अमेरिका–दक्षिण कोरिया का बड़ा संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘फ्रीडम शील्ड’ शुरू

अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने अपना वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास फ्रीडम शील्ड (Freedom Shield) शुरू कर दिया है। यह अभ्यास ऐसे समय में हो रहा है जब मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण संभावित अमेरिकी सैन्य गतिविधियों को लेकर चर्चाएँ तेज हैं। कुछ सैन्य उपकरणों की पुनः तैनाती को लेकर अटकलों के बावजूद, दोनों देशों ने स्पष्ट किया है कि यह संयुक्त सैन्य अभ्यास निर्धारित योजना के अनुसार ही जारी रहेगा।

‘फ्रीडम शील्ड’ सैन्य अभ्यास क्या है?

फ्रीडम शील्ड एक बड़ा वार्षिक रक्षा अभ्यास है, जिसे अमेरिका और दक्षिण कोरिया की सेनाएँ संयुक्त रूप से आयोजित करती हैं। इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों सहयोगी देशों के बीच समन्वय को मजबूत करना और संभावित सुरक्षा खतरों से निपटने की क्षमता को बढ़ाना है।

इस अभ्यास में मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • कमांड-पोस्ट सिमुलेशन
  • फील्ड ट्रेनिंग अभ्यास
  • संयुक्त सैन्य समन्वय गतिविधियाँ

यह अभ्यास सोमवार से शुरू हुआ है और 19 मार्च तक जारी रहेगा।

दक्षिण कोरिया और अमेरिकी सैनिकों की भागीदारी

इस अभ्यास में लगभग 18,000 दक्षिण कोरियाई सैनिक भाग ले रहे हैं। हालांकि, यूएस फोर्सेज कोरिया ने इसमें शामिल अमेरिकी सैनिकों की सटीक संख्या का खुलासा नहीं किया है। यह अभ्यास दोनों देशों की रक्षा साझेदारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है और हर वर्ष आयोजित किया जाता है।

अमेरिकी सैन्य उपकरणों की आवाजाही की रिपोर्ट

हाल ही में मीडिया रिपोर्टों में कहा गया कि दक्षिण कोरिया में मौजूद कुछ अमेरिकी सैन्य उपकरणों को मध्य पूर्व में संभावित अभियानों के समर्थन के लिए स्थानांतरित किया जा सकता है।

योनहाप समाचार एजेंसी के अनुसार, बड़े अमेरिकी सैन्य परिवहन विमान जैसे:

  • लॉकहीड C-5 गैलेक्सी
  • बोइंग C-17 ग्लोबमास्टर III

सियोल के पास स्थित Osan Air Base पर उतरे और कुछ दिनों बाद वहां से रवाना हो गए। इस गतिविधि के बाद सैन्य संसाधनों के संभावित स्थानांतरण को लेकर अटकलें तेज हो गईं।

पैट्रियट मिसाइल रक्षा प्रणाली की भूमिका

रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि कुछ MIM-104 पैट्रियट मिसाइल प्रणाली इकाइयों को दक्षिण कोरिया में अन्य अमेरिकी ठिकानों से ओसान एयर बेस पर स्थानांतरित किया गया।

पैट्रियट प्रणाली वायु रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है क्योंकि यह:

  • आने वाले खतरों का पता लगा सकती है
  • दुश्मन की मिसाइलों और ड्रोन को ट्रैक कर सकती है
  • क्रूज़ मिसाइल और सामरिक बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर सकती है

यह प्रणाली मुख्य रूप से उत्तरी कोरिया से संभावित खतरों का सामना करने के लिए दक्षिण कोरिया की मिसाइल रक्षा प्रणाली का अहम हिस्सा है।

मध्य पूर्व में पहले भी अस्थायी तैनाती

  • पिछले वर्ष जून में दक्षिण कोरिया में तैनात अमेरिकी सेना की दो पैट्रियट मिसाइल बैटरियों को ईरान के परमाणु ठिकानों को लेकर चल रहे अभियानों के दौरान अस्थायी रूप से मध्य पूर्व भेजा गया था। बाद में ये प्रणाली अक्टूबर में वापस दक्षिण कोरिया लौट आई थी।
  • इसी वजह से हाल की विमान गतिविधियों ने फिर से संभावित पुनः तैनाती को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सरकारों की प्रतिक्रिया

  • दोनों देशों की सरकारों ने सैन्य उपकरणों की आवाजाही के बारे में विस्तृत जानकारी देने से परहेज किया है।
  • दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि दोनों देश लगातार संपर्क में हैं ताकि सुरक्षा में किसी प्रकार की कमी न आए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फ्रीडम शील्ड अभ्यास सामान्य रूप से जारी है, भले ही मध्य पूर्व की स्थिति बदलती रहे।

अभ्यास के पैमाने में बदलाव

  • इस वर्ष के अभ्यास में 22 फील्ड ट्रेनिंग ड्रिल शामिल हैं, जबकि पिछले संस्करण में 51 ड्रिल आयोजित किए गए थे।
  • यह कमी दक्षिण कोरिया के वर्तमान राष्ट्रपति ली जे-म्युंग के प्रशासन के दौरान की गई है, जो पूर्व नेता यून सुक योल के महाभियोग के बाद पद पर आए हैं।
  • इस कदम को उत्तर कोरिया के साथ संबंधों को स्थिर करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

उत्तर कोरिया की प्रतिक्रिया और परमाणु योजना

  • उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने हाल ही में सत्तारूढ़ कोरिया की श्रमिक पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक की। इसमें उन्होंने देश के परमाणु हथियार कार्यक्रम को मजबूत करने और मिसाइल वितरण प्रणालियों को उन्नत करने का संकल्प व्यक्त किया।
  • साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि अमेरिका अपनी “शत्रुतापूर्ण नीति” बदलता है, तो अमेरिका के साथ बेहतर संबंध संभव हो सकते हैं।

भविष्य में कूटनीति की संभावना

  • किम जोंग उन पहले भी डोनाल्ड ट्रम्प के साथ अपनी बैठकों के बारे में सकारात्मक टिप्पणी कर चुके हैं। ट्रंप के पहले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान दोनों नेताओं की तीन बार मुलाकात हुई थी।
  • दक्षिण कोरियाई अधिकारियों का मानना है कि इस महीने ट्रंप की संभावित China यात्रा उत्तर कोरिया से जुड़े नए कूटनीतिक संवाद का अवसर प्रदान कर सकती है।
  • हालांकि, किम जोंग उन ने हाल ही में दक्षिण कोरिया को “सबसे शत्रुतापूर्ण इकाई” बताते हुए उसके प्रति कड़ा रुख भी बनाए रखा है।

पार्थनिल घोष बने HDFC ERGO जनरल इंश्योरेंस के प्रबंध निदेशक और सीईओ

भारत के बीमा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन के तहत HDFC ERGO जनरल इंश्योरेंस ने पार्थनिल घोष को अपना नया प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (MD & CEO) नियुक्त करने की घोषणा की है। कंपनी के निदेशक मंडल ने हाल ही में इस निर्णय को मंजूरी दी। घोष 16 अप्रैल 2026 से आधिकारिक रूप से पदभार संभालेंगे। उनकी नियुक्ति भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) और अन्य संबंधित प्राधिकरणों से आवश्यक अनुमोदन मिलने के बाद प्रभावी होगी।

पार्थनिल घोष अनुज त्यागी की जगह लेंगे

इस नियुक्ति के साथ पार्थनिल घोष कंपनी के वर्तमान प्रमुख अनुज त्यागी का स्थान लेंगे, जो पिछले कई वर्षों से कंपनी का नेतृत्व कर रहे थे। उनके कार्यकाल में HDFC ERGO जनरल इंश्योरेंस ने अपने कारोबार का विस्तार किया और भारतीय बीमा बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति स्थापित की। कंपनी के निदेशक मंडल ने उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए आभार व्यक्त करते हुए उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएँ भी दी हैं।

बीमा और वित्तीय सेवाओं में व्यापक अनुभव

पार्थनिल घोष के पास वित्तीय सेवा उद्योग में तीन दशकों से अधिक का पेशेवर अनुभव है। इनमें से 16 वर्ष से अधिक का समय उन्होंने सामान्य बीमा क्षेत्र में कार्य करते हुए बिताया है। अपने करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण नेतृत्व पदों पर काम किया है और बीमा संचालन, रणनीति तथा व्यवसाय प्रबंधन की गहरी समझ विकसित की है।

HDFC ERGO के साथ उनका सफर

पार्थनिल घोष वर्ष 2016 में HDFC ERGO जनरल इंश्योरेंस से जुड़े थे, जब कंपनी का L&T जनरल इंश्योरेंस के साथ विलय हुआ था। तब से वह कंपनी के व्यवसाय को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। मई 2025 में उन्हें एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर पदोन्नत किया गया, जहां उन्होंने कंपनी के प्रबंधन और संचालन में महत्वपूर्ण योगदान जारी रखा।

प्रमुख योगदान के क्षेत्र

कंपनी में अपने कार्यकाल के दौरान पार्थनिल घोष ने कई महत्वपूर्ण विभागों में कार्य किया। इन प्रमुख क्षेत्रों में शामिल हैं:

  • रिटेल इंश्योरेंस
  • कमर्शियल इंश्योरेंस
  • फसल बीमा
  • अंडरराइटिंग
  • क्लेम्स मैनेजमेंट
  • रीइंश्योरेंस रणनीति
  • प्रौद्योगिकी विकास

इन क्षेत्रों में उनके प्रयासों ने HDFC ERGO जनरल इंश्योरेंस की संचालन क्षमता (Operational Efficiency) को बेहतर बनाने और ग्राहक सेवाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

बीमा एकीकरण (Integration) परियोजनाओं में भूमिका

पार्थनिल घोष ने कंपनी की कई महत्वपूर्ण एकीकरण परियोजनाओं में भी अहम भूमिका निभाई। इनमें सबसे महत्वपूर्ण L&T जनरल इंश्योरेंस के साथ हुआ विलय था। इसके अलावा वे Apollo Munich Health Insurance के एकीकरण में भी शामिल रहे, जिससे HDFC ERGO जनरल इंश्योरेंस की स्वास्थ्य बीमा बाजार में उपस्थिति और अधिक मजबूत हुई।

नियुक्ति पर चेयरमैन का बयान

केकी एम. मिस्त्री, जो HDFC ERGO जनरल इंश्योरेंस के चेयरमैन हैं, ने पार्थनिल घोष के संगठन में दिए गए योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि घोष ने कंपनी की वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और बीमा उद्योग में इसकी स्थिति को मजबूत करने में मदद की है।

उनके अनुसार, घोष के पास उद्योग का व्यापक अनुभव, संचालन संबंधी विशेषज्ञता और रणनीतिक नेतृत्व क्षमता है, जो कंपनी को अपनी विकास यात्रा जारी रखने और ग्राहकों का विश्वास बनाए रखने में मदद करेगी।

आगे की दिशा

पार्थनिल घोष के एमडी और सीईओ बनने के साथ HDFC ERGO जनरल इंश्योरेंस के नवाचार, ग्राहक-केंद्रित सेवाओं और सतत विकास पर अधिक ध्यान देने की उम्मीद है। यह नेतृत्व परिवर्तन भारत के प्रतिस्पर्धी बीमा क्षेत्र में कंपनी को विस्तार के अगले चरण तक ले जाने के उद्देश्य से किया गया है।

ऑस्कर 2026: किन फिल्मों और कलाकारों को मिल सकता है बड़ा सम्मान?

98th Academy Awards का आयोजन 15 मार्च 2026 को डॉल्बी थिएटर, लॉस एंजिल्स में किया जाएगा। यह समारोह पिछले वर्ष की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों और कलाकारों के प्रदर्शन का सम्मान करता है और वैश्विक फिल्म उद्योग के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक माना जाता है। जैसे-जैसे समारोह की तारीख नजदीक आ रही है, फिल्म समीक्षकों और विश्लेषकों ने सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म, सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री जैसी प्रमुख श्रेणियों के लिए कई मजबूत दावेदारों की पहचान की है।

सर्वश्रेष्ठ फिल्म (Best Picture): प्रमुख दावेदार

2026 के ऑस्कर पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ फिल्म की दौड़ काफी प्रतिस्पर्धी मानी जा रही है, जहां कई फिल्में मजबूत दावेदार के रूप में उभरकर सामने आई हैं।

दौड़ में प्रमुख फिल्में
• One Battle After Another – यह फिल्म कई श्रेणियों में मजबूत प्रदर्शन करने की उम्मीद के साथ एक प्रमुख दावेदार मानी जा रही है।
• Sinners – यह वर्ष की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक है, जिसे आलोचकों से भी काफी सराहना मिली है।
• Hamnet – यह एक ऐतिहासिक ड्रामा फिल्म है, जिसे काफी प्रशंसा और कई नामांकन प्राप्त हुए हैं।

इन फिल्मों में One Battle After Another को व्यापक रूप से अग्रणी दावेदार माना जा रहा है, हालांकि Sinners और Hamnet से कड़ी प्रतिस्पर्धा बनी हुई है।

सर्वश्रेष्ठ अभिनेता: प्रमुख दावेदार

सर्वश्रेष्ठ अभिनेता श्रेणी में हॉलीवुड के जाने-माने अभिनेताओं के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है।

शीर्ष नामांकित और पूर्वानुमान

अभिनेता फिल्म
माइकल बी. जॉर्डन सिनर्स (Sinners)
टिमोथी शैलेमे मार्टी सुप्रीम (Marty Supreme)
लियोनार्डो डिकैप्रियो वन बैटल आफ्टर अनदर (One Battle After Another)
वैगनर मौरा द सीक्रेट एजेंट (The Secret Agent)
ईथन हॉक ब्लू मून (Blue Moon)

इन दावेदारों में माइकल बी. जॉर्डन को प्रमुख दावेदारों में से एक माना जा रहा है, क्योंकि उन्हें आलोचकों और फिल्म उद्योग के विशेषज्ञों से मजबूत समर्थन प्राप्त हुआ है।

सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री: मजबूत दावेदार

सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री की श्रेणी में भी कई अभिनेत्रियों के दमदार प्रदर्शन देखने को मिले हैं।

प्रमुख दावेदार

  • जेसी बक्ली – हैमनेट (Hamnet)
  • रोज़ बर्न – इफ आई हैड लेग्स आई’ड किक यू (If I Had Legs I’d Kick You)
  • अन्य प्रमुख फिल्मों की नामांकित अभिनेत्रियाँ

कई फिल्म समीक्षकों का मानना है कि हैमनेट में अपने व्यापक रूप से सराहे गए प्रदर्शन के कारण जेसी बक्ली सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के पुरस्कार की मजबूत दावेदार मानी जा रही हैं।

अन्य प्रमुख संभावित विजेता 

शीर्ष अभिनय और सर्वश्रेष्ठ फिल्म श्रेणियों के अलावा, कुछ अन्य पुरस्कार भी विशेष ध्यान आकर्षित करने की संभावना रखते हैं।

  • सर्वश्रेष्ठ निर्देशक (Best Director): पॉल थॉमस एंडरसन – One Battle After Another
  • सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता (Best Supporting Actor): सीन पेन – मजबूत दावेदार
  • सर्वश्रेष्ठ एनिमेटेड फीचर (Best Animated Feature): KPop Demon Hunters
  • सर्वश्रेष्ठ विजुअल इफेक्ट्स (Best Visual Effects): Avatar: Fire and Ash

2026 के ऑस्कर क्यों खास हैं

2026 के अकादमी पुरस्कार (Oscars) हाल के वर्षों के सबसे प्रतिस्पर्धी संस्करणों में से एक माने जा रहे हैं। यह समारोह दुनिया भर की फिल्मों में उत्कृष्ट अभिनय, रचनात्मक कहानी-कथन और सिनेमाई उपलब्धियों को सम्मानित करेगा। कई मजबूत दावेदारों और अनिश्चित मुकाबलों के कारण अंतिम विजेताओं का पता 15 मार्च 2026 को होने वाले लाइव समारोह के दौरान ही चलेगा।

परीक्षाओं के लिए मुख्य बिंदु

श्रेणी विवरण
कार्यक्रम अकादमी पुरस्कार (ऑस्कर)
संस्करण 98वें अकादमी पुरस्कार
तिथि 15 मार्च 2026
स्थान डॉल्बी थिएटर, लॉस एंजिल्स
मेज़बान (Host) कोनन ओ’ब्रायन
सर्वश्रेष्ठ फिल्म के प्रमुख दावेदार One Battle After Another, Sinners, Hamnet
सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के दावेदार माइकल बी. जॉर्डन, टिमोथी शैलेमे, लियोनार्डो डिकैप्रियो
सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के दावेदार जेसी बक्ली, रोज़ बर्न

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘Women in Agri-Food Systems’ वैश्विक सम्मेलन को संबोधित किया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 12 मार्च 2026 को नई दिल्ली में आयोजित कृषि-खाद्य प्रणालियों में महिलाओं की भूमिका पर वैश्विक सम्मेलन 2026 (GCWAS-2026) के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। इस सम्मेलन का उद्देश्य कृषि-खाद्य क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को मजबूत करना और लैंगिक समावेशी विकास को बढ़ावा देना है। इस कार्यक्रम में कृषि और खाद्य प्रणालियों में महिलाओं की भूमिका को सशक्त बनाने तथा उनके लिए अधिक अवसर और सहयोगी नीतियाँ विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया गया।

GCWAS-2026 सम्मेलन का उद्देश्य

यह वैश्विक सम्मेलन टिकाऊ कृषि प्रणालियों के निर्माण में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करने और खेती में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इस सम्मेलन में नीति-निर्माता, शोधकर्ता, कृषि विशेषज्ञ और अंतरराष्ट्रीय संगठन भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम में ऐसे नीति ढांचे और संस्थागत सहयोग पर चर्चा की जा रही है जो कृषि-खाद्य मूल्य श्रृंखला में महिलाओं की भागीदारी बढ़ा सकें।

कृषि में महिलाओं के योगदान पर राष्ट्रपति का जोर

सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि महिलाएँ कृषि उत्पादन के लगभग हर चरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। बीज बोने और फसल कटाई से लेकर कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और बाजार तक पहुँचाने तक महिलाओं का बड़ा योगदान है। उन्होंने मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन, पशुपालन और वन आधारित आजीविका में भी महिलाओं की सक्रिय भूमिका को रेखांकित किया।

कृषि शिक्षा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी

राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि कृषि शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार राज्य कृषि विश्वविद्यालयों में 50 प्रतिशत से अधिक छात्राएँ हैं, जबकि कई संस्थानों में यह संख्या 60 प्रतिशत से भी अधिक है। उन्होंने कहा कि छात्राएँ शैक्षणिक रूप से भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं।

संयुक्त राष्ट्र की घोषणा: 2026 ‘महिला किसान का अंतरराष्ट्रीय वर्ष’

सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति ने उल्लेख किया कि संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2026 को ‘महिला किसान का अंतरराष्ट्रीय वर्ष’ घोषित किया है। इस वैश्विक पहल का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में लैंगिक असमानताओं को कम करना और महिलाओं के नेतृत्व को मजबूत करना है।

 

World Sleep Day 2026:अच्छी नींद क्यों है सेहत के लिए जरूरी?

World Sleep Day 2026: शरीर की क्रियाओं का नींद सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके बगैर बेहतर स्वास्थ्य नहीं चल सकता। इसका प्रभाव बचपन से बुजुर्ग होने तक पड़ता है। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लोग काम, मोबाइल और तनाव के कारण अपनी नींद से समझौता करने लगे हैं। देर रात तक जागना और सुबह जल्दी उठना अब आम आदत बन गई है। इसी समस्या के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल विश्व नींद दिवस 2026 (World Sleep Day) मनाया जाता है। आज 13 मार्च को दुनिया भर में विश्व नींद दिवस मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य लोगों को अच्छी और पर्याप्त नींद के महत्व के बारे में बताना है, क्योंकि सही नींद शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी होती है।

विश्व नींद दिवस 2026 की थीम

विश्व नींद दिवस 2026 की थीम (World Sleep Day 2026 Theme) है ‘अच्छी नींद लें, बेहतर जीवन जिएं’ है। ये थीम इस बात पर जोर देती है कि अच्छी नींद शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का एक अनिवार्य आधार है, और नींद को विलासिता के बजाय एक महत्वपूर्ण, दैनिक आदत के रूप में बढ़ावा देता है।

विश्व नींद दिवस क्यों मनाया जाता है

विश्व नींद दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को नींद से जुड़ी समस्याओं और उसके महत्व के बारे में जागरूक करना है। विशेषज्ञों के मुताबिक आज दुनिया भर में बड़ी संख्या में लोग नींद की कमी से जूझ रहे हैं। लगातार कम सोने से शरीर में थकान, चिड़चिड़ापन, कमजोर इम्युनिटी और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसलिए इस दिन लोगों को स्वस्थ जीवन के लिए पर्याप्त नींद लेने की सलाह दी जाती है।

क्यों जरूरी है अच्छी नींद

नींद केवल आराम करने का समय नहीं है, बल्कि यह शरीर के लिए एक तरह की रीचार्ज प्रक्रिया होती है। जब हम सोते हैं तो शरीर कई जरूरी काम करता है जैसे मांसपेशियों की मरम्मत, दिमाग को आराम और हार्मोन का संतुलन। पर्याप्त नींद लेने से शरीर की ऊर्जा बनी रहती है तथा दिमाग भी बेहतर तरीके से काम करता है। अच्छी नींद से याददाश्त मजबूत होती है, मूड बेहतर रहता है और कई बीमारियों का खतरा भी कम हो जाता है।

लाड़ली बहना योजना: 34वीं किस्त की राशि महिलाओं के खातों में भेजी गई, जानें इस योजना के बारे में

मध्य प्रदेश सरकार ने 13 मार्च 2026 को लाडली बहना योजना की 34वीं किस्त जारी कर दी है। इसमें 27 लाख बहनों के खाते में कुल 1836 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर जिले के घाटीगांव स्थित शबरी माता मंदिर परिसर में आयोजित राज्य स्तरीय लाड़ली बहना सम्मेलन से सिंगल क्लिक के माध्यम से यह राशि जारी की।

1.25 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को मिला लाभ

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस बार प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक पात्र लाड़ली बहनों को योजना का लाभ मिला है। सभी के खातों में ₹1500 प्रति महिला के हिसाब से राशि ट्रांसफर की गई। इस किस्त के जरिए राज्य सरकार ने एक साथ करीब ₹1836 करोड़ से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में भेजी है।

लाड़ली बहना योजना के बारे में

लाड़ली बहना योजना की शुरुआत जून 2023 में हुई थी, जब प्रत्येक महिला को हर महीने ₹1000 दिए जाते थे। बाद में इस राशि को बढ़ाकर ₹1250 किया गया और अब इसे बढ़ाकर ₹1500 प्रति माह कर दिया गया है। यह योजना अब अपने 34वें चरण तक पहुंच चुकी है और प्रदेश की महिलाओं के लिए आर्थिक सहारा बन गई है।

महिलाओं की आर्थिक स्थिति बेहतर करने के मकसद से राज्य सरकारें और केंद्र सरकार की ओर से कई तरह की योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसी कड़ी मध्य प्रदेश सरकार ने लाडली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) की शुरुआत की है। इस योजना के जरिए राज्य की बहनों को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाती है।

ऐसे चेक करें अपनी किस्त का स्टेटस

अगर किसी लाभार्थी को भुगतान का मैसेज नहीं मिला है या वह अपने खाते में राशि की स्थिति जानना चाहती है, तो वह ऑनलाइन भी जांच कर सकती है।

इसके लिए प्रक्रिया इस प्रकार है:

  • आधिकारिक वेबसाइट cmladlibahna.mp.gov.in पर जाएं।
  • “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” विकल्प पर क्लिक करें।
  • लाड़ली बहना आवेदन नंबर या समग्र आईडी दर्ज करें।
  • कैप्चा भरकर OTP मंगवाएं और OTP डालकर जानकारी देखें।
  • इसके बाद स्क्रीन पर भुगतान की पूरी जानकारी दिखाई दे जाएगी।

BIM10 टूर्नामेंट विवाद: तीन खिलाड़ियों को किया गया सस्पेंड

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने बारबाडोस में आयोजित Bim10 लीग 2023/24 के दौरान भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में वेस्टइंडीज के खिलाड़ी जेवन सियर्स समेत तीन लोगों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। ICC ने वेस्टइंडीज के खिलाड़ी जेवन सियर्स, टीम अधिकारी ट्रेवॉन ग्रिफिथ और टाइटंस टीम के मालिक चितरंजन राठौड़ पर भ्रष्टाचार विरोधी संहिता के उल्लंघन के आरोप लगाए हैं। इन तीनों पर Bim10 टूर्नामेंट के परिणामों और खेल की घटनाओं को गलत तरीके से प्रभावित करने यानी फिक्सिंग की कोशिश करने का आरोप है।

इन पर आरोप क्या है?

आईसीसी ने वेस्टइंडीज के खिलाड़ी जेवन सियर्स, टीम अधिकारी ट्रेवॉन ग्रिफिथ और टाइटंस टीम के मालिक चितरंजन राठौड़ पर भ्रष्टाचार विरोधी संहिता के उल्लंघन के आरोप लगाए हैं। इन तीनों पर Bim10 टूर्नामेंट के परिणामों और खेल की घटनाओं को गलत तरीके से प्रभावित करने यानी फिक्सिंग की कोशिश करने का आरोप है। इसके अलावा, इन पर अन्य खिलाड़ियों को भ्रष्टाचार के लिए उकसाने और एंटी-करप्शन अधिकारियों की जांच में सहयोग न करने का भी दोष मढ़ा गया है।

आईसीसी का सख्त रुख

आईसीसी ने सख्त रुख अपनाते हुए राठौड़, सियर्स और ग्रिफिथ को तत्काल प्रभाव से क्रिकेट की सभी गतिविधियों से अनंतिम रूप से निलंबित कर दिया है। इन तीनों के पास 11 मार्च 2026 से 14 दिनों का समय है, जिसके भीतर उन्हें इन गंभीर आरोपों पर अपना जवाब दाखिल करना होगा। यह कार्रवाई उस बड़ी जांच का हिस्सा है जिसके तहत जनवरी में अमेरिका के खिलाड़ी आरोन जोन्स को भी फंसाया गया था।

 

Iran Crisis: अमित शाह की अगुवाई में भारत सरकार का विशेष पैनल गठित

केंद्र सरकार ने ईरान में जारी संकट को देखते हुए स्थिति पर करीब से नजर रखने एवं संभावित प्रभावों से निपटने के लिए तीन सदस्यीय मंत्री समूह का गठन किया है। इस उच्चस्तरीय समिति की अध्यक्षता गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। हालांकि सरकार का कहना है कि अभी देश पर इसका कोई खास असर देखने को नहीं मिल रहा है। बता दें कि सरकार कोई कसर नहीं छोड़ना चाह रही है और पहले ही तैयारी के मूड में दिख रही है।

कमेटी में कौन कौन शामिल?

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अलावा इस मंत्री समूह में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी शामिल हैं। विदेश मंत्रालय जहां कूटनीतिक स्तर पर हालात की समीक्षा करेगा, वहीं पेट्रोलियम मंत्रालय वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ने वाले असर का विश्लेषण करेगा। बता दें कि एलपीजी की संभावित कमी या आपूर्ति बाधित होने की स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक स्रोतों और आपूर्ति प्रबंधन पर भी विचार किया जा रहा है।

क्या है कमेटी का मुख्य एजेंडा?

यह कमेटी संकट से निपटने के लिए समन्वय करेगी। इस कमेटी का मुख्य उद्देश्य ईरान संकट के कारण उत्पन्न होने वाली किसी भी भू-राजनीतिक और आर्थिक चुनौती से तुरंत निपटना है। खाड़ी देशों में इस वक्त लाखों भारतीय नागरिक काम कर रहे हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित निकासी की रूपरेखा तैयार करना इस कमेटी की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

 ये कमेटी क्यों खास है?

कई इलाकों में एलपीजी सिलेंडरों (LPG Cylinder) की कमी देखने को मिल रही है और लोगों को इस कमी के चलते कठिनाइयों का का सामना भी करना पड़ रहा है। सरकार ने साफ-साफ संकेत दिए हैं कि घरेलू उपभोक्ताओं को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए अग्रिम तैयारियां की जा रही हैं। तेल कंपनियों को पर्याप्त भंडारण बनाए रखने और वितरण व्यवस्था को सुचारु रखने के निर्देश दिए गए हैं।

भारत के जहाज होर्मुज स्ट्रेट से निकलेंगे 

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के अनुसार ईरान ने भारतीय जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की परमिशन दी है। भारत में तेल की बढ़ती किल्लत के बीच ये बड़ी राहत है क्योंकि युद्ध शुरू होने के बाद से ज्यादातर जहाज वहां फंसे हुए हैं और ट्रैफिक लगभग बंद हो गया है। इन दोनों जहाजों के निकलने से भारत में तेल की किल्लत कुछ हद तक समाप्त हो जाएगी।

 

EPFO से जुड़कर South Indian Bank ने शुरू की EPF पेमेंट सर्विस

साउथ इंडियन बैंक (South Indian Bank) ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees’ Provident Fund Organisation) के सहयोग से नई EPF भुगतान सेवा शुरू की है। इस सेवा के माध्यम से नियोक्ता अब कर्मचारियों के भविष्य निधि (EPF) अंशदान का भुगतान सीधे बैंक के इंटरनेट बैंकिंग प्लेटफॉर्म SIBerNet के जरिए कर सकेंगे, जिससे वैधानिक भुगतान अधिक तेज़ और सुविधाजनक हो जाएगा। इस पहल की घोषणा 12 मार्च 2026 को की गई, जो बैंक की डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

SIBerNet के माध्यम से South Indian Bank EPF भुगतान सेवा

नई शुरू की गई EPF भुगतान सेवा के तहत व्यवसाय अब बैंक के SIBerNet इंटरनेट बैंकिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से वैधानिक EPF भुगतान आसानी से कर सकते हैं। यह इंटीग्रेशन बैंक की डिजिटल बैंकिंग प्रणाली को सीधे कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees’ Provident Fund Organisation) के सिस्टम से जोड़ता है। इसके परिणामस्वरूप नियोक्ता अब अलग-अलग मैनुअल प्रक्रियाओं या अतिरिक्त भुगतान चैनलों के बिना ही ऑनलाइन आसानी से EPF भुगतान कर सकते हैं। यह प्रणाली व्यवसायों को EPF अंशदान जल्दी ट्रांसफर करने और नियामकीय आवश्यकताओं का पालन करने में मदद करती है।

नियोक्ताओं के लिए EPF भुगतान सेवा के लाभ

इस नई सेवा से पूरे भारत में नियोक्ताओं के लिए अनुपालन प्रक्रिया काफी आसान हो जाएगी। जिन व्यवसायों के खाते साउथ इंडियन बैंक में हैं, वे अब एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने वैधानिक भुगतान प्रबंधित कर सकते हैं। इस प्रणाली के प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं—

  • इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से सीधे EPF अंशदान का भुगतान
  • EPFO पोर्टल के जरिए तेज़ और सुरक्षित लेनदेन
  • नियोक्ताओं के लिए सरल वैधानिक अनुपालन
  • कागजी कार्यवाही और मैनुअल हस्तक्षेप में कमी

साउथ इंडियन बैंक EPF भुगतान प्रणाली कैसे काम करती है

साउथ इंडियन बैंक और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के बीच इंटीग्रेशन पूरा होने के बाद नियोक्ता EPFO पोर्टल पर जाकर साउथ इंडियन बैंक के नेट बैंकिंग विकल्प का चयन कर भुगतान कर सकते हैं। इस प्रक्रिया के तहत वे मासिक EPF अंशदान, लंबित बकाया राशि तथा रेमिटेंस शुल्क जैसे संबंधित भुगतान आसानी से ऑनलाइन ट्रांसफर कर सकते हैं।

चेन्नई के ICF में अंतरराष्ट्रीय रेल कोच एक्सपो 2026 का शुभारंभ

अंतरराष्ट्रीय रेल कोच एक्सपो 2026  (International Rail Coach Expo 2026) का उद्घाटन 12 मार्च 2026 को इंटीग्रल कोच फैक्ट्री के परिसर में, चेन्नई में किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन ICF के महाप्रबंधक यू. सुब्बा राव ने किया। यह एक्सपो इंटीग्रल कोच फैक्ट्री द्वारा भारतीय उद्योग परिसंघ के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी 12 से 14 मार्च 2026 तक आयोजित होगी, जिसमें भारत और विदेशों से रेलवे निर्माता, प्रौद्योगिकी प्रदाता तथा उद्योग विशेषज्ञ भाग लेकर रेलवे क्षेत्र में नवीन तकनीकों और नवाचारों का प्रदर्शन करेंगे।

अंतरराष्ट्रीय रेल कोच एक्सपो (IRCE) के बारे में

अंतरराष्ट्रीय रेल कोच एक्सपो (IRCE) रेलवे कोच निर्माण और रेल प्रौद्योगिकी में नवाचारों को प्रदर्शित करने वाला एक महत्वपूर्ण मंच है। इस एक्सपो का उद्देश्य उन्नत रेल कोच डिज़ाइन, टिकाऊ रेल परिवहन समाधान, रेलवे क्षेत्र में स्वदेशी विनिर्माण को बढ़ावा देना तथा वैश्विक और भारतीय कंपनियों के बीच सहयोग को मजबूत करना है। इस कार्यक्रम का आयोजन पहले वर्ष 2018 में किया गया था और तब से यह रेलवे उद्योग से जुड़े हितधारकों के लिए एक प्रमुख वैश्विक मंच बन गया है।

IRCE 2026 के मुख्य क्षेत्र

International Rail Coach Expo 2026 में रेलवे परिवहन के भविष्य को आकार देने वाले कई प्रमुख विषयों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस प्रदर्शनी में सस्टेनेबिलिटी से जुड़ी तकनीकों को प्रस्तुत किया जा रहा है, जो पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने और हरित रेलवे प्रणाली को बढ़ावा देने पर केंद्रित हैं। इसके साथ ही सुरक्षा के क्षेत्र में ट्रेन संचालन को सुरक्षित बनाने के लिए उन्नत सुरक्षा प्रणालियाँ और स्मार्ट मॉनिटरिंग तकनीकों का प्रदर्शन किया जा रहा है।

IRCE 2026 के उद्देश्य

इस एक्सपो का एक प्रमुख उद्देश्य रेलवे क्षेत्र में “Make in India” के तहत स्वदेशी विकास को बढ़ावा देना भी है, जिससे घरेलू नवाचार और उत्पादन को प्रोत्साहन मिले। इसके अलावा उद्योग विशेषज्ञ रेलवे कोचों की गुणवत्ता, टिकाऊपन और दक्षता बढ़ाने के लिए आधुनिक समाधानों को भी प्रस्तुत कर रहे हैं।

विश्व की सबसे बड़ी रेलवे कोच

Integral Coach Factory विश्व की सबसे बड़ी रेलवे कोच निर्माण इकाइयों में से एक है। यह संस्था यात्री कोचों के डिजाइन और निर्माण, आधुनिक ट्रेन प्रौद्योगिकियों के विकास तथा भारत के रेलवे आधुनिकीकरण प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ICF को विशेष रूप से Vande Bharat Express ट्रेन सेटों के निर्माण के लिए भी जाना जाता है, जो स्वदेशी ट्रेन निर्माण में भारत की प्रगति को दर्शाते हैं।

रेलवे उद्योग से जुड़े हितधारकों के बीच नेटवर्किंग को बढ़ावा

यह एक्सपो रेलवे उद्योग से जुड़े हितधारकों के बीच नेटवर्किंग को बढ़ावा देने, आधुनिक रेल प्रौद्योगिकियों के प्रदर्शन, वैश्विक सहयोग को प्रोत्साहित करने और रेलवे निर्माण के क्षेत्र में भारत की स्थिति को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। यह कार्यक्रम देश में आधुनिक और तकनीकी रूप से उन्नत रेलवे अवसंरचना विकसित करने की व्यापक दृष्टि का भी समर्थन करता है।

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