भारतीय सेना दिवस 2026: इतिहास, महत्व, परेड की मुख्य बातें

भारतीय सेना दिवस हर वर्ष 15 जनवरी को भारत के सैनिकों के साहस, अनुशासन और बलिदान को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है। भारतीय सेना दिवस 2026 विशेष है क्योंकि इस वर्ष भव्य सेना दिवस परेड जयपुर में आयोजित की जा रही है। यह पहली बार है जब यह आयोजन किसी छावनी (कैंटोनमेंट) के बाहर सार्वजनिक क्षेत्र में हो रहा है। यह दिवस स्वतंत्रता के बाद भारत की सैन्य यात्रा में हुए एक ऐतिहासिक नेतृत्व परिवर्तन की भी याद दिलाता है।

क्यों है खबरों में?

भारतीय सेना दिवस 15 जनवरी 2026 को मनाया जा रहा है और इस अवसर पर सेना दिवस परेड जयपुर, राजस्थान में आयोजित हुई। यह पहली बार है जब परेड किसी कैंटोनमेंट के बाहर सार्वजनिक स्थान पर हुई, जिससे आम नागरिकों को भारतीय सेना की शक्ति और क्षमताओं को निकट से देखने का अवसर मिला।

भारतीय सेना दिवस का इतिहास

भारतीय सेना दिवस भारत के सैन्य इतिहास के एक निर्णायक क्षण को स्मरण करता है। 15 जनवरी 1949 को जनरल के. एम. करियप्पा ने भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ के रूप में पदभार ग्रहण किया और फ्रांसिस रॉय बुचर का स्थान लिया। यह परिवर्तन स्वतंत्रता के बाद भारत द्वारा अपनी रक्षा सेनाओं पर पूर्ण नियंत्रण का प्रतीक था। तभी से 15 जनवरी को भारतीय सेना दिवस के रूप में मनाया जाता है।

भारतीय सेना दिवस का महत्व

  • यह दिवस देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करता है, जो विषम भौगोलिक और कठिन परिस्थितियों में तैनात रहते हैं।
  • सेना की राष्ट्रीय सुरक्षा, आपदा राहत, और शांति स्थापना अभियानों में भूमिका को रेखांकित किया जाता है।
  • इस अवसर पर वीरता पुरस्कार और सेना मेडल घोषित किए जाते हैं। देशभर में शैक्षणिक संस्थान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर देशभक्ति और सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान को सुदृढ़ करते हैं।

भारतीय सेना दिवस परेड 2026

  • भारतीय सेना दिवस परेड 2026 का आयोजन महाल रोड, जगतपुरा, जयपुर में किया जा रहा है। इससे पहले यह परेड परंपरागत रूप से दिल्ली के कैंटोनमेंट क्षेत्र में आयोजित होती थी।
  • हाल के वर्षों में यह परेड विभिन्न शहरों में आयोजित की गई है, जैसे बेंगलुरु (2023), लखनऊ (2024) और पुणे (2025)। जयपुर 2026 एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, क्योंकि यह पहली बार है जब सेना दिवस परेड किसी सार्वजनिक क्षेत्र में आयोजित की जा रही है, ठीक गणतंत्र दिवस परेड की तरह।
  • यह आयोजन भारतीय सेना की सैन्य शक्ति और क्षमताओं को व्यापक नागरिक समाज के सामने प्रदर्शित करता है।

परेड 2026 की प्रमुख झलकियाँ

  • परेड में भारतीय सेना की 30 से अधिक इकाइयाँ भाग ले रही हैं, जिनमें पैदल सेना के मार्चिंग दल, यांत्रिक स्तंभ और आधुनिक युद्ध मंच शामिल हैं।
  • इस दौरान उन्नत हथियार प्रणालियाँ, टैंक, ड्रोन और तोपखाना भी प्रदर्शित किए जा रहे हैं।
  • सेना विमानन के हेलीकॉप्टरों और वायुसेना के लड़ाकू विमानों द्वारा किया गया हवाई फ्लाइपास्ट परेड के आकर्षण को और बढ़ाता है।
  • इस वर्ष का प्रमुख आकर्षण नवगठित भैरव बटालियन की पहली सार्वजनिक प्रस्तुति है, जो भविष्य के लिए तैयार आधुनिक और तकनीक-आधारित युद्ध इकाइयों पर भारतीय सेना के बढ़ते फोकस को दर्शाती है।

भैरव बटालियन: नई युद्धक शक्ति

  • भैरव बटालियन का गठन ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय सेना के पुनर्गठन के तहत किया गया है।
  • यह इकाई पैरा स्पेशल फोर्सेज़ और सामान्य पैदल सेना के बीच स्थापित की गई है और इसे ड्रोन-सक्षम, बहु-डोमेन तथा उच्च तीव्रता वाले अभियानों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है।
  • इसका उद्देश्य आधुनिक हाइब्रिड युद्ध परिदृश्यों में त्वरित और सटीक आक्रामक प्रतिक्रिया प्रदान करना है।
  • भैरव बटालियन भारतीय सेना के तकनीक-आधारित, लचीले और भविष्य-तैयार युद्ध संरचनाओं की ओर बढ़ते कदम का प्रतीक है।

दिसंबर 2025 में थोक महंगाई बढ़कर 0.83% हुई

भारत की थोक महंगाई (WPI) दिसंबर 2025 में पिछले दो महीनों की अपस्फीति (डिफ्लेशन) के बाद हल्की बढ़त के साथ फिर से सकारात्मक स्तर पर आ गई। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार खाद्य वस्तुओं, विनिर्मित उत्पादों और गैर-खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण थोक महंगाई में यह उछाल देखा गया। यह रुझान ऐसे समय में सामने आया है जब खुदरा महंगाई कम बनी हुई है और भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति रुख अपेक्षाकृत उदार है।

समाचार में क्यों?

दिसंबर 2025 में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई बढ़कर 0.83% हो गई। अक्टूबर और नवंबर 2025 में अपस्फीति दर्ज होने के बाद यह फिर से सकारात्मक क्षेत्र में लौटी है।

थोक महंगाई का रुझान

  • थोक महंगाई के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि अर्थव्यवस्था में अपस्फीति के दबाव धीरे-धीरे कम हो रहे हैं। अक्टूबर 2025 में WPI महंगाई -1.21%, नवंबर में -0.32% रही थी, जबकि दिसंबर में 0.83% की सकारात्मक दर दर्ज की गई। इससे मांग की स्थिति में सुधार और इनपुट कीमतों के स्थिर होने के संकेत मिलते हैं।
  • हालांकि, दिसंबर 2024 में WPI महंगाई 2.57% थी, जिसकी तुलना में मौजूदा स्तर अभी भी काफी कम है। यह रुझान वैश्विक जिंस कीमतों में नरमी और घरेलू मांग के नियंत्रण के बीच औद्योगिक गतिविधियों में धीरे-धीरे सुधार को दर्शाता है।

बढ़ोतरी के प्रमुख कारण

  • थोक महंगाई में बढ़ोतरी का मुख्य कारण विनिर्मित उत्पादों, खनिजों तथा मशीनरी एवं उपकरणों की कीमतों में वृद्धि रही।
  • विनिर्मित उत्पादों की महंगाई नवंबर के 1.33% से बढ़कर दिसंबर में 1.82% हो गई, जो उत्पादन लागत में वृद्धि को दर्शाती है।
  • गैर-खाद्य वस्तुओं की महंगाई 2.95% तक पहुंच गई, जिसका कारण तिलहन और रेशों जैसे कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी है।
  • हालांकि खाद्य वस्तुएं अभी भी अपस्फीति में रहीं, लेकिन इसकी तीव्रता कम होने से कुल WPI पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा।

खाद्य और ईंधन कीमतों की स्थिति

  • दिसंबर में खाद्य वस्तुओं में 0.43% की अपस्फीति रही, जो नवंबर के 4.16% की तुलना में काफी कम है।
  • विशेष रूप से सब्जियों की कीमतों में अपस्फीति घटकर 3.50% रह गई, जबकि पहले यह 20.23% तक थी।
  • वहीं ईंधन और बिजली श्रेणी में महंगाई -2.31% पर बनी रही, जिसका कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों में गिरावट है। इससे आपूर्ति-पक्षीय दबाव कम होने का संकेत मिलता है, हालांकि इसका पूर्ण असर थोक कीमतों में अभी नहीं दिखा है।

खुदरा महंगाई और RBI की नीति पृष्ठभूमि

  • उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित खुदरा महंगाई दिसंबर में 0.71% से बढ़कर 1.33% हो गई, जिसका मुख्य कारण खाद्य कीमतों में बढ़ोतरी है।
  • भारतीय रिज़र्व बैंक ब्याज दरें तय करते समय मुख्य रूप से खुदरा महंगाई को ध्यान में रखता है। वित्त वर्ष 2025–26 में RBI ने नीति दरों में 1.25 प्रतिशत अंक की कटौती करते हुए रेपो दर को 5.25% कर दिया है और मौजूदा स्थिति को उच्च विकास व कम महंगाई वाला “गोल्डीलॉक्स दौर” बताया है।

WPI महंगाई क्या है?

  • थोक मूल्य सूचकांक (WPI) थोक स्तर पर कीमतों में होने वाले बदलाव को मापता है, जो उपभोक्ताओं की बजाय उत्पादकों पर पड़ने वाले लागत दबाव को दर्शाता है।
  • इसमें प्राथमिक वस्तुएं, ईंधन एवं बिजली तथा विनिर्मित उत्पाद शामिल होते हैं।
  • हालांकि WPI औद्योगिक लागत और मूल्य दबाव समझने में महत्वपूर्ण है, लेकिन मौद्रिक नीति निर्णयों में खुदरा महंगाई (CPI) की तुलना में इसकी भूमिका सीमित होती है।

त्रिपुरा ग्रामीण बैंक ने भारत की पहली सोलर-पावर्ड ATM वैन लॉन्च की

सतत और समावेशी बैंकिंग को एक बड़ा प्रोत्साहन देते हुए, त्रिपुरा ग्रामीण बैंक ने जनवरी 2026 में भारत का पहला पूर्णतः सौर ऊर्जा से संचालित मोबाइल एटीएम वैन लॉन्च किया। ‘टीजीबी ऑन व्हील्स’ नामक यह अभिनव पहल ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों में निर्बाध एटीएम एवं बुनियादी बैंकिंग सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है, खासकर उन इलाकों में जहाँ बिजली आपूर्ति अस्थिर या अनुपलब्ध रहती है।

क्यों है खबरों में?

जनवरी 2026 में त्रिपुरा ग्रामीण बैंक भारत का पहला क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB) बना जिसने पूरी तरह सौर ऊर्जा पर आधारित मोबाइल एटीएम वैन की शुरुआत की। यह पहल पर्यावरण-अनुकूल बैंकिंग को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण भारत में वित्तीय समावेशन को मजबूत करती है।

‘टीजीबी ऑन व्हील्स’ क्या है?

‘टीजीबी ऑन व्हील्स’ एक मोबाइल एटीएम वैन है जो पूरी तरह सौर ऊर्जा से संचालित होती है और पारंपरिक बिजली या डीज़ल जनरेटर पर निर्भर नहीं रहती। इसके माध्यम से नकद निकासी और खाते से जुड़ी बुनियादी सेवाएँ गाँवों और आंतरिक क्षेत्रों तक पहुँचाई जाती हैं। ग्रिड बिजली से स्वतंत्र होने के कारण यह वैन बिजली कटौती के दौरान भी कार्यशील रहती है, जिससे ग्रामीण समुदायों को विश्वसनीय, सुलभ और पर्यावरण-संवहनीय बैंकिंग सेवाएँ मिलती हैं।

पहल की पृष्ठभूमि

मोबाइल एटीएम वैन की अवधारणा जुलाई 2023 में सामने आई थी, जब केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने त्रिपुरा दौरे के दौरान त्रिपुरा ग्रामीण बैंक की इस पहल का उद्घाटन किया। इसके बाद बैंक ने इसे 100% सौर ऊर्जा से संचालित कर भारत के जलवायु और स्थिरता लक्ष्यों के अनुरूप उन्नत किया।

नाबार्ड और संस्थागत सहयोग की भूमिका

यह परियोजना राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के सहयोग से शुरू की गई है। नाबार्ड ग्रामीण अवसंरचना, वित्तीय समावेशन और सतत विकास को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाता है। उसके सहयोग से टीजीबी स्वच्छ ऊर्जा समाधान अपनाने और बैंकिंग पहुंच बढ़ाने में सफल रहा। यह साझेदारी जमीनी स्तर पर हरित नवाचार को सक्षम बनाने का उदाहरण है।

वर्तमान स्थिति और कवरेज

फिलहाल त्रिपुरा के विभिन्न क्षेत्रों में तीन सौर ऊर्जा से संचालित एटीएम वैन कार्यरत हैं। ये वैन उन ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों को सेवा दे रही हैं जहाँ स्थायी बैंकिंग अवसंरचना सीमित है। इस पहल से परिचालन लागत में कमी, सेवा की विश्वसनीयता में वृद्धि और ग्राहकों की सुविधा में सुधार हुआ है। साथ ही, यह क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के माध्यम से अंतिम छोर तक बैंकिंग सेवाएँ पहुँचाने के सरकारी प्रयासों को भी मजबूती प्रदान करती है।

गोल्डन ग्लोब 2026: विजेताओं की पूरी सूची और मुख्य बातें

गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स 2026 के विनर्स का ऐलान हो चुका है। अमेरिकन स्टैंड-अप कॉमेडियन और एक्ट्रेस निक्की ग्लेजर ने लगातार दूसरे साल भी इस इवेंट को होस्ट किया और इस साल के विनर्स की घोषणा की। यहां इस साल के गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स के सभी विजेताओं के बारे में पूरी जानकारी दी गई है। गोल्डन ग्लोब 2026 लॉस एंजिल्स के बेवर्ली हिल्टन होटल में होस्ट किया गया था।

सेरेमनी में पॉल थॉमस एंडरसन की फिल्‍म ‘वन बैटल आफ्टर अनदर’ और जैक थॉर्न-स्टीफन ग्राहम की वेब सीरीज ‘एडोलेसेंस ने सबसे अध‍िक 4-4 अवॉर्ड अपने नाम किए। डायरेक्टर क्लो झाओ की बायोग्राफिकल हिस्टोरिकल ड्रामा ‘हैमनेट’ को बेस्ट मोशन पिक्चर – ड्रामा का अवॉर्ड मिला, जबकि लियोनार्डो डिकैप्रियो स्‍टारर ‘वन बैटल आफ्टर अनदर’ ने बेस्ट मोशन पिक्चर – म्यूजिकल या कॉमेडी के लिए गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड जीता।

गोल्डन ग्लोब्स 2026 के विनर्स की लिस्ट यहां देखें-

गोल्डन ग्लोब्स 2026 विजेताओं की सूची- फिल्म पुरस्कार

  • बेस्ट एक्ट्रेस (ड्रामा) – हैन्मेट के लिए जेसी बकले
  • बेस्ट एक्टर (ड्रामा) – द सीक्रेट एजेंट के लिए वैगनर मौरा
  • बेस्ट फिल्म (ड्रामा) – हैन्मेट
  • मोशन पिक्चर में बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस – वन बैटल आफ्टर अनदर के लिए टेयाना टेलर
  • मोशन पिक्चर में बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर – सेंटीमेंटल वैल्यू के लिए स्टेलन स्कार्सगार्ड
  • बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग – के-पॉप डेमन हंटर्स से गोल्डन
  • बेस्ट ओरिजिनल स्कोर – सिनर्स
  • बेस्ट स्क्रीनप्ले – वन बैटल आफ्टर अनदर के लिए पॉल थॉमस एंडरसन
  • बेस्ट एक्ट्रेस (म्यूजिकल/कॉमेडी) – इफ आई हैड लेग्स आई’ड किक यू के लिए रोज़ बर्न
  • बेस्ट एक्टर (म्यूजिकल/कॉमेडी) – मार्टी सुप्रीम के लिए टिमोथी चालमेट
  • बेस्ट फिल्म (म्यूजिकल/कॉमेडी) – वन बैटल आफ्टर अनदर
  • सिनेमैटिक और बॉक्स ऑफिस उपलब्धियां – सिनर्स
  • बेस्ट निर्देशक – वन बैटल आफ्टर अनदर के लिए पॉल थॉमस एंडरसन
  • बेस्ट एनिमेटेड मोशन पिक्चर – के-पॉप डेमन हंटर्स
  • बेस्ट मोशन पिक्चर (ब्राजील की भाषा में) – द सीक्रेट एजेंट (ब्राजील)

गोल्डन ग्लोब्स 2026 विजेताओं की सूची: टीवी पुरस्कार

  • बेस्ट एक्टर (ड्रामा) – नोआ वाइल फॉर द पिट
  • बेस्ट एक्ट्रेस (ड्रामा) – प्लुरिबस फॉर रिया सीहोर्न
  • बेस्ट टीवी श्रृंखला (ड्रामा) – द पिट
  • बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर – एडोलेसेंस के लिए ओवेन कूपर
  • बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस – एडोलेसेंस के लिए एरिन डोहर्टी
  • बेस्ट एक्टर (म्यूजिकल/कॉमेडी) – द स्टूडियो के लिए सेठ रोजन
  • बेस्ट एक्ट्रेस (म्यूजिकल/कॉमेडी) – हैक्स के लिए जीन्स स्मार्ट
  • बेस्ट टीवी श्रृंखला (म्यूजिकल/कॉमेडी) – द स्टूडियो
  • बेस्ट एक्टर (लिमिटेड सीरीज, एंथोलॉजी सीरीज़, या टेलीविजन के लिए बनी मोशन पिक्चर) – एडोलेसेंस के लिए स्टीफन ग्राहम
  • बेस्ट एक्ट्रेस (लिमिटेड सीरीज, एंथोलॉजी सीरीज, या टेलीविजन के लिए बनी मोशन पिक्चर) – डाइंग फॉर सेक्स के लिए मिशेल विलियम्स
  • बेस्ट टीवी सीरीज (लिमिटेड सीरीज़, एंथोलॉजी सीरीज या टेलीविजन के लिए बनी मोशन पिक्चर) – एडोलेसेंस
  • बेस्ट पॉडकास्ट – गुड हैंग विद एमी पोहलर
  • स्टैंड-अप कॉमेडी परफॉर्मेंस – रिकी गेरवाइस फॉर मोरालिटी

गोल्डन ग्लोब 2026 का महत्व

गोल्डन ग्लोब्स 2026 समारोह अपनी खास पहचान के लिए उल्लेखनीय रहा, जहाँ विवादों के बजाय सशक्त कहानी कहने की कला को प्राथमिकता दी गई। अंतरराष्ट्रीय सिनेमा, लिमिटेड सीरीज़ और विविध शैलियों की फिल्मों को मिला सम्मान यह दर्शाता है कि वैश्विक मनोरंजन उद्योग लगातार विकसित हो रहा है और सीमाओं व भाषाओं से परे रचनात्मकता को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

पंजाबी सिंगर काका ने महिलाओं की सुरक्षा को मज़बूत करने हेतु ‘फ्रेंडो’ ऐप लॉन्च किया

संगीत की दुनिया से आगे बढ़ते हुए लोकप्रिय पंजाबी गायक काका ने भारत में महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से एक नया मोबाइल एप्लिकेशन ‘फ्रेंडो (Friendo)’ लॉन्च किया है। यह ऐप महिलाओं और लड़कियों को आपात स्थितियों में त्वरित सहायता और डिजिटल सुरक्षा साधन उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। यह पहल महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर चिंता को दर्शाती है और सुरक्षित समाज के निर्माण में तकनीक तथा सामाजिक जिम्मेदारी की भूमिका को रेखांकित करती है।

समाचार में क्यों?

प्रसिद्ध पंजाबी गायक काका ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘फ्रेंडो’ नामक मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया है। यह ऐप फिलहाल टेस्टिंग फेज में है और अभी केवल एंड्रॉयड यूज़र्स के लिए उपलब्ध है। इसका उद्देश्य आपातकालीन सहायता और सुरक्षा से जुड़ी सुविधाएं प्रदान करना है।

फ्रेंडो ऐप के बारे में

  • फ्रेंडो एक महिला सुरक्षा मोबाइल ऐप है, जिसे आपात परिस्थितियों में तुरंत मदद पहुंचाने के लिए डिजाइन किया गया है।
  • यह ऐसे सुरक्षा टूल्स प्रदान करता है जिन्हें खतरे की स्थिति में तुरंत सक्रिय किया जा सकता है।
  • काका ने इसे एक सामाजिक जिम्मेदारी परियोजना बताया है, जिसका उद्देश्य व्यावसायिक लाभ नहीं बल्कि महिला सशक्तिकरण है।
  • यह ऐप तकनीक, कनेक्टिविटी और सामुदायिक सहयोग को जोड़कर पीड़ित और त्वरित सहायता के बीच की दूरी को कम करने का प्रयास करता है।
  • यह मुफ्त डाउनलोड के लिए उपलब्ध है और तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी आसानी से उपयोग किए जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

फ्रेंडो की प्रमुख सुरक्षा विशेषताएं

  • इस ऐप में कई आपातकालीन सुविधाएं शामिल हैं। एक समर्पित SOS बटन के माध्यम से यूज़र अपने विश्वसनीय संपर्कों को तुरंत अलर्ट भेज सकती हैं।
  • यह लाइव लोकेशन शेयरिंग को सपोर्ट करता है, जिससे संपर्क व्यक्ति या पास के यूज़र रियल-टाइम में लोकेशन ट्रैक कर सकते हैं।
  • ऐसी परिस्थितियों में जहां फोन को हाथ से इस्तेमाल करना संभव न हो, ऐप में शेक डिटेक्शन या वॉयस कमांड जैसे वैकल्पिक ट्रिगर भी उपलब्ध हैं।
  • इन सुविधाओं के जरिए यह सुनिश्चित किया गया है कि मदद तब भी मांगी जा सके जब यूज़र सीधे फोन संचालित न कर पाए।

उन्नत और गोपनीय सुरक्षा टूल्स

  • फ्रेंडो में कुछ उन्नत और गोपनीय सुरक्षा विकल्प भी शामिल हैं।
  • स्टील्थ मोड के जरिए ऐप बिना ध्यान आकर्षित किए काम कर सकता है।
  • आपात स्थिति में यह ऐप ऑडियो या वीडियो रिकॉर्डिंग अपने आप शुरू कर सकता है, जो बाद में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए साक्ष्य के रूप में सहायक हो सकता है।
  • ये फीचर्स उपयोगकर्ता की सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखते हुए त्वरित प्रतिक्रिया और बाद की कार्रवाई दोनों को मजबूत करते हैं।

सामुदायिक सहयोग और जागरूकता संसाधन

  • आपात सहायता के अलावा, फ्रेंडो में सेल्फ-डिफेंस ट्यूटोरियल्स और महिलाओं के कानूनी अधिकारों से संबंधित जानकारी का एक संसाधन अनुभाग भी है।
  • ऐप में एक कम्युनिटी फोरम भी शामिल है, जहां यूज़र अपने अनुभव साझा कर सकती हैं और भावनात्मक या व्यावहारिक सहयोग प्राप्त कर सकती हैं।
  • यह दृष्टिकोण महिलाओं में जागरूकता, आत्मविश्वास और एकजुटता को बढ़ावा देता है।
  • सुरक्षा, शिक्षा और सामुदायिक सहभागिता को जोड़कर फ्रेंडो महिलाओं की सुरक्षा को एक समग्र दृष्टिकोण से संबोधित करता है।

उपलब्धता और भविष्य की योजनाएं

  • फिलहाल फ्रेंडो केवल एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म पर और टेस्टिंग फेज में उपलब्ध है।
  • यह पूरी तरह निःशुल्क है, जिससे अधिक से अधिक लोग इसे अपना सकें।
  • डेवलपर्स के अनुसार, जल्द ही इसका iOS वर्ज़न भी लॉन्च किया जाएगा।
  • काका ने लोगों से इस पहल को डाउनलोड कर समर्थन देने की अपील की है और कहा है कि सुरक्षित समाज के निर्माण और ऐप को बेहतर बनाने के लिए जनभागीदारी और फीडबैक बेहद जरूरी है।

राजस्थान का पहला पूर्णतः जैविक गाँव: बामनवास कांकर ने रचा हरित कीर्तिमान

राजस्थान ने टिकाऊ कृषि के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। बामनवास कांकर पंचायत को राज्य की पहली पूर्णतः जैविक ग्राम पंचायत घोषित किया गया है, जिसमें इसके अंतर्गत आने वाले सातों ढाणियों/बसावटों में पूरी तरह जैविक खेती अपनाई जा रही है। यह उपलब्धि रासायन-मुक्त कृषि, पर्यावरण संरक्षण और किसान-हितैषी खेती को बढ़ावा देने की दिशा में भारत के बढ़ते प्रयासों को दर्शाती है। इससे ग्रामीण आजीविका को मजबूती मिलती है, साथ ही स्वस्थ खाद्य प्रणाली और दीर्घकालिक मृदा संरक्षण को भी प्रोत्साहन मिलता है।

समाचार में क्यों?

राजस्थान की बामनवास कांकर पंचायत को राज्य की पहली पूर्णतः जैविक ग्राम पंचायत घोषित किया गया है, जहाँ सातों बसावटों में सभी कृषि गतिविधियाँ जैविक खेती के सिद्धांतों पर आधारित हैं।

बामनवास कांकर को क्या बनाता है खास?

पूर्णतः जैविक घोषित होने का अर्थ है कि यहाँ के किसानों ने रासायनिक उर्वरकों, कृत्रिम कीटनाशकों और आनुवंशिक रूप से परिवर्तित (GM) इनपुट्स का पूरी तरह त्याग कर दिया है। इसके स्थान पर प्राकृतिक खाद, कम्पोस्ट, फसल चक्र, हरी खाद और जैविक कीट नियंत्रण विधियों को अपनाया गया है।
यह सामूहिक परिवर्तन समुदाय की सक्रिय भागीदारी, निरंतर प्रशिक्षण और निगरानी से संभव हुआ। शुष्क और अर्ध-शुष्क परिस्थितियों के लिए पहचाने जाने वाले राजस्थान में यह उपलब्धि यह साबित करती है कि कठिन कृषि-जलवायु क्षेत्रों में भी टिकाऊ खेती सफल हो सकती है।

जैविक खेती को समझें

  • जैविक खेती एक सतत कृषि प्रणाली है जो मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और कीट प्रबंधन के लिए प्राकृतिक, खेत-आधारित संसाधनों पर निर्भर करती है। इसमें कृत्रिम रसायनों से परहेज़ कर पारिस्थितिक संतुलन को बढ़ावा दिया जाता है।
  • मिट्टी में जैविक पदार्थ और जैव विविधता बढ़ने से दीर्घकालिक उत्पादकता सुनिश्चित होती है। साथ ही, रासायनिक उर्वरकों के कम उपयोग से ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन घटता है, जो जलवायु परिवर्तन शमन में सहायक है। किसानों के लिए यह सुरक्षित खाद्य उत्पादन और महंगे बाहरी इनपुट्स पर निर्भरता कम करने का माध्यम है।

जैविक खेती के लाभ

  • जैविक खेती पर्यावरणीय, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी कई लाभ प्रदान करती है। यह मिट्टी, जल और वायु प्रदूषण को कम करती है, जिससे पारिस्थितिकी तंत्र स्वच्छ रहता है। भोजन में रासायनिक अवशेष घटने से मानव और पशु स्वास्थ्य जोखिम कम होते हैं।
  • मिट्टी की संरचना, वायु संचार और जल-धारण क्षमता में सुधार से कटाव और फसल विफलता का जोखिम घटता है। किसानों को इनपुट लागत में कमी और अधिक लचीली कृषि प्रणाली का लाभ मिलता है, जिससे दीर्घकाल में टिकाऊ उत्पादन और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित होता है।

जैविक खेती को समर्थन देने वाली सरकारी पहलें

  • भारत सरकार जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएँ चला रही है।
  • परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY) के तहत क्लस्टर-आधारित जैविक खेती को प्रोत्साहन दिया जाता है।
  • पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए जैविक मूल्य श्रृंखला विकास मिशन (MOVCD-NER) निर्यात-उन्मुख जैविक मूल्य श्रृंखलाओं पर केंद्रित है।
  • राष्ट्रीय जैविक खेती केंद्र (NCOF) कृषि मंत्रालय के अंतर्गत प्रशिक्षण, प्रमाणन और जागरूकता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

भारत में जैविक खेती की स्थिति

  • किसानों की संख्या के लिहाज़ से भारत जैविक खेती करने वाले अग्रणी देशों में शामिल है। जैविक कृषि को समेकित पोषक तत्व प्रबंधन (INM) ढांचे के अंतर्गत बढ़ावा दिया जाता है।
  • PGS-India और NPOP जैसी प्रमाणन प्रणालियाँ जैविक उत्पादों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करती हैं। पूरी तरह जैविक राज्य सिक्किम एक सफल उदाहरण है, और अब राजस्थान की यह पहल भारत की टिकाऊ कृषि यात्रा को और गति देती है।

इजराइल ने UN की 7 एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से तुरंत संबंध तोड़ने का फैसला किया

इज़राइल ने एक कड़ा कूटनीतिक कदम उठाते हुए संयुक्त राष्ट्र (UN) की सात एजेंसियों और संबद्ध निकायों से तत्काल बाहर निकलने की घोषणा की है। यह निर्णय संयुक्त राष्ट्र संस्थानों के प्रति इज़राइल की बढ़ती आलोचना और कथित राजनीतिक पक्षपात व नौकरशाही अक्षमता से असंतोष को दर्शाता है। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ रही है और बहुपक्षीय मंचों के प्रति इज़राइल के रुख में स्पष्ट बदलाव दिखाई दे रहा है।

क्यों चर्चा में है?

इज़राइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने 14 जनवरी 2026 को घोषणा की कि इज़राइल सात संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और संबद्ध निकायों से हट रहा है। इज़राइल ने इसका कारण पक्षपातपूर्ण रुख और अप्रभावी कार्यप्रणाली बताया है।

निर्णय के पीछे कारण

यह फैसला अमेरिका द्वारा कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों से बाहर निकलने के बाद किए गए एक व्यापक आंतरिक समीक्षा के बाद लिया गया। समीक्षा में यह आकलन किया गया कि विभिन्न UN निकायों के साथ जुड़ाव इज़राइल के राष्ट्रीय हितों की पूर्ति करता है या नहीं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, कुछ एजेंसियां बार-बार इज़राइल-विरोधी रुख अपनाती रही हैं या तटस्थ और प्रभावी ढंग से कार्य करने में विफल रही हैं।

पहले से बंद सहयोग

इज़राइल ने इससे पहले 2024 में UN महासचिव के बाल एवं सशस्त्र संघर्ष संबंधी विशेष प्रतिनिधि कार्यालय के साथ सहयोग समाप्त कर दिया था, जब इज़राइली रक्षा बलों (IDF) को UN की एक ब्लैकलिस्ट में शामिल किया गया। इसी तरह, जुलाई 2024 में UN Women से भी संबंध तोड़ दिए गए थे।

अतिरिक्त निकायों से बाहर निकलना

इज़राइल ने संयुक्त राष्ट्र के व्यापार और विकास सम्मेलन (UNCTAD) तथा पश्चिम एशिया के लिए संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग (ESCWA) से भी बाहर निकलने का फैसला किया है। विदेश मंत्री गिदोन सार के अनुसार, इन दोनों संगठनों ने लगातार इज़राइल के खिलाफ़ शत्रुतापूर्ण और पक्षपातपूर्ण रिपोर्टें जारी की हैं।

आगे देखते हुए, इज़राइल संयुक्त राष्ट्र एलायंस ऑफ सिविलाइज़ेशन्स, यूएन एनर्जी, और वैश्विक प्रवासन एवं विकास मंच (Global Forum on Migration and Development) से भी हटने की योजना बना रहा है। इज़राइल का कहना है कि इन मंचों में इज़राइल-विरोधी रुख अपनाया गया है और अत्यधिक नौकरशाही प्रक्रियाएँ इनके प्रभावी कार्य में बाधा बन रही हैं।

पृष्ठभूमि

संयुक्त राष्ट्र में सदस्य देश किसी विशेष एजेंसी या निकाय से बाहर निकल सकते हैं, बिना UN की सदस्यता छोड़े। इज़राइल का यह कदम वैश्विक मंचों पर उसकी कूटनीतिक रणनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है।

पीएम केयर्स फंड को RTI के तहत प्राप्त है निजता का अधिकार: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण कानूनी टिप्पणी में कहा है कि PM CARES फंड को सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत निजता (Privacy) का अधिकार प्राप्त है। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल सार्वजनिक कार्य करने से किसी इकाई की निजता स्वतः समाप्त नहीं हो जाती। यह निर्णय पारदर्शिता कानूनों, तीसरे पक्ष के अधिकारों और RTI अधिनियम में दिए गए अपवादों की व्याख्या के लिहाज़ से महत्वपूर्ण है।

क्यों खबर में?

दिल्ली हाईकोर्ट ने यह फैसला दिया कि भले ही PM CARES फंड को सार्वजनिक प्राधिकरण माना जाए, फिर भी उसे RTI अधिनियम के तहत निजता संरक्षण प्राप्त होगा।

दिल्ली हाईकोर्ट की प्रमुख टिप्पणियाँ

यह निर्णय मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने दिया। अदालत ने कहा कि किसी संस्था का सार्वजनिक होना या सार्वजनिक कार्य करना, उसके निजता अधिकार को स्वतः समाप्त नहीं करता। PM CARES फंड, यदि ‘राज्य’ भी माना जाए, तो भी वह एक ज्यूरिस्टिक पर्सन (कानूनी इकाई) है और केवल सरकारी नियंत्रण या पर्यवेक्षण के आधार पर उससे निजता अधिकार नहीं छीना जा सकता।

कानूनी आधार: RTI अधिनियम की धारा 8(1)(j)

अदालत ने RTI अधिनियम की धारा 8(1)(j) का हवाला दिया, जो व्यक्तिगत या तीसरे पक्ष की जानकारी के प्रकटीकरण से छूट देती है, जब तक कि कोई बड़ा सार्वजनिक हित सिद्ध न हो। पीठ ने स्पष्ट किया कि यह निजता अधिकार संवैधानिक नहीं बल्कि वैधानिक (Statutory) है और RTI के तहत सभी तीसरे पक्षों पर समान रूप से लागू होता है—चाहे वे सार्वजनिक हों या निजी।

तीसरे पक्ष के अधिकारों पर अदालत की व्याख्या

अदालत ने कहा कि RTI कानून सार्वजनिक और निजी तीसरे पक्षों में कोई भेद नहीं करता। ट्रस्ट, सोसायटी, सहकारी संस्था या निजी व्यक्ति—किसी की भी जानकारी बिना निर्धारित प्रक्रिया के सार्वजनिक नहीं की जा सकती। अदालत ने उदाहरण देते हुए कहा कि ट्रस्ट द्वारा संचालित स्कूल या क्लब की जानकारी के प्रकटीकरण से पहले तीसरे पक्ष को नोटिस देना अनिवार्य है। अतः केवल सार्वजनिक चरित्र होने से निजता अधिकार समाप्त नहीं होता।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला गिरीश मित्तल द्वारा दायर RTI आवेदन से जुड़ा है, जिसमें PM CARES फंड द्वारा कर छूट के लिए जमा दस्तावेज़ों की जानकारी मांगी गई थी। केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने पहले आयकर विभाग को जानकारी देने का निर्देश दिया था। हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट के एकल न्यायाधीश ने इस आदेश को रद्द कर दिया, जिसके बाद मित्तल ने डिवीजन बेंच में अपील की।

RTI और निजता का संतुलन

RTI अधिनियम, 2005 पारदर्शिता को बढ़ावा देता है, लेकिन साथ ही संवेदनशील और तीसरे पक्ष की जानकारी की सुरक्षा भी सुनिश्चित करता है। धारा 8 के अंतर्गत दिए गए अपवाद पारदर्शिता और निजता के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए हैं।

विश्व के सबसे मजबूत पासपोर्ट सूचकांक में भारत 80वें स्थान पर

हेनली पासपोर्ट इंडेक्स 2026 ने वैश्विक यात्रा स्वतंत्रता में अंतर को फिर से उजागर किया है। इस सूचकांक में पासपोर्ट धारकों को उन देशों की संख्या के आधार पर रैंक किया जाता है, जहाँ वे अग्रिम वीज़ा की आवश्यकता के बिना यात्रा कर सकते हैं। भारत की वैश्विक यात्रा पहुँच में 2026 में मामूली सुधार देखा गया है। नवीनतम रैंकिंग के अनुसार, भारतीय यात्रियों अब पिछले साल की तुलना में अधिक देशों की यात्रा बिना लंबी वीज़ा प्रक्रिया के कर सकते हैं। हालांकि, यूरोप और उत्तरी अमेरिका जैसे लोकप्रिय गंतव्यों के लिए अभी भी महत्वपूर्ण प्रतिबंध मौजूद हैं, जो यह तय करते हैं कि भारतीय अपनी अंतरराष्ट्रीय यात्राओं की योजना कैसे बनाते हैं।

क्यों समाचार में है?

हेनली पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में भारत को वैश्विक स्तर पर 80वें स्थान पर रखा गया है। भारतीय पासपोर्ट धारकों को अब 55 गंतव्यों पर वीज़ा-मुक्त, वीज़ा ऑन-आराइवल या ई-वीज़ा सुविधा मिलती है, जो पिछले वर्ष के 85वें स्थान से सुधरा हुआ आंकड़ा है।

हेनली पासपोर्ट इंडेक्स के बारे में

हेनली पासपोर्ट इंडेक्स, जिसे हेनली एंड पार्टनर्स द्वारा संकलित किया जाता है, पासपोर्ट की शक्ति को मापने का वैश्विक मानक माना जाता है। यह सूचकांक पासपोर्ट धारकों को उन देशों की संख्या के आधार पर रैंक करता है जहाँ वे वीज़ा-मुक्त या वीज़ा ऑन-आराइवल सुविधा के साथ यात्रा कर सकते हैं। इंडेक्स में अंतर्राष्ट्रीय एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के विशिष्ट और विश्वसनीय आंकड़ों का उपयोग किया जाता है, जिससे यह वैश्विक यात्रा क्षमता का एक सटीक और भरोसेमंद मापदंड बन जाता है।

2026 इंडेक्स का कवरेज

2026 संस्करण में 277 देश और क्षेत्र शामिल हैं, जिनमें संप्रभु राज्य, क्षेत्रीय क्षेत्र और विशेष प्रशासनिक क्षेत्र शामिल हैं। इस व्यापक कवरेज से नागरिकों की वैश्विक यात्रा स्वतंत्रता का सटीक और तुलनात्मक मूल्यांकन संभव होता है।

भारत की स्थिति

हेनली पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में भारत 80वें स्थान पर है। भारतीय पासपोर्ट धारक वर्तमान में 55 गंतव्यों पर वीज़ा-मुक्त या वीज़ा ऑन-आराइवल सुविधा का लाभ ले सकते हैं। भारत इस स्थिति को नाइजीरिया और अल्जीरिया के साथ साझा करता है, जबकि क्षेत्रीय पड़ोसी बांग्लादेश और पाकिस्तान इससे भी निचले स्थान पर हैं। यह आंकड़ा दक्षिण एशिया और भारत तथा प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के बीच यात्रा क्षमता के अंतर को दर्शाता है।

2026 में सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट

  • शीर्ष पर सिंगापुर है, जिसके नागरिक 192 गंतव्यों पर वीज़ा-मुक्त या वीज़ा ऑन-आराइवल सुविधा का आनंद ले सकते हैं।
  • जापान और दक्षिण कोरिया संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं, जहाँ 188 गंतव्यों तक पहुंच है। यूरोप कई देशों के साथ शीर्ष रैंक में है, जो 185 से अधिक गंतव्यों तक पहुंच प्रदान करते हैं।

सबसे कमजोर पासपोर्ट

  • अफगानिस्तान (स्थान 101) – 24 गंतव्य
  • अफगानिस्तान का पासपोर्ट विश्व में सबसे कमजोर माना जाता है, जो केवल 24 गंतव्यों तक बिना वीज़ा के पहुंच की अनुमति देता है।
  • इसके बाद सीरिया और इराक हैं। यह दिखाता है कि संघर्ष, राजनीतिक अस्थिरता और सुरक्षा चिंताएँ अंतर्राष्ट्रीय यात्रा क्षमता को काफी सीमित करती हैं।
  • सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट (सिंगापुर) और सबसे कमजोर (अफगानिस्तान) के बीच अंतर अब 168 गंतव्यों का है।

दुनिया के सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट – शीर्ष 10 सूची 

रैंक देश / देश समूह वीज़ा-मुक्त गंतव्य (Visa Free Destinations)
1 सिंगापुर (Singapore) 192
2 जापान (Japan), दक्षिण कोरिया (South Korea) 188
3 डेनमार्क (Denmark), लक्ज़मबर्ग (Luxembourg), स्पेन (Spain), स्वीडन (Sweden), स्विट्ज़रलैंड (Switzerland) 186
4 ऑस्ट्रिया (Austria), बेल्जियम (Belgium), फिनलैंड (Finland), फ्रांस (France), जर्मनी (Germany), ग्रीस (Greece), आयरलैंड (Ireland), इटली (Italy), नीदरलैंड (Netherlands), नॉर्वे (Norway) 185
5 हंगरी (Hungary), पुर्तगाल (Portugal), स्लोवाकिया (Slovakia), स्लोवेनिया (Slovenia), संयुक्त अरब अमीरात (UAE) 184
6 क्रोएशिया (Croatia), चेक गणराज्य (Czechia), एस्टोनिया (Estonia), माल्टा (Malta), न्यूज़ीलैंड (New Zealand), पोलैंड (Poland) 183
7 ऑस्ट्रेलिया (Australia), लातविया (Latvia), यूनाइटेड किंगडम (United Kingdom), लिकटेंस्टीन (Liechtenstein) 182
8 कनाडा (Canada), आइसलैंड (Iceland), लिथुआनिया (Lithuania) 181
9 मलेशिया (Malaysia) 180
10 संयुक्त राज्य अमेरिका (United States) 179

दुनिया के सबसे कमजोर पासपोर्ट – निचले 5 देश 

रैंक देश / देश समूह वीज़ा-मुक्त गंतव्य (Visa Free Destinations)
101 अफ़ग़ानिस्तान (Afghanistan) 24
100 सीरिया (Syria) 26
99 इराक (Iraq) 29
98 पाकिस्तान (Pakistan), यमन (Yemen) 31
97 सोमालिया (Somalia) 33

2026 में भारतीय कहाँ आसानी से यात्रा कर सकते हैं

भारतीय पासपोर्ट धारकों को मुख्य रूप से इन जगहों पर आसानी से एक्सेस मिलता है,

  • एशिया: थाईलैंड, इंडोनेशिया, मलेशिया, श्रीलंका, मालदीव
  • मध्य पूर्व: UAE, कतर, ओमान
  • अफ्रीका: केन्या, तंजानिया, रवांडा
  • द्वीप और कैरिबियन: मॉरीशस, सेशेल्स, बारबाडोस

ये क्षेत्र घूमने-फिरने के लिए सबसे आसान विकल्प देते हैं।

भारत और जर्मनी ने रक्षा, टेक, और ऊर्जा संबंधों को बढ़ावा देने के लिए 19 समझौतों पर हस्ताक्षर किए

भारत और जर्मनी ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है और कई प्रमुख क्षेत्रों में समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। ये समझौते रक्षा निर्माण, उन्नत प्रौद्योगिकी, महत्वपूर्ण खनिजों और व्यापार सहयोग जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित हैं। इस पहल से दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास को दर्शाया गया है और इसका उद्देश्य आर्थिक विकास, नवाचार और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती को बढ़ावा देना है।

खबर क्यों?

भारत और जर्मनी ने 19 समझौतों और संयुक्त घोषणापत्रों पर हस्ताक्षर किए हैं। ये समझौते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मेर्ज के बीच हुई वार्ता के बाद अंतिम रूप दिए गए।

सहयोग के मुख्य क्षेत्र

ये समझौते रक्षा, व्यापार, महत्वपूर्ण खनिज, सेमीकंडक्टर्स और उभरती प्रौद्योगिकियों को कवर करते हैं। दोनों देशों ने रक्षा निर्माण में सह-विकास और सह-उत्पादन को बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। डिजिटलाइजेशन, टेलीकॉम, स्वास्थ्य और बायो-इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग होगा, जिससे दीर्घकालिक औद्योगिक और अनुसंधान साझेदारियां मजबूत होंगी।

रक्षा और सुरक्षा साझेदारी

भारत और जर्मनी ने संयुक्त उत्पादन, प्रशिक्षण और सैन्य अभ्यास के माध्यम से रक्षा उद्योग सहयोग को गहरा करने पर सहमति जताई। नौसेना सहयोग में नियमित पोर्ट कॉल और आदान-प्रदान को बढ़ाया जाएगा। एक नया Track 1.5 विदेश नीति और सुरक्षा संवाद स्थापित किया जाएगा, जो क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर रणनीतिक समन्वय को बेहतर बनाएगा।

प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर्स और खनिज

एक प्रमुख परिणाम है भारत–जर्मनी सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम साझेदारी। दोनों पक्ष सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला में अनुसंधान से लेकर निर्माण तक सहयोग करेंगे। महत्वपूर्ण खनिजों में, सहयोग अन्वेषण, प्रसंस्करण, पुनर्चक्रण और स्वच्छ ऊर्जा और उच्च-तकनीकी उद्योगों के लिए आपूर्ति श्रृंखलाओं की सुरक्षा पर केंद्रित होगा।

व्यापार, गतिशीलता और वैश्विक जुड़ाव

भारत और जर्मनी के बीच द्विपक्षीय व्यापार $50 बिलियन को पार कर गया है। एक महत्वपूर्ण कदम भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए जर्मनी में वीजा-रहित हवाई अड्डा ट्रांजिट की सुविधा देना है, जिससे यात्रा आसान होगी। भारत में 2,000 से अधिक जर्मन कंपनियों का संचालन मजबूत आर्थिक विश्वास और दीर्घकालिक जुड़ाव को दर्शाता है।

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