HCLSoftware ने सरकारी डेटा गोपनीयता को मजबूत करने हेतु सॉवरेन एआई लॉन्च किया

एचसीएलटेक की सॉफ्टवेयर इकाई HCLSoftware ने Domino 14.5 लॉन्च किया है—एक उन्नत प्लेटफ़ॉर्म जो सरकारों और विनियमित संगठनों के लिए डेटा संप्रभुता (Data Sovereignty) और डेटा गोपनीयता (Data Privacy) को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इस नवीनतम संस्करण की प्रमुख विशेषता है Domino IQ, एक सॉवरेन एआई (Sovereign AI) समाधान, जिसे विशेष रूप से राष्ट्रीय और कॉर्पोरेट स्तर की संवेदनशील जानकारी को विदेशी हस्तक्षेप और पहुँच से सुरक्षित रखने के लिए विकसित किया गया है। यह प्लेटफ़ॉर्म उन संस्थाओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो डेटा पर पूर्ण नियंत्रण और सुरक्षा चाहते हैं।

एआई युग में संप्रभुता की सुरक्षा

Domino IQ एक अनूठा नवाचार है, जिसे सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं में बढ़ती उस मांग को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है जिसमें ऐसे एआई सिस्टम की आवश्यकता होती है जो राष्ट्रीय डेटा सीमाओं के भीतर कार्य करें। यह समाधान सुरक्षित सहयोग की सुविधा देता है बिना किसी वैश्विक क्लाउड प्लेटफॉर्म पर निर्भर हुए, जो अक्सर विदेशी सरकारों की निगरानी के अधीन हो सकते हैं। यह नवाचार डेटा गोपनीयता, नियंत्रण और संप्रभुता को प्राथमिकता देता है।

डेटा नियंत्रण पर नेतृत्व की दृष्टि

HCLSoftware के कार्यकारी उपाध्यक्ष और महाप्रबंधक रिचर्ड जेफ्ट्स ने डिजिटल गवर्नेंस में स्थानीय नियंत्रण की तात्कालिकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि Domino 14.5 का लॉन्च ऐसे समय में हुआ है जब दुनिया भर की सरकारें डेटा संरक्षण ढांचे को फिर से तैयार कर रही हैं, ताकि अंतरराष्ट्रीय प्लेटफार्मों पर निर्भरता कम की जा सके और राष्ट्रीय सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

एक व्यापक एआई दृष्टिकोण का हिस्सा

यह लॉन्च HCLTech की OpenAI के साथ चल रही साझेदारी के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य बड़े पैमाने पर एंटरप्राइज एआई को अपनाने में तेजी लाना है। कंपनी वैश्विक और संप्रभु दोनों तरह के एआई ढांचे विकसित कर रही है ताकि विभिन्न ग्राहक आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।

जानें कौन हैं सबीह खान, जो बने Apple के COO

दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में शुमार एप्पल (Apple) ने भारतीय मूल के सबीह खान (Sabih Khan) को अपना नया मुख्य परिचालन अधिकारी (Chief Operating Officer-COO) बनाया है। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में जन्मे सबीह अब दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित कंपनियों में से एक की कमान संभालेंगे।

शुरुआती जीवन

सबीह खान का जन्म 1966 में उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में हुआ था। स्कूल की पढ़ाई के दौरान वह सिंगापुर चले गए और फिर आगे चलकर अमेरिका में बस गए। उन्होंने टफ्ट्स यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डबल बैचलर डिग्री हासिल की और फिर रेन्सेलेयर पॉलिटेक्निक इंस्टीट्यूट (RPI) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में मास्टर्स किया।

Apple में 30 साल की शानदार पारी

सबीह ने अपने करियर की शुरुआत GE प्लास्टिक्स में की थी, जहाँ वह एप्लिकेशन डेवलपमेंट इंजीनियर और टेक्निकल लीडर की भूमिका में रहे। इसके बाद 1995 में उन्होंने Apple के प्रोक्योरमेंट डिपार्टमेंट में कदम रखा और तब से कंपनी के साथ जुड़े रहे हैं। साल 2019 में उन्हें Apple का सीनियर वॉइस प्रेसिडेंट बनाया गया। इस भूमिका में उन्होंने Apple की वैश्विक सप्लाई चेन का ठीक करने का काम किया। जिसमें प्लानिंग, खरीद, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और प्रोडक्ट सप्लाई शामिल है।

COO बनने के मायने

अब सबीह खान एप्पल के COO जेफ विलियम्स की जगह लेंगे, जो इस साल में रिटायर हो रहे हैं। सबीह इस महीने के अंत तक इस पद की जिम्मेदारी संभालेंगे।

टिम कुक ने क्या कहा

CEO टिम कुक ने सबीह की तारीफ करते हुए कहा, सबीह एक शानदार रणनीतिकार हैं। उन्होंने Apple की सप्लाई चेन को नई ऊँचाइयों पर पहुंचाया है। उनके नेतृत्व में कंपनी ने उन्नत मैन्युफैक्चरिंग तकनीकों को अपनाया, अमेरिका में निर्माण को बढ़ावा दिया और वैश्विक चुनौतियों के दौरान तेजी से प्रतिक्रिया देने की क्षमता बनाई है।

इसरो ने गगनयान प्रोपल्शन सिस्टम का सफलतापूर्वक परीक्षण किया

इसरो ने तीन जुलाई को महेंद्रगिरी स्थित अपने प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स में गगनयान सर्विस मॉड्यूल प्रोपल्शन सिस्टम (एसएमपीएस) के दो सफल परीक्षण किए। ये छोटे अवधि के परीक्षण क्रमश: 30 सेकंड और 100 सेकंड तक चले। इसरो ने कहा कि इनका उद्देश्य परीक्षण आलेख के कान्फिगरेशन को प्रमाणित करना था। परीक्षण के दौरान प्रोपल्शन सिस्टम का समग्र प्रदर्शन पूर्व-टेस्ट पूर्वानुमानों के अनुसार सामान्य था। 100 सेकंड के परीक्षण के दौरान, विभिन्न मोड में सभी रिएक्शन कंट्रोल सिस्टम (आरसीएस) थ्रस्टर्स का समवर्ती संचालन और सभी लिक्विड अपोजी मोटर (एलएएम) इंजनों का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया गया।

लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम सेंटर

अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि इसरो का लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम सेंटर (एलपीएससी) गगनयान एसएमपीएस के लिए प्रौद्योगिकी विकास गतिविधियों का नेतृत्व कर रहा है। एसएमपीएस गगनयान ऑर्बिटल मॉड्यूल का महत्वपूर्ण सिस्टम है और यह ऑर्बिटल मैन्युवरिंग के साथ-साथ विशिष्ट एबार्ट परिदृश्यों के दौरान आवश्यक है।

अनुभव के आधार पर सुधार

इसमें पांच लिक्विड अपोजी मोटर इंजन (प्रत्येक 440 न्यूटन थ्रस्ट) और 16 रिएक्शन कंट्रोल सिस्टम थ्रस्टर्स (प्रत्येक 100 न्यूटन थ्रस्ट) शामिल हैं। प्रोपल्शन सिस्टम की उड़ान के करीब स्थितियों का अनुकरण करने के लिए, इन परीक्षण के लिए एसएमपीएस परीक्षण आलेख में पूर्व के प्राप्त अनुभव के आधार पर सुधार शामिल किए गए थे।

गगनयान कार्यक्रम का उद्देश्य

इनके माध्यम से प्राप्त आत्मविश्वास के साथ ही इसरो जल्द ही एक पूर्ण अवधि का परीक्षण करेगा। इसरो के अनुसार, गगनयान कार्यक्रम का उद्देश्य भारत की क्षमता को लो अर्थ आर्बिट में एक मानवयुक्त अंतरिक्ष यान लांच करने का प्रदर्शन करना है और इस मिशन से प्राप्त अनुभव और ज्ञान इसकी सफलता के लिए महत्वपूर्ण होगा।

क्या है गगनयान मिशन?

इसरो का गगनयान मिशन भारत का पहला मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम है। इसका मुख्य उद्देश्य तीन भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को लगभग 400 किलोमीटर की ऊंचाई पर पृथ्वी की निचली कक्षा में भेजना और उन्हें तीन दिनों के मिशन के बाद सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाना है।

प्रधानमंत्री मोदी ने ब्राज़ील के साथ 2030 तक 20 अरब डॉलर व्यापार लक्ष्य निर्धारित किया

ब्राज़ील की राजकीय यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और ब्राज़ील के बीच द्विपक्षीय व्यापार को वर्ष 2030 तक 20 अरब डॉलर तक पहुँचाने का एक साहसिक लक्ष्य निर्धारित किया, जो वर्तमान में 12.2 अरब डॉलर है। ब्रासीलिया में ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों वैश्विक दक्षिण देशों के बीच आर्थिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने के लिए एक विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया।

मर्कोसुर के माध्यम से व्यापार का विस्तार

मर्कोसुर अधिमान्य व्यापार समझौते का विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और मर्कोसुर (Mercosur) के बीच प्रिफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट (प्राथमिकता व्यापार समझौता) के विस्तार पर ज़ोर दिया। मर्कोसुर एक क्षेत्रीय व्यापार समूह है, जिसमें ब्राज़ील, अर्जेंटीना, पराग्वे और उरुग्वे शामिल हैं। वर्तमान में भारत के साथ इस समझौते की कवरेज सीमित है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अधिक उत्पादों को इस समझौते में शामिल करने और भारतीय निर्यातकों के लिए बाज़ार तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने व्यापार विस्तार के लिए निम्नलिखित क्षेत्रों को प्रमुख अवसरों के रूप में रेखांकित किया:

  • कृषि और खाद्य प्रसंस्करण

  • एग्री-टेक और वैल्यू एडेड फूड निर्यात

  • डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना

  • अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और अनुसंधान सहयोग

यह कदम भारत और मर्कोसुर देशों के बीच आर्थिक संबंधों को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

डिजिटल भुगतान को बढ़ावा: ब्राज़ील में शुरू होगा यूपीआई
प्रधानमंत्री मोदी की ब्राज़ील यात्रा की एक बड़ी उपलब्धि थी—ब्राज़ील में भारत की यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) प्रणाली की शुरुआत की घोषणा। सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों में सफल कार्यान्वयन के बाद, अब ब्राज़ील भारत की इस डिजिटल भुगतान प्रणाली को अपनाने वाला अगला देश बनने जा रहा है।

यह पहल ब्राज़ील की वित्तीय समावेशन और डिजिटल परिवर्तन की दिशा में चल रही रणनीति से मेल खाती है और साथ ही यह भारत की फिनटेक नवाचार में बढ़ती ‘सॉफ्ट पावर’ को भी दर्शाती है।

नागरिक सम्मान: ग्रैंड कॉलर ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द साउदर्न क्रॉस
सौहार्द और सम्मान के प्रतीक रूप में, ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला ने प्रधानमंत्री मोदी को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द साउदर्न क्रॉस’ प्रदान किया।

यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रधानमंत्री मोदी के निम्न योगदानों को मान्यता देता है:

  • भारत-ब्राज़ील के द्विपक्षीय आर्थिक और राजनयिक संबंधों को मजबूत करना

  • वैश्विक मंचों जैसे BRICS, G20 और ग्लोबल साउथ समिट में सक्रिय भूमिका

  • तकनीक और जलवायु परिवर्तन में दक्षिण-दक्षिण सहयोग को बढ़ावा देना

यह सम्मान भारत-ब्राज़ील मित्रता और रणनीतिक साझेदारी के नए युग की शुरुआत का प्रतीक माना जा रहा है।

दवाओं तक पहुंच और वीज़ा उदारीकरण

द्विपक्षीय वार्ताओं के बाद विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व), पी. कुमारन ने मीडिया को जानकारी देते हुए कई अहम घोषणाएँ कीं:

  • ब्राज़ील ने भारत की सस्ती दवाओं का स्वागत किया, साथ ही ब्राज़ील में फार्मा निर्माण हब स्थापित करने के प्रस्तावों को भी सकारात्मक रूप से लिया गया।

  • भारतीय पर्यटकों और व्यापारिक पेशेवरों के लिए वीज़ा उदारीकरण पर चर्चा हुई, जिससे लोगों के बीच संपर्क और व्यापारिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

  • दोनों देशों ने भारत की जेनेरिक दवा उद्योग को ब्राज़ील की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण माना।

क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ खनिजों में सहयोग

भारत ने ब्राज़ील के खनिज संसाधनों में गहरी रुचि दिखाई, खासकर रेयर अर्थ एलिमेंट्स में, जो निम्न क्षेत्रों के लिए अत्यंत आवश्यक हैं:

  • इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा उत्पादन

  • इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बैटरी निर्माण

  • अंतरिक्ष और उपग्रह प्रौद्योगिकी

इस संबंध में भारत ने प्रस्ताव दिया कि भारतीय कंपनियों को खनन, प्रोसेसिंग या को-विकास में निवेश या संयुक्त उद्यम करने की अनुमति दी जाए। राष्ट्रपति लूला ने संकेत दिया कि ब्राज़ील की आगामी रेयर अर्थ नीति में भारतीय निवेशकों के लिए विशेष प्रोत्साहन दिए जाएंगे।

यह सहयोग भारत-ब्राज़ील रणनीतिक भागीदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (MoUs) और भविष्य की साझेदारियाँ

प्रधानमंत्री मोदी की ब्राज़ील यात्रा के दौरान तीन महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए:

  1. आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध पर खुफिया जानकारी साझा करने के लिए समझौता

  2. बायोफ्यूल सहयोग, जिसमें एथनॉल-मिश्रित ईंधन के विकास पर विशेष जोर

  3. नवीकरणीय ऊर्जा तकनीकों पर साझेदारी

जल्द ही हस्ताक्षर किए जाने वाले प्रस्तावित MoUs:

  • कृषि अनुसंधान में सहयोग

  • गोपनीय रणनीतिक जानकारी के आदान-प्रदान पर समझौता

  • बौद्धिक संपदा (IP) प्रणाली में सहयोग

ये समझौते भारत और ब्राज़ील के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को दर्शाते हैं, जो केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य स्थिरता, नवाचार और आतंकवाद-रोधी सहयोग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को भी शामिल करता है।

मेरठ में एग्रीटेक इनोवेशन हब का शुभारंभ

नवाचार और डिजिटल तकनीक के माध्यम से कृषि में क्रांति लाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान और शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी ने 9 जुलाई 2025 को मेरठ स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (SVPUAT) में उत्तर प्रदेश एग्रीटेक इनोवेशन हब तथा एग्रीटेक स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी शोकेस का उद्घाटन किया।

यह पहल एक सहयोगात्मक मंच के रूप में कल्पित की गई है, जो किसानों, तकनीकी विशेषज्ञों, स्टार्टअप्स और अकादमिक संस्थानों को जोड़कर क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुसार टिकाऊ कृषि समाधान प्रदान करने का लक्ष्य रखती है।

किसानों को सशक्त बनाना

आगामी पीढ़ी की तकनीक के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एसवीपीयूएटी द्वारा भारतीय कृषि की भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए पाठ्यक्रम की सराहना की। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि विकसित भारत का सपना तब तक साकार नहीं हो सकता जब तक हमारे किसान समृद्ध न हों और ग्रामीण समुदाय सशक्त न हों।

प्रधान ने कहा कि भारत का दिल उसकी धरती और खेतों में धड़कता है। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही भारत की सेवा क्षेत्र (services sector) को वैश्विक स्तर पर मान्यता मिली हो, लेकिन कृषि देश की आत्मा है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि जब कृषि में नवाचार परंपरा के साथ जुड़े और तकनीक से सशक्त हों, तो वे आत्मनिर्भर और टिकाऊ ग्रामीण अर्थव्यवस्था की ओर ले जाते हैं।

एग्रीटेक हब: कृषि में तकनीकी छलांग

नवप्रारंभित एग्रीटेक इनोवेशन हब अत्याधुनिक तकनीकों से सुसज्जित है, जिनमें शामिल हैं:

  • IoT-सक्षम सेंसर

  • स्मार्ट सिंचाई प्रणाली

  • स्वचालन उपकरण (Automation Tools)

  • रियल-टाइम डेटा एनालिटिक्स प्लेटफ़ॉर्म

ये तकनीकें सटीक कृषि (Precision Farming) को संभव बनाएंगी, जलवायु-प्रतिरोधी खेती को बढ़ावा देंगी, लागत घटाएंगी और पैदावार अधिकतम करने में मदद करेंगी।

यह हब स्टार्टअप्स, शोधकर्ताओं, किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) और कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) के सहयोग से व्यावहारिक और बड़े स्तर पर अपनाए जा सकने वाले समाधान तैयार करने का प्रयास करेगा। यह भारत की कृषि को आधुनिक बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो पारिस्थितिक और सांस्कृतिक मूल्यों को भी संरक्षित करता है।

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: IIT रोपड़ की रणनीतिक भूमिका

यह पहल केंद्रीय बजट के तहत वित्तपोषित एग्रीकल्चर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का हिस्सा है, जिसमें IIT रोपड़ प्रमुख तकनीकी साझेदार है। संस्थान निम्न योगदान देगा:

  • अपने साइबर-फिजिकल सिस्टम्स (CPS) लैब से तकनीकी सहायता और बुनियादी ढांचा

  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और क्लाउड कंप्यूटिंग में विशेषज्ञता

  • परियोजना हेतु ₹75 लाख का वित्तीय योगदान

इसी कार्यक्रम के दौरान SVPUAT और IIT रोपड़ के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे अकादमिक और अनुसंधान सहयोग को औपचारिक रूप प्रदान किया गया।

मॉडल स्मार्ट फ़ार्म और तकनीकी प्रदर्शनी
SVPUAT के मॉडल स्मार्ट फ़ार्म में एक तकनीकी प्रदर्शन सत्र आयोजित किया गया, जिसमें निम्नलिखित तकनीकों का प्रदर्शन किया गया:

  • उन्नत सिंचाई स्वचालन प्रणाली

  • मृदा नमी सेंसर

  • मौसम से जुड़ी सलाह प्रणाली

  • 20 स्टार्टअप्स द्वारा विकसित एग्रीटेक समाधान

आधुनिक तकनीकों जैसे प्राकृतिक खेती, शून्य बजट कृषि, और डेटा-आधारित खेती को अपनाने वाले प्रगतिशील किसानों को कार्यक्रम में सम्मानित किया गया।

स्टार्टअप्स, स्किलिंग और भविष्य की तैयारी

इस आयोजन में शामिल थे:

  • 20 एग्रीटेक स्टार्टअप्स द्वारा विघटनकारी तकनीकों की प्रदर्शनी

  • आगामी स्टार्टअप इनक्यूबेशन और स्किलिंग कार्यक्रमों की घोषणाएं

  • किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) और कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) के साथ क्षमता निर्माण पर संवाद

प्रशिक्षण सत्र, क्षेत्रीय भ्रमण और प्रायोगिक लर्निंग मॉड्यूल्स के माध्यम से प्रयोगशालाओं से खेत तक तकनीक के सफल हस्तांतरण को सुनिश्चित किया जाएगा।

भारत की कृषि परंपरा से जुड़ा एक भविष्यदृष्टि युक्त कदम

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सरदार वल्लभभाई पटेल और चौधरी चरण सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि किसानों की आय को दोगुना करना और कृषि आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि वैश्विक खाद्य सुरक्षा चुनौतियों और जलवायु परिवर्तन के बीच, भारत को प्राकृतिक व रसायन-मुक्त खेती की ओर बढ़ने के साथ-साथ रीयल-टाइम तकनीकी समाधान भी देने होंगे।

यह एग्रीटेक हब इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो हमारे “अन्नदाता” को “टेक-डाटा सशक्त नवप्रवर्तक” में परिवर्तित करने की दिशा में अग्रसर है।

बिहार में सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 35% आरक्षण

महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण नीति परिवर्तन करते हुए, नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार ने सरकारी नौकरियों में बिहार की मूल निवासी महिलाओं के लिए 35% आरक्षण देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय 8 जुलाई 2025 को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया। इस फैसले का उद्देश्य महिलाओं की सरकारी सेवाओं में भागीदारी बढ़ाना और उन्हें सामाजिक एवं आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनाना है।

महिलाओं के आरक्षण में अधिवास नीति लागू

पहले सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए उपलब्ध 35% क्षैतिज आरक्षण सभी राज्यों की महिला उम्मीदवारों के लिए खुला था, चाहे वे बिहार की निवासी हों या नहीं। लेकिन नए निर्णय के तहत अब यह आरक्षण केवल बिहार की अधिवासी (डोमिसाइल) महिलाओं के लिए ही मान्य होगा। इसका मतलब है कि राज्य सरकार की सभी कैडर की सीधी भर्ती में केवल बिहार की निवासी महिलाएं ही इस 35% आरक्षण का लाभ उठा सकेंगी।

इस फैसले को सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के प्रस्ताव के माध्यम से औपचारिक रूप दिया गया है। यह हाल के वर्षों में महिलाओं के आरक्षण में अधिवास आधारित नीति को लागू करने वाला बिहार राज्य का पहला प्रयास है।

अन्य राज्यों की महिलाएं अब सामान्य श्रेणी में मानी जाएंगी

कैबिनेट सचिवालय विभाग के सचिव एस. सिद्धार्थ के अनुसार, अब बिहार के बाहर की महिला अभ्यर्थियों को सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के रूप में गिना जाएगा। ऐसे में वे सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए दिए जा रहे 35% आरक्षण का लाभ नहीं उठा पाएंगी। इस बदलाव का उद्देश्य बिहार की स्थानीय महिलाओं को राज्य स्तरीय रोजगार में प्राथमिकता देना है, जिससे वे शासन और प्रशासन में अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकें।

विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव

यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब बिहार विधानसभा चुनाव निकट हैं। कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम सत्तारूढ़ सरकार द्वारा महिला मतदाताओं—जो पिछले चुनावों में प्रभावशाली भूमिका निभा चुकी हैं—के बीच अपना समर्थन आधार मजबूत करने की रणनीति हो सकता है।

नीतीश कुमार की सरकार ने पहले भी महिला-केंद्रित नीतियों को प्राथमिकता दी है, और यह निर्णय राज्य में लैंगिक समावेशी शासन की दिशा में एक और मजबूत संकेत माना जा रहा है।

बिहार युवा आयोग को भी मंत्रिमंडल की मंजूरी

युवाओं के कौशल विकास और रोज़गार पर केंद्रित पहल

मंत्रिमंडल की बैठक में एक और अहम फैसले के तहत बिहार सरकार ने “बिहार युवा आयोग” के गठन की घोषणा की है। यह आयोग राज्य के युवाओं को मार्गदर्शन देने, सशक्त बनाने और उन्हें आगे बढ़ाने के उद्देश्य से स्थापित किया जाएगा।

आयोग की प्रमुख जिम्मेदारियाँ होंगी

  • युवाओं के विकास से जुड़ी नीतियों पर सरकार को सलाह देना।

  • स्थानीय युवाओं के लिए शिक्षा और रोज़गार के अवसर सुनिश्चित करना।

  • निजी क्षेत्र की भर्तियों की निगरानी करना ताकि बिहार के युवाओं को प्राथमिकता मिले।

  • राज्य से बाहर रहने वाले बिहार के छात्रों और कामकाजी युवाओं के हितों की रक्षा करना।

आयोग की संरचना और उद्देश्य:

इस आयोग में एक अध्यक्ष, दो उपाध्यक्ष और सात सदस्य होंगे। सभी सदस्य 45 वर्ष से कम आयु के होंगे, ताकि नीति-निर्माण में युवा दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी जा सके। यह आयोग आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं, बेरोज़गारों और मेधावी छात्रों की स्थिति का मूल्यांकन करेगा और उनके जीवन स्तर को सुधारने के लिए रणनीतियाँ सुझाएगा।

अंतरराष्ट्रीय अंपायर बिस्मिल्लाह जान शिनवारी का 41 वर्ष की आयु में निधन

बिस्मिल्लाह जान शिनवारी, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के अंतर्राष्ट्रीय अंपायर पैनल के सम्मानित सदस्य, का 41 वर्ष की आयु में सोमवार, 7 जुलाई 2025 को दुखद निधन हो गया। वह पाकिस्तान के पेशावर में पेट की सर्जरी के दौरान जीवन की अंतिम लड़ाई लड़ रहे थे। उनके भाई सैदा जान ने उनके निधन की पुष्टि की। उनका अंतिम संस्कार 8 जुलाई को अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत के अचिन जिले में उनके पैतृक स्थान पर किया गया। शिनवारी का असमय निधन न केवल अफगान क्रिकेट जगत के लिए, बल्कि वैश्विक क्रिकेट समुदाय के लिए भी एक अपूरणीय क्षति है।

पेशेवर उत्कृष्टता की एक प्रेरणादायक यात्रा

शिनवारी ने 2017 में अंतरराष्ट्रीय अंपायरिंग की दुनिया में कदम रखा, जब उन्होंने शारजाह में अफगानिस्तान और आयरलैंड के बीच अपने पहले वनडे मैच में अंपायरिंग की। इसके बाद उनका करियर लगातार आगे बढ़ता गया, और वे वैश्विक मंच पर अफगानिस्तान के सबसे प्रमुख क्रिकेट अंपायरों में से एक बन गए। उनके बेहतरीन फैसलों, शांत व्यवहार और खेल के प्रति गहरी समझ ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में विशेष पहचान दिलाई।

समय के साथ उन्होंने जिन मैचों में अंपायरिंग की:

  • 34 वनडे अंतरराष्ट्रीय (ODIs)

  • 26 टी20 अंतरराष्ट्रीय (T20Is)

  • 31 फर्स्ट-क्लास मैच

  • 51 लिस्ट ए मुकाबले

  • 96 घरेलू टी20 मैच

मैदान पर उनके प्रदर्शन को हमेशा निष्पक्षता, सटीक निर्णय क्षमता और शांत स्वभाव के लिए सराहा गया। उन्होंने खुद को अंतरराष्ट्रीय अंपायरिंग समुदाय में सबसे भरोसेमंद और सम्मानित शख्सियतों में से एक के रूप में स्थापित किया।

उनका अंतिम अंतर्राष्ट्रीय अंपायरिंग

उनकी अंतिम अंतरराष्ट्रीय नियुक्ति फरवरी 2025 में हुई थी, जब उन्होंने ओमान के अल अमेरात में आयोजित आईसीसी मेन्स क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग 2 मैचों में अंपायरिंग की थी। उच्च दबाव वाले मुकाबलों में उनकी उपस्थिति, संतुलित निर्णय क्षमता और शांति ने खिलाड़ियों, कोचों और सह-अंपायरों के बीच उन्हें गहरा सम्मान दिलाया।

केरल मत्स्य विभाग उत्कृष्टता पुरस्कार 2025: कासरगोड को प्रथम स्थान

केरल मत्स्य विभाग ने कासरगोड जिले को लोकप्रिय मत्स्य पालन परियोजना के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए “मत्स्य विभाग उत्कृष्टता पुरस्कार 2025” से सम्मानित किया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान कासरगोड की टिकाऊ और नवाचारी जलीय कृषि पद्धतियों में नेतृत्व क्षमता और जमीनी स्तर पर निरंतर प्रयासों को दर्शाता है। जिले ने मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की है और आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर मत्स्य उत्पादन में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। यह पुरस्कार राज्य में मछली पालन के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करता है।

मत्स्य क्षेत्र में उपलब्धियों के लिए राज्य स्तर पर सम्मान

कासरगोड जिले को केरल राज्य में मत्स्य विकास परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सर्वश्रेष्ठ जिला घोषित किया गया है। यह सम्मान केरल सरकार के वार्षिक राज्य किसान पुरस्कारों के तहत दिया गया, जिसे मत्स्य और जलीय कृषि क्षेत्रों में उत्कृष्टता को मान्यता देने के लिए शुरू किया गया है।

जिला प्रशासन के अनुसार, यह पुरस्कार कासरगोड की सक्रिय पहल को दर्शाता है, जिसमें जिले ने अंतर्देशीय मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने, टिकाऊ जलीय कृषि पद्धतियों को अपनाने और स्थानीय किसानों को इस क्षेत्र में प्रोत्साहित करने में अग्रणी भूमिका निभाई है।

व्यक्तिगत श्रेणियों में स्थानीय मछली पालकों को सम्मान

जिले के साथ-साथ, कासरगोड के दो स्थानीय जलीय कृषि उद्यमियों को व्यक्तिगत श्रेणियों में भी पुरस्कार प्राप्त हुए:

  • पदन्ना के मत्स्य पालक रवि पी.पी. को “सर्वश्रेष्ठ बैकवाटर मत्स्य बीज उत्पादन किसान” श्रेणी में दूसरा स्थान मिला।

  • कुम्बला स्थित “सी पर्ल एक्वाफार्म” को “सर्वश्रेष्ठ नवाचारी मत्स्य पालन” श्रेणी में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ।

ये पुरस्कार इस बात को रेखांकित करते हैं कि व्यक्तिगत नवाचार और उद्यमिता कैसे किसी जिले के मत्स्य क्षेत्र को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

नेतृत्व और समन्वय की सराहना

जिला कलेक्टर के. इनबासेकर ने इस सम्मान को प्राप्त करने में योगदान देने वाले सभी हितधारकों का आभार व्यक्त किया। विशेष रूप से उन्होंने मत्स्य पालन उपनिदेशक के.ए. लबीब की रणनीतिक दिशा और परियोजनाओं को सफलता तक पहुँचाने में उनके मार्गदर्शन के लिए प्रशंसा व्यक्त की।

राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन

यह पुरस्कार कासरगोड जिले के राज्य स्तरीय मान्यता के बढ़ते रिकॉर्ड में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है:

  • पूर्व वर्षों में भी कासरगोड को “मत्स्य कृषक पुरस्कार” योजना के तहत सर्वश्रेष्ठ जिला पुरस्कार प्राप्त हो चुका है।

  • वर्ष 2023 के राज्य जैव विविधता पुरस्कारों में जिले को “सर्वश्रेष्ठ जैव विविधता प्रबंधन समिति (BMC)” पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

  • विशेष रूप से, कासरगोड की जिला पंचायत BMS देश की पहली इकाई बनी जिसने क्षेत्र की जैव विविधता पहचान को दर्शाते हुए एक आधिकारिक पेड़, फूल और पक्षी की घोषणा की थी।

ये उपलब्धियां कासरगोड के सतत प्रयासों और समर्पित नेतृत्व को दर्शाती हैं, जिससे जिले ने मत्स्य और जैव विविधता क्षेत्र में एक अनुकरणीय स्थान प्राप्त किया है।

भारत ने पनडुब्बी रोधी रॉकेट प्रणाली का किया सफल परीक्षण

भारत ने एक विस्तारित रेंज वाली पनडुब्बी रोधी रॉकेट प्रणाली का परीक्षण किया है। इससे भारतीय नौसेना की मारक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। विस्तारित रेंज एंटी सबमरीन राकेट (ईआरएएसआर) का परीक्षण आइएनएस कवरत्ती से सफलतापूर्वक किया गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा अनुसंधान विकास संगठन, भारतीय नौसेना और इस प्रणाली के विकास एवं परीक्षण में शामिल उद्योग को बधाई दी।

भारतीय नौसेना ने कहा कि इसमें दो रॉकेट मोटर स्थापित है जो उच्च सटीकता और स्थिरता के साथ व्यापक रेंज की आवश्यकताओं को पूरा करता है। इस दौरान कुल 17 ईआरएएसआर का विभिन्न श्रेणियों में सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया। ईआरएएसआर के सफल परीक्षण से भारतीय नौसेना की पनडुब्बी रोधी क्षमता में वृद्धि हुई है।

ERASR प्रणाली के परीक्षण INS कवारत्ती से किए गए

ईआरएएसआर (Extended Range Anti-Submarine Rocket) प्रणाली के परीक्षण भारतीय नौसेना के अग्रिम पंक्ति के युद्धपोत आईएनएस कवारत्ती से 23 जून से 7 जुलाई 2025 के बीच किए गए। ये परीक्षण समुद्र में वास्तविक युद्ध जैसी स्थितियों को ध्यान में रखते हुए किए गए, ताकि प्रणाली की क्षमता और विश्वसनीयता का मूल्यांकन वास्तविक परिस्थितियों में किया जा सके।

परीक्षणों के दौरान कुल 17 रॉकेट दागे गए। प्रत्येक रॉकेट को अलग-अलग दूरी पर परीक्षण किया गया, ताकि विभिन्न रेंज पर इसकी सटीकता और प्रभावशीलता का आंकलन किया जा सके। ये परीक्षण भारतीय नौसेना की पनडुब्बी रोधी क्षमता को और अधिक मज़बूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।

ईआरएएसआर प्रणाली की प्रमुख विशेषताएँ

एक्सटेंडेड रेंज एंटी-सबमरीन रॉकेट (ERASR) प्रणाली को समुद्र में छिपी पनडुब्बियों का पता लगाकर उन्हें नष्ट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह प्रणाली आधुनिक तकनीक, सटीकता और रेंज लचीलापन के कारण बेहद प्रभावशाली मानी जाती है। नीचे इसकी प्रमुख विशेषताएँ दी गई हैं जो इसे भारतीय नौसेना के लिए एक बहुमूल्य संपत्ति बनाती हैं:

ट्विन-रॉकेट मोटर कॉन्फ़िगरेशन

ERASR में ट्विन-रॉकेट मोटर प्रणाली का उपयोग किया गया है, जिससे यह विभिन्न दूरी पर लक्ष्यों को साधने में सक्षम है। यह प्रणाली मिशन की ज़रूरत के अनुसार शॉर्ट-रेंज और एक्सटेंडेड-रेंज दोनों लक्ष्यों के लिए उपयोगी है।

उच्च सटीकता और स्थिरता

ERASR को अत्याधुनिक टार्गेटिंग क्षमताओं के साथ डिज़ाइन किया गया है, जिससे यह कठिन समुद्री परिस्थितियों में भी लगातार सटीकता बनाए रखती है।

इलेक्ट्रॉनिक टाइम फ़्यूज़

रॉकेट में एक आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक फ़्यूज़ लगाया गया है जो विस्फोट के समय को नियंत्रित करता है। इससे वॉरहेड सही समय पर फटता है, जिससे छिपी हुई पनडुब्बी को नष्ट करने की संभावना बढ़ जाती है।

वॉरहेड कार्यक्षमता

परीक्षणों के दौरान वॉरहेड ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रत्येक विस्फोट अपेक्षित मानकों पर खरा उतरा, जिससे यह सिद्ध हुआ कि यह प्रणाली वास्तविक युद्ध स्थितियों में तैनाती के लिए तैयार है।

परीक्षण परिणाम और उद्देश्य

भारतीय नौसेना ने पुष्टि की है कि उपयोगकर्ता परीक्षणों के सभी उद्देश्य पूरी तरह से सफल रहे, जिनमें शामिल हैं:

  • रेंज प्रदर्शन: रॉकेट्स ने विभिन्न दूरीयों को सफलतापूर्वक कवर किया।

  • इलेक्ट्रॉनिक फ़्यूज़ की कार्यक्षमता: प्रत्येक परीक्षण में यह सटीक और विश्वसनीय रहा।

  • वॉरहेड सक्रियण: सभी वॉरहेड्स ने योजना के अनुसार कार्य किया।

आत्मनिर्भर भारत की ओर एक और कदम

ERASR प्रणाली का सफल परीक्षण भारत की रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह प्रणाली DRDO, भारतीय नौसेना और भारतीय रक्षा उद्योग के सहयोग से विकसित की गई है। यह प्रमाण है कि भारतीय वैज्ञानिक और इंजीनियर विश्व स्तरीय रक्षा तकनीक विकसित करने में पूरी तरह सक्षम हैं।

PM मोदी ब्राजील के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 08 जुलाई 2025 को ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा ने सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द सदर्न क्रॉस’ से सम्मानित किया। यह पुरस्कार पीएम मोदी को भारत-ब्राजील के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और ग्लोबल मंचों पर सहयोग बढ़ाने के लिए दिया गया। मई 2014 में प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद से पीएम मोदी को किसी विदेशी सरकार की तरफ से दिया गया यह 26वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।

ब्राज़ील का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार

‘ग्रैंड कॉलर ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द सदर्न क्रॉस’ ब्राज़ील का सबसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान है। यह पुरस्कार आम तौर पर राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने ब्राज़ील और अन्य देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने में विशेष योगदान दिया हो।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह सम्मान प्रदान करके ब्राज़ील ने भारत-ब्राज़ील रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में उनके प्रयासों की सराहना की है। साथ ही, उन्होंने BRICS, G20 और संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग को बढ़ावा देने में जो भूमिका निभाई है, उसे भी इस सम्मान के माध्यम से वैश्विक स्तर पर स्वीकार किया गया है।

भारत-ब्राज़ील संबंधों की मज़बूती का प्रतीक

यह सम्मान भारत और ब्राज़ील, दो लोकतांत्रिक देशों, के बीच गहराते संबंधों का प्रतीक है। दोनों देशों के बीच साझा मूल्य हैं—जैसे संप्रभुता का सम्मान, सतत विकास, और बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था को बढ़ावा देना। बीते वर्षों में भारत और ब्राज़ील ने कई क्षेत्रों में मिलकर कार्य किया है, जैसे:

  • व्यापार और निवेश

  • नवीकरणीय ऊर्जा

  • कृषि तकनीक

  • अंतरिक्ष अनुसंधान

  • वैश्विक शासन और सहयोग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इन दोनों देशों के बीच रिश्ते और भी मजबूत हुए हैं, खासकर बहुपक्षीय मंचों और क्षेत्रीय संवादों के ज़रिए। यह सम्मान इस साझेदारी की बढ़ती शक्ति और गहराई का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतीक बन गया है।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का गर्व

यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मई 2014 में कार्यभार संभालने के बाद किसी विदेशी राष्ट्र द्वारा प्रदान किया गया 26वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। ये सम्मान भारत की कूटनीतिक शक्ति, बढ़ती आर्थिक ताकत, और वैश्विक नेतृत्व में उस पर हो रहे विश्वास को दर्शाते हैं।

ब्राज़ील द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को सम्मानित करना न केवल उनकी वैश्विक भूमिका की सराहना है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि भारत अब वैश्विक दक्षिण (Global South) में नीतियों के निर्माण में एक अहम भागीदार बन चुका है।

भारतीय नेताओं की ओर से सराहना

इस सम्मान की घोषणा के बाद पूरे भारत में खुशी की लहर दौड़ गई। देशभर के नेताओं ने इसे गर्व का क्षण बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी है। कई नेताओं ने कहा कि यह सम्मान सिर्फ मोदी की कूटनीतिक सफलता का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह भारत की वैश्विक साख और अंतरराष्ट्रीय मामलों में बढ़ते प्रभाव को भी दर्शाता है।

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