जापान ने ऐतिहासिक जीत के बाद साने ताकाइची को फिर से PM बनाया

जापान की साने ताकाइची को 18 फरवरी 2026 को औपचारिक रूप से दोबारा प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया। 8 फरवरी को हुए आकस्मिक निचले सदन (लोअर हाउस) चुनावों में उनकी भारी जीत के बाद यह फैसला हुआ। 64 वर्षीय ताकाइची अक्टूबर 2025 में जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी थीं। उनकी पार्टी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) ने दो-तिहाई बहुमत हासिल किया।

उनकी पुनर्नियुक्ति रक्षा, राजकोषीय प्रबंधन और राष्ट्रीय सुरक्षा सुधारों जैसे बड़े नीतिगत बदलावों के लिए जनसमर्थन को दर्शाती है।

ऐतिहासिक चुनावी जीत और राजनीतिक जनादेश

  • 8 फरवरी को हुए चुनावों में ताकाइची ने दो-तिहाई बहुमत के साथ निर्णायक जीत दर्ज की। यह मजबूत जनादेश सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी को संवैधानिक और सुरक्षा सुधारों को आगे बढ़ाने की शक्ति देता है।
  • प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम “जिम्मेदार और सक्रिय राजकोषीय नीति” तथा मजबूत राष्ट्रीय सुरक्षा उपायों की सार्वजनिक मांग को दर्शाते हैं।

मजबूत रक्षा नीति और ताइवान पर टिप्पणी

  • ताकाइची ने जापान की क्षेत्रीय सीमाओं और समुद्री हितों की रक्षा के लिए रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने का वादा किया है।
  • उन्होंने पहले यह संकेत दिया था कि यदि चीन बलपूर्वक ताइवान पर कब्ज़ा करने की कोशिश करता है, तो जापान सैन्य हस्तक्षेप कर सकता है। इस बयान पर चीन ने आलोचना करते हुए जापानी सेना पर “सैन्यवाद को पुनर्जीवित करने” का आरोप लगाया।
  • जापान की बदली हुई सुरक्षा नीति पूर्वी एशिया और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की क्षेत्रीय गतिशीलता को प्रभावित कर सकती है।

फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक (FOIP) रणनीति का अद्यतन

ताकाइची जापान की फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक (FOIP) रणनीति में संशोधन कर सकती हैं। इस रणनीति का उद्देश्य है—

  • आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती
  • मुक्त व्यापार साझेदारियाँ
  • क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा

जापान ट्रांस-पैसिफिक पार्टनरशिप के लिए व्यापक और प्रगतिशील समझौता (CPTPP) का प्रमुख सदस्य है, जिसमें यूके, कनाडा और मेक्सिको जैसे देश शामिल हैं। रणनीति में बदलाव बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक सुरक्षा चिंताओं को दर्शाता है।

राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी और जासूसी विरोधी कानून का प्रस्ताव

ताकाइची ने एक राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी स्थापित करने के लिए विधेयक लाने की योजना की घोषणा की, जिससे खुफिया समन्वय और सुरक्षा क्षमताएँ मजबूत होंगी।

उन्होंने जासूसी-रोधी कानून (Anti-Espionage Law) पर भी चर्चा का संकेत दिया। इन कदमों का उद्देश्य वैश्विक साइबर खतरों और क्षेत्रीय तनाव के बीच जापान की आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करना है।

आर्थिक चुनौतियाँ और राजकोषीय बहस

जापान कई वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिनमें शामिल हैं—

  • बढ़ता सरकारी कर्ज
  • महंगाई का दबाव
  • वृद्ध होती जनसंख्या
  • श्रम की कमी

ताकाइची ने महंगाई से राहत देने के लिए खाद्य पदार्थों पर उपभोग कर (Consumption Tax) को दो वर्षों के लिए निलंबित करने का वादा किया है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इससे राजस्व आधार कमजोर हो सकता है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अनुसार, 2025 से 2031 के बीच जापान के कर्ज पर ब्याज भुगतान दोगुना होने का अनुमान है।

PM मोदी ने इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का उद्घाटन किया। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को मानव इतिहास का एक परिवर्तनकारी अध्याय बताया। 100 से अधिक देशों के नेताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत एआई को केवल एक अवसर नहीं, बल्कि भविष्य की रूपरेखा (ब्लूप्रिंट) के रूप में देखता है। “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” थीम पर आधारित यह समिट मानव-केंद्रित, समावेशी और जिम्मेदार एआई के माध्यम से वैश्विक प्रगति को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखता है।

वैश्विक एआई नेतृत्व का प्रदर्शन

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में—

  • 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि
  • 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष और शासनाध्यक्ष
  • लगभग 60 मंत्री और उपमंत्री
  • 500 से अधिक वैश्विक एआई लीडर और सीईओ शामिल हुए

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी करना भारत और वैश्विक दक्षिण (Global South) के लिए गर्व का क्षण है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: मानव सभ्यता का एक मोड़

  • प्रधानमंत्री मोदी ने एआई के उदय की तुलना आग, लेखन और वायरलेस संचार जैसे ऐतिहासिक आविष्कारों से की। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी उतनी ही बड़ी परिवर्तनकारी शक्ति है।
  • उन्होंने जोर दिया कि भले ही मशीनें बुद्धिमान बन रही हों, एआई की वास्तविक शक्ति मानव क्षमताओं को कई गुना बढ़ाने में निहित है।
  • हालांकि, उन्होंने चेतावनी भी दी कि आज मानवता जो दिशा चुनेगी, वही एआई के दीर्घकालिक प्रभाव को तय करेगी। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि एआई को मानव-केंद्रित, संवेदनशील और जिम्मेदार बनाए रखना आवश्यक है।

AI के लिए M.A.N.A.V विज़न

समिट में, PM मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस गवर्नेंस के लिए भारत के M.A.N.A.V फ्रेमवर्क को पेश किया।

M – मोरल और एथिकल सिस्टम
A – अकाउंटेबल गवर्नेंस
N – नेशनल सॉवरेनिटी (डेटा ओनरशिप राइट्स)
A – एक्सेसिबल और इनक्लूसिव AI
V – वैलिड और लेजिटिमेट AI सिस्टम

M.A.N.A.V का यह विज़न भारत को दुनिया भर में एथिकल AI स्टैंडर्ड्स को सपोर्ट करने वाले लीडर के तौर पर खड़ा करता है।

ग्लोबल साउथ के लिए एआई का लोकतंत्रीकरण

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि एआई का लोकतंत्रीकरण आवश्यक है, ताकि यह विशेष रूप से विकासशील देशों के लिए समावेशन और सशक्तिकरण का माध्यम बन सके।
  • उन्होंने कहा कि एआई कुछ देशों या बड़ी कंपनियों का एकाधिकार नहीं बनना चाहिए। इसके बजाय ओपन कोड, साझा विकास और वैश्विक सहयोग एआई के भविष्य का मार्गदर्शन करें।
  • भारत का मानना है कि एआई को “वैश्विक सार्वजनिक संपदा” (Global Common Good) के रूप में विकसित होना चाहिए, ताकि इसका लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।

एआई और भविष्य का कार्यक्षेत्र

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एआई कार्यक्षेत्र के भविष्य को नई परिभाषा देगा। उन्होंने एक ऐसे युग का उल्लेख किया, जहां मानव और बुद्धिमान प्रणालियाँ—

  • साथ मिलकर सृजन करें (Co-create)
  • साथ मिलकर कार्य करें (Co-work)
  • साथ मिलकर विकसित हों (Co-evolve)

उन्होंने कहा कि एआई कार्य को अधिक स्मार्ट, प्रभावी और कुशल बनाएगा। हालांकि, युवाओं को नई भूमिकाओं के लिए तैयार करने हेतु कौशल विकास, पुनः कौशल (reskilling) और आजीवन सीखने को जन-आंदोलन बनाना होगा।

जोखिमों से निपटना: डीपफेक, विश्वास और वैश्विक मानक

प्रधानमंत्री ने डीपफेक और फर्जी डिजिटल सामग्री की बढ़ती चुनौती पर चिंता जताई। उन्होंने सुझाव दिया—

  • डिजिटल सामग्री के लिए प्रामाणिकता लेबल (Authenticity Labels)
  • एआई-जनित सामग्री पर वॉटरमार्किंग
  • सुरक्षित और विश्वसनीय एआई के लिए स्पष्ट वैश्विक मानक
  • उन्होंने पारदर्शिता को आवश्यक बताते हुए कहा, “सूरज की रोशनी सबसे अच्छा कीटाणुनाशक है।”

भारत का एआई इकोसिस्टम और वैश्विक आमंत्रण

भारत निम्न पहलों के माध्यम से मजबूत एआई इकोसिस्टम का निर्माण कर रहा है—

  • सेमीकंडक्टर और चिप निर्माण पहल
  • सुरक्षित डेटा सेंटर
  • क्वांटम कंप्यूटिंग अनुसंधान
  • सशक्त स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र

प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक समुदाय को आमंत्रित करते हुए कहा—“डिज़ाइन एंड डेवलप इन इंडिया। डिलीवर टू द वर्ल्ड। डिलीवर टू ह्यूमैनिटी।”

उन्होंने उल्लेख किया कि जो भी एआई मॉडल भारत जैसे विविध वातावरण में सफल होता है, वह वैश्विक स्तर पर भी सफल हो सकता है।

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के बारे में

यह समिट तीन प्रमुख स्तंभों— People (लोग), Planet (पृथ्वी) और Progress (प्रगति) — पर आधारित है।

इसके अंतर्गत सात कार्य समूह कार्यरत हैं, जो निम्न क्षेत्रों को कवर करते हैं—

  • आर्थिक विकास
  • एआई संसाधनों का लोकतंत्रीकरण
  • सामाजिक समावेशन
  • सुरक्षित और विश्वसनीय एआई
  • मानव पूंजी
  • विज्ञान
  • लचीलापन (Resilience)

इस समिट का उद्देश्य जिम्मेदार एआई शासन में भारत को वैश्विक नेतृत्व की स्थिति में स्थापित करना और सरकार, उद्योग तथा अकादमिक जगत के बीच सहयोग को मजबूत करना है।

Google भारत में करेगा 1.35 लाख करोड़ रुपये का बड़ा निवेश

Google ने भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा निवेश करने का ऐलान किया है। अमेरिकी टेक कंपनी भारत में अगले 5 साल के लिए 15 बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 1.35 लाख करोड़ रुपये) निवेश करने वाली है। गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई भारत में आयोजित हो रहे AI Impact Summit में भाग लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचे हैं। उन्होंने 18 फरवरी की सुबह पीएम मोदी से भी मुलाकात की है और भारत में एआई के लिए बड़े निवेश की बात की थी।

गूगल द्वारा आयोजित इवेंट में CEO सुंदर पिचाई और गूगल डीपमाइंड के CEO और को-फाउंडर Demis Hassabis ने बड़े निवेश का ऐलान किया है। कंपनी भारत से अमेरिका के बीच समुद्र के नीचे केबल बिछाया जाएगा, ताकि सुपरफास्ट कनेक्टिविटी मिल सके। यह गूगल का अमेरिका-इंडिया कनेक्ट इनिशिएटिव प्लान का हिस्सा है।

अमेरिका-इंडिया कनेक्ट सबसी केबल पहल क्या है?

“अमेरिका-इंडिया कनेक्ट” एक सहयोगात्मक अवसंरचना कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य हाई-स्पीड डेटा ट्रांसफर क्षमता बढ़ाना है। इसके तहत—

  • विज़ाग (विशाखापत्तनम) में नया अंतरराष्ट्रीय सबसी गेटवे स्थापित किया जाएगा
  • भारत को सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया से जोड़ने वाले तीन नए समुद्री केबल मार्ग बनाए जाएंगे
  • चार रणनीतिक फाइबर-ऑप्टिक स्थलीय मार्ग विकसित किए जाएंगे

यह अवसंरचना बैंडविड्थ बढ़ाएगी, नेटवर्क की विश्वसनीयता मजबूत करेगी और भारत को वैश्विक एआई हब्स से बेहतर रूप से जोड़ेगी।

सुंदर पिचाई का एआई कनेक्टिविटी विज़न

गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा कि यह पहल भारत, अमेरिका और दक्षिणी गोलार्ध के अन्य क्षेत्रों के बीच एआई कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी। उन्होंने भारत को एआई के क्षेत्र में “असाधारण प्रगति पथ” पर बताया। बेहतर कनेक्टिविटी एआई मॉडल प्रशिक्षण, क्लाउड कंप्यूटिंग और अंतरराष्ट्रीय डिजिटल सेवाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

विज़ाग क्यों है रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण?

विशाखापत्तनम में नया सबसी लैंडिंग स्टेशन स्थापित किया जाएगा, जो—

  • भारत के पूर्वी तट की डिजिटल अवसंरचना को मजबूत करेगा
  • मौजूदा केबल स्टेशनों पर दबाव कम करेगा
  • क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा

यह गेटवे भारत को वैश्विक डेटा नेटवर्क से और गहराई से जोड़ेगा, जिससे एआई अनुसंधान, फिनटेक, क्लाउड सेवाओं और डिजिटल स्टार्टअप को बल मिलेगा।

भारत के डिजिटल और एआई इकोसिस्टम को मजबूती

15 अरब डॉलर का यह निवेश भारत की वैश्विक एआई केंद्र के रूप में उभरती भूमिका के अनुरूप है। सबसी केबल निम्न क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं—

  • हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी
  • क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा सेंटर
  • एआई मॉडल विकास और तैनाती
  • सुरक्षित अंतरराष्ट्रीय डिजिटल व्यापार

इस पहल से भारत-अमेरिका डिजिटल सहयोग मजबूत होगा और नेटवर्क बाधाओं के खिलाफ लचीलापन बढ़ेगा।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के साथ गूगल की साझेदारी

समिट के दौरान सुंदर पिचाई ने एआई आधारित स्वास्थ्य सेवा के लिए एम्स के साथ गूगल की साझेदारी पर भी प्रकाश डाला।

इस पहल के तहत मरीज डिजिटल रूप से अपने लक्षण दर्ज कर सकेंगे और एआई प्रणाली डॉक्टरों की सहायता के लिए संरचित मेडिकल रिपोर्ट तैयार कर सकेगी। यह सार्वजनिक सेवाओं में एआई के उपयोग के प्रति गूगल की व्यापक दृष्टि को दर्शाता है।

सबसी केबल क्या होते हैं?

  • सबसी केबल समुद्र के नीचे बिछाए गए फाइबर-ऑप्टिक केबल होते हैं, जिनके माध्यम से देशों के बीच इंटरनेट और दूरसंचार डेटा का आदान-प्रदान होता है।
  • विश्व के 95% से अधिक अंतरराष्ट्रीय डेटा ट्रैफिक इन्हीं के माध्यम से संचालित होता है। वैश्विक व्यापार, वित्तीय लेनदेन, क्लाउड सेवाएं और एआई संचालन के लिए ये अत्यंत आवश्यक हैं।
  • इसी कारण देश सुरक्षित और उच्च क्षमता वाली डिजिटल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए सबसी अवसंरचना में भारी निवेश करते हैं।

भारत ने 24 घंटे में AI जिम्मेदारी शपथ का गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया

भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जिम्मेदार उपयोग को लेकर एक नया विश्व रिकॉर्ड बना दिया है। इंडियाएआई मिशन के एआई रिस्पॉन्सिबिलिटी कैंपेन में सिर्फ 24 घंटे के अंदर ढाई लाख से ज्यादा लोगों ने शपथ ली। इसके साथ ही भारत ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपनी जगह बना ली। इस उपलब्धि की घोषणा भारत में हो रहे दुनिया के सबसे बड़े इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026 के दौरान केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की। उन्होंने बताया कि ये 24 घंटे में एआई जिम्मेदारी के लिए सबसे ज्यादा शपथ लेने का विश्व रिकॉर्ड है।

इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि एआई रिस्पॉन्सिबिलिटी कैंपेन के तहत 16 से 17 फरवरी के बीच 24 घंटे में कुल 2,50,946 लोगों ने शपथ ली। इसके साथ ही भारत ने 24 घंटे में एआई जिम्मेदारी अभियान के लिए सबसे ज्यादा शपथ लेने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बना लिया। इस उपलब्धि की पुष्टि नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026 के दौरान गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के आधिकारिक निर्णायक ने की। इस मौके पर इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, इंडियाएआई मिशन और इंटेल इंडिया के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।

भारत एआई प्रभाव शिखर सम्मेलन 2026 में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित

  • केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि भारत ने “24 घंटे में एआई जिम्मेदारी अभियान के लिए सर्वाधिक प्रतिज्ञाएँ प्राप्त करने” का गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रेकॉर्ड्स खिताब हासिल किया है।
  • यह उपलब्धि नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान हासिल की गई।
  • कुल 2,50,946 वैध प्रतिज्ञाएँ दर्ज की गईं, जो प्रारंभिक लक्ष्य 5,000 से कहीं अधिक थीं। कार्यक्रम के दौरान गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के निर्णायक द्वारा इस रिकॉर्ड की आधिकारिक पुष्टि की गई।

IndiaAI Mission के तहत एआई जिम्मेदारी प्रतिज्ञा

एआई जिम्मेदारी प्रतिज्ञा अभियान 16 फरवरी को IndiaAI Mission के अंतर्गत Intel India के सहयोग से शुरू किया गया।

प्रतिभागियों ने एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नैतिक, समावेशी और जिम्मेदार उपयोग का संकल्प लिया। अभियान में परिदृश्य-आधारित प्रश्न शामिल थे, जिनका फोकस निम्न विषयों पर था—

  • डेटा गोपनीयता
  • पारदर्शिता
  • जवाबदेही
  • गलत सूचना से मुकाबला

प्रतिज्ञा पूरी करने वाले नागरिकों को एक डिजिटल बैज और एआई लर्निंग पाथवे तक पहुंच प्रदान की गई। इस पहल का उद्देश्य देशभर में जिम्मेदार एआई अपनाने को मजबूत करना था।

छात्रों और शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका

  • केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस राष्ट्रव्यापी अभियान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रेरणा का श्रेय दिया।
  • कॉलेजों, शिक्षकों और छात्रों ने अभियान में सक्रिय भागीदारी की। 2.5 लाख से अधिक छात्रों ने एआई जिम्मेदारी प्रतिज्ञा में हिस्सा लिया, जिससे यह एक छात्र-प्रेरित डिजिटल आंदोलन बन गया।
  • मंत्री ने इसे भारत के लिए गर्व का क्षण और एआई को सामाजिक भलाई के साधन के रूप में उपयोग करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

यह गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड क्यों महत्वपूर्ण है?

यह उपलब्धि दर्शाती है कि भारत नैतिक एआई शासन को बढ़ावा देने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यह निम्न पहलुओं को रेखांकित करती है—

  • जिम्मेदार एआई के प्रति बढ़ती जन-जागरूकता
  • नागरिक-आधारित डिजिटल जिम्मेदारी
  • एआई तकनीकों में सार्वजनिक विश्वास को मजबूत करना
  • वैश्विक एआई नैतिक मानकों के साथ सामंजस्य

India AI Impact Summit 2026 भारत की समावेशी और विश्वसनीय एआई विकास के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करने का मंच बना।

जिम्मेदार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या है?

  • जिम्मेदार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Responsible AI) से आशय एआई प्रणालियों के नैतिक विकास और उपयोग से है।
  • यह निष्पक्षता, पारदर्शिता, गोपनीयता संरक्षण, जवाबदेही तथा पक्षपात या गलत सूचना की रोकथाम पर जोर देता है।
  • विश्व भर की सरकारें और संगठन एआई गवर्नेंस फ्रेमवर्क को बढ़ावा दे रहे हैं, ताकि तकनीक समाज को लाभ पहुंचाए और किसी प्रकार की हानि न हो।
  • भारत का एआई जिम्मेदारी प्रतिज्ञा अभियान जैसे प्रयास नागरिकों को जागरूक बनाने और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

40 साल से कम उम्र के टॉप 10 अरबपति: यह शख्स भारत को वैश्विक मंच पर दिला रहा नई पहचान

फोर्ब्स की 2025 की सूची में 40 वर्ष से कम आयु के सबसे अमीर स्वनिर्मित अरबपतियों में 71 युवा उद्यमियों को शामिल किया गया है, जिनकी कुल संपत्ति 218 अरब डॉलर है। इस रैंकिंग में एडविन चेन 18 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ शीर्ष पर हैं, जिन्हें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) क्षेत्र में तेज़ उछाल का लाभ मिला है। भारतीयों में निखिल कामथ शीर्ष 20 में शामिल एकमात्र भारत-आधारित नाम हैं, जिनकी कुल संपत्ति 3.3 अरब डॉलर आंकी गई है। यह सूची वैश्विक स्तर पर संपत्ति निर्माण में तकनीक और एआई के बढ़ते प्रभुत्व को दर्शाती है।

Forbes रिचेस्ट अंडर 40 2025: एआई बूम का दबदबा

  • फोर्ब्स रिचेस्ट अंडर 40 वर्ष 2025 की रैंकिंग के अनुसार, एडविन चेन 18 अरब डॉलर की अनुमानित संपत्ति के साथ सूची में शीर्ष स्थान पर हैं।
  • उन्होंने वर्ष 2020 में सर्ज एआई (Surge AI) की स्थापना की, जो कंपनियों को एआई प्रशिक्षण के लिए डेटा लेबलिंग और व्यवस्थित करने में मदद करती है।
  • इस वर्ष एआई क्षेत्र से लगभग आधे नए नाम इस सूची में शामिल हुए हैं। मार्च 2025 से अब तक कुल 27 नए स्वनिर्मित अरबपति (40 वर्ष से कम आयु) इस सूची में जुड़े हैं।
  • इससे स्पष्ट है कि युवा उद्यमियों के बीच तकनीक और एआई संपत्ति निर्माण के सबसे बड़े स्रोत बनकर उभरे हैं।

निखिल कामथ नेट वर्थ: टॉप 20 में एकमात्र भारत-आधारित नाम

  • निखिल कामथ 3.3 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ वैश्विक स्तर पर 20वें स्थान पर हैं। उन्होंने वर्ष 2010 में अपने भाई नितिन कामथ के साथ मिलकर ज़ेरोधा (Zerodha) की सह-स्थापना की थी।
  • ज़ेरोधा भारत की सबसे बड़ी स्टॉक ब्रोकरेज कंपनियों में से एक बन गई और इसने देश में रिटेल ट्रेडिंग के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव किया।
  • निखिल कामथ की कुल संपत्ति उन्हें अंडर 40 रिचेस्ट सूची के टॉप 20 में शामिल एकमात्र भारत-आधारित नाम बनाती है। उनकी सफलता भारत के बढ़ते फिनटेक इकोसिस्टम और स्टार्टअप नवाचार को दर्शाती है।
रैंक नाम आयु कुल संपत्ति (USD) देश आय का स्रोत
1 एडविन चेन 38 $18 अरब संयुक्त राज्य अमेरिका आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
2 वांग निंग एवं परिवार 38 $15.7 अरब चीन खिलौना उद्योग
3 पैट्रिक कोलिसन 37 $10.1 अरब आयरलैंड पेमेंट सॉफ्टवेयर
4 जॉन कोलिसन 35 $10.1 अरब आयरलैंड पेमेंट सॉफ्टवेयर
5 जस्टिन सन 35 $8.5 अरब सेंट किट्स एंड नेविस क्रिप्टोकरेंसी
6 क्लिफ ओब्रेच्ट 39 $7.6 अरब ऑस्ट्रेलिया सॉफ्टवेयर
7 मेलानी पर्किन्स 38 $7.6 अरब ऑस्ट्रेलिया सॉफ्टवेयर
8 व्लाद टेनेव 38 $6.6 अरब संयुक्त राज्य अमेरिका स्टॉक ट्रेडिंग ऐप
9 कै हाओयु 38 $6 अरब चीन मोबाइल गेम्स
10 तैमूर तुर्लोव 38 $5.9 अरब कज़ाख़स्तान स्टॉक ब्रोकरेज

अन्य प्रमुख स्वनिर्मित अरबपति (अंडर 40)

फोर्ब्स रिचेस्ट अंडर 40 (2025) सूची में कई प्रमुख वैश्विक उद्यमी शामिल हैं—

  • वांग निंग – 15.7 अरब डॉलर (चीन, खिलौना उद्योग)
  • पैट्रिक कोलिसन – 10.1 अरब डॉलर (आयरलैंड, पेमेंट्स)
  • जॉन कोलिसन – 10.1 अरब डॉलर (आयरलैंड, पेमेंट्स)
  • जस्टिन सन – 8.5 अरब डॉलर (क्रिप्टोकरेंसी)
  • सूची में 32 नामों के साथ अमेरिका सबसे आगे है, इसके बाद चीन (8) और भारत (6) का स्थान है। 71 युवा अरबपतियों में 8 महिलाएं भी शामिल हैं।

युवा अरबपतियों के बीच संपत्ति रुझान 2025

फोर्ब्स के अनुसार, दिसंबर 2025 तक 39 वर्ष या उससे कम आयु के 71 स्वनिर्मित अरबपति हैं। इनकी कुल संयुक्त संपत्ति 218 अरब डॉलर है, जो 2021 के महामारी-प्रेरित बाजार उछाल के दौरान दर्ज 444 अरब डॉलर से कम है।

मुख्य रुझान:

  • 48 अरबपतियों ने तकनीक क्षेत्र में संपत्ति बनाई
  • 12 ने वित्त और निवेश क्षेत्र में
  • एआई आधारित स्टार्टअप बड़े योगदानकर्ता रहे
  • कुल संपत्ति 2021 के शिखर के लगभग आधे के बराबर
  • तकनीक क्षेत्र वैश्विक स्तर पर युवा अरबपतियों के निर्माण का सबसे मजबूत माध्यम बना हुआ है।

फोर्ब्स वर्ल्ड्स बिलियनेयर्स सूची क्या है?

  • फोर्ब्स वर्ल्ड्स बिलियनेयर्स सूची दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों की वार्षिक रैंकिंग है, जो वास्तविक समय की अनुमानित संपत्ति के आधार पर तैयार की जाती है।
  • इसमें तकनीक, वित्त, खुदरा और विनिर्माण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में स्वनिर्मित और विरासत में मिली संपत्ति दोनों शामिल होती हैं।
  • “स्वनिर्मित” श्रेणी उन उद्यमियों को दर्शाती है जिन्होंने अपनी संपत्ति स्वयं के प्रयासों से बनाई है।
  • अंडर-40 रैंकिंग विशेष रूप से युवा संपत्ति निर्माताओं को ट्रैक करती है और उभरते वैश्विक व्यावसायिक रुझानों की झलक प्रदान करती है।

गुजरात का अब तक का सबसे बड़ा बजट 2026-27: एआई, पर्यटन और ओलंपिक सपनों पर फोकस

गुजरात का बजट 2026-27 (Gujarat Budget 2026-27) 18 फरवरी 2026 को गांधीनगर विधानसभा में वित्त मंत्री कनु देसाई द्वारा प्रस्तुत किया गया। यह बजट ₹4,08,053 करोड़ के रिकॉर्ड परिव्यय के साथ राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा बजट है। सरकार ने वर्ष 2026 को “गुजरात पर्यटन वर्ष” घोषित करते हुए पर्यटन, एआई आधारित पुलिसिंग, ओलंपिक स्तर की खेल अवसंरचना, बस विस्तार, पुलिस आवास, हाईवे और स्वास्थ्य कवरेज पर विशेष जोर दिया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने वित्त मंत्री कनु देसाई द्वारा विधानसभा में पेश किए गए वर्ष 2026‑27 के बजट को विश्वास‑आधारित शासन और मानव‑केंद्रित आर्थिक ढांचे के विजन को साकार करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट सामाजिक सुरक्षा, मानव संसाधन विकास, ढांचागत सुविधाओं, आर्थिक विकास और ग्रीन ग्रोथ जैसे पांच स्तंभों पर आधारित है।

रिकॉर्ड ₹4.08 लाख करोड़ का प्रावधान

गुजरात बजट 2026-27 को सामाजिक सुरक्षा, मानव संसाधन विकास, बुनियादी ढांचा, आर्थिक विस्तार और हरित विकास जैसे पांच स्तंभों पर आधारित किया गया है। लगातार पांचवां बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने इसे केवल वार्षिक खर्च योजना नहीं, बल्कि दीर्घकालिक विकास खाका बताया, जो तकनीक, पर्यटन और वैश्विक ब्रांडिंग के साथ राज्य को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखता है।

गुजरात पर्यटन वर्ष 2026: विरासत और तीर्थ पर्यटन को बढ़ावा

  • गुजरात पर्यटन बजट 2026-27 में वर्ष 2026 को “गुजरात पर्यटन वर्ष” घोषित किया गया है और पर्यटन, तीर्थ, नागरिक उड्डयन तथा खेल के लिए ₹5,096 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
  • मुख्य आकर्षण के रूप में सोमनाथ मंदिर में विश्वस्तरीय बस पोर्ट के निर्माण के लिए ₹447 करोड़ आवंटित किए गए हैं, ताकि आगंतुकों की आवाजाही बेहतर हो और इसे वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सके।
  • इसके अतिरिक्त, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (Statue of Unity) में सुविधाओं के उन्नयन के लिए ₹236 करोड़ निर्धारित किए गए हैं।
  • लोथल और धोलावीरा जैसे ऐतिहासिक स्थलों को भी वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।
  • “गुजरात पर्यटन वर्ष” का उद्देश्य विरासत संरक्षण को रोजगार सृजन और आर्थिक विस्तार से जोड़ना है।

एआई आधारित पुलिसिंग और पुलिस आवास

  • गुजरात बजट 2026-27 में एआई आधारित पुलिसिंग की बड़ी पहल की गई है। ₹60 करोड़ की लागत से डेटा फ्यूजन सेंटर और एआई इन पुलिसिंग के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा, जिससे रियल-टाइम डेटा विश्लेषण और भविष्यवाणी आधारित कानून व्यवस्था संभव होगी।
  • साथ ही, अगले पांच वर्षों में 20,444 आधुनिक पुलिस आवासों के निर्माण के लिए ₹1,571 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जिससे पुलिस कल्याण और कार्यकुशलता को मजबूती मिलेगी।

ओलंपिक के लिए तैयार अहमदाबाद और खेल बुनियादी ढांचा

अहमदाबाद को 2030 राष्ट्रमंडल खेलों से पहले “ओलंपिक रेडी सिटी” बनाने की योजना है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल परिसर, स्टेडियम और सार्वजनिक परिवहन एकीकरण के लिए ₹1,278 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे गुजरात को वैश्विक खेल गंतव्य के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य है।

परिवहन, हाईवे और हरित गतिशीलता

  • बजट में 2,463 नई तकनीकी उन्नत बसें शामिल करने का प्रस्ताव है, जिनमें 500 एसी इलेक्ट्रिक बसें और 500 मिनी बसें आदिवासी क्षेत्रों, छात्रों और औद्योगिक श्रमिकों के लिए होंगी। इसके लिए ₹1,286 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
  • साथ ही 1,155 किमी राज्य सड़कों को “गर्वी गुजरात हाई-स्पीड कॉरिडोर” के रूप में विकसित करने के लिए ₹800 करोड़ का प्रावधान है, जिससे लॉजिस्टिक्स दक्षता और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ेगी।

स्वास्थ्य कवरेज और सामाजिक सुरक्षा

गुजरात बजट 2026-27 में लगभग 6.4 लाख राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत ₹10 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। इससे जेब से होने वाले खर्च में कमी आएगी और परिवारों को वित्तीय सुरक्षा मिलेगी।

कुल मिलाकर, गुजरात बजट 2026-27 बुनियादी ढांचे के विस्तार के साथ मानव-केंद्रित कल्याण योजनाओं का संतुलित समावेश प्रस्तुत करता है, जो आने वाले दशक के लिए राज्य की विकास दिशा तय करता है।

जम्मू-कश्मीर क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक पल: 66 साल में पहली बार रणजी फाइनल

जम्मू और कश्मीर क्रिकेट टीम ने इतिहास रचते हुए पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में जगह बना ली है। कल्याणी में खेले गए रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले में जम्मू-कश्मीर ने बंगाल क्रिकेट टीम को छह विकेट से हराकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।

साधारण लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम को शुरुआती झटके लगे, लेकिन अब्दुल समद और वंशज शर्मा ने पारी को संभाला। पहली पारी में 82 रनों की अहम पारी खेलने वाले अब्दुल समद ने एक बार फिर निडर बल्लेबाजी करते हुए मैच का रुख बदल दिया, जबकि वंशज शर्मा ने शानदार सीधा छक्का लगाकर जीत पर मुहर लगा दी। यह जीत 66 वर्षों के लंबे इंतजार का अंत है और जम्मू-कश्मीर क्रिकेट के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है।

जम्मू-कश्मीर का पहला रणजी ट्रॉफी फाइनल: ऐतिहासिक उपलब्धि

  • 66 वर्षों में पहला रणजी ट्रॉफी फाइनल
  • बंगाल पर छह विकेट से जीत
  • कल्याणी मैदान पर हासिल की उपलब्धि
  • भारतीय घरेलू क्रिकेट में जम्मू-कश्मीर के उभार का प्रतीक

पिछले कुछ सत्रों में लगातार मजबूत प्रदर्शन के बाद यह सफलता टीम की मेहनत और निरंतर प्रगति का परिणाम है।

अब्दुल समद का मैच जिताऊ प्रदर्शन

अब्दुल समद ने दबाव की स्थिति में एक बार फिर खुद को साबित किया। उनकी आक्रामक और आत्मविश्वास भरी बल्लेबाजी ने टीम को मुश्किल हालात से बाहर निकाला और फाइनल का रास्ता प्रशस्त किया।

प्रदर्शन क्षेत्र योगदान
पहली पारी 85 गेंदों पर 82 रन
महत्वपूर्ण साझेदारी 143 रनों की साझेदारी
दूसरी पारी 27 गेंदों पर तेज़ 30 रन

समद के आक्रामक स्ट्रोकप्ले ने बंगाल के गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त कर दिया, विशेष रूप से आकाश दीप और शाहबाज अहमद को निशाना बनाया।

बंगाल की शुरुआती वापसी से बढ़ा रोमांच

हालांकि लक्ष्य छोटा था, लेकिन बंगाल क्रिकेट टीम ने जोरदार प्रतिरोध दिखाया।

  • तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने शुभम पुंडीर को आउट किया।
  • कप्तान पारस डोगरा केवल 9 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।
  • जम्मू-कश्मीर का स्कोर 71/4 हो गया।

इन त्वरित विकेटों ने मैच का रुख कुछ समय के लिए बदल दिया और आसान दिख रही जीत में तनाव पैदा कर दिया।

जम्मू-कश्मीर का उभरता घरेलू सफर

जम्मू और कश्मीर क्रिकेट टीम की सफलता अचानक नहीं आई।

  • पिछले सत्र में मुंबई क्रिकेट टीम को मुंबई में हराया।
  • मध्य प्रदेश और दिल्ली के खिलाफ बाहर जीत दर्ज की।
  • क्वार्टरफाइनल में केरल के खिलाफ करीबी मुकाबले में जीत हासिल की।

इन प्रदर्शनों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जीतने की टीम की बढ़ती क्षमता और आत्मविश्वास को दर्शाया।

जम्मू-कश्मीर के लिए यह फाइनल क्यों खास है?

  • रणजी ट्रॉफी भारत की प्रमुख घरेलू रेड-बॉल प्रतियोगिता है, जिसे भविष्य के अंतरराष्ट्रीय सितारों की नर्सरी माना जाता है।
  • जम्मू-कश्मीर का अपने पहले रणजी फाइनल में पहुंचना भारतीय घरेलू क्रिकेट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है। परंपरागत रूप से मुंबई और कर्नाटक जैसी टीमों के दबदबे वाले इस टूर्नामेंट में अब उभरती टीमें भी मजबूत चुनौती दे रही हैं।
  • जम्मू-कश्मीर की यह सफलता खिलाड़ी विकास, बेहतर एक्सपोज़र और दबाव में प्रदर्शन की क्षमता में सुधार को दर्शाती है, जो भारतीय घरेलू क्रिकेट के बदलते परिदृश्य का संकेत है।

मध्य प्रदेश बजट 2026-27: महिलाओं और ग्रामीण समुदायों के लिए बड़ा बजट, बड़ा प्रभाव

मध्य प्रदेश का बजट 2026-27 18 फरवरी 2026 को विधानसभा में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा पेश किया गया। ₹4,38,317 करोड़ के विशाल परिव्यय वाला यह बजट महिलाओं के कल्याण, ग्रामीण विकास, युवा रोजगार और बुनियादी ढांचे पर केंद्रित है। मोहन यादव सरकार के लगातार तीसरे बजट में 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ कुंभ के लिए ₹3,600 करोड़ का प्रावधान भी किया गया है। हालांकि सत्र के दौरान विपक्ष ने बढ़ते राज्य ऋण पर चिंता जताई।

“GYANII” मॉडल पर आधारित बजट

  • बजट को “GYANII” मॉडल – गरीब कल्याण, युवा शक्ति, अन्नदाता, नारी शक्ति, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री – के तहत तैयार किया गया है। इन प्राथमिक क्षेत्रों के लिए लगभग ₹3 लाख करोड़ आवंटित किए गए हैं।
  • महिला सशक्तिकरण इस बजट की प्रमुख विशेषता है। महिलाओं के कल्याण हेतु ₹1,27,555 करोड़ निर्धारित किए गए हैं। साथ ही 5,700 कार्यरत महिला छात्रावासों के निर्माण की घोषणा की गई है, जो महिला-केंद्रित विकास दृष्टिकोण को मजबूत करता है।

लाड़ली बहना योजना को निरंतर समर्थन

  • बजट 2026-27 में लाड़ली बहना योजना के लिए ₹23,883 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं को प्रति माह ₹1,500 की आर्थिक सहायता मिल रही है। 2023 में शुरुआत के बाद से अब तक ₹52,304 करोड़ वितरित किए जा चुके हैं।
  • इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों और उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को भी समर्थन दिया गया है, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।

सिंहस्थ कुंभ 2028 और धार्मिक पर्यटन

बजट में सिंहस्थ कुंभ 2028 के लिए ₹3,600 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो उज्जैन में आयोजित होगा। इस आयोजन से लाखों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है, जिससे पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। सड़कों, स्वच्छता, भीड़ प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

ग्रामीण विकास, रोजगार और सौर ऊर्जा

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को ₹40,062 करोड़ आवंटित किए गए हैं। ग्रामीण रोजगार योजना के लिए ₹10,428 करोड़ और विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के लिए पीएम जनमन योजना के तहत ₹900 करोड़ का प्रावधान है।

सरकार ने 15,000 शिक्षकों की भर्ती और कक्षा 8 तक के सरकारी स्कूल छात्रों को मुफ्त टेट्रा पैक दूध देने की घोषणा की है। साथ ही 1 लाख किसानों को सोलर पंप दिए जाएंगे, जिससे नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा और कृषि लागत में कमी आएगी।

बुनियादी ढांचा, जल आपूर्ति और बिना नए कर

सड़क मरम्मत के लिए ₹12,690 करोड़ और ग्रामीण जल आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु जल जीवन मिशन के लिए ₹4,454 करोड़ का प्रावधान किया गया है। श्रम विभाग को ₹1,335 करोड़ दिए गए हैं। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने स्पष्ट किया कि कोई नया कर नहीं लगाया जाएगा।

हालांकि विपक्ष ने बजट सत्र से पहले ₹5,600 करोड़ के ऋण लेने का आरोप लगाते हुए बढ़ते कर्ज पर सवाल उठाए। सरकार का कहना है कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत विजन के अनुरूप है।

मध्य प्रदेश से जुड़े प्रमुख तथ्य

  • राज्यपाल: मंगूभाई पटेल
  • मुख्यमंत्री: मोहन यादव
  • वित्त मंत्री: जगदीश देवड़ा
  • राजधानी: भोपाल
  • प्रमुख शहर: इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर

यह बजट महिलाओं और ग्रामीण समुदायों के सशक्तिकरण के साथ राज्य के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

शिवाजी महाराज जयंती 2026: 19 फरवरी क्यों है गौरव, साहस और स्वराज्य का प्रतीक दिवस?

छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती वर्ष 2026 में 19 फरवरी (गुरुवार) को पूरे भारत में, विशेषकर महाराष्ट्र में, बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई जाएगी। यह दिन मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज के साहस, अद्वितीय सैन्य कौशल, कुशल नेतृत्व और स्वराज्य (स्व-शासन) की उनकी महान दृष्टि को स्मरण करने का अवसर है। इस अवसर पर लोग शुभकामनाएं, प्रेरणादायक उद्धरण, चित्र और बैनर साझा करते हैं तथा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। विद्यालयों, महाविद्यालयों और स्थानीय समुदायों द्वारा विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि युवा पीढ़ी को वीरता, न्याय और देशभक्ति के उनके आदर्शों से प्रेरित किया जा सके।

शिवाजी महाराज जयंती 2026 कब है? 

छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती वर्ष 2026 में गुरुवार, 19 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी। Maharashtra में यह उत्सव प्रायः ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार 19 फरवरी को मनाया जाता है, हालांकि पारंपरिक रूप से उनकी जन्मतिथि हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष में भी मानी जाती है। यह दिन व्यापक रूप से सार्वजनिक उत्सव के रूप में मनाया जाता है। शिवाजी महाराज जयंती 2026 उनके जन्मदिवस का स्मरण करते हुए भारतीय इतिहास और मराठा साम्राज्य में उनके अद्वितीय योगदान को सम्मान देती है।

छत्रपति शिवाजी महाराज कौन थे?

छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म शिवनेरी किले में शाहाजी राजे भोसले और माता जीजाबाई के घर हुआ था। उनकी माता ने उनके व्यक्तित्व में वीरता, अनुशासन और धार्मिक आस्था के संस्कार डाले। 6 जून 1674 को रायगढ़ किले में उनका राज्याभिषेक हुआ और वे मराठा साम्राज्य के प्रथम छत्रपति बने। 1674 से 1680 तक उनके शासनकाल में एक मजबूत, जनकेंद्रित और सुव्यवस्थित राज्य की स्थापना हुई। शिवाजी महाराज जयंती 2026 केवल एक वीर योद्धा ही नहीं, बल्कि दूरदर्शी शासक के रूप में भी उनके योगदान का उत्सव है।

सैन्य प्रतिभा और स्वराज्य का सपना

शिवाजी महाराज को गुरिल्ला युद्ध पद्धति “गनिमी कावा” के प्रणेता के रूप में जाना जाता है। उन्होंने मात्र 16 वर्ष की आयु में तोरणा किले पर कब्जा किया और बाद में रायगढ़, सिंहगढ़ तथा प्रतापगढ़ सहित 300 से अधिक किलों का निर्माण या सुदृढ़ीकरण किया। सह्याद्रि पर्वतमाला का रणनीतिक उपयोग कर उन्होंने शक्तिशाली साम्राज्यों के विरुद्ध सैन्य बढ़त हासिल की।

शिवाजी महाराज जयंती 2026 उनके अभिनव सैन्य नियोजन, मजबूत गुप्तचर तंत्र और पश्चिमी तट की रक्षा के लिए सशक्त नौसेना के निर्माण को भी रेखांकित करती है। उनका “स्वराज्य” का सपना स्वतंत्रता और आत्म-शासन का प्रतीक था, जिसने आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित किया।

शिवाजी महाराज जयंती 2026 का महत्व

शिवाजी महाराज की जयंती का महत्व उनके शाश्वत आदर्शों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान में निहित है। यह दिन उनके साहस, दूरदर्शिता और स्वराज्य के संकल्प को याद करने का अवसर है।

सैन्य प्रतिभा

  • शिवाजी महाराज ने गुरिल्ला युद्ध पद्धति (गनिमी कावा) को विकसित किया और उसे प्रभावी ढंग से अपनाया।
  • उन्होंने रायगढ़, सिंहगढ़ और प्रतापगढ़ जैसे मजबूत पहाड़ी किलों का निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण किया।
  • भारत के पश्चिमी तट की सुरक्षा के लिए एक सशक्त नौसेना का गठन किया।

प्रशासनिक सुधार

  • उन्होंने एक प्रभावी राजस्व व्यवस्था स्थापित की और न्यायपूर्ण शासन सुनिश्चित किया।
  • उनका प्रशासन अनुशासित और जनहितैषी था।
  • अधिकारियों की नियुक्ति योग्यता के आधार पर की जाती थी, न कि जाति या धर्म के आधार पर।

धार्मिक सौहार्द

  • एक आस्थावान हिंदू होने के बावजूद उन्होंने सभी धर्मों का सम्मान किया।
  • पूजा स्थलों की रक्षा की और युद्ध अभियानों के दौरान महिलाओं की सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित किया।

सांस्कृतिक गौरव

  • उन्होंने मराठी और संस्कृत को राजकीय भाषा के रूप में प्रोत्साहित किया।
  • भारतीय परंपराओं और दरबारी संस्कृति को पुनर्जीवित किया।
  • शिवाजी महाराज जयंती 2026 उनके आदर्शों को अपनाने और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को सुदृढ़ करने का प्रेरणादायक अवसर है।

शिवाजी महाराज जयंती समारोह का इतिहास

शिवाजी महाराज की जयंती का सार्वजनिक रूप से आयोजन ब्रिटिश शासनकाल के दौरान लोकप्रिय हुआ। समाज सुधारक महात्मा ज्योतिराव फुले ने वर्ष 1870 में पहली बार सार्वजनिक रूप से यह उत्सव प्रारंभ किया, ताकि शिवाजी महाराज के योगदान को उजागर किया जा सके। बाद में Bal Gangadhar Tilak (लोकमान्य तिलक) ने 19वीं सदी के उत्तरार्ध में इसे व्यापक रूप से लोकप्रिय बनाया, जिससे भारतीयों में राष्ट्रवाद और एकता की भावना मजबूत हुई। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान यह उत्सव आत्मसम्मान और प्रतिरोध का प्रतीक बन गया।

2026 में महाराष्ट्र भर में भव्य आयोजन

  • वर्ष 2026 में यह जयंती पूरे महाराष्ट्र में भव्य रूप से मनाई जाएगी।
  • रायगढ़ किला पर विशेष समारोह और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
  • शिवनेरी किला में उनके बचपन से जुड़ी कथाओं और ऐतिहासिक भ्रमण का आयोजन होगा।
  • मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस जैसे प्रमुख स्थलों को सजाया जाएगा और भव्य रैलियां निकाली जाएंगी।
  • कोल्हापुर और सिंधुदुर्ग में भी जनसभाएं, शैक्षणिक कार्यक्रम और समुद्री श्रद्धांजलि समारोह आयोजित होंगे।
  • विद्यालयों में निबंध प्रतियोगिता, भाषण और नाटकों के माध्यम से विद्यार्थियों को उनके जीवन और आदर्शों से अवगत कराया जाएगा।

शिवाजी महाराज से नेतृत्व के सबक

शिवाजी महाराज का जीवन आज भी प्रेरणा का स्रोत है। उनसे हमें मिलते हैं:

  • विपरीत परिस्थितियों में साहस
  • दूरदर्शी रणनीति और योजना
  • शासन में न्याय और समानता
  • महिलाओं और सांस्कृतिक मूल्यों का सम्मान
  • स्वराज्य और राष्ट्रीय गौरव के प्रति अटूट प्रतिबद्धता

ये मूल्य आज के आधुनिक नेतृत्व और सुशासन में भी उतने ही प्रासंगिक हैं।

भारत में जेंडर बजटिंग में 11.55% की बढ़ोतरी: ₹5.01 लाख करोड़ का क्या है महत्व?

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत बजट आवंटन 2026-27 में जेंडर बजट का आवंटन बढ़ाकर ₹5.01 लाख करोड़ कर दिया गया है, जो पिछले वित्त वर्ष के ₹4.49 लाख करोड़ की तुलना में 11.55% अधिक है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए इस बढ़ी हुई राशि की घोषणा की। कुल केंद्रीय बजट में जेंडर बजट की हिस्सेदारी भी पिछले वर्ष के 8.86% से बढ़कर 9.37% हो गई है। यह वृद्धि महिलाओं के कल्याण और सशक्तिकरण के प्रति सरकार की बढ़ती प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

जेंडर बजट 2026-27 का आवंटन बढ़कर ₹5.01 लाख करोड़

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 पेश करते हुए जेंडर बजट में बड़ी बढ़ोतरी की घोषणा की। महिलाओं और बालिकाओं के लिए ₹5.01 लाख करोड़ की राशि निर्धारित की गई है, जो पिछले वर्ष के ₹4.49 लाख करोड़ की तुलना में 11.55% अधिक है। यह वृद्धि भारत में लैंगिक समावेशी विकास और महिला सशक्तिकरण योजनाओं के प्रति सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

कुल बजट में जेंडर बजट की हिस्सेदारी बढ़कर 9.37%

वित्त वर्ष 2026-27 में कुल केंद्रीय बजट में जेंडर बजट की हिस्सेदारी बढ़कर 9.37% हो गई है, जो पिछले वर्ष 8.86% थी। इसका अर्थ है कि कुल बजट का लगभग दसवां हिस्सा महिलाओं से संबंधित योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों पर खर्च किया जाएगा।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अनुसार, यह हाल के वर्षों में दर्ज सबसे उच्च अनुपातों में से एक है, जो जेंडर-उत्तरदायी बजटिंग को दी जा रही प्राथमिकता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

जेंडर बजट 2026-27 में अधिक मंत्रालयों की भागीदारी

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अनुसार इस वर्ष 53 मंत्रालयों और विभागों तथा पांच केंद्र शासित प्रदेशों ने जेंडर बजट आवंटन की रिपोर्ट दी है, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 49 थी। चालू वित्त वर्ष में चार नए मंत्रालयों और विभागों ने भी जेंडर बजट घटकों को शामिल किया है। यह भारत में जेंडर बजट ढांचे की शुरुआत के बाद से अब तक की सबसे व्यापक संस्थागत भागीदारी को दर्शाता है।

जेंडर बजटिंग क्या है?

जेंडर बजटिंग एक नीति उपकरण है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सार्वजनिक व्यय का लाभ महिलाओं और बालिकाओं तक पहुंचे। इसका अर्थ महिलाओं के लिए अलग बजट बनाना नहीं है, बल्कि विभिन्न सरकारी योजनाओं में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने वाले प्रावधानों और धनराशि की पहचान और आवंटन करना है।

भारत में जेंडर बजटिंग की शुरुआत वर्ष 2005-06 में की गई थी, ताकि स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में लैंगिक असमानताओं को कम किया जा सके। वर्ष 2026-27 में बढ़ा हुआ आवंटन महिलाओं की आर्थिक भागीदारी, सुरक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण को मजबूती देगा, जो समावेशी आर्थिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

भारत में जेंडर बजटिंग

जेंडर बजटिंग को औपचारिक रूप से 2005-06 में लागू किया गया था। इसका उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को लाभ पहुंचाने वाले सार्वजनिक व्यय का ट्रैक रखना है। हर वर्ष केंद्रीय बजट के हिस्से के रूप में जेंडर बजट स्टेटमेंट प्रस्तुत किया जाता है।

पिछले कुछ वर्षों में इसका आवंटन लगातार बढ़ा है, जो महिला सशक्तिकरण, मातृ स्वास्थ्य, शिक्षा, वित्तीय समावेशन और कौशल विकास पर नीति-स्तरीय फोकस को दर्शाता है। यह पहल United Nations के सतत विकास लक्ष्य 5 (लैंगिक समानता) के अनुरूप है और समावेशी विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है।

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