भारतीय रिजर्व बैंक ने ‘Payments Vision 2028’ की घोषणा की है, जो भारत में डिजिटल भुगतान प्रणाली को अधिक सुरक्षित, तेज और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इस रोडमैप में “स्विच ऑन-ऑफ” सुविधा, ई-चेक (e-cheque) और Payments Switching Service (PaSS) जैसे नए फीचर्स शामिल हैं, जिनका उद्देश्य उपभोक्ता विश्वास बढ़ाना और डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
Payments Vision 2028 एक व्यापक रणनीति है, जिसमें 15 प्रमुख पहलों के माध्यम से भारत के भुगतान तंत्र को विकसित करने की योजना बनाई गई है।
मुख्य लक्ष्य:
भारत पहले ही Unified Payments Interface (UPI) के माध्यम से रियल-टाइम पेमेंट्स में अग्रणी है, और यह योजना इसे अगले स्तर तक ले जाने का प्रयास है।
यह सुविधा अब तक केवल कार्ड भुगतान तक सीमित थी, लेकिन अब इसे UPI, वॉलेट और अन्य डिजिटल माध्यमों तक बढ़ाया जाएगा।
फायदे:
PaSS एक केंद्रीकृत प्लेटफॉर्म होगा, जो बैंक बदलने या मर्जर के दौरान भुगतान निर्देशों को स्थानांतरित करने में मदद करेगा।
मुख्य विशेषताएं:
RBI डिजिटल धोखाधड़ी से निपटने के लिए नई व्यवस्था पर विचार कर रहा है।
प्रस्ताव के अनुसार:
Trade Receivables Discounting System (TReDS) को और मजबूत करने के लिए इंटरऑपरेबिलिटी लाई जाएगी।
मुख्य सुधार:
RBI ई-चेक की शुरुआत पर भी काम कर रहा है, जो पारंपरिक चेक की विश्वसनीयता को डिजिटल गति के साथ जोड़ेगा।
योजना के तहत:
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