भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 25 फरवरी 2026 को यरुशलम में इज़राइल की सर्वोच्च संसदीय सम्मान “स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल” से सम्मानित किया गया। वे इस प्रतिष्ठित सम्मान को प्राप्त करने वाले पहले वैश्विक नेता बन गए हैं। यह पुरस्कार भारत–इज़राइल के बीच सामरिक संबंधों को गहरा करने, व्यापारिक सहयोग को बढ़ावा देने तथा नवाचार, रक्षा और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में साझेदारी का विस्तार करने में उनके व्यक्तिगत नेतृत्व और योगदान के लिए प्रदान किया गया।
इज़राइल में प्रधानमंत्री मोदी को “स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल” से सम्मान
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इज़राइल की संसद नेसेट को संबोधित करने के बाद “स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान नेसेट के स्पीकर अमीर ओहाना द्वारा प्रदान किया गया। प्रधानमंत्री मोदी इस प्रतिष्ठित सम्मान को प्राप्त करने वाले पहले वैश्विक नेता बने हैं।
मुख्य बिंदु:
- यह मेडल प्राप्त करने वाले पहले विश्व नेता
- भारत–इज़राइल सामरिक संबंधों को सुदृढ़ करने के लिए सम्मानित
- व्यक्तिगत कूटनीतिक नेतृत्व की मान्यता
- इज़राइल का सर्वोच्च संसदीय सम्मान
भारत–इज़राइल सामरिक साझेदारी को नई मजबूती
नेसेट में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की तेज आर्थिक वृद्धि और इज़राइल का नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र (Innovation Ecosystem) गहरी साझेदारी का स्वाभाविक आधार है।
सहयोग के प्रमुख क्षेत्र:
- रक्षा और सुरक्षा सहयोग
- कृषि प्रौद्योगिकी एवं जल प्रबंधन
- साइबर सुरक्षा और नवाचार
- व्यापार और निवेश
यह सम्मान द्विपक्षीय संबंधों को सामरिक स्तर तक ले जाने में प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका को मान्यता देता है।
मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर प्रगति
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत–इज़राइल मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हो रही प्रगति का भी उल्लेख किया।
महत्वपूर्ण विकास:
- FTA वार्ता का पहला दौर शुरू
- वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार विस्तार पर जोर
- अप्रयुक्त व्यापार संभावनाओं को खोलने की दिशा में प्रयास
- उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, किंतु अभी भी दोनों देशों के बीच अवसरों की पूरी क्षमता का उपयोग नहीं हुआ है।
“स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल” का महत्व
यह मेडल इज़राइल का सर्वोच्च संसदीय सम्मान है, जो असाधारण योगदान और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को मजबूत करने के लिए प्रदान किया जाता है।
- भारत के लिए यह सम्मान:
- कूटनीतिक प्रतिष्ठा को बढ़ाता है
- पश्चिम एशिया में भारत की भूमिका को सुदृढ़ करता है
- सामरिक सहयोग को मजबूती देता है
- आर्थिक एवं प्रौद्योगिकी सहयोग को प्रोत्साहित करता है
यह पुरस्कार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को दर्शाता है।
भारत–इज़राइल संबंध : एक अवलोकन
भारत और इज़राइल ने वर्ष 1992 में पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित किए थे। तब से रक्षा, कृषि, जल संरक्षण, साइबर सुरक्षा और व्यापार सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंध तेजी से विस्तारित हुए हैं। इज़राइल भारत के प्रमुख रक्षा आपूर्तिकर्ताओं में से एक है, जबकि व्यापार अब उच्च-प्रौद्योगिकी और नवाचार साझेदारियों तक विस्तृत हो चुका है। नियमित उच्चस्तरीय यात्राओं और रणनीतिक संवादों ने दोनों देशों के बीच राजनीतिक विश्वास और आर्थिक सहयोग को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है।


ऐतिहासिक सम्मान: मोदी इज़राइल और फ़िलिस्...
भारत और इज़राइल ने नई दिल्ली में FTA बात...
पेरू ने जोस मारिया बाल्काज़र को अंतरिम र...

