भारतीय क्रिकेट ने वैश्विक मंच पर एक ऐतिहासिक क्षण देखा है। आईसीसी अंडर-19 पुरुष क्रिकेट विश्व कप 2026 के फाइनल में मात्र 14 वर्षीय प्रतिभाशाली बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी ने युवा क्रिकेट की सबसे विस्फोटक पारियों में से एक खेली। उन्होंने इंग्लैंड अंडर-19 टीम के खिलाफ केवल 80 गेंदों में शानदार 175 रन बनाए, जो अंडर-19 विश्व कप फाइनल के इतिहास का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर बन गया। इस अविश्वसनीय पारी ने न सिर्फ मैच की दिशा बदल दी, बल्कि भारतीय क्रिकेट की भविष्य की ताकत और प्रतिभा को भी दुनिया के सामने मजबूती से स्थापित कर दिया।
वैभव सूर्यवंशी ने कैसे बनाया अपना ऐतिहासिक 175
- वैभव सूर्यवंशी ने पहली ही गेंद से असाधारण आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाज़ी की।
- उन्होंने मात्र 32 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और इसके बाद सिर्फ 23 गेंदों में दूसरा पचासा जड़ दिया।
- उनका शतक बिजली की रफ्तार से आया, जिसमें बेहतरीन क्लीन हिटिंग और निडर इरादे साफ दिखाई दिए।
- इस शानदार पारी में उन्होंने 15 चौके और 15 छक्के लगाए, जबकि उनका स्ट्राइक रेट 218.75 रहा।
- इस युवा ओपनर ने इंग्लैंड के गेंदबाज़ी आक्रमण पर पूरी तरह दबदबा बनाया और अंडर-19 विश्व कप फाइनल में भारत को सपनों जैसी शुरुआत दिलाई।
अंडर-19 विश्व कप फाइनल में टूटे रिकॉर्ड
- 175 रनों की इस ऐतिहासिक पारी ने कई बड़े रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए।
- यह अंडर-19 विश्व कप इतिहास में किसी भारतीय बल्लेबाज़ का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर बन गया, जिसने 2022 संस्करण में राज बावा के 162* रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
- कुल मिलाकर यह पारी यूथ वनडे क्रिकेट इतिहास में नौवां सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है।
- भारतीय खिलाड़ियों में अब केवल 2002 में अंबाती रायुडू का 177* रन इससे ऊपर है।
- इस प्रदर्शन ने वैभव सूर्यवंशी को युवा क्रिकेट के दिग्गजों की विशेष सूची में शामिल कर दिया।
छक्कों का रिकॉर्ड: अंडर-19 टूर्नामेंट में ऐतिहासिक प्रदर्शन
- वैभव सूर्यवंशी ने पूरे टूर्नामेंट में अपनी जबरदस्त पावर-हिटिंग से इतिहास रच दिया।
- उन्होंने एक ही अंडर-19 विश्व कप संस्करण में सबसे अधिक छक्के लगाने का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जो पहले 2022 में डिवाल्ड ब्रेविस के नाम था (22 छक्के)।
- वैभव फाइनल से पहले 15 छक्के लगा चुके थे और फाइनल मुकाबले में अकेले 15 छक्के जड़कर टूर्नामेंट का समापन कुल 30 छक्कों के साथ किया।
- यह रिकॉर्ड उनके दबदबे और निडर बल्लेबाज़ी के अंदाज़ को साफ तौर पर दर्शाता है।
भारतीय क्रिकेट के लिए यह पारी क्यों खास है
- अंडर-19 विश्व कप फाइनल में वैभव सूर्यवंशी का शतक केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है।
- यह भारत की मज़बूत जमीनी क्रिकेट प्रणाली और निडर युवा प्रतिभाओं के उभरने का प्रमाण है।
- महज़ 14 वर्ष की उम्र में विश्व के सबसे बड़े युवा क्रिकेट मंच पर ऐसा प्रदर्शन उनके उज्ज्वल भविष्य की ओर इशारा करता है।
- विशेषज्ञों के अनुसार यह पारी भारतीय बल्लेबाज़ी की अगली पीढ़ी को दिशा देने वाला एक निर्णायक क्षण साबित हो सकती है।


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