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चीन ने नया मिसाइल विध्वंसक पोत लॉन्च किया

चीन ने हाल ही में लौदी (Loudi) नामक एक नए उन्नत युद्धपोत को नौसेना में शामिल कर अपनी समुद्री शक्ति को और मजबूत किया है। यह कदम इस बात को दर्शाता है कि चीनी नौसेना कितनी तेजी से अपने बेड़े का विस्तार कर रही है, ताकि अमेरिका की नौसैनिक ताकत के बराबर पहुंच सके या उसे चुनौती दे सके।

लौदी युद्धपोत के बारे में

लौदी एक टाइप 052D गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर है, जिसे पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) नेवी में शामिल किया गया है। डिस्ट्रॉयर एक शक्तिशाली युद्धपोत होता है, जिसका उपयोग अन्य नौसैनिक जहाजों की सुरक्षा और आक्रामक अभियानों के लिए किया जाता है। चीनी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह जहाज उन्नत रडार, हथियारों और संचार प्रणालियों से लैस एक उन्नत संस्करण है। इन सुधारों के कारण यह युद्ध स्थितियों में अधिक तेज़ी और प्रभावशीलता से प्रतिक्रिया देने में सक्षम है।

लौदी की युद्ध क्षमताएं

अधिकारियों के अनुसार, लौदी में वायु रक्षा, समुद्री आक्रमण और कमांड ऑपरेशन की मजबूत क्षमताएं हैं। यह दुश्मन के ठिकानों पर लंबी दूरी से हमला कर सकता है और साथ ही मित्र नौसैनिक जहाजों को हवाई तथा मिसाइल खतरों से सुरक्षित रख सकता है। अपनी उन्नत नेटवर्क प्रणालियों के कारण लौदी संयुक्त नौसैनिक अभियानों में अन्य जहाजों का मार्गदर्शन भी कर सकता है, जिससे यह चीन के नौसैनिक टास्क फोर्स का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाता है।

दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना बना चीन

पिछले कुछ वर्षों में चीन की नौसेना का तेज़ी से विस्तार हुआ है। बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, जहाजों की संख्या के लिहाज से चीन अब अमेरिका से आगे निकल चुका है और दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना बन गया है। 2019 से 2023 के बीच चीन के प्रमुख शिपयार्ड्स ने भारी संयुक्त भार वाले दर्जनों युद्धपोत तैयार किए, जो देश की मजबूत जहाज निर्माण क्षमता को दर्शाता है।

2025 में नौसैनिक विस्तार

लौदी के शामिल होने के साथ ही चीन ने वर्ष 2025 में अब तक 11 युद्धक जहाज अपने बेड़े में जोड़े हैं, जिनमें उसका उन्नत विमानवाहक पोत फुजियान भी शामिल है। यह चीन के एक प्रमुख वैश्विक समुद्री शक्ति बनने के दीर्घकालिक लक्ष्य को दर्शाता है।

चीन–पाकिस्तान नौसैनिक सहयोग

अपनी नौसेना को मजबूत करने के साथ-साथ चीन पाकिस्तान की नौसैनिक क्षमता को भी आधुनिक बनाने में मदद कर रहा है। हाल ही में चीन ने पाकिस्तान के लिए हंगोर-श्रेणी की एक और पनडुब्बी ‘ग़ाज़ी’ लॉन्च की है। पाकिस्तान ने चीन के साथ अपनी नौसेना के लिए आधुनिक पनडुब्बियों के अधिग्रहण को लेकर समझौता किया है।

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