IIT-गांधीनगर ने लॉकडाउन के दौरान छात्रों के लिए लॉन्च किया ‘Project Isaac’

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गांधीनगर के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IITGN) ने COVID-19 लॉकडाउन के दौरान छात्रों को रचनात्मक परियोजनाओं में व्यस्त रखने के लिए ‘Project Isaac’ लॉन्च किया है। इस परियोजना का उद्देश्य घरों में बैठे छात्रों के कौशल को बढ़ाना है।
इस परियोजना की प्रेणना सर आइजैक न्यूटन से ली गई है, जिन्हें 1665 में लंदन में फैले प्लेग के कारण ट्रिनिटी कॉलेज, कैम्ब्रिज द्वारा घर भेजा दिया गया था। उसी वर्ष करीब 22 वर्ष के रहे न्यूटन ने कॉलेज छात्र के रूप में अपने कुछ सबसे चर्चित सिद्धांतों की खोज की थी, जिनमे प्रकाशिकी और गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत शामिल है।
इस परियोजना के अंतर्गत IIT, गांधीनगर द्वारा चार अलग-अलग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है, ताकि छात्रों में लेखन, पेंटिंग, कोडिंग, संगीत, रचनात्मक अभिव्यक्ति आदि के बारे में नए कौशल विकसित किए जा सकें। छात्र इस प्रतियोगिताओं में ऑनलाइन भाग ले सकते हैं। IITGN के लगभग 40 प्रतिशत छात्र पहले से ही विभिन्न गतिविधियों में भाग ले रहे हैं, जो पूरी तरह से स्वैच्छिक हैं।

उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-

  • आईआईटी-गांधीनगर के निदेशक: प्रो सुधीर जैन.
  • आईआईटी-गांधीनगर की स्थापना: 2008.

जन स्माल फाइनेंस बैंक ने UPI QR- आधारित ऋण की किस्त भुगतान सुविधा की लॉन्च

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जन स्माल फाइनेंस बैंक ने अपने ग्राहकों के लिए भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (National Payment Corporation of India – NPCI) के साथ मिलकर यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) QR- आधारित ऋण किस्त भुगतान सुविधा शुरू की है। यूपीआई क्यूआर आधारित ऋण किस्त भुगतान सुविधा शुरुआत में केवल जन स्माल फाइनेंस बैंक के लगभग 40 लाख से अधिक ग्राहकों के लिए उपलब्ध होगी।

यूपीआई क्यूआर आधारित ऋण किस्त भुगतान सुविधा जन स्माल फाइनेंस बैंक के ग्राहकों को अपने ऋण खाते के लिए यूपीआई क्यूआर कोड बनाने के साथ-साथ किसी भी यूपीआई एप्लिकेशन की मदद से तुरंत किस्त भुगतान करने में सक्षम बनाएगी।



उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-

  • जन SFF के प्रबंध निदेशक और सीईओ: अजय कंवल.
  • नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के एमडी और सीईओ: दिलीप अस्बे.

शिल्पा शेट्टी ने वेट लोस कार्यक्रम के लिए “फिट इंडिया मूवमेंट” के साथ की साझेदारी

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भारत सरकार के प्रमुख फिटनेस कार्यक्रम “फिट इंडिया” ने बॉलीवुड अभिनेत्री और फिटनेस आइकन शिल्पा शेट्टी कुंद्रा के साथ हाथ मिलाया है। यह समझौता कोविड -19 महामारी के कारण लगे 21-दिनों लॉकडाउन के दौरान शिल्पा शेट्टी कुंद्रा के प्रीमियम कार्यक्रम 21-दिनों में वजन घटाने के कार्यक्रम21-Day Weight Loss Programme) की मुफ्त पहुंच प्रदान करेगा। ये 21-दिनों का वजन घटाने का कार्यक्रम भारतीय समेत वैश्विक दर्शकों के लिए शिल्पा शेट्टी ऐप (एसएस ऐप) पर उपलब्ध होगा।
फिट इंडिया अभियान:-

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा खेल दिवस के अवसर पर फिट इंडिया मूवमेंट का शुभारंभ किया गया। फिट इंडिया मूवमेंट का उद्देश्य हर भारतीय को अपने रोजमर्रा के जीवन में फिट रहने के सरल, आसान तरीकों को शामिल करने के लिए प्रेरित करना है और ‘फिटर एंड बेटर इंडिया’ (स्वस्थ एवं  बेहतर भारत) बनाना है।

उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-

  • युवा मामलों और खेल राज्य मंत्री (I/C): किरेन रिजिजू.

भारतीय उद्योग परिसंघ ने “CII COVID-19 पुनर्वास एवं राहत कोष” की कि स्थापना

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भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ने Covid-19 से निपटने के लिए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए CII COVID पुनर्वास और राहत कोष (CRR) की स्थापना की है। CII COVID पुनर्वास और राहत कोष (CRR) पुनर्वास छोटे उद्यमों या MSME की सहायता करेगा। राहत कोष की स्थापना से एमएसएमई क्षेत्र में कोरोनावायरस के प्रभाव को कम करने की उम्मीद है।
इसके अलावा भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) अपने सभी सदस्यों से CII COVID पुनर्वास और राहत कोष (CRR) के लिए अपने कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत वित्तीय योगदान करने का भी अनुरोध करेगा।

उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-

  • भारतीय उद्योग परिसंघ के अध्यक्ष: विक्रम एस. किर्लोस्कर.

अमेरिका ने सैन्य संचार के लिए लॉन्च किया अत्यधिक उन्नत हाई फ्रीक्वेंसी उपग्रह

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अमेरिकी अंतरिक्ष बल ने अपनी सेना संचार का विस्तार करने के लिए Advanced Extremely High-Frequency satellite (अत्यधिक उन्नत हाई फ्रीक्वेंसी उपग्रह – AEHF-6) लॉन्च किया है। इस उपग्रह के प्रक्षेपण के साथ ही संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपना पहला राष्ट्रीय सुरक्षा मिशन आरंभ कर दिया है।

लॉक हैड मार्टिन AEHF-6 (अत्यधिक उन्नत हाई फ्रीक्वेंसी) उपग्रह को फ्लोरिडा के केप कैनावेरल से एटलस वी 551 रॉकेट से लॉन्च किया गया था। ये उपग्रह वैश्विक संरक्षित संचार प्रणाली प्रदान करेगा। यह जमीन, हवाई और समुद्री क्षेत्रों में अमेरिका के सामरिक ऑपरेटिंग युद्ध कौशल को बढ़ाएगा।
अमेरिकी अंतरिक्ष बल देश की छठी कमान है। रक्षा की पहली पांच प्रमुख सेवाओं में सेना, वायु सेना, नौसेना, नौसेना कोर और तटरक्षक शामिल हैं। अंतरिक्ष बल को हाल ही में राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा नई अंतरिक्ष रक्षा प्रौद्योगिकियों की पहचान करने और विकसित करने के लिए स्थापित किया गया था। स्पेस फोर्स को अन्य देशों के बलों के बीच अंतरिक्ष में अमेरिकी प्रभुत्व साबित करना है जो चुपचाप तरीके से अंतरिक्ष में अपनी शक्तियों को स्थापित कर रहा है। इसमें चीन और रूस शामिल हैं।

उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-

  • ट्रम्प ने दिसंबर 2019 में अमेरिकी अंतरिक्ष बल को एक अलग सैन्य शाखा के रूप में स्थापित किया था.
  • जनरल “जॉन” जे “रेमंड अंतरिक्ष अभियान के पहले प्रमुख हैं.

जोया अख्तर को IIFTC टूरिज्म इम्पैक्ट अवार्ड 2020 से किया गया सम्मानित

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भारतीय फिल्म निर्माता जोया अख्तर को उनके द्वारा सिनेमा के जरिए विश्व पर्यटन में दिए उत्कृष्ट योगदान के लिए IIFTC टूरिज्म इम्पैक्ट अवार्ड 2020 से सम्मानित किया गया है। उन्हें 2011 में बनाई गई जिंदगी ना मिलेगी दोबारा की शूटिंग स्पेन और 2015 की कॉमेडी-ड्रामा फिल्म दिल धड़कने की शूटिंग तुर्की में करने से पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पुरस्कृत किया गया है ।
एशिया का सबसे बड़ा फिल्म पर्यटन कार्यक्रम, आठवाँ भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म पर्यटन सम्मेलन (IIFTC) महाराष्ट्र के मुंबई में आयोजित किया गया था। IIFTC भारतीय फिल्म उद्योग दुनिया भर के फिल्म आयोगों, पर्यटन कार्यालयों और उत्पादन सेवा कंपनियों के लिए एक विश्वसनीय मंच प्रस्तुत करने के लिए एशिया का सबसे बड़ा प्लेटफार्म है।

स्वच्छ भारत अभियान की ब्रांड एंबेसडर रही राजयोगिनी दादी जानकी का निधन

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ब्रह्मकुमारी संस्थान की प्रमुख राजयोगिनी दादी जानकी का निधन। वह महिलाओं द्वारा संचालित दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक संगठन की प्रमुख थीं। उन्होंने परिश्रम करते हुए समाज की सेवा की और महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में काम किया। भारत सरकार ने उन्हें स्वच्छता बनाए रखने के क्षेत्र में उनके कार्यों के लिए स्वच्छ भारत अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनाया था।
राजयोगिनी दादी जानकी ने 21 साल की उम्र में आध्यात्मिक के मार्ग पर चलना शुरू किया था। 1970 के दशक में, उन्होंने पश्चिमी देशों में भारतीय दर्शन, राज योग और मानवीय मूल्यों का प्रचार-प्रसार किया। इसके अलावा उन्होंने दुनिया भर के करीब 140 देशों में ‘सेवा केंद्रों’ की स्थापना भी की थी।

गृह मंत्रालय ने जरुरी वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखने के लिए जारी की SOP

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केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने जरुरी वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखने के लिए मानक परिचालन प्रक्रिया (SOPs) जारी की है। गृह मंत्रालय द्वारा कोरोनवायरस को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए 21 दिनों के राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान लोगों को होने वाली कठिनाइयों से राहत देने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की गई है।

मानक परिचालन प्रक्रिया (SOPs) से संबंधित कुछ मुख्य बिंदु:
  • SOPs जारी करने का उद्देश्य देशव्यापी 21-दिनों के लॉकडाउन के दौरान ई-कॉमर्स को चालू रहने और (सोशल डिस्टेंस) उचित दूरी को ध्यान में रखते हुए आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी को प्रोत्साहित करना.
  • साथ ही SOPs का उद्देश्य आपूर्ति कार्यों में लगे कर्मचारियों या व्यक्तियों को संबंधित स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी किए गए ई-पास या किसी अन्य प्रमाणीकरण के आधार पर शुरू करने की अनुमति देना है. इसे वैध फोटो पहचान पत्र दिखाकर प्राप्त किया जाएगा.
  • आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में लगे असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों या व्यक्तियों को स्थानीय अधिकारियों के अनुमोदन / प्राधिकरण के आधार पर अनुमति दी जा सकती है.
  • एसओपी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में लगे हुए कर्मचारियों के नियमित स्वास्थ्य और स्वच्छता जांच को भी सुनिश्चित करेगा। साथ ही यह आवश्यक सामानों की आपूर्ति में लगे कर्मचारियों को उचित सुरक्षात्मक गियर के प्रावधान की भी सिफारिश करता है.

उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-

  • केंद्रीय गृह राज्य मंत्री: अमित शाह.

जाने-माने कलाकार और वास्तुकार सतीश गुजराल का निधन

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प्रसिद्ध वास्तुकार, मूर्तिकार और लेखक सतीश गुजराल का निधन। उन्हें देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान यानि पद्म विभूषण से 1999 में सम्मानित किया गया था।

सतीश गुजराल ने नई दिल्ली में स्थित बेल्जियम दूतावास को भी डिजाइन किया था। उनके प्रसिद्ध कार्यों में दिल्ली उच्च न्यायालय की बाहरी दीवार पर बनाई गई आकृतियाँ भी शामिल है।

भारतीय रिजर्व बैंक ने 7 वीं द्वि-मासिक मौद्रिक नीति वक्तव्य किया जारी: LAF और MSF के आधार अंकों में की गई कटौती

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भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने COVID-19 महामारी के मद्देनजर 31 मार्च 2020 को होने वाली द्वि-मासिक मौद्रिक नीति बैठक को पहले ही करने का निर्णय लिया है और जिससे संबंधित घोषणाए 03 अप्रैल को की जाएंगी। यह बैठके 24, 26 और 27 मार्च, 2020 तक चलेगी। सातवीं द्वि-मासिक मौद्रिक नीति की बैठक के दौरान, एमपीसी ने वर्तमान में विकास को पुनर्जीवित करने के साथ-साथ COVID-19 के प्रभाव को कम करने और विकसित व्यापक आर्थिक और वित्तीय स्थितियों का विश्लेषण किया और  इनसे उभरने का रुख अपनाने का फैसला किया और जिसकी की वजह से नीतिगत रेपो दर को घटा दिया गया है। इन निर्णयों से, एमपीसी का लक्ष्य मुद्रास्फीति को लक्ष्य को बनाए रखना और साथ ही वित्तीय स्थिरता को बनाए रखना है।
सातवीं द्विमासिक मौद्रिक नीति समिति की बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय हैं:-
  • चलनिधि समायोजन सुविधा (एलएएफ) के तहत रेपो दर में 75 आधार अंकों को कटौती कर 5.15% से 4.40% कर दिया गया है।
  • LAF के तहत रिवर्स रेपो दर में 90 आधार अंकों को घटाकर 4.90% से 4.00% कर दिया गया है।
  • सीमांत स्थायी सुविधा (MSF) दर और बैंक दर को भी 5.40% से घटाकर 4.65% कर दिया गया है।
इसके अलावा, RBI ने सभी बैंकों के आरक्षि‍त नकदी नि‍धि अनुपात (Cash reserve Ratio) की नि‍वल मांग (Net Demand) और मीयादी देयताएं (Time Liabilities) में 100 आधार अंकों को घटाकर 4% से 3% करने का फैसला भी किया है। जो एक वर्ष की अवधि के लिए 28 मार्च 2020 से प्रभावी होगा। इसके अलावा, सभी ऋणदाताओ को 1 मार्च, 2020 तक बकाया सभी ऋणों के लिए 3 महीने की मोहलत की अनुमति दी गई है।
क्या होती है मौद्रिक नीति?
मौद्रिक नीति रिज़र्व बैंक की नीति है जो अधिनियम में वर्णित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए रेपो दर, रिवर्स रेपो दर, लिक्विडिटी समायोजन सुविधा जैसे और कई अन्य मौद्रिक साधनों का उपयोग करती है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के तहत अनिवार्य रूप से मौद्रिक नीति के संचालन की जिम्मेदारी सौपीं गई है।
मौद्रिक नीति के उद्देश्य?

देश में मौद्रिक नीति का मुख्य लक्ष्य विकास के साथ-साथ मूल्य स्थिरता को बनाए रखना है। सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए मूल्य स्थिरता को एक आवश्यक पूर्व शर्त के रूप में देखा जाता है।
भारतीय रिज़र्व बैंक को मई 2016 में किए भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) अधिनियम, 1934 संशोधन के अनुसार भारत सरकार के साथ-साथ लचीली मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण का कार्य भी दिया गया हैं। यह प्रत्येक पाँच में एक बार किया जाता है। भारत सरकार ने आधिकारिक राजपत्र में 5 अगस्त, 2016 से 31 मार्च, 2021 की अवधि के लिए लक्ष्य के रूप में 4 प्रतिशत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) मुद्रास्फीति को अधिसूचित किया है। लक्ष्य को ऊपरी सहन सीमा 6 प्रतिशत और निचली सहन सीमा 2 प्रतिशत तय की गई है।
मौद्रिक नीति फ्रेमवर्क:
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अधिनियम, 1934 में संशोधित भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम स्पष्ट रूप से रिज़र्व बैंक के लिए देश के मौद्रिक नीति ढांचे को परिचालित करने के लिए विधायी अधिदेश का प्रावधान करता है। इस ढांचे का लक्ष्य वर्तमान और उभरती समष्टि-आर्थिक स्थिति और मुद्रा बाजार दरों को रेपो दर के आसपास संचालित करने के लिए चलनिधि स्थिति के उतार-चढ़ाव के आकलन के आधार पर नीति (रेपो) दर निर्धारित करना है।

मौद्रिक नीति समिति की संरचना?
केंद्र सरकार ने सितंबर 2016 में संशोधित RBI अधिनियम, 1934 की धारा 45ZB के तहत, छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (MPC) का गठन किया है।
मौद्रिक नीति समिति की संरचना इस प्रकार की गई है:
1. भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर – अध्यक्ष, शक्तिकांत दास
2. भारतीय रिजर्व बैंक के उप-गवर्नर, मौद्रिक नीति के प्रभारी – सदस्य, डॉ. माइकल देवव्रत पात्रा
3. मौद्रिक नीति के प्रभारी बैंक के कार्यकारी निदेशक – डॉ. जनक राज
4. चेतन घाटे, प्रोफेसर, भारतीय सांख्यिकी संस्थान (ISI) – सदस्य
5. प्रोफेसर पामी दुआ, निदेशक, दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स – सदस्य
6. डॉ. रवींद्र ढोलकिया, प्रोफेसर, भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद – सदस्य
मौद्रिक नीति की कुछ महत्वपूर्ण लिखत :
RBI की मौद्रिक नीति में मौद्रिक नीति के कार्यान्वयन में कई प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लिखतों का उपयोग किया जाता है। मौद्रिक नीति के कुछ महत्वपूर्ण लिखत इस प्रकार हैं:
  • रेपो दर: निर्धारित ब्याज दर जिस पर रिजर्व बैंक चलनिधि समायोजन सुविधा (एलएएफ) के तहत बैंकों को सरकार के संपार्श्विक के विरुद्ध और अन्य अनुमोदित प्रतिभूतियों के विरुद्ध ओवरनाईट चलनिधि प्रदान करता है।
  • रिवर्स रेपो दर: निर्धारित ब्याज दर जिस पर रिजर्व बैंक चलनिधि समायोजन सुविधा (एलएएफ) के तहत बैंकों से पात्र सरकारी प्रतिभूतियों के संपार्श्विक के विरुद्ध, ओवरनाइट आधार पर, चलनिधि को अवशोषित करता है।
  • चलनिधि समायोजन सुविधा (Liquidity Adjustment Facility): एलएएफ में ओवरनाईट और साथ ही आवधि रेपो नीलामियां शामिल हैं। आवधि रेपो का उद्देश्य अंतर-बैंक आवधि मुद्रा बाजार को विकसित करने में मदद करना है, जो बदले में ऋण और जमा की कीमत के लिए बाजार आधारित बैंचमार्क निर्धारित कर सकते हैं,और इस कारण से मौद्रिक नीति के प्रसारण में सुधार किया जा सकता हैं। रिज़र्व बैंक बाजार स्थितियों के तहत आवश्यक होने पर, भी परिवर्तनीय ब्याज दर रिवर्स रेपो नीलामियों का संचालन करता है।
  • सीमांत स्थायी सुविधा (Marginal Standing Facility): एक सुविधा जिसके तहत अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक रिज़र्व बैंक से ओवरनाईट मुद्रा की अतिरिक्त राशि को एक सीमा तक अपने सांविधिक चलनिधि अनुपात (एसएलआर) पोर्टफोलियो में गिरावट कर ब्याज की दंडात्मक दर ले सकते हैं। यह बैंकिंग प्रणाली को अप्रत्याशित चलनिधि झटकों के खिलाफ सुरक्षा वाल्व प्रदान करता है।

भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति वक्तव्य का स्थिर रुख:


विकास की गति धीमी होने पर अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए समग्र मुद्रा आपूर्ति का विस्तार करने के लिए आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति द्वारा समायोजनात्मक रुख अपनाया जाता है।
उपरोक्त समाचार से सभी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-
  • RBI के 25 वें गवर्नर: शक्तिकांत दास; मुख्यालय: मुंबई; स्थापित: 1 अप्रैल 1935, कोलकाता.

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