ऑस्कर 2026 नामांकन: सर्वश्रेष्ठ फिल्म, अभिनेता और अभिनेत्री की पूरी सूची जारी

98th Academy Awards के लिए नामांकन की घोषणा कर दी गई है, जिसमें फिल्म निर्माण के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियों को मान्यता दी गई है। इन पुरस्कारों के माध्यम से अभिनय, निर्देशन, सिनेमैटोग्राफी, संगीत और सिनेमा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं में श्रेष्ठ कार्यों को सम्मानित किया जाता है। इस वर्ष नामांकन सूची में Sinners, One Battle After Another, Hamnet, Marty Supreme और Sentimental Value जैसी प्रमुख फिल्मों को कई श्रेणियों में नामांकन मिला है, जिससे इस साल के ऑस्कर अवॉर्ड्स की प्रतिस्पर्धा और भी रोचक हो गई है।

सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (लीडिंग रोल) – नामांकित कलाकार

अभिनेता फिल्म
टिमोथी शैलेमे मार्टी सुप्रीम
लियोनार्डो डिकैप्रियो वन बैटल आफ्टर अनदर
ईथन हॉक ब्लू मून
माइकल बी. जॉर्डन सिनर्स
वैगनर मौरा द सीक्रेट एजेंट

सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता (Supporting Role) – नामांकित कलाकार

अभिनेता फिल्म
बेनिकियो डेल टोरो वन बैटल आफ्टर अनदर
जेकब एलोर्डी फ्रैंकेंस्टाइन
डेलरॉय लिंडो सिनर्स
शॉन पेन वन बैटल आफ्टर अनदर
स्टेलन स्कार्स्गार्ड सेंटिमेंटल वैल्यू

सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री (मुख्य भूमिका) – नामांकित कलाकार

अभिनेत्री फिल्म
जेसी बकली हैमनेट
रोज़ बर्न इफ आई हैड लेग्स आई वुड किक यू
केट हडसन सॉन्ग संग ब्लू
रेनेट रेन्सवे सेंटिमेंटल वैल्यू
एम्मा स्टोन बुगोनिया

सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री (Supporting Role) – नामांकित कलाकार

अभिनेत्री फिल्म
एली फैनिंग सेंटिमेंटल वैल्यू
इंगा इब्सडॉटर लिलियास सेंटिमेंटल वैल्यू
एमी मैडिगन वेपन्स
वुन्मी मोसाकू सिनर्स
तेयाना टेलर वन बैटल आफ्टर अनदर

एनिमेटेड फीचर फिल्म – नॉमिनीज़

  • आर्को
  • एलियो
  • KPop डेमन हंटर्स
  • लिटिल अमेली या द कैरेक्टर ऑफ रेन
  • ज़ूटोपिया 2

सर्वश्रेष्ठ निर्देशक – नामांकित

निर्देशक फिल्म
क्लोई झाओ हैमनेट
जोश सैफ़्डी मार्टी सुप्रीम
पॉल थॉमस एंडरसन वन बैटल आफ्टर अनदर
जोआचिम ट्रायर सेंटिमेंटल वैल्यू
रायन कूगलर सिनर्स

सर्वश्रेष्ठ फिल्म (Best Picture) – नामांकित फिल्में

ऑस्कर 2026 में सर्वश्रेष्ठ फिल्म के लिए निम्नलिखित फिल्मों को नामांकित किया गया है:

  • बुगोनिया
  • एफ1
  • फ्रेंकेंस्टाइन
  • हैमनेट
  • मार्टी सुप्रीम
  • वन बैटल आफ्टर अनदर 2025
  • द सीक्रेट एजेंट
  • सेंटिमेंटल वैल्यू
  • सिनर्स
  • ट्रेन ड्रीम्स

ये फिल्में वर्ष की सबसे प्रशंसित और व्यावसायिक रूप से सफल फिल्मों में शामिल हैं।

अन्य प्रमुख श्रेणियाँ

सिनेमैटोग्राफी (Cinematography)

  • फ्रेंकेंस्टाइन
  • मार्टी सुप्रीम
  • वन बैटल आफ्टर अनदर 2025
  • सिनर्स
  • ट्रेन ड्रीम्स

कॉस्ट्यूम डिजाइन (Costume Design)

  • अवतार: फ़ायर ऐंड ऐश
  • फ्रेंकस्टीन
  •  हैमनेट
  •  मार्टी सुप्रीम
  •  सिनर्स

फिल्म एडिटिंग (Film Editing)

  • एफ1
  • मार्टी सुप्रीम
  • वन बैटल आफ्टर अनदर 2025
  • सेंटिमेंटल वैल्यू
  • सिनर्स

ओरिजिनल स्कोर (Original Score)

  • बुगोनिया
  •  फ्रेंकेंस्टीन
  •  हैमनेट
  •  वन बैटल आफ्टर अनदर
  • सिनर्स

ओरिजिनल सॉन्ग (Original Song)

  • डियर मी
  • गोल्डन
  • आई लाइड टू यू
  • स्वीट ड्रीम्स ऑफ़ जॉय
  • ट्रेन ड्रीम्स

ऑस्कर 2026 नामांकन की मुख्य झलकियाँ

  • Sinners, One Battle After Another और Sentimental Value जैसी फिल्मों को कई श्रेणियों में नामांकन प्राप्त हुए हैं।
  • हॉलीवुड के कई प्रसिद्ध कलाकार जैसे Leonardo DiCaprio, Timothée Chalamet और Emma Stone प्रमुख अभिनय श्रेणियों में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।
  • सर्वश्रेष्ठ फिल्म श्रेणी में कुल 10 फिल्मों को नामांकित किया गया है, जो विभिन्न शैलियों और फिल्म निर्माताओं की विविध कहानियों को दर्शाती हैं।
  • ऑस्कर 2026 के विजेताओं की घोषणा मार्च 2026 में आयोजित होने वाले 98वें अकादमी अवॉर्ड्स समारोह में की जाएगी।

सूर्या मिधा ने तोड़ा मार्क ज़करबर्ग का रिकॉर्ड, बने सबसे युवा सेल्फ मेड बिलियनेयर

फोर्ब्स की वर्ल्ड्स बिलियनेयर्स लिस्ट में शामिल होने वाले भारतीय मूल के 22वर्षीय सूर्या मिधा सबसे युवा सेल्फमेड बिलियनेयर बन गए हैं। एआई रिक्रूटिंग स्टार्टअप ‘mercor’ के कोफाउंडर मिधा की संपत्ति 22 बिलियन है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने 30 साल से कम उम्र के 35 अरबपति बनाने का रिकॉर्ड बना दिया है। इनमें फोर्ब्स की World’s Billionaires list (दुनिया के सबसे अमीर इंसानों) में शामिल हुए सूर्या मिधा भी हैं। 22 साल के सूर्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से भर्ती करने वाली स्टार्टअप कंपनी Mercor के सह-संस्थापक हैं। निजी निवेशकों ने पिछले साल इसकी वैल्यूएशन 10 अरब डॉलर आंकी थी।

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सूर्या मिधा ने तोड़ा मार्क ज़करबर्ग का रिकॉर्ड

सूर्या मिधा और उनके सह-संस्थापक, दुनिया के अरबपतियों की इस एक्सक्लूसिव सूची में पहली बार शामिल होने वाले अब तक के सबसे कम उम्र के सेल्फ-मेड अरबपति हैं जिन्होंने मार्क जुकरबर्ग को पीछे छोड़ दिया है। आपको बता दें कि Meta के मालिक ज़ुकरबर्ग ने करीब लगभग दो दशक पहले 23 वर्ष की आयु में इस सूची में डेब्यू किया था।

सूर्या मिधा कौन है?

सूर्या मिधा की कुल संपत्ति 2.2 बिलियन डॉलर है। और वह मर्कॉर में अपने दो अन्य सह-संस्थापकों- ब्रेंडन फूडी और आदर्श हीरेमठ से कुछ महीने छोटे हैं। फोर्ब्स के अनुसार, भारतीय अप्रवासी माता-पिता की बेटे मिधा का जन्म कैलिफोर्निया के सैन जोस में हुआ था और वह हाई स्कूल में नेशनल डिबेट चैंपियन थे। मिधा के माता-पिता दिल्ली से अमेरिका में आकर बस गए थे। उन्होंने जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी से विदेशी अध्ययन में ग्रेजुएशन की डिग्री ली और उस समय हीरेमथ, हार्वर्ड विश्वविद्यालय में थे। ब्रेंडन फूडी भी जॉर्जटाउन में इकोनॉमिक्स की पढ़ाई कर रहे थे।

मर्कॉर क्या करती है?

मर्कॉर एक भर्ती स्टार्टअप है जो सिलिकॉन वैली की सबसे बड़ी एआई लैब को अपने मॉडल को प्रशिक्षित करने में मदद करता है। फोर्ब्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां आवेदकों का इंटरव्यू एक एआई अवतार द्वारा लिया जाता है और उन्हें प्रतिभाओं की भर्ती करने वाली कंपनी में अपॉइन्ट किया जाता है। यह कंपनी अब सही जगह पर सही अवसर तलाशने वालों के लिए एक उम्मीद बनकर उभरी है।

चिराग पासवान ने असम में PMFME इनक्यूबेशन सेंटर का शुभारंभ किया

केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने 13 मार्च 2026 को सोनितपुर जिले के तेजपुर विश्वविद्यालय में एक आधुनिक ‘कॉमन इनक्यूबेशन सेंटर’ का उद्घाटन किया। इस केंद्र की स्थापना खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के पूर्ण वित्तीय सहयोग से ‘प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना’ (PMFME) के तहत की गई है। इस पहल का उद्देश्य भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण नवाचार, उद्यमिता और कौशल विकास को सुदृढ़ बनाना है।

कॉमन इनक्यूबेशन सेंटर क्या है?

नया कॉमन इनक्यूबेशन सेंटर एक अत्याधुनिक सुविधा के रूप में विकसित किया गया है, जो सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को सहयोग देने और इस क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है। यह केंद्र उद्यमियों को तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और आवश्यक अवसंरचना प्रदान करेगा, जिससे वे नए खाद्य उत्पादों का विकास और परीक्षण कर सकें।

यह सुविधा विशेष रूप से स्वयं सहायता समूह (SHGs), किसान उत्पादक संगठन (FPOs), सहकारी समितियों, स्टार्ट-अप्स और नए उद्यमियों को लाभ पहुंचाएगी। आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण तकनीकों तक पहुंच मिलने से उनके उत्पादों की गुणवत्ता और बाजार प्रतिस्पर्धा में सुधार होगा।

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

  • उद्घाटन समारोह में कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें विधायक पृथ्वीराज राभा तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय और असम सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
  • कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने PMFME योजना के लाभार्थियों, उद्यमियों, स्टार्ट-अप्स, तेजपुर विश्वविद्यालय के शिक्षकों और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े अन्य हितधारकों से भी संवाद किया।

तेजपुर विश्वविद्यालय की तकनीकी भूमिका

स्वागत भाषण के दौरान विश्वविद्यालय के प्रो-वाइस चांसलर अमरेंद्र कुमार दास ने कहा कि यह इनक्यूबेशन सेंटर क्षेत्र में उद्यमिता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने इस परियोजना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने पर मंत्रालय का आभार व्यक्त किया।

विश्वविद्यालय का फूड इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी विभाग उद्यमियों को तकनीकी मार्गदर्शन देगा। इसमें खाद्य प्रसंस्करण तकनीक, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, लेबलिंग और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन जैसे क्षेत्रों में सहायता प्रदान की जाएगी।

परियोजना के लिए सरकारी सहायता

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के संयुक्त सचिव डी. प्रवीण ने कहा कि सरकार, विश्वविद्यालयों और उद्यमियों के बीच सहयोग खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को मजबूत करने के लिए आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि PMFME योजना के तहत इस इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना के लिए मंत्रालय ने ₹2.35 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की है।

युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा

विधायक पृथिराज राभा ने छात्रों को खाद्य प्रसंस्करण और कौशल विकास कार्यक्रमों में करियर के अवसर तलाशने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं से उद्यमी बनने और क्षेत्र में आर्थिक विकास तथा रोजगार सृजन में योगदान देने का आह्वान किया।

यह केंद्र छात्रों और युवा नवाचारकर्ताओं को अपने विचारों को सफल व्यवसाय में बदलने का अवसर प्रदान करेगा।

उत्तर-पूर्व में खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा

  • अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तर-पूर्व क्षेत्र में नवाचार, उद्यमिता और कृषि उत्पादों में मूल्य संवर्धन के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है।
  • इस इनक्यूबेशन सेंटर में फल, अनाज, मसाले, बेकरी उत्पादों और अन्य क्षेत्रों के लिए सात विशेष प्रसंस्करण एवं सहायक लाइनें स्थापित की गई हैं। इन सुविधाओं से उद्यमी नए उत्पादों का विकास, परीक्षण और व्यावसायीकरण कर सकेंगे।
  • यह केंद्र दरांग, उदलगुरी, बिश्वनाथ, नगांव और गोलाघाट सहित कई जिलों के उद्यमियों को लाभ पहुंचाने की उम्मीद है।

PMFME योजना का प्रभाव

PMFME योजना आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य देशभर में सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को सहयोग देना है। मंत्री के अनुसार, देश में 1.87 लाख से अधिक सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को ऋण स्वीकृत किया जा चुका है।

यह योजना किसानों, स्वयं सहायता समूहों, सहकारी समितियों और छोटे उद्यमियों को वित्तीय सहायता, क्षमता निर्माण और बाजार से जुड़ाव प्रदान करती है।

“फार्म टू फोर्क” और वैश्विक खाद्य टोकरी का लक्ष्य

चिराग पासवान ने “फार्म टू फोर्क” दृष्टिकोण के महत्व पर जोर दिया, जिसका उद्देश्य खाद्य अपव्यय को कम करना और कृषि मूल्य श्रृंखला को मजबूत बनाना है। यह दृष्टिकोण प्रधानमंत्री Narendra Modi के किसानों की आय बढ़ाने के लक्ष्य को भी समर्थन देता है।

उन्होंने कहा कि उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार, निर्यात बढ़ाने और क्षेत्रीय खाद्य उत्पादों को बढ़ावा देकर भारत “ग्लोबल फूड बास्केट” बनने की क्षमता रखता है।

इसरो की बड़ी सफलता: CE-20 क्रायोजेनिक इंजन का सफल परीक्षण

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने रॉकेट प्रौद्योगिकी में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए CE20 क्रायोजेनिक इंजन का समुद्र-स्तर (Sea-Level) पर सफल हॉट टेस्ट किया है। यह परीक्षण इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स (ISRO Propulsion Complex) में किया गया, जिसमें इंजन ने 22 टन थ्रस्ट के स्तर पर सफलतापूर्वक कार्य किया। इस सफल परीक्षण से भारत के भारी प्रक्षेपण यान लॉन्च व्हीकल मार्क-3 (LVM3) की पेलोड क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

CE20 इंजन का सफल सी-लेवल हॉट टेस्ट

ISRO ने 10 मार्च को CE20 क्रायोजेनिक इंजन का समुद्र-स्तर पर हॉट टेस्ट किया। यह इंजन 165 सेकंड तक 22 टन थ्रस्ट पर सफलतापूर्वक संचालित हुआ। परीक्षण के दौरान उन्नत तकनीकों का उपयोग किया गया, जिससे पूरी प्रक्रिया सुरक्षित और स्थिर रही।

परीक्षण की मुख्य विशेषताएँ:

  • इंजन का परीक्षण नोज़ल सुरक्षा प्रणाली (NPS) के साथ किया गया।
  • इंजन को शुरू करने के लिए मल्टी-एलिमेंट इग्नाइटर का उपयोग किया गया।
  • इंजन 165 सेकंड तक बिना किसी समस्या के चला।
  • पूरे परीक्षण के दौरान इंजन का प्रदर्शन और परीक्षण सुविधा का संचालन अपेक्षा के अनुसार रहा।

पहले NPS के साथ किए गए समुद्र-स्तर परीक्षण 19 टन थ्रस्ट पर हुए थे, इसलिए 22 टन थ्रस्ट पर यह परीक्षण एक महत्वपूर्ण प्रगति माना जा रहा है।

LVM3 रॉकेट में CE20 इंजन की भूमिका

CE20 क्रायोजेनिक इंजन भारत के भारी प्रक्षेपण यान LVM3 का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

  • यह LVM3 के ऊपरी क्रायोजेनिक चरण (C25) को शक्ति प्रदान करता है।
  • यह रॉकेट भारी उपग्रहों और अंतरिक्ष मिशनों को प्रक्षेपित करने में सक्षम है।
  • इसका उपयोग संचार उपग्रहों और गहरे अंतरिक्ष मिशनों के प्रक्षेपण में भी किया जाता है।

ISRO भविष्य के LVM3 मिशनों में अपग्रेडेड C32 चरण का उपयोग करने की योजना बना रहा है, जिसमें CE20 इंजन को 22 टन थ्रस्ट पर संचालित किया जाएगा ताकि पेलोड क्षमता बढ़ाई जा सके।

समुद्र-स्तर पर परीक्षण क्यों चुनौतीपूर्ण है?

क्रायोजेनिक इंजनों का समुद्र-स्तर पर परीक्षण तकनीकी रूप से काफी जटिल होता है, क्योंकि इंजन का नोज़ल मुख्य रूप से अंतरिक्ष की परिस्थितियों के लिए डिज़ाइन किया जाता है।

मुख्य चुनौतियाँ:

  • उच्च एरिया रेशियो नोज़ल
  • कम एग्ज़िट प्रेशर (लगभग 50 मिलीबार)

नोज़ल के भीतर फ्लो सेपरेशन, जिससे हो सकते हैं:

  • तेज कंपन
  • अधिक तापीय तनाव
  • संभावित यांत्रिक क्षति

इन चुनौतियों से निपटने के लिए ISRO ने नोज़ल सुरक्षा प्रणाली का उपयोग किया, जिससे परीक्षण के दौरान इंजन का संचालन स्थिर बना रहा।

रिकॉर्ड संख्या में परीक्षण वाला इंजन

इस प्रयोग में इस्तेमाल किया गया CE20 इंजन अब तक 20 सफल हॉट टेस्ट से गुजर चुका है, जिससे यह ISRO द्वारा विकसित सबसे अधिक परीक्षण किए गए क्रायोजेनिक इंजनों में से एक बन गया है।

इन परीक्षणों के माध्यम से कई महत्वपूर्ण तकनीकों का प्रदर्शन किया गया, जैसे:

  • इंजन स्टार्ट करने के लिए मल्टी-एलिमेंट इग्नाइटर सिस्टम
  • गगनयान मिशन के लिए विस्तृत इग्निशन मार्जिन परीक्षण
  • मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशनों के लिए इंजन की योग्यता परीक्षण
  • अधिक थ्रस्ट स्तर पर इंजन का संचालन

भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के लिए महत्व

यह सफल परीक्षण भारत की भारी प्रक्षेपण क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इससे होने वाले प्रमुख लाभ:

  • LVM3 की पेलोड क्षमता में वृद्धि
  • भविष्य के उपग्रह प्रक्षेपणों को बेहतर समर्थन
  • मानव अंतरिक्ष मिशन Gaganyaan की तैयारी को मजबूती
  • भारत की क्रायोजेनिक प्रणोदन तकनीक में प्रगति

इन तकनीकी सुधारों के साथ ISRO विश्व की प्रमुख अंतरिक्ष एजेंसियों में अपनी स्थिति को और मजबूत कर रहा है।

उत्तर कोरिया के मिसाइल प्रक्षेपण से जापान में अलर्ट, संकट प्रबंधन टीम सक्रिय

उत्तर कोरिया ने 14 मार्च 2026 को पूर्वी सागर की ओर करीब 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। दक्षिण कोरिया की सेना ने कहा कि यह प्रक्षेपण ऐसे समय किया गया, जब दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास जारी है।

जापान ने पुष्टि की

दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) के मुताबिक, मिसाइलें प्योंगयांग के पास सुनान क्षेत्र से दागी गईं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इन मिसाइलों ने लगभग 350 किलोमीटर तक उड़ान भरी। जापान के रक्षा मंत्रालय ने भी पुष्टि की कि ये हथियार जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के बाहर समुद्र में गिरे और किसी नुकसान की खबर नहीं है।

दक्षिण कोरिया ने निगरानी बढ़ाई

दक्षिण कोरियाई सेना ने कहा है कि उसने निगरानी बढ़ा दी है और किसी भी अतिरिक्त लॉन्च की आशंका को देखते हुए पूरी तैयारी बनाए रखी है। सियोल, वॉशिंगटन और टोक्यो इस घटनाक्रम को लेकर आपस में सूचनाएं साझा कर रहे हैं।

इस प्रक्षेपण की वजह क्या हो सकती है?

  • यह मिसाइल परीक्षण ऐसे वक्त हुआ है, जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया का वार्षिक फ्रीडम शील्ड सैन्य अभ्यास 9 मार्च से 19 मार्च 2026 तक चल रहा है। इस अभ्यास का मकसद दोनों देशों की संयुक्त सैन्य क्षमता और युद्धक तैयारियों को परखना बताया गया है।
  • उत्तर कोरिया लंबे समय से अमेरिका-दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यासों को हमले की तैयारी बताता रहा है। इसी पृष्ठभूमि में किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि अगर उत्तर कोरिया की सुरक्षा को चुनौती दी गई तो इसके भयानक परिणाम होंगे।
  • तनाव इसलिए भी बढ़ा हुआ है क्योंकि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच दक्षिण कोरिया में तैनात अमेरिकी मिसाइल रक्षा प्रणालियों, जैसे THAAD और पैट्रियट, के संभावित पुनर्स्थापन को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि सियोल ने कहा है कि इससे उत्तर कोरिया के खिलाफ सहयोगी देशों की रक्षा स्थिति पर असर नहीं पड़ेगा।
  • 2019 में अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत ठप पड़ने के बाद से प्योंगयांग लगातार मिसाइल और हथियार परीक्षणों के जरिए दबाव की राजनीति करता रहा है। ताजा लॉन्च को भी संयुक्त सैन्य अभ्यास के जवाब में शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है।

दक्षिण कोरिया ने भी अलर्ट जारी किया

जापान के साथ ही साथ दक्षिण कोरिया में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। उत्तर कोरिया लंबे समय से अमेरिका-दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यासों को बहाना बनाकर हथियार परीक्षण करता रहा है। यह मिसाइल लॉन्च क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकता है। जापान सरकार ने नागरिकों से सतर्क रहने और आधिकारिक अपडेट का इंतजार करने की अपील की है।

डिजिटल मैपिंग को बढ़ावा: सुजल गांव आईडी का शुभारंभ

जल शक्ति मंत्रालय ने जल जीवन मिशन (JJM) 2.0 के तहत भारत के हर ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। सरकार ने इस मिशन की अवधि को दिसंबर 2028 तक बढ़ा दिया है और इसके लिए वित्तीय प्रावधान भी बढ़ाया गया है। JJM 2.0 का मुख्य फोकस डिजिटल सुधार, गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचे का विकास, सामुदायिक भागीदारी और जल आपूर्ति प्रणाली की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने पर है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में सभी घरों को सुरक्षित और नियमित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।

जल जीवन मिशन 2.0 पर महत्वपूर्ण बैठक

केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने Jal Jeevan Mission 2.0 के संबंध में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED), ग्रामीण जल आपूर्ति (RWS) और पंचायती राज विभाग के मंत्री शामिल हुए। इस अवसर पर जल शक्ति मंत्रालय के राज्य मंत्री वी. सोमन्ना भी उपस्थित रहे। बैठक में कैबिनेट द्वारा मिशन की अवधि बढ़ाने, बजट में वृद्धि और संरचनात्मक सुधारों की मंजूरी के बाद जल जीवन मिशन 2.0 के क्रियान्वयन की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की गई।

सुजल गांव आईडी का शुभारंभ: ग्रामीण जल योजनाओं की डिजिटल मैपिंग

सी. आर. पाटिल ने “सुजल गांव आईडी” की शुरुआत की, जो भारत की प्रत्येक ग्रामीण पेयजल योजना के लिए एक विशिष्ट डिजिटल पहचान संख्या है। यह अपनी तरह की पहली पहल है, जिसके माध्यम से देश की सभी ग्रामीण जल आपूर्ति प्रणालियों को एकीकृत राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जा रहा है।

इस पहल के तहत:

  • 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 1.64 लाख सुजल गांव आईडी बनाई गई हैं।
  • इन्हें लगभग 67,000 सुजलम भारत आईडी से जोड़ा गया है।
  • इसमें योजना के बुनियादी ढांचे की आईडी और सेवा क्षेत्र की आईडी को एकीकृत किया गया है।
  • इससे रीयल-टाइम निगरानी, पारदर्शिता और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने में मदद मिलेगी।

यह डिजिटल सुधार तकनीकी रूप से सशक्त “विकसित भारत @2047” के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

समय पर कार्य पूर्ण करने और गुणवत्ता पर जोर

सी. आर. पाटिल ने राज्यों से अपील की कि वे जल योजनाओं को समय पर पूरा करें, जमीनी स्तर पर निगरानी को मजबूत करें और किसी भी प्रकार की तकनीकी कमियों से बचें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी परियोजना में अनावश्यक खर्च या मानकों का उल्लंघन होता है, तो उसकी जिम्मेदारी राज्यों को ही उठानी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पानी की गुणवत्ता जितनी महत्वपूर्ण है, उतनी ही कार्य की गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण है, इसलिए राज्यों को स्वीकृत तकनीकी मानकों का पालन करते हुए ग्रामीण जल आपूर्ति प्रणाली की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करनी चाहिए।

पंचायती राज और सामुदायिक भागीदारी की भूमिका

जल शक्ति मंत्रालय के राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण, जल स्रोतों की स्थिरता और संचालन व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायती राज संस्थाओं को परिसंपत्ति प्रबंधन में सशक्त बनाना आवश्यक है।

Jal Jeevan Mission 2.0 के तहत जन भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए जल अर्पण और जल उत्सव जैसे कार्यक्रम जारी रहेंगे। इन पहलों से कई सामाजिक-आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है, जैसे:

  • महिलाओं के श्रम में कमी
  • जन स्वास्थ्य में सुधार
  • ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन
  • वर्ष 2028 तक सभी घरों तक नल से जल की उपलब्धता

मिशन संचालन और डिजिटल सुधार

अशोक के. के. मीना, सचिव, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (DDWS) ने मिशन के प्रशासनिक और डिजिटल सुधारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मिशन को दिसंबर 2028 तक बढ़ाया गया है और इसमें ग्राम पंचायत आधारित शासन व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।

मुख्य कदम:

  • संचालन और रखरखाव (O&M) प्रणाली को मजबूत करना
  • राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) के माध्यम से क्रियान्वयन
  • Sujalam Bharat डिजिटल आर्किटेक्चर के माध्यम से स्रोत से नल तक मैपिंग
  • जल सेवा आंकलन के जरिए गांव स्तर पर सेवा का मूल्यांकन
  • Meri Panchayat ऐप के माध्यम से नागरिक निगरानी को मजबूत करना

ग्राम पंचायतें तभी ‘हर घर जल’ का प्रमाणन करेंगी जब स्थायी संचालन और रखरखाव व्यवस्था सुनिश्चित हो जाएगी।

वित्तपोषण और वित्तीय सुधार

कमल किशोर सोन, अतिरिक्त सचिव एवं प्रबंध निदेशक, राष्ट्रीय जल जीवन मिशन (NJJM) ने फंड जारी करने से जुड़ी जानकारी दी।

मुख्य तथ्य:

कुल बजट ₹3.60 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹8.69 लाख करोड़ किया गया है।

केंद्र सरकार से धन तभी जारी होगा जब चार शर्तें पूरी हों:

  • MoU पर हस्ताक्षर
  • सुजल गांव आईडी का निर्माण
  • समय पर वित्तीय समन्वय
  • राज्य O&M नीति की अधिसूचना

फंड जारी करने के तरीके

  • Upfront Payment Mode – गुणवत्ता प्रभावित क्षेत्रों में छोटे और गैर-PWS सिस्टम के लिए
  • Reimbursement Mode – चल रही मध्यम और बड़े जल आपूर्ति परियोजनाओं के लिए
  • VGF Mode – PPP आधारित बड़े जल आपूर्ति परियोजनाओं के लिए

इसके अलावा, पुरानी योजनाओं के पुनर्निर्माण (retrofitting) के लिए केंद्रीय फंड उपलब्ध नहीं होगा।

JJM 2.0 के प्रमुख फोकस क्षेत्र

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ हुए MoU में निम्न क्षेत्रों में सुधार और जिम्मेदारियों पर जोर दिया गया है:

  • नीति, संस्थागत ढांचा और शासन सुधार
  • परिसंपत्तियों का स्वामित्व, प्रबंधन और तकनीकी सहायता
  • योजना निर्माण, वित्तपोषण और कार्यक्रम कार्यान्वयन
  • डिजिटल सिस्टम, डेटा गवर्नेंस और निगरानी
  • ग्रामीण जल कार्यबल का कौशल विकास और क्षमता निर्माण
  • जल गुणवत्ता की निगरानी और सर्विलांस
  • संचार, सामुदायिक भागीदारी और जनविश्वास

सामुदायिक भागीदारी और जल महोत्सव

राज्यों और जिलों को जल महोत्सव गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया गया है, जैसे:

  • जल अर्पण और जल उत्सव का आयोजन
  • जिला जल एवं स्वच्छता मिशन (DWSM) की बैठकें आयोजित करना और सेवा सुधार योजनाएँ तैयार करना
  • डिस्ट्रिक्ट टेक्निकल यूनिट (DTU) का गठन
  • राज्य जल उत्सव कैलेंडर तैयार करना
  • ग्राम पंचायत स्तर पर लोक जल उत्सव आयोजित करना

जिला मजिस्ट्रेट (DM) या जिला परिषद के CEO द्वारा कम से कम दो जल अर्पण कार्यक्रमों में भाग लेना।

राष्ट्रपति भवन में ‘पर्पल फेस्ट’: दिव्यांगजनों की प्रतिभा और उपलब्धियों का उत्सव

पर्पल फेस्ट (Purple Fest) का विशेष आयोजन 13 मार्च 2026 को राष्ट्रपति भवन में किया गया, जिसका उद्देश्य दिव्यांगजनों (Persons with Disabilities) की प्रतिभा, उपलब्धियों और सपनों को सम्मान देना था। इस कार्यक्रम का लक्ष्य समाज में समावेशन, सम्मान और जागरूकता को बढ़ावा देना था। इस उत्सव में हजारों प्रतिभागियों ने भाग लिया और उनके लिए विशेष रूप से आयोजित विभिन्न गतिविधियों का आनंद लिया।

हजारों दिव्यांगजन ने अमृत उद्यान का दौरा किया

दिनभर चले इस कार्यक्रम के दौरान 8,000 से अधिक दिव्यांगजनों ने अमृत ​​उद्यान का भ्रमण किया। इस सुंदर उद्यान को इस विशेष दिन पर केवल उनके लिए खोला गया था।

प्रतिभागियों ने कई गतिविधियों में भाग लिया, जैसे:

  • मनोरंजक और इंटरैक्टिव खेल
  • सीखने से जुड़े सत्र और जागरूकता स्टॉल
  • दिव्यांगजनों के लिए कार्य करने वाले समूहों द्वारा आयोजित प्रदर्शनियाँ
  • सामाजिक संवाद और मनोरंजन कार्यक्रम

दिव्यांगजनों के लिए कार्य करने वाले कई संगठनों ने सूचना, मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करने के लिए स्टॉल लगाए।

शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम

शाम के समय भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति परिसर के ओपन एयर थिएटर में आयोजित इस उत्सव में भाग लिया। उन्होंने दिव्यांग कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखा।

इन प्रस्तुतियों में संगीत, नृत्य और अन्य रचनात्मक कार्यक्रम शामिल थे, जिन्होंने प्रतिभागियों के आत्मविश्वास और प्रतिभा को प्रदर्शित किया। दर्शकों ने इन प्रेरणादायक प्रस्तुतियों की सराहना की।

समावेशन और समानता पर राष्ट्रपति का संदेश

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि किसी देश का मूल्यांकन केवल उसके विशेषाधिकार प्राप्त लोगों की प्रगति से नहीं किया जाता। बल्कि यह इस बात से तय होता है कि वह अपने वंचित और कमजोर वर्गों का कितना समर्थन और संरक्षण करता है।

उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति हमेशा इन मूल्यों को महत्व देती रही है:

  • संवेदनशीलता और करुणा
  • समाज में समावेशन
  • लोगों के बीच सामंजस्य

उन्होंने यह भी कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक, विशेषकर दिव्यांगजनों, को सामाजिक न्याय, समानता और गरिमा का अधिकार देता है।

दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण का महत्व

राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि दिव्यांगजनों को सशक्त बनाना एक समावेशी और मजबूत समाज के निर्माण के लिए आवश्यक है। हालांकि यह लक्ष्य केवल सरकार के प्रयासों से पूरा नहीं हो सकता।

उनके अनुसार, प्रत्येक नागरिक, संगठन और संस्था की भागीदारी आवश्यक है ताकि दिव्यांगजनों को समान अवसर मिल सकें।

विकसित भारत 2047 की परिकल्पना में दिव्यांगजन

  • राष्ट्रपति ने कहा कि भारत “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसका उद्देश्य वर्ष 2047 तक देश को पूर्ण विकसित बनाना है।
  • उन्होंने बताया कि इस यात्रा में दिव्यांगजन भी समान भागीदार हैं। समाज को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उन्हें आगे बढ़ने, सफलता प्राप्त करने और गरिमा के साथ जीवन जीने के समान अवसर मिलें।

आत्मविश्वास के लिए प्रेरणा

राष्ट्रपति ने दिव्यांगजनों को आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार और समाज दोनों उनके विकास और प्रगति में सहयोग करते रहेंगे।

उन्होंने कहा कि उनकी मेहनत, समर्पण और दृढ़ता न केवल उनके जीवन में सफलता लाएगी, बल्कि देश के अन्य नागरिकों को भी प्रेरित करेगी।

पर्पल फेस्ट का उद्देश्य

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित पर्पल फेस्ट का उद्देश्य विभिन्न प्रकार की दिव्यांगताओं और उनके प्रभाव के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।

इस उत्सव के प्रमुख उद्देश्य हैं:

  • दिव्यांगताओं के बारे में समझ बढ़ाना
  • स्वीकार्यता और सम्मान को प्रोत्साहित करना
  • समान अवसरों को बढ़ावा देना
  • सभी के लिए समावेशी समाज का निर्माण करना।

फिच ने भारत की FY26 जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 7.5% किया

वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स (Fitch Ratings) ने वित्त वर्ष 2025–26 (FY26) के लिए भारत की GDP वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 7.5% कर दिया है। एजेंसी के अनुसार, मजबूत घरेलू मांग भारत की आर्थिक वृद्धि का मुख्य आधार बनी हुई है। संशोधित अनुमान यह दर्शाता है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था में पर्याप्त मजबूती और लचीलापन है।

इससे पहले फिच ने भारत की वृद्धि दर 7.4% रहने का अनुमान लगाया था, लेकिन देश में खपत (consumption) और निवेश गतिविधियों में सुधार को देखते हुए इस पूर्वानुमान को थोड़ा बढ़ाया गया है।

वृद्धि अनुमान बढ़ाने के कारण

फिच रेटिंग्स के अनुसार घरेलू मांग भारत की आर्थिक वृद्धि का प्रमुख इंजन बनी हुई है। बढ़ता उपभोक्ता खर्च और निवेश में तेजी FY26 में आर्थिक विस्तार को समर्थन देंगे।

मुख्य वृद्धि कारक

  • विभिन्न क्षेत्रों में मजबूत उपभोक्ता खर्च
  • अर्थव्यवस्था में निवेश गतिविधियों में वृद्धि
  • घरेलू मांग में लगातार मजबूती

फिच के अनुसार उपभोक्ता खर्च लगभग 8.6% तक बढ़ सकता है, जबकि निवेश में लगभग 6.9% की वृद्धि होने का अनुमान है।

दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भारत

7.5% की संशोधित वृद्धि दर के साथ भारत के दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बने रहने की उम्मीद है। एजेंसी ने कहा कि मजबूत आर्थिक आधार और घरेलू मांग भारत को वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भी स्थिर वृद्धि बनाए रखने में मदद कर रहे हैं।

अगले वित्त वर्ष के लिए अनुमान

  • फिच ने FY27 के लिए भी अपने विकास अनुमान को बढ़ाकर 6.7% कर दिया है, जो कि दिसंबर 2025 में दिए गए 6.4% के अनुमान से अधिक है।
  • हालांकि एजेंसी ने यह भी कहा कि मुद्रास्फीति (Inflation) और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियाँ आने वाले वर्षों में वृद्धि की गति को प्रभावित कर सकती हैं।

वैश्विक आर्थिक परिदृश्य

अपने नवीनतम वैश्विक आर्थिक दृष्टिकोण में फिच रेटिंग्स ने अनुमान लगाया है कि 2026 में वैश्विक GDP वृद्धि लगभग 2.6% रह सकती है, बशर्ते ऊर्जा की कीमतें स्थिर रहें और भू-राजनीतिक तनाव वैश्विक बाजारों को गंभीर रूप से प्रभावित न करें।

Pi Day 2026: 14 मार्च को पाई दिवस क्यों मनाया जाता है?

पाई दिवस (Pi Day) हर वर्ष 14 मार्च को मनाया जाता है। यह दिन गणितीय स्थिरांक Pi (π) के सम्मान में मनाया जाता है। 14 मार्च की तारीख (3/14) पाई के पहले तीन अंकों 3.14 का प्रतिनिधित्व करती है, इसलिए इस दिन को विशेष रूप से चुना गया है।

यह दिवस दुनिया भर में छात्रों, गणितज्ञों और विज्ञान के प्रति रुचि रखने वाले लोगों द्वारा उत्साह के साथ मनाया जाता है। पाई दिवस गणित के महत्व को उजागर करता है और छात्रों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) के क्षेत्रों में रुचि विकसित करने के लिए प्रेरित करता है।

पाई (π) क्या है?

Pi (π) एक गणितीय स्थिरांक है, जो किसी वृत्त की परिधि (Circumference) और उसके व्यास (Diameter) के अनुपात को दर्शाता है। पाई का मान लगभग 3.14159 होता है और यह एक अपरिमेय संख्या (Irrational Number) है, अर्थात इसके दशमलव अंक अनंत तक चलते हैं और दोहराए नहीं जाते।

पाई का उपयोग गणित, भौतिकी, इंजीनियरिंग और विज्ञान की कई गणनाओं में किया जाता है, खासकर वृत्त, तरंगों और ज्यामिति से संबंधित गणनाओं में।

14 मार्च को पाई दिवस क्यों मनाया जाता है?

पाई दिवस (Pi Day) हर वर्ष 14 मार्च (3/14) को मनाया जाता है, क्योंकि पाई के पहले तीन अंक 3.14 होते हैं। तारीख और संख्या के इस सरल संबंध के कारण इस दिन को पाई के उत्सव के रूप में चुना गया है। कई गणित प्रेमी इसे दोपहर 1:59 बजे भी मनाते हैं, क्योंकि यह पाई के अगले अंकों 3.14159 को दर्शाता है।

पाई दिवस का इतिहास

  • Pi Day पहली बार 1988 में मनाया गया था। इसकी शुरुआत अमेरिकी भौतिक विज्ञानी लैरी शॉ ने Exploratorium, सैन फ्रांसिस्को (अमेरिका) में की थी। पहले उत्सव के दौरान प्रतिभागियों ने वृत्ताकार परेड निकाली और इस अवसर को चिह्नित करने के लिए पाई (pie) खाई।
  • बाद में 2009 में संयुक्त राज्य प्रतिनिधि सभा ने आधिकारिक रूप से पाई दिवस को मान्यता दी, ताकि छात्रों के बीच गणित और विज्ञान के प्रति रुचि को बढ़ावा दिया जा सके।
  • इसके बाद 2019 में UNESCO ने 14 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय गणित दिवस घोषित किया, जिससे इस दिन का वैश्विक महत्व और बढ़ गया।

पाई दिवस कैसे मनाया जाता है?

पाई दिवस दुनिया भर के स्कूलों, विश्वविद्यालयों और विज्ञान संगठनों में विभिन्न गतिविधियों के साथ मनाया जाता है।

पाई दिवस की सामान्य गतिविधियाँ

  • पाई के अंकों को याद करके सुनाने की प्रतियोगिताएँ
  • गणित से जुड़े क्विज़ और पहेलियाँ
  • शैक्षिक व्याख्यान और कार्यशालाएँ
  • पाई (Pie) खाने के कार्यक्रम, क्योंकि अंग्रेज़ी में “pi” और “pie” की ध्वनि समान होती है
  • STEM से संबंधित गतिविधियाँ, जो छात्रों को गणित और विज्ञान सीखने के लिए प्रेरित करती हैं

ये गतिविधियाँ छात्रों के लिए गणित को रोचक और मनोरंजक बनाती हैं।

पाई दिवस से जुड़े रोचक तथ्य

  • आधुनिक कंप्यूटरों की मदद से Pi के मान को खरबों अंकों तक गणना किया जा चुका है।
  • यह दिन महान वैज्ञानिक Albert Einstein के जन्मदिन (14 मार्च) के साथ भी मेल खाता है।
  • पाई का उपयोग इंजीनियरिंग, भौतिकी, खगोल विज्ञान और कंप्यूटर विज्ञान में व्यापक रूप से किया जाता है।
  • कुछ लोग 22 जुलाई (22/7) को पाई सन्निकटन दिवस (Pi Approximation Day) भी मनाते हैं, क्योंकि 22/7 पाई का एक सामान्य भिन्नात्मक अनुमान है।

अंतरराष्ट्रीय इस्लामोफोबिया विरोध दिवस 2026: तिथि, इतिहास, महत्व और संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव

इस्लामोफोबिया से मुकाबला करने का अंतरराष्ट्रीय दिवस हर वर्ष 15 मार्च को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य दुनिया भर में मुसलमानों के खिलाफ होने वाले भेदभाव, पूर्वाग्रह और घृणा के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। यह दिवस विभिन्न देशों, संगठनों और समुदायों को अलग-अलग धर्मों और संस्कृतियों के लोगों के बीच सहिष्णुता, पारस्परिक सम्मान और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करता है।

यह दिवस संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा स्थापित किया गया था, ताकि इस्लामोफोबिया को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंता को उजागर किया जा सके और धार्मिक असहिष्णुता के खिलाफ वैश्विक स्तर पर कार्रवाई को प्रोत्साहित किया जा सके।

अंतरराष्ट्रीय इस्लामोफोबिया विरोध दिवस क्यों मनाया जाता है?

इस दिवस का मुख्य उद्देश्य मुस्लिम समुदायों द्वारा झेली जाने वाली चुनौतियों को उजागर करना और शांति, समझ तथा धार्मिक विविधता के प्रति सम्मान की संस्कृति को बढ़ावा देना है।

मुख्य उद्देश्य

  • इस्लामोफोबिया और मुसलमानों के खिलाफ भेदभाव के बारे में वैश्विक जागरूकता बढ़ाना।
  • विभिन्न समुदायों के बीच धार्मिक सहिष्णुता और सद्भाव को प्रोत्साहित करना।
  • सरकारों और संगठनों को घृणा भाषण और हिंसा के खिलाफ कदम उठाने के लिए प्रेरित करना।
  • संवाद, शिक्षा और सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा देना।

पृष्ठभूमि और इतिहास

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने 2022 में प्रस्ताव A/RES/76/254 के माध्यम से 15 मार्च को अंतरराष्ट्रीय इस्लामोफोबिया विरोध दिवस घोषित किया। यह प्रस्ताव पाकिस्तान ने इस्लामी सहयोग संगठन (OIC) की ओर से प्रस्तुत किया था और इसे सर्वसम्मति से अपनाया गया।

15 मार्च की तिथि इसलिए चुनी गई क्योंकि यह 2019 में क्राइस्टचर्च की मस्जिदों पर हुए हमलों की बरसी है, जिसमें शुक्रवार की नमाज़ के दौरान 51 लोगों की मृत्यु हो गई थी।

इस्लामोफोबिया क्या है?

इस्लामोफोबिया का अर्थ है इस्लाम या मुसलमानों के प्रति भय, पूर्वाग्रह, भेदभाव या शत्रुता। यह कई रूपों में दिखाई दे सकता है, जैसे:

  • मुसलमानों के खिलाफ घृणा भाषण या रूढ़िवादी धारणाएँ
  • रोजगार या शिक्षा में भेदभाव
  • मस्जिदों या धार्मिक स्थलों पर हमले
  • ऑनलाइन उत्पीड़न और गलत जानकारी का प्रसार

संयुक्त राष्ट्र का जोर है कि आतंकवाद या उग्रवाद को किसी भी धर्म या समुदाय से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।

बढ़ते इस्लामोफोबिया पर वैश्विक चिंता

  • अंतरराष्ट्रीय संगठनों और मानवाधिकार समूहों ने दुनिया के कई हिस्सों में मुसलमानों के खिलाफ बढ़ते घृणा भाषण, भेदभाव और हिंसा पर चिंता व्यक्त की है।
  • संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी कहा है कि समानता, मानवाधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान समावेशी समाज बनाने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

इस दिवस का महत्व

अंतरराष्ट्रीय इस्लामोफोबिया विरोध दिवस का महत्व कई दृष्टियों से है:

  • विभिन्न धर्मों के बीच संवाद और सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा देना
  • पूर्वाग्रह और रूढ़ियों के खिलाफ शिक्षा को प्रोत्साहित करना
  • धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की रक्षा करने वाली नीतियों का समर्थन करना
  • नस्लवाद, ज़ेनोफोबिया और असहिष्णुता के खिलाफ वैश्विक सहयोग को मजबूत करना

यह दिवस दुनिया को याद दिलाता है कि विविधता और सभी धर्मों के प्रति सम्मान ही वैश्विक शांति और सद्भाव की आधारशिला है।

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