भारत के लिए गर्व की बात है कि भारतीय वैज्ञानिक परवीन शेख को 2026 का प्रतिष्ठित Whitley Award प्रदान किया गया है। यह सम्मान उन्हें endangered पक्षी Indian Skimmer के संरक्षण में उनके अद्भुत योगदान के लिए दिया गया है।
यह अवॉर्ड Whitley Fund for Nature द्वारा दिया जाता है और इस बार समारोह Royal Geographical Society में आयोजित हुआ, जहां Princess Anne ने उन्हें सम्मानित किया।
यह उपलब्धि न केवल भारत के लिए बल्कि पूरे विश्व में grassroots conservation (जमीनी स्तर पर संरक्षण) के महत्व को उजागर करती है।
क्यों चर्चा में है ये खबर?
- भारत की महिला वैज्ञानिक को Global Award
- एक endangered species को बचाने का real impact
- grassroots model की international recognition
- प्रयागराज जैसे हाई-रिस्क क्षेत्र में विस्तार
Indian Skimmer: एक दुर्लभ और संकटग्रस्त नदी पक्षी
Indian Skimmer एक बेहद अनोखा और संकटग्रस्त पक्षी है, जिसकी पहचान इसकी चमकीली नारंगी चोंच और पानी की सतह पर स्किमिंग करते हुए मछली पकड़ने की खास तकनीक से होती है।
खास बातें:
- भारत में इस पक्षी की 90% से अधिक वैश्विक आबादी पाई जाती है
- कुल संख्या लगभग 3,000 के आसपास
- ये रेतीले टापुओं (sandbars) और नदी के बीच बने द्वीपों पर घोंसले बनाते हैं
- नदी के बहाव और पर्यावरणीय बदलाव के प्रति बेहद संवेदनशील
दुर्भाग्यवश, habitat loss और प्रदूषण के कारण यह पक्षी दक्षिण-पूर्व एशिया के कई हिस्सों से लगभग गायब हो चुका है।
कम्युनिटी मॉडल: ‘हमारे पक्षी’ बचाने की अनोखी पहल
परवीन शेख की सफलता के पीछे उनका community-led conservation model सबसे बड़ी ताकत है, जिसे “Guardian Model” कहा जाता है।
इस मॉडल की खासियत:
- स्थानीय ग्रामीणों को Nest Guardian के रूप में प्रशिक्षित किया गया
- घोंसलों की वैज्ञानिक मॉनिटरिंग
- शिकारी और मानवीय हस्तक्षेप से सुरक्षा
- स्थानीय लोगों में ownership की भावना—अब वे इन्हें “हमारे पक्षी” कहते हैं
परिणाम चौंकाने वाले:
- Nest survival rate 14% से बढ़कर 27% हुआ
- पक्षियों की संख्या 400 (2017) से बढ़कर लगभग 1,000 तक पहुंची
यह मॉडल साबित करता है कि जब समुदाय जुड़ता है, तो संरक्षण में चमत्कार संभव है।


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