards का आयोजन 15 मार्च 2026 को डॉल्बी थिएटर, लॉस एंजिल्स में किया जाएगा। यह समारोह पिछले वर्ष की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों और कलाकारों के प्रदर्शन का सम्मान करता है और वैश्विक फिल्म उद्योग के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक माना जाता है। जैसे-जैसे समारोह की तारीख नजदीक आ रही है, फिल्म समीक्षकों और विश्लेषकों ने सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म, सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री जैसी प्रमुख श्रेणियों के लिए कई मजबूत दावेदारों की पहचान की है।

सर्वश्रेष्ठ फिल्म (Best Picture): प्रमुख दावेदार

2026 के ऑस्कर पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ फिल्म की दौड़ काफी प्रतिस्पर्धी मानी जा रही है, जहां कई फिल्में मजबूत दावेदार के रूप में उभरकर सामने आई हैं।

दौड़ में प्रमुख फिल्में
• One Battle After Another – यह फिल्म कई श्रेणियों में मजबूत प्रदर्शन करने की उम्मीद के साथ एक प्रमुख दावेदार मानी जा रही है।
• Sinners – यह वर्ष की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक है, जिसे आलोचकों से भी काफी सराहना मिली है।
• Hamnet – यह एक ऐतिहासिक ड्रामा फिल्म है, जिसे काफी प्रशंसा और कई नामांकन प्राप्त हुए हैं।

इन फिल्मों में One Battle After Another को व्यापक रूप से अग्रणी दावेदार माना जा रहा है, हालांकि Sinners और Hamnet से कड़ी प्रतिस्पर्धा बनी हुई है।

सर्वश्रेष्ठ अभिनेता: प्रमुख दावेदार

सर्वश्रेष्ठ अभिनेता श्रेणी में हॉलीवुड के जाने-माने अभिनेताओं के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है।

शीर्ष नामांकित और पूर्वानुमान

अभिनेता फिल्म
माइकल बी. जॉर्डन सिनर्स (Sinners)
टिमोथी शैलेमे मार्टी सुप्रीम (Marty Supreme)
लियोनार्डो डिकैप्रियो वन बैटल आफ्टर अनदर (One Battle After Another)
वैगनर मौरा द सीक्रेट एजेंट (The Secret Agent)
ईथन हॉक ब्लू मून (Blue Moon)

इन दावेदारों में माइकल बी. जॉर्डन को प्रमुख दावेदारों में से एक माना जा रहा है, क्योंकि उन्हें आलोचकों और फिल्म उद्योग के विशेषज्ञों से मजबूत समर्थन प्राप्त हुआ है।

सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री: मजबूत दावेदार

सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री की श्रेणी में भी कई अभिनेत्रियों के दमदार प्रदर्शन देखने को मिले हैं।

प्रमुख दावेदार

  • जेसी बक्ली – हैमनेट (Hamnet)
  • रोज़ बर्न – इफ आई हैड लेग्स आई’ड किक यू (If I Had Legs I’d Kick You)
  • अन्य प्रमुख फिल्मों की नामांकित अभिनेत्रियाँ

कई फिल्म समीक्षकों का मानना है कि हैमनेट में अपने व्यापक रूप से सराहे गए प्रदर्शन के कारण जेसी बक्ली सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के पुरस्कार की मजबूत दावेदार मानी जा रही हैं।

अन्य प्रमुख संभावित विजेता 

शीर्ष अभिनय और सर्वश्रेष्ठ फिल्म श्रेणियों के अलावा, कुछ अन्य पुरस्कार भी विशेष ध्यान आकर्षित करने की संभावना रखते हैं।

  • सर्वश्रेष्ठ निर्देशक (Best Director): पॉल थॉमस एंडरसन – One Battle After Another
  • सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता (Best Supporting Actor): सीन पेन – मजबूत दावेदार
  • सर्वश्रेष्ठ एनिमेटेड फीचर (Best Animated Feature): KPop Demon Hunters
  • सर्वश्रेष्ठ विजुअल इफेक्ट्स (Best Visual Effects): Avatar: Fire and Ash

2026 के ऑस्कर क्यों खास हैं

2026 के अकादमी पुरस्कार (Oscars) हाल के वर्षों के सबसे प्रतिस्पर्धी संस्करणों में से एक माने जा रहे हैं। यह समारोह दुनिया भर की फिल्मों में उत्कृष्ट अभिनय, रचनात्मक कहानी-कथन और सिनेमाई उपलब्धियों को सम्मानित करेगा। कई मजबूत दावेदारों और अनिश्चित मुकाबलों के कारण अंतिम विजेताओं का पता 15 मार्च 2026 को होने वाले लाइव समारोह के दौरान ही चलेगा।

परीक्षाओं के लिए मुख्य बिंदु

श्रेणी विवरण
कार्यक्रम अकादमी पुरस्कार (ऑस्कर)
संस्करण 98वें अकादमी पुरस्कार
तिथि 15 मार्च 2026
स्थान डॉल्बी थिएटर, लॉस एंजिल्स
मेज़बान (Host) कोनन ओ’ब्रायन
सर्वश्रेष्ठ फिल्म के प्रमुख दावेदार One Battle After Another, Sinners, Hamnet
सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के दावेदार माइकल बी. जॉर्डन, टिमोथी शैलेमे, लियोनार्डो डिकैप्रियो
सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के दावेदार जेसी बक्ली, रोज़ बर्न

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘Women in Agri-Food Systems’ वैश्विक सम्मेलन को संबोधित किया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 12 मार्च 2026 को नई दिल्ली में आयोजित कृषि-खाद्य प्रणालियों में महिलाओं की भूमिका पर वैश्विक सम्मेलन 2026 (GCWAS-2026) के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। इस सम्मेलन का उद्देश्य कृषि-खाद्य क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को मजबूत करना और लैंगिक समावेशी विकास को बढ़ावा देना है। इस कार्यक्रम में कृषि और खाद्य प्रणालियों में महिलाओं की भूमिका को सशक्त बनाने तथा उनके लिए अधिक अवसर और सहयोगी नीतियाँ विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया गया।

GCWAS-2026 सम्मेलन का उद्देश्य

यह वैश्विक सम्मेलन टिकाऊ कृषि प्रणालियों के निर्माण में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करने और खेती में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इस सम्मेलन में नीति-निर्माता, शोधकर्ता, कृषि विशेषज्ञ और अंतरराष्ट्रीय संगठन भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम में ऐसे नीति ढांचे और संस्थागत सहयोग पर चर्चा की जा रही है जो कृषि-खाद्य मूल्य श्रृंखला में महिलाओं की भागीदारी बढ़ा सकें।

कृषि में महिलाओं के योगदान पर राष्ट्रपति का जोर

सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि महिलाएँ कृषि उत्पादन के लगभग हर चरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। बीज बोने और फसल कटाई से लेकर कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और बाजार तक पहुँचाने तक महिलाओं का बड़ा योगदान है। उन्होंने मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन, पशुपालन और वन आधारित आजीविका में भी महिलाओं की सक्रिय भूमिका को रेखांकित किया।

कृषि शिक्षा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी

राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि कृषि शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार राज्य कृषि विश्वविद्यालयों में 50 प्रतिशत से अधिक छात्राएँ हैं, जबकि कई संस्थानों में यह संख्या 60 प्रतिशत से भी अधिक है। उन्होंने कहा कि छात्राएँ शैक्षणिक रूप से भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं।

संयुक्त राष्ट्र की घोषणा: 2026 ‘महिला किसान का अंतरराष्ट्रीय वर्ष’

सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति ने उल्लेख किया कि संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2026 को ‘महिला किसान का अंतरराष्ट्रीय वर्ष’ घोषित किया है। इस वैश्विक पहल का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में लैंगिक असमानताओं को कम करना और महिलाओं के नेतृत्व को मजबूत करना है।

 

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