HDFC Life ने विभा पडालकर को अगले पाँच साल के कार्यकाल के लिए मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ़ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के तौर पर फिर से नियुक्त करने की मंज़ूरी दे दी है। इंश्योरेंस कंपनी ने एक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि यह फ़ैसला 21 अप्रैल को हुई कंपनी की बोर्ड मीटिंग में लिया गया; साथ ही यह भी बताया कि आने वाली सालाना आम बैठक में शेयरधारकों और भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) से मंज़ूरी मिलना अभी बाकी है।
बोर्ड का निर्णय और मुख्य विवरण
कंपनी के बोर्ड ने 21 अप्रैल, 2026 को हुई बैठक के दौरान पुनर्नियुक्ति को मंज़ूरी दे दी है।
नया कार्यकाल
- पाँच वर्षों तक नेतृत्व में निरंतरता सुनिश्चित करेगा और बीमा उद्योग के इस गतिशील दौर में रणनीतिक दिशा को बनाए रखेगा।
- हालाँकि, यह पुनर्नियुक्ति वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों की मंज़ूरी और साथ ही भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) से मंज़ूरी मिलने पर निर्भर है।
विभा पडालकर कौन हैं?
- विभा पडालकर वर्ष 2008 से HDFC Life का हिस्सा रही हैं और उन्होंने कंपनी के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
- वह एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और साथ ही ‘द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया’ तथा ‘इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स इन इंग्लैंड एंड वेल्स’ की सदस्य भी हैं।
नेतृत्व संबंधी योगदान और उपलब्धियाँ
- उनके नेतृत्व में HDFC Life ने कई महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल किए हैं।
- उन्होंने वर्ष 2017 में कंपनी की पब्लिक लिस्टिंग और विलय तथा अधिग्रहण (M&A) के बड़े सौदों में अहम भूमिका निभाई, जिससे भारत के जीवन बीमा क्षेत्र में कंपनी की स्थिति और मज़बूत हुई है।
- उनके नेतृत्व का दृष्टिकोण अनुशासित कार्य-निष्पादन, वित्तीय सुदृढ़ता और दीर्घकालिक सतत विकास पर केंद्रित है।


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