ब्रैंडन होल्ट ने 2025 बेंगलुरु ओपन एटीपी टेनिस एकल खिताब जीता

बेंगलुरु ओपन ATP 125 चैलेंजर 2025 में शीर्ष टेनिस खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, जिसमें फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। अमेरिका के ब्रैंडन होल्ट ने जापान के शिंटारो मोचिज़ुकी को हराकर सिंगल्स खिताब अपने नाम किया। यह टूर्नामेंट कर्नाटक राज्य लॉन टेनिस एसोसिएशन (KSLTA) टेनिस स्टेडियम, बेंगलुरु में 2 मार्च 2025 को संपन्न हुआ। ATP चैलेंजर टूर के इस टूर्नामेंट की पुरस्कार राशि $200,000 थी और यह हार्ड कोर्ट पर खेला गया।

टूर्नामेंट का संक्षिप्त विवरण

बेंगलुरु ओपन 2025 का आयोजन 24 फरवरी से 2 मार्च 2025 तक KSLTA टेनिस स्टेडियम, बेंगलुरु में किया गया। यह ATP चैलेंजर 125 का हिस्सा था और भारत में 2025 में आयोजित चौथा तथा अंतिम ATP चैलेंजर टूर्नामेंट था। इससे पहले चेन्नई ओपन, दिल्ली ओपन और महाराष्ट्र ओपन का आयोजन किया गया था।

ब्रैंडन होल्ट की शानदार जीत

विजय तक का सफर

ब्रैंडन होल्ट, जो महाराष्ट्र ओपन 2025 के फाइनल में चेक गणराज्य के डालिबोर स्विर्सिना से हार गए थे, ने बेंगलुरु ओपन में शानदार खेल का प्रदर्शन किया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने 2019 विंबलडन बॉयज़ सिंगल्स चैंपियन शिंटारो मोचिज़ुकी का सामना किया और 6-3, 6-3 से शानदार जीत दर्ज कर अपना पहला ATP चैलेंजर 125 खिताब जीता।

पुरस्कार राशि और ATP अंक

  • ब्रैंडन होल्ट को जीतने पर 125 ATP अंक और $28,400 की पुरस्कार राशि मिली।
  • शिंटारो मोचिज़ुकी को उपविजेता के रूप में 64 ATP अंक और $16,700 मिले।

डबल्स चैंपियन: अनिरुद्ध चंद्रशेखर और रे हो

फाइनल मुकाबला

डबल्स वर्ग में भारत के अनिरुद्ध चंद्रशेखर और चीनी ताइपे के रे हो की जोड़ी ने ऑस्ट्रेलिया के ब्लेक बेडलन और मैथ्यू क्रिस्टोफर रोमियोस की जोड़ी को सीधे सेटों में 6-2, 6-4 से हराकर खिताब अपने नाम किया।

ऑस्ट्रेलियाई जोड़ी की लगातार दूसरी हार

ऑस्ट्रेलियाई जोड़ी ब्लेक बेडलन और मैथ्यू क्रिस्टोफर रोमियोस को ATP चैलेंजर फाइनल में लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले वे महाराष्ट्र ओपन 2025 के फाइनल में भारत के जीवन नेदुंचेझियन और विजय सुंदर प्रशांत से हार चुके थे।

अनिरुद्ध चंद्रशेखर की उपलब्धि

  • यह अनिरुद्ध चंद्रशेखर का छठा ATP चैलेंजर खिताब था और रे हो के साथ उनका पहला खिताब था।
  • भारतीय जोड़ी ने बेंगलुरु ओपन में शानदार प्रदर्शन किया। इससे पहले 2024 में साकेत मिनेनी और रामकुमार रामनाथन तथा 2022 में रामकुमार रामनाथन और पुरव राजा ने डबल्स खिताब जीता था।

2025 ATP चैलेंजर टूर – भारत में विजेता सूची

भारत में 2025 में चार प्रमुख ATP चैलेंजर टूर्नामेंट आयोजित किए गए: चेन्नई ओपन, दिल्ली ओपन, महाराष्ट्र ओपन और बेंगलुरु ओपन। विजेताओं की पूरी सूची इस प्रकार है:

टूर्नामेंट सिंगल्स विजेता डबल्स विजेता
चेन्नई ओपन ATP 100 क्यिरियन जेक्वेट (फ्रांस) ने एलियास यमेर (स्वीडन) को हराया शिंटारो मोचिज़ुकी और कैटो उएसुगी (जापान) ने रामकुमार रामनाथन और साकेत मिनेनी (भारत) को हराया
दिल्ली ओपन ATP 75 क्यिरियन जेक्वेट (फ्रांस) ने बिली हैरिस (ग्रेट ब्रिटेन) को हराया मासामिची इमामुरा और रियो नोगुची (जापान) ने नीति पुनाचा (भारत) और कोर्टनी लॉक (जिम्बाब्वे) को 6-4, 6-3 से हराया
महाराष्ट्र ओपन ATP 100 डालिबोर स्विर्सिना (चेक गणराज्य) ने ब्रैंडन होल्ट (अमेरिका) को हराया जीवन नेदुंचेझियन और विजय सुंदर प्रशांत (भारत) ने ब्लेक बेडलन और मैथ्यू क्रिस्टोफर रोमियोस (ऑस्ट्रेलिया) को हराया
बेंगलुरु ओपन ATP 125 ब्रैंडन होल्ट (अमेरिका) ने शिंटारो मोचिज़ुकी (जापान) को हराया अनिरुद्ध चंद्रशेखर (भारत) और रे हो (चीनी ताइपे) ने ब्लेक बेडलन और मैथ्यू क्रिस्टोफर रोमियोस (ऑस्ट्रेलिया) को हराया

बेंगलुरु ओपन 2025 में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन शानदार रहा, जिससे देश में टेनिस के प्रति बढ़ती रुचि और प्रतिस्पर्धा को बल मिला।

भारत की GDP वृद्धि दर वित्त वर्ष 2025-26 में 6.5% रहने का अनुमान: क्रिसिल

प्रमुख क्रेडिट रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने भारत की GDP वृद्धि दर वित्त वर्ष 2026 (FY26) में 6.5% रहने का पूर्वानुमान लगाया है। एजेंसी ने यह भी अनुमान लगाया है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने के लिए रेपो दर में 50-75 आधार अंकों (bps) की कटौती कर सकती है।

हालांकि यह दर FY24 में दर्ज 9.2% की तुलना में कम है, लेकिन यह पूर्व-कोविड औसत (FY11-FY20) 6.6% के करीब बनी रहेगी, जिससे भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा।

मुख्य बिंदु

भारत की GDP वृद्धि का अनुमान

  • FY25 में अनुमानित वृद्धि दर: 6.5% (FY24 के 9.2% की तुलना में धीमी)।

FY26 में अनुमानित वृद्धि दर: 6.5%, निम्नलिखित कारकों पर आधारित:

  • सामान्य मानसून।
  • स्थिर जिंस (कमोडिटी) कीमतें।
  • निजी उपभोग (Private Consumption) में सुधार।
  • निजी निवेश (Private Investment) में निरंतर वृद्धि।

यह वृद्धि दर पूर्व-कोविड दशक (6.6%) के औसत के करीब रहेगी, जिससे भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा।

RBI की मौद्रिक नीति और ब्याज दरें

  • MPC द्वारा FY26 में रेपो दर में 50-75 आधार अंकों की कटौती का अनुमान, जिससे आर्थिक विस्तार को समर्थन मिलेगा।
  • RBI की हालिया तरलता-सुधार (liquidity easing) नीतियां और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) के लिए आसान नियम मौद्रिक नीति के प्रभाव को और मजबूत करेंगे।

आर्थिक वृद्धि को प्रभावित करने वाले कारक

1. निजी उपभोग (Private Consumption)

सुधार की संभावना, निम्नलिखित कारणों से:

  • सामान्य मानसून के कारण कृषि उत्पादन में वृद्धि।
  • खाद्य मुद्रास्फीति (food inflation) में कमी, जिससे लोगों की क्रय शक्ति बढ़ेगी।
  • केंद्रीय बजट 2025-26 में कर लाभ (Tax Benefits)।
  • संपत्ति निर्माण (asset-building) और रोजगार-सृजन योजनाओं के लिए अधिक आवंटन।

2. निवेश वृद्धि और निजी पूंजीगत व्यय (Private Capex)

  • सरकारी पूंजीगत व्यय (Capex) में कटौती से वित्तीय घाटे (Fiscal Deficit) को नियंत्रित करने की कोशिश होगी।
  • निजी निवेश (Private Investment) में तेजी जरूरी, ताकि आर्थिक गति बनी रहे।

3. व्यापार और बाहरी कारक (Trade & External Factors)

  • मजबूत घरेलू खपत (Domestic Consumption) के कारण आयात (Imports) बढ़ेगा।

निर्यात वृद्धि (Export Growth) में संभावित गिरावट, क्योंकि:

  • संभावित अमेरिकी टैरिफ वृद्धि (US Tariff Hikes), जिससे व्यापार को झटका लग सकता है।
  • वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं के कारण चीन से आयात में वृद्धि।
  • FY26 में शुद्ध निर्यात (Net Exports) GDP वृद्धि पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।

निष्कर्ष

क्रिसिल का अनुमान बताता है कि भारत की अर्थव्यवस्था FY26 में 6.5% की स्थिर वृद्धि बनाए रखेगी, लेकिन निजी निवेश और व्यापारिक नीतियों में सुधार की आवश्यकता होगी। RBI की मुद्रास्फीति और तरलता नीति आर्थिक विकास को समर्थन दे सकती है, जबकि निर्यात पर संभावित वैश्विक चुनौतियां बनी रह सकती हैं।

विषय विवरण
क्यों चर्चा में? क्रिसिल ने FY26 के लिए भारत की GDP वृद्धि 6.5% रहने का पूर्वानुमान लगाया, रेपो दर में कटौती की संभावना जताई
GDP वृद्धि अनुमान (FY26) 6.5%
पिछले वर्ष की GDP वृद्धि (FY24) 9.2%
पूर्व-कोविड दशक का औसत (FY11-FY20) 6.6%
रेपो दर अपेक्षा (FY26) 50-75 आधार अंकों (bps) की कटौती
मुख्य विकास कारक सामान्य मानसून, स्थिर जिंस (कमोडिटी) कीमतें, निजी उपभोग में वृद्धि, निजी पूंजीगत व्यय (capex)
चुनौतियाँ राजकोषीय प्रोत्साहन (Fiscal Stimulus) में कमी, अमेरिकी टैरिफ बढ़ोतरी, वैश्विक व्यापार जोखिम
व्यापार परिदृश्य आयात मजबूत रहेगा, निर्यात कमजोर हो सकता है, शुद्ध निर्यात (Net Exports) GDP वृद्धि को धीमा कर सकता है

अजय सेठ ने राजस्व सचिव का अतिरिक्त प्रभार संभाला

अर्थव्यवस्था मामलों के सचिव अजय सेठ को राजस्व विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। यह घोषणा 1 मार्च 2025 को कार्मिक मंत्रालय द्वारा की गई। यह नियुक्ति तब आवश्यक हुई जब पूर्व राजस्व सचिव तुहिन कांत पांडे को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के नए अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया।

बदलाव की पृष्ठभूमि

27 फरवरी 2025 को तुहिन कांत पांडे को SEBI अध्यक्ष नियुक्त किया गया था, और उन्होंने 1 मार्च 2025 को औपचारिक रूप से कार्यभार ग्रहण किया। इस रिक्त पद को भरने के लिए सरकार ने अजय सेठ को अंतरिम राजस्व सचिव के रूप में नियुक्त किया, जिससे वे अर्थव्यवस्था मामलों के विभाग (DEA) के साथ-साथ राजस्व विभाग की जिम्मेदारी भी संभालेंगे।

अजय सेठ कौन हैं?

अजय सेठ एक वरिष्ठ नौकरशाह हैं, जो आर्थिक और वित्तीय नीतियों के विशेषज्ञ माने जाते हैं। अर्थव्यवस्था मामलों के सचिव के रूप में उन्होंने भारत की मैक्रोइकोनॉमिक नीतियों, राजकोषीय रणनीतियों और वित्तीय क्षेत्रीय नियमों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब राजस्व सचिव का प्रभार मिलने से उनकी प्रशासनिक दक्षता और सरकार के उन पर विश्वास को दर्शाता है।

राजस्व सचिव की भूमिका और जिम्मेदारियां

राजस्व सचिव कर नीतियों को तैयार करने और लागू करने, कर प्रशासन की निगरानी, और राजस्व संग्रह प्रक्रिया को प्रबंधित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनकी मुख्य जिम्मेदारियां हैं:

  • कर नीतियों (प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर) की देखरेख।
  • केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) और केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) जैसे प्रमुख राजस्व संगठनों के प्रदर्शन की निगरानी।
  • विभिन्न विभागों के साथ समन्वय, जिससे भारत की राजकोषीय और कराधान व्यवस्था सुचारू रूप से चले।
  • सरकार को राजस्व वृद्धि और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े नीतिगत निर्णयों पर परामर्श देना।

अजय सेठ की वित्तीय मामलों में विशेषज्ञता को देखते हुए यह उम्मीद की जा रही है कि वे इन जिम्मेदारियों को कुशलता से निभाएंगे।

तुहिन कांत पांडे की SEBI अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति

पूर्व राजस्व सचिव तुहिन कांत पांडे ने SEBI अध्यक्ष का कार्यभार ग्रहण कर लिया है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब वित्तीय बाजारों को मजबूत नियामक निगरानी और स्थिर नीतियों की आवश्यकता है। SEBI की मुख्य जिम्मेदारियां हैं:

  • सुरक्षा और पूंजी बाजारों का नियमन, जिससे निवेशकों के हित सुरक्षित रहें।
  • वित्तीय बाजारों में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए सुधार लागू करना।
  • शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय संस्थानों की निगरानी।
  • सुरक्षा कानूनों और कॉर्पोरेट गवर्नेंस मानदंडों का अनुपालन सुनिश्चित करना।

सरकार का निर्णय और भविष्य की योजना

सरकार ने अजय सेठ को राजस्व सचिव का अंतरिम प्रभार सौंपने को मंजूरी दी है, जब तक कि इस पद के लिए स्थायी नियुक्ति नहीं हो जाती। यह निर्णय राजस्व विभाग में नीति निर्माण और प्रशासन की निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।

उम्मीद की जा रही है कि आने वाले महीनों में एक स्थायी राजस्व सचिव की नियुक्ति की जाएगी। तब तक, अजय सेठ का दोहरी जिम्मेदारी संभालना वित्त मंत्रालय के भीतर स्थिरता और सुचारू प्रशासन सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

दक्षिण अफ्रीका के सबसे बुजुर्ग टेस्ट क्रिकेटर का निधन

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व टेस्ट क्रिकेटर रॉन ड्रेपर का 98 वर्ष और 63 दिनों की आयु में 25 फरवरी 2025 को ग्केबेर्हा (पूर्व में पोर्ट एलिज़ाबेथ) में निधन हो गया। ड्रेपर, जो एक शीर्ष क्रम के बल्लेबाज और कभी-कभी विकेटकीपर के रूप में खेले थे, ने 1950 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो टेस्ट मैच खेले थे। उनके निधन की पुष्टि 28 फरवरी 2025 को उनके दामाद नील थॉमसन ने की।

ड्रेपर का प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर बेहद प्रभावशाली रहा, जिसमें उन्होंने 41.64 की औसत से रन बनाए। उन्होंने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल कीं, जिनमें दक्षिण अफ्रीका की करी कप प्रतियोगिता (Currie Cup) में एक ही मैच में दो शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड शामिल है। उनके निधन के बाद, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर नील हार्वे (96 वर्ष) अब सबसे बुजुर्ग जीवित टेस्ट क्रिकेटर बन गए हैं।

रॉन ड्रेपर का जीवन और क्रिकेट करियर

व्यक्तिगत विवरण

  • पूरा नाम: रोनाल्ड ड्रेपर
  • जन्मतिथि: 24 दिसंबर 1926
  • जन्मस्थान: दक्षिण अफ्रीका
  • निधन तिथि: 25 फरवरी 2025 (आयु: 98 वर्ष, 63 दिन)
  • निधन स्थान: ग्केबेर्हा, दक्षिण अफ्रीका

क्रिकेट करियर

  • भूमिका: शीर्ष क्रम के बल्लेबाज, कभी-कभी विकेटकीपर
  • टेस्ट मैच खेले: 2 (ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ, 1950)

प्रथम श्रेणी करियर

  • शानदार शुरुआत: 19वें जन्मदिन पर, ईस्टर्न प्रोविंस के लिए ओरेंज फ्री स्टेट के खिलाफ शतक (100 रन) के साथ डेब्यू
  • उल्लेखनीय आँकड़े: प्रथम श्रेणी करियर का औसत 41.64
  • 1950 में चयन: 1949/50 सीजन में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 86 रन बनाए, जिसके बाद उन्हें टेस्ट टीम में जगह मिली।
  • टेस्ट रिकॉर्ड: 3 पारियों में कुल 25 रन
  • नील हार्वे के खिलाफ मुकाबला: ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज नील हार्वे के खिलाफ खेले, जिन्होंने दोनों मैचों में शतक जड़ा।

ऐतिहासिक उपलब्धियाँ

  • करी कप में दो शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी: 1952/53 सीजन में, ड्रेपर ने पहले दो मैचों में लंच से पहले शतक लगाया।
  • दूसरे मैच में दोहरा कारनामा: बॉर्डर टीम के खिलाफ दूसरी पारी में भी शतक लगाया, जिससे वे करी कप के इतिहास में यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए।

ड्रेपर से पहले के सबसे बुजुर्ग टेस्ट क्रिकेटर

  • नॉर्मन गॉर्डन (दक्षिण अफ्रीका): 103 वर्ष की उम्र तक जीवित रहे, 2016 में निधन।
  • जॉन वॉटकिन्स (दक्षिण अफ्रीका): 98 वर्ष की उम्र तक जीवित रहे, 2021 में निधन।

वर्तमान में सबसे बुजुर्ग जीवित टेस्ट क्रिकेटर

  • नील हार्वे (ऑस्ट्रेलिया): अब 96 वर्ष की उम्र में सबसे बुजुर्ग जीवित टेस्ट क्रिकेटर हैं।
सारांश/सांख्यिकी विवरण
क्यों खबर में? दक्षिण अफ्रीका में 98 वर्ष की उम्र में सबसे बुजुर्ग टेस्ट क्रिकेटर का निधन
पूरा नाम रोनाल्ड ड्रेपर
निधन स्थान ग्केबेर्हा, दक्षिण अफ्रीका
टेस्ट मैच 2 (दक्षिण अफ्रीका बनाम ऑस्ट्रेलिया, 1950)
टेस्ट में कुल रन 25 (3 पारियों में)
प्रथम श्रेणी करियर 1959/60 तक खेला, औसत: 41.64
प्रमुख उपलब्धि करी कप मैच में दो शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी
सबसे बुजुर्ग जीवित टेस्ट खिलाड़ी ड्रेपर के बाद नील हार्वे (ऑस्ट्रेलिया), 96 वर्ष

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2025, जानें तिथि, थीम, इतिहास, महत्व और उत्सव

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हर साल 8 मार्च को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मानित करना और लैंगिक समानता के प्रति जागरूकता फैलाना है। यह दिन महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है और समाज, अर्थव्यवस्था, संस्कृति और राजनीति में उनके योगदान को पहचान दिलाने के साथ-साथ उनके अधिकारों और अवसरों की वकालत करता है।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2025 – तिथि

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2025, शनिवार, 8 मार्च को मनाया जाएगा। इस विशेष दिन पर महिलाओं की उपलब्धियों का जश्न मनाया जाता है और समानता की दिशा में प्रयास किए जाते हैं। यह एक वैश्विक आयोजन है जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के योगदान को सराहा जाता है और उनके अधिकारों व अवसरों को सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाते हैं।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2025 की थीम

इस वर्ष की थीम है – “तेजी से कार्रवाई करें” (Accelerate Action)। यह थीम महिलाओं के जीवन को बेहतर बनाने के लिए तेज़ी से प्रगति करने की अपील करती है। यह लोगों, सरकारों और संगठनों को महिलाओं के उत्थान, समान अवसर प्रदान करने और भेदभाव समाप्त करने की दिशा में सक्रिय कदम उठाने के लिए प्रेरित करती है।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

20वीं सदी की शुरुआत में महिलाओं ने अपने अधिकारों और बेहतर कार्य स्थितियों की माँग शुरू की थी। 1908 में, न्यूयॉर्क में 15,000 महिलाओं ने उचित वेतन और मतदान अधिकारों की माँग करते हुए मार्च निकाला।

1909 में, अमेरिका ने पहली बार “राष्ट्रीय महिला दिवस” मनाया। 1910 में, जर्मन कार्यकर्ता क्लारा ज़ेटकिन ने इसे एक अंतरराष्ट्रीय आयोजन बनाने का सुझाव दिया। 1911 में, कई देशों में पहली बार अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया।

1917 में, रूस की महिलाओं ने हड़ताल कर बेहतर परिस्थितियों की माँग की, जिससे 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मान्यता मिली। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने 1975 में इसे औपचारिक रूप से मान्यता दी, जिससे यह एक महत्वपूर्ण वैश्विक आयोजन बन गया।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2025 का महत्व

यह दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह:

  1. महिलाओं की उपलब्धियों का जश्न मनाता है – शिक्षा, व्यापार, राजनीति, विज्ञान और अन्य क्षेत्रों में महिलाओं की सफलता को सम्मानित करता है।
  2. लैंगिक समानता के प्रति जागरूकता बढ़ाता है – यह दिन महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों और समान अवसरों की आवश्यकता की याद दिलाता है।
  3. महिलाओं के अधिकारों के लिए कार्रवाई को प्रेरित करता है – सरकारें, संगठन और व्यक्ति महिलाओं के जीवन को बेहतर बनाने और भेदभाव समाप्त करने के लिए कदम उठाते हैं।

कैसे मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस?

इस दिन विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जैसे:

  • कार्यक्रम और संगोष्ठियां – स्कूलों, कॉलेजों और कार्यस्थलों पर महिलाओं के अधिकारों पर चर्चा और कार्यशालाएं आयोजित की जाती हैं।
  • प्रेरणादायक महिलाओं को सम्मानित करना – समाज में विशेष योगदान देने वाली महिलाओं को पुरस्कार दिए जाते हैं।
  • सोशल मीडिया अभियान – लोग प्रेरणादायक कहानियाँ और संदेश साझा कर लैंगिक समानता का समर्थन करते हैं।
  • रैलियां और मार्च – कार्यकर्ता और संगठन महिलाओं के समान अधिकारों की माँग को लेकर प्रदर्शन करते हैं।

 

खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2025: गुलमर्ग में 9 से 12 मार्च तक होंगे मुकाबले

जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध स्की रिसॉर्ट गुलमर्ग में खेलो इंडिया विंटर गेम्स (KIWG) 2025 का आयोजन 9 से 12 मार्च तक किया जाएगा। पहले यह बहुप्रतीक्षित आयोजन 22 से 25 फरवरी तक होना था, लेकिन पर्याप्त बर्फबारी न होने के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। अब क्षेत्र में मध्यम से भारी हिमपात होने के बाद, खेल परिषद ने पुष्टि की है कि गुलमर्ग इस प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है।

आयोजन की पुनर्निर्धारण प्रक्रिया

इन खेलों को पहले 22 से 25 फरवरी तक आयोजित होना था लेकिन गुलमर्ग में बर्फ की कमी के कारण इसे स्थगित करना पड़ा था। कश्मीर में इस साल हिमपात काफी कम हुआ है। मुख्यमंत्री ने जम्मू में सिविल सचिवालय में खेलो इंडिया शीतकालीन खेलों 2025 (केआईडटल्यूजी2025 डॉट कॉम) की आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च की। उन्होंने इस मौके पर आयोजकों को शुभकामनाएं दीं और आयोजन की तैयारियों और तारीखों को अंतिम रूप देने के बारे में जानकारी ली।

खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2025 में खेलों की सूची

इस साल के विंटर गेम्स में कई प्रमुख शीतकालीन खेलों को शामिल किया गया है, जिनमें शामिल हैं:

  • ऐल्पाइन स्कीइंग
  • नॉर्डिक स्कीइंग
  • स्की माउंटेनियरिंग
  • स्नोबोर्डिंग

ये प्रतिस्पर्धाएँ गुलमर्ग के विभिन्न स्थानों पर आयोजित की जाएंगी, जो अपनी विश्व स्तरीय स्कीइंग सुविधाओं और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है।

प्रतिभागिता और संभावित उपस्थिति

जम्मू-कश्मीर खेल परिषद के अनुसार, इस प्रतियोगिता में 30 टीमों के लगभग 1,000 एथलीट और अधिकारी भाग लेंगे। विभिन्न राज्यों और खेल बोर्डों से आने वाले ये खिलाड़ी अपनी स्किल का प्रदर्शन करेंगे। यह आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इसमें शीर्ष स्तर के खिलाड़ी शामिल होंगे।

कश्मीर में वर्तमान मौसम स्थिति

खेलों की तैयारियों के बीच, कश्मीर घाटी में हाल ही में बारिश और बर्फबारी देखने को मिली, जिससे दिन के तापमान में गिरावट आई है। सोमवार सुबह मैदानों में मध्यम वर्षा हुई, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी दर्ज की गई।

आगामी दिनों के लिए मौसम पूर्वानुमान

  • मौसम विज्ञान विभाग के निदेशक मुख्तार अहमद के अनुसार:
  • कश्मीर के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो रही है।
  • उत्तर और मध्य कश्मीर के कुछ ऊंचाई वाले इलाकों में मध्यम से भारी हिमपात हो सकता है।
  • 5 मार्च से मौसम में सुधार की संभावना है, और आगामी एक सप्ताह तक स्थिर रहेगा।
  • हालांकि, 10 से 12 मार्च के बीच फिर से बारिश और बर्फबारी की संभावना है।

बर्फबारी और बारिश से संभावित खतरे

मौसम विभाग ने कुछ संभावित खतरों को लेकर चेतावनी जारी की है, जिसमें शामिल हैं:

  • भूस्खलन
  • चट्टानों का गिरना
  • कीचड़ धंसने की घटनाएं
  • हिमस्खलन-प्रवण क्षेत्रों में खतरा

विशेष रूप से पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में ये घटनाएँ हो सकती हैं। किसानों को 4 मार्च तक सिंचाई और अन्य कृषि कार्य रोकने की सलाह दी गई है ताकि किसी प्रकार के नुकसान से बचा जा सके।

कश्मीर के विभिन्न क्षेत्रों में तापमान स्थिति

हाल ही में मौसम में आए बदलाव के कारण जम्मू-कश्मीर के विभिन्न क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान इस प्रकार रहा:

  • श्रीनगर4.9°C
  • गुलमर्ग (सबसे ठंडा क्षेत्र) – -4.3°C
  • पहलगाम-0.8°C
  • कुपवाड़ा0.1°C

खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2025 को लेकर अब सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, और गुलमर्ग इस रोमांचक आयोजन के लिए पूरी तरह तैयार है!

विषय विवरण
क्यों चर्चा में? जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2025 का आयोजन 9 से 12 मार्च तक होगा। यह पहले अपर्याप्त बर्फबारी के कारण स्थगित कर दिया गया था।
स्थगन का कारण यह आयोजन 22-25 फरवरी के लिए निर्धारित था, लेकिन पर्याप्त बर्फबारी न होने के कारण इसे आगे बढ़ाया गया। 25-28 फरवरी के बीच 113 सेमी हिमपात होने के बाद खेलों के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बन गईं।
मुख्य खेल इवेंट ऐल्पाइन स्कीइंग
नॉर्डिक स्कीइंग
स्की माउंटेनियरिंग
स्नोबोर्डिंग
प्रतिभागिता – विभिन्न राज्यों और खेल बोर्डों की 30 टीमें
– लगभग 1,000 एथलीट और अधिकारी भाग लेंगे
मौसम की स्थिति – कश्मीर में नई बर्फबारी और वर्षा
– उत्तर और मध्य कश्मीर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी
मौसम पूर्वानुमान 5 मार्च से मौसम में सुधार
10-12 मार्च के बीच फिर से बारिश और बर्फबारी की संभावना
बर्फबारी से संभावित खतरे भूस्खलन
चट्टानों का गिरना
पत्थरों का गिरना
कीचड़ धंसने की घटनाएँ
किसानों को 4 मार्च तक कृषि कार्य रोकने की सलाह
तापमान स्तर श्रीनगर: 4.9°C (न्यूनतम)
गुलमर्ग: -4.3°C (सबसे ठंडा क्षेत्र)
पहलगाम: -0.8°C (न्यूनतम)
कुपवाड़ा: 0.1°C (न्यूनतम)

उरुग्वे में ओरसी ने ली राष्ट्रपति पद की शपथ

यमांडू ओरसी ने 1 मार्च 2025 को उरुग्वे के राष्ट्रपति पद की शपथ ली, जिससे देश में वामपंथी ब्रॉड फ्रंट गठबंधन की सत्ता में वापसी हुई। यह परिवर्तन पांच वर्षों के रूढ़िवादी शासन के बाद आया है। इतिहास के पूर्व शिक्षक और मेयर रह चुके ओरसी ने सामाजिक सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने और आर्थिक मंदी से निपटने का वादा किया है। हालांकि, उनकी सबसे बड़ी चुनौती वामपंथी समर्थकों की अपेक्षाओं और निवेशकों के विश्वास के बीच संतुलन बनाए रखना होगी। उनके कार्यकाल को श्रम विवादों, वित्तीय सीमाओं और अंतरराष्ट्रीय दबावों के बीच सावधानीपूर्वक देखा जाएगा।

यमांडू ओरसी के शपथ ग्रहण और नीतियों के प्रमुख बिंदु

1. शपथ ग्रहण और राजनीतिक परिदृश्य

  • 57 वर्षीय यमांडू ओरसी ने 1 मार्च 2025 को मोंटेवीडियो में संसद के समक्ष राष्ट्रपति पद की शपथ ली।
  • हजारों उरुग्वेयन नागरिकों ने शहर के मुख्य चौक में बड़ी स्क्रीन पर यह समारोह देखा।
  • यह चुनाव शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक था, जो लैटिन अमेरिका में बढ़ती राजनीतिक ध्रुवीकरण की प्रवृत्ति के विपरीत माना जा रहा है।
  • उनके कार्यकाल की शुरुआत ब्रॉड फ्रंट गठबंधन की सत्ता में वापसी के रूप में हुई, जो लुइस लकाले पो (केन्द्र-दक्षिणपंथी) के पांच साल के शासन के बाद संभव हुई।

2. राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियां

  • ओरसी को एक ऐसे देश की अर्थव्यवस्था विरासत में मिली है, जो आर्थिक ठहराव, बढ़ती असमानता और अपराध दर जैसी समस्याओं से जूझ रहा है।
  • वामपंथी सहयोगी उनसे कठोर वित्तीय नियंत्रण (ऑस्टेरिटी) उपायों को समाप्त करने का दबाव बना रहे हैं, जबकि उन्हें उरुग्वे की आर्थिक प्रतिस्पर्धात्मकता बनाए रखनी होगी।
  • व्यावसायिक समुदाय इस बात को लेकर सतर्क है कि ओरसी व्यावहारिक नीति अपनाते हैं या अपने दल के कट्टरपंथी आधार की ओर झुकते हैं।
  • पेंशन प्रणाली सुधार एक प्रमुख मुद्दा बना हुआ है, जहां उन्हें पेंशन वृद्धि की मांगों और बजट स्थिरता के बीच संतुलन बनाना होगा।

3. सामाजिक और श्रमिक मुद्दे

  • उरुग्वे के शक्तिशाली ट्रेड यूनियन श्रमिक हितैषी नीतियों की मांग कर रहे हैं, जिससे उद्योग जगत के साथ तनाव बढ़ रहा है।
  • जापानी ऑटो पार्ट्स निर्माता याजाकी (Yazaki) ने श्रम लागत और उत्पादन खर्च अधिक होने के कारण अपने परिचालन को बंद कर दिया, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
  • उनके श्रम मंत्री जुआन कास्तिलो (एक कम्युनिस्ट नेता) मज़दूर हितों की रक्षा की वकालत कर रहे हैं, जिससे सरकार पर दबाव और बढ़ सकता है।

4. ओरसी की शासन नीति

  • वह संवाद और एकता की वकालत करते हुए कहते हैं, “हम हमेशा प्रतिद्वंदी रह सकते हैं, लेकिन कभी दुश्मन नहीं।”
  • उनका लक्ष्य आर्थिक विकास को पुनर्जीवित करते हुए प्रगतिशील सामाजिक नीतियों को बनाए रखना है।
  • “सुरक्षित बदलाव” (Safe Change) की नीति अपनाते हुए वे धीरे-धीरे सुधार लागू करने की योजना बना रहे हैं, बजाय किसी कठोर बदलाव के।
  • वे यूनियन की मांगों और आर्थिक स्थिरता के बीच संतुलन बनाकर देश की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करना चाहते हैं।

RBI ने अनुपालन में चूक के लिए एचएसबीसी, आईआईएफएल समस्ता पर जुर्माना लगाया

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नियामक उल्लंघनों के कारण द हांगकांग एंड शंघाई बैंकिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HSBC) और IIFL समस्ता फाइनेंस लिमिटेड पर मौद्रिक जुर्माना लगाया है। HSBC पर ₹66.6 लाख का जुर्माना लगाया गया, जो “नो योर कस्टमर” (KYC) मानदंडों, असंरक्षित विदेशी मुद्रा जोखिम की रिपोर्टिंग, और जमा ब्याज दर नियमों के उल्लंघन से संबंधित था। वहीं, IIFL समस्ता फाइनेंस पर ₹33.1 लाख का जुर्माना लगाया गया, जिसमें ऋण वितरण से पहले ब्याज वसूलना, एनपीए (NPA) का गलत वर्गीकरण, और ग्राहक पहचान प्रथाओं में गड़बड़ी जैसी कई अनियमितताएं पाई गईं। इसके अलावा, महाराष्ट्र के तीन सहकारी बैंकों पर भी नियामक गैर-अनुपालन के लिए दंड लगाया गया।

RBI की कार्रवाई के मुख्य बिंदु

HSBC पर ₹66.6 लाख का जुर्माना

  • यह उल्लंघन 31 मार्च 2023 की वित्तीय स्थिति के आधार पर की गई वैधानिक जांच के दौरान सामने आया।
  • प्रमुख अनुपालन विफलताएं:
    • मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक (AML) अलर्ट की समीक्षा का कार्य एक ग्रुप कंपनी को आउटसोर्स किया।
    • कुछ उधारकर्ताओं के असंरक्षित विदेशी मुद्रा जोखिम की जानकारी क्रेडिट सूचना कंपनियों को नहीं दी।
    • अयोग्य संस्थाओं के लिए बचत खाता खोला।
  • RBI ने स्पष्ट किया कि यह जुर्माना केवल नियामक खामियों के लिए लगाया गया है और ग्राहक लेन-देन की वैधता पर सवाल नहीं उठाता।

IIFL समस्ता फाइनेंस पर ₹33.1 लाख का जुर्माना

  • निम्नलिखित नियामक उल्लंघनों का दोषी पाया गया:
    • ऋण वितरण से पहले ही ब्याज वसूलना।
    • गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA) का गलत वर्गीकरण।
    • अद्वितीय ग्राहक पहचान कोड (UCIC) के स्थान पर एक ही ग्राहक को कई पहचान कोड आवंटित करना।

महाराष्ट्र के सहकारी बैंकों पर जुर्माना

  • बॉम्बे मर्केंटाइल कोऑपरेटिव बैंक – बैंकिंग नियमों के उल्लंघन पर ₹33.3 लाख का जुर्माना।
  • लासलगांव मर्चेंट्स कोऑपरेटिव बैंक – परिसंपत्ति वर्गीकरण मानदंडों के अनुपालन में विफल रहने पर ₹1 लाख का जुर्माना।
  • बिजनेस कोऑपरेटिव बैंक – नियामक उल्लंघनों के लिए ₹1 लाख का दंड।
सारांश/स्थिर विवरण विवरण
क्यों चर्चा में? RBI ने HSBC और IIFL समस्ता फाइनेंस पर अनुपालन संबंधी चूक के लिए जुर्माना लगाया
HSBC ₹66.6 लाख जुर्माना – KYC उल्लंघन, विदेशी मुद्रा जोखिम की गलत रिपोर्टिंग, और अयोग्य संस्थाओं के लिए बचत खाता खोलने पर
IIFL समस्ता फाइनेंस ₹33.1 लाख जुर्माना – ऋण वितरण से पहले ब्याज वसूलना, NPA का गलत वर्गीकरण, और UCIC के बजाय कई ग्राहक आईडी आवंटित करना
बॉम्बे मर्केंटाइल कोऑपरेटिव बैंक ₹33.3 लाख जुर्माना – बैंकिंग नियमों के उल्लंघन के लिए
लासलगांव मर्चेंट्स कोऑपरेटिव बैंक ₹1 लाख जुर्माना – परिसंपत्ति वर्गीकरण मानदंडों के अनुपालन में विफलता
बिजनेस कोऑपरेटिव बैंक ₹1 लाख जुर्माना – नियामक अनुपालन में चूक

ICC Champions Trophy 2025: भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया का हेड-टू-हेड रिकॉर्ड

भारत ने ग्रुप ए के लीग मैचों में न्यूजीलैंड को हराकर छह अंकों के साथ अंक तालिका में पहला स्थान हासिल किया। हालांकि न्यूजीलैंड और भारत दोनों सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई कर चुके थे, लेकिन यह मुकाबला यह तय करने के लिए महत्वपूर्ण था कि ग्रुप बी से सेमीफाइनल में पहुंचने वाली ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका की टीमों के खिलाफ कौन खेलेगा। इसी बीच, भारत ने अब तक 57 मैचों में जीत दर्ज की है, जबकि 10 मुकाबले बिना किसी परिणाम के समाप्त हुए हैं।

भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया वनडे क्रिकेट हेड-टू-हेड रिकॉर्ड

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच अब तक 151 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय (ODI) मुकाबले खेले गए हैं, जिसमें ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा भारी रहा है। ऑस्ट्रेलिया ने 84 मैचों में जीत हासिल की है, जबकि भारत ने 57 बार जीत दर्ज की है।

शेष 10 मुकाबले बिना किसी परिणाम के समाप्त हुए, जबकि कोई भी मैच टाई नहीं हुआ। घरेलू मैदान पर भारत ने 33 मैच जीते, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने 38 बार जीत दर्ज की। विदेशी मैदानों पर भारत ने 14 मैचों में जीत हासिल की, वहीं ऑस्ट्रेलिया ने 34 बार बाजी मारी। तटस्थ स्थानों पर भारत ने 10 और ऑस्ट्रेलिया ने 12 मैच जीते।

कुल मैच भारत की जीत ऑस्ट्रेलिया की जीत कोई परिणाम नहीं टाई घरेलू मैदान पर जीत विदेश में जीत तटस्थ स्थानों पर जीत
151 57 84 10 0 33 14 10
38 34 12

आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025: भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया हेड-टू-हेड रिकॉर्ड

आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच अब तक 4 मुकाबले खेले गए हैं, जिसमें भारत को बढ़त हासिल है। भारत ने 2 मैच जीते हैं, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने 1 बार जीत दर्ज की है। एक मुकाबला बिना किसी परिणाम के समाप्त हुआ या रद्द कर दिया गया।

कुल मैच भारत की जीत ऑस्ट्रेलिया की जीत कोई परिणाम नहीं / रद्द
4 2 1 1

राष्ट्रीय रक्षा दिवस: तिथि, महत्व, उद्देश्य

राष्ट्रीय रक्षा दिवस प्रत्येक वर्ष 3 मार्च को भारत में मनाया जाता है ताकि सशस्त्र बलों के बलिदान और वीरता को सम्मानित किया जा सके, जिन्होंने देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा की है। वर्ष 2025 में इस दिवस की 87वीं वर्षगांठ मनाई गई। यह दिन भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के साहस और समर्पण को श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ बाहरी और आंतरिक खतरों से राष्ट्र की सुरक्षा में उनकी भूमिका को पहचानने का अवसर प्रदान करता है।

राष्ट्रीय रक्षा दिवस 2023 की प्रमुख विशेषताएं

थीम: अभी घोषित नहीं हुई
तारीख: 3 मार्च
उद्देश्य: भारतीय सशस्त्र बलों को श्रद्धांजलि अर्पित करना और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को स्वीकार करना।

राष्ट्रीय रक्षा दिवस का आयोजन

आधिकारिक समारोह

  • पूरे देश में परेड और ध्वजारोहण समारोह आयोजित किए जाते हैं।
  • शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए युद्ध स्मारकों पर पुष्पांजलि अर्पित की जाती है।
  • भारतीय सशस्त्र बलों की क्षमताओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के लिए प्रदर्शनी और सैन्य प्रदर्शन किए जाते हैं।

शैक्षिक गतिविधियां

  • स्कूलों और कॉलेजों में राष्ट्रीय सुरक्षा पर सेमिनार, वाद-विवाद और व्याख्यान आयोजित किए जाते हैं।
  • रक्षा और सशस्त्र बलों के योगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं।

सामुदायिक भागीदारी

  • सैनिकों और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए रक्तदान शिविर और अन्य सेवाएं प्रदान की जाती हैं।
  • रक्षा कर्मियों के प्रति आभार प्रकट करने के लिए मिठाइयों और धन्यवाद पत्रों का वितरण किया जाता है।

राष्ट्रीय रक्षा दिवस का इतिहास

  • पहली बार 3 मार्च 1933 को मनाया गया।
  • उस समय के वायसराय लॉर्ड इरविन द्वारा प्रथम विश्व युद्ध में भारतीय सैनिकों के योगदान को मान्यता देने के लिए स्थापित किया गया।
  • यह 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की वीरता को भी स्मरण करता है, जिसमें भारतीय सैनिकों ने स्वतंत्रता की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

राष्ट्रीय रक्षा दिवस का महत्व

  • उन सैनिकों के बलिदानों को सम्मानित करता है जिन्होंने देश की संप्रभुता के लिए अपने प्राण न्योछावर किए।
  • बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य में राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्व को उजागर करता है।
  • भारतीय सशस्त्र बलों की बहादुरी, धैर्य और पेशेवर कौशल की याद दिलाता है।
  • जनता और रक्षा बलों के बीच संबंधों को मजबूत कर देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता को प्रोत्साहित करता है।
सारांश/स्थिर विवरण विवरण
क्यों चर्चा में? राष्ट्रीय रक्षा दिवस, तिथि, महत्व, उद्देश्य
कब मनाया जाता है? प्रत्येक वर्ष 3 मार्च
पहली बार मनाया गया 3 मार्च 1933
स्थापना किसने की? लॉर्ड इरविन (भारत के वायसराय)
महत्व सशस्त्र बलों के बलिदानों को सम्मान देना, राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना, देशभक्ति को प्रोत्साहित करना
उत्सव और आयोजन परेड, ध्वजारोहण, पुष्पांजलि अर्पण, प्रदर्शनी, शैक्षिक कार्यक्रम, रक्तदान शिविर
ऐतिहासिक महत्व प्रथम विश्व युद्ध में भारतीय सैनिकों के योगदान और 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की वीरता को मान्यता देना

 

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