भारत सरकार ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लेते हुए Reserve Bank of India के नए डिप्टी गवर्नर के रूप में Rohit Jain की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। यह नियुक्ति कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) की स्वीकृति के बाद की गई है और उनका कार्यकाल 3 मई 2026 से प्रभावी होगा।
रोहित जैन, पूर्व डिप्टी गवर्नर T Rabi Sankar का स्थान लेंगे, जिनका कार्यकाल हाल ही में समाप्त हुआ है। उनकी नियुक्ति को RBI नेतृत्व में अनुभव और स्थिरता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बैंकिंग और पर्यवेक्षण में लंबा अनुभव
रोहित जैन के पास भारतीय केंद्रीय बैंकिंग प्रणाली में लगभग तीन दशकों का अनुभव है। डिप्टी गवर्नर बनने से पहले वे दिसंबर 2020 से RBI में कार्यकारी निदेशक (Executive Director) के पद पर कार्यरत थे, जहां वे पर्यवेक्षण विभाग (Department of Supervision) की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
अपने करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम किया है:
- बैंकिंग पर्यवेक्षण
- वित्तीय विनियमन
- जोखिम प्रबंधन
- मानव संसाधन प्रबंधन
इन क्षेत्रों में उनकी गहरी समझ उन्हें वित्तीय स्थिरता बनाए रखने में सक्षम बनाती है।
शैक्षणिक योग्यता और विशेषज्ञता
रोहित जैन का शैक्षणिक और पेशेवर आधार काफी मजबूत है:
- वाणिज्य (Commerce) में स्नातकोत्तर डिग्री
- प्रबंधन (MBA) में स्नातकोत्तर डिग्री
- ICBRR (International Certificate in Banking Risk and Regulation)
- CAIIB (Certified Associate of Indian Institute of Banking and Finance)
- प्रमाणित बैंक प्रशिक्षक (Certified Bank Trainer)
ये सभी योग्यताएं उन्हें बैंकिंग और वित्त के सैद्धांतिक व व्यावहारिक दोनों पहलुओं में विशेषज्ञ बनाती हैं।
इस नियुक्ति का महत्व
रोहित जैन की नियुक्ति RBI के लिए एक रणनीतिक कदम मानी जा रही है। उनका अनुभव और विशेषज्ञता कई उभरती चुनौतियों से निपटने में सहायक होगी:
- डिजिटल भुगतान प्रणाली का विस्तार
- वैश्विक वित्तीय अस्थिरता से निपटना
- नियामकीय अनुपालन (Regulatory Compliance) को मजबूत करना
उनके नेतृत्व से भारत की बैंकिंग प्रणाली में विश्वास और स्थिरता को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।


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