भारत-ब्राज़ील ने किए 10 बड़े समझौते: ग्लोबल साउथ में उभरता नया शक्ति

भारत और ब्राज़ील ने व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य और महत्वपूर्ण खनिज जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए दस महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा के साथ विस्तृत वार्ता की। दोनों नेताओं ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर से अधिक तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया। यह कदम वर्ष 2006 में स्थापित सामरिक साझेदारी (Strategic Partnership) के बाद से लगातार मजबूत हो रहे संबंधों को और सुदृढ़ करता है।

भारत–ब्राज़ील समझौते 2026: क्या तय हुआ?

भारत और ब्राज़ील के बीच 2026 में हुए दस समझौते कई रणनीतिक क्षेत्रों को कवर करते हैं और भारत–ब्राज़ील सामरिक साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।

ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। उन्होंने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी अर्पित की, जो भारत–ब्राज़ील संबंधों की साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और जन-से-जन संपर्क की भावना को दर्शाता है।

10 प्रमुख समझौतों के मुख्य क्षेत्र

इन समझौतों में कई प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को शामिल किया गया—

प्रमुख फोकस क्षेत्र:

  • क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ
  • डिजिटल सहयोग और प्रौद्योगिकी
  • स्वास्थ्य और फार्मास्यूटिकल्स
  • सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) और उद्यमिता
  • पारंपरिक ज्ञान का आदान-प्रदान
  • जनसंचार
  • रक्षा सहयोग

क्रिटिकल मिनरल्स पर समझौता वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के बीच लचीली (resilient) सप्लाई चेन विकसित करने की रणनीतिक पहल माना जा रहा है।

20 अरब डॉलर व्यापार लक्ष्य: रणनीतिक आर्थिक पहल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्राज़ील को लैटिन अमेरिका में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बताया और कहा कि द्विपक्षीय व्यापार आपसी विश्वास को दर्शाता है।

वर्तमान दिशा:

  • अगले पांच वर्षों में 20 अरब डॉलर का व्यापार लक्ष्य
  • ऊर्जा, कृषि, रक्षा और प्रौद्योगिकी में विस्तार
  • निजी क्षेत्र की अधिक भागीदारी

यह पहल ग्लोबल साउथ सहयोग और व्यापारिक साझेदारियों के विविधीकरण की व्यापक रणनीति के अनुरूप है।

डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी सहयोग

दोनों देश ब्राज़ील में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence) स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।

इस पहल का उद्देश्य है—

  • भारत के डिजिटल गवर्नेंस अनुभव को साझा करना
  • वित्तीय समावेशन और डिजिटल पहचान प्रणालियों को बढ़ावा देना
  • ग्लोबल साउथ में तकनीकी सहयोग को मजबूत करना

दोनों नेताओं ने माना कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर्स और नवाचार में सहयोग न केवल उनके देशों बल्कि उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए भी लाभकारी होगा।

साझा दृष्टिकोण: बहुध्रुवीय विश्व और संयुक्त राष्ट्र सुधार

भारत और ब्राज़ील ने समावेशी और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

साझा रुख:

  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में त्वरित सुधार
  • आतंकवाद के खिलाफ सशक्त वैश्विक कार्रवाई
  • जलवायु कार्रवाई और सतत विकास
  • ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करना

दोनों देश ब्रिक्स, जी20, अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन, आईबीएसए संवाद मंच और G-4 जैसे मंचों पर करीबी समन्वय बनाए रखते हैं। उनका सहयोग संयुक्त राष्ट्र, WTO और UNESCO जैसे बहुपक्षीय मंचों तक विस्तारित है।

रक्षा और रणनीतिक समन्वय

  • प्रधानमंत्री मोदी ने रक्षा सहयोग को बढ़ते विश्वास और रणनीतिक तालमेल का उदाहरण बताया। इस क्षेत्र में संयुक्त सैन्य अभ्यास, प्रौद्योगिकी आदान-प्रदान और रक्षा उद्योग साझेदारी शामिल हैं।
  • रक्षा संबंधों की मजबूती ऊर्जा सहयोग, नवीकरणीय पहलों और रेयर अर्थ सामग्री सहयोग को भी पूरक करती है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी और सुदृढ़ होती है।

विंटर ओलंपिक्स 2026 – पूरी मेडल टेबल और हाइलाइट्स

शीतकालीन ओलंपिक 2026, जिन्हें आधिकारिक रूप से 2026 Winter Olympics (XXV ओलंपिक विंटर गेम्स) कहा जाता है, 6 से 22 फरवरी 2026 तक इटली के मिलान और कॉर्टिना डी’अम्पेज़ो में आयोजित किए गए। इन खेलों में 92 राष्ट्रीय ओलंपिक समितियों (NOCs) के लगभग 2,900 खिलाड़ियों ने भाग लिया। इस वैश्विक आयोजन में 8 खेलों और 16 विधाओं के अंतर्गत कुल 116 पदक स्पर्धाएं आयोजित की गईं, जिसने इसे शीतकालीन खेल इतिहास के सबसे व्यापक और प्रतिस्पर्धी संस्करणों में से एक बना दिया।

मेडल स्टैंडिंग में टॉप 10 देश: विंटर ओलंपिक्स 2026

Rank Country Gold Silver Bronze Total
1 Norway 18 12 11 41
2 United States 12 12 9 33
3 Netherlands 10 7 3 20
4 Italy 10 6 14 30
5 Germany 8 10 8 26
6 France 8 9 6 23
7 Sweden 8 6 4 18
8 Switzerland 6 9 8 23
9 Austria 5 8 5 18
10 Japan 5 7 12 24

2026 शीतकालीन ओलंपिक खेलों की प्रमुख झलकियां

नॉर्वे – निर्विवाद अग्रणी

Norway ने एक बार फिर शीतकालीन खेलों में अपनी बादशाहत साबित करते हुए पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया। नॉर्वे ने कुल 41 पदक जीते, जिनमें 18 स्वर्ण पदक शामिल थे। देश ने विशेष रूप से क्रॉस-कंट्री स्कीइंग, बायथलॉन और नॉर्डिक कंबाइंड स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन किया, जिससे उसकी पारंपरिक ताकत और उत्कृष्ट प्रशिक्षण प्रणाली का प्रदर्शन हुआ।

यूनाइटेड स्टेट्स – शानदार ऑल-राउंड परफॉर्मेंस

यूनाइटेड स्टेट्स ने स्नोबोर्डिंग, अल्पाइन स्कीइंग और आइस हॉकी में अपनी ताकत दिखाते हुए 33 मेडल के साथ दूसरा स्थान हासिल किया।

नीदरलैंड्स – स्पीड स्केटिंग का पावरहाउस

नीदरलैंड्स ने स्पीड स्केटिंग में अपनी पारंपरिक श्रेष्ठता को बरकरार रखते हुए शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने कुल 10 स्वर्ण पदक जीते और समग्र पदक तालिका में तीसरा स्थान हासिल किया। स्पीड स्केटिंग में उनकी तकनीकी दक्षता और वर्षों की मजबूत खेल संरचना एक बार फिर दिखाई दी।

इटली – मेजबान देश की शानदार सफलता

मेजबान देश इटली ने घरेलू समर्थन का पूरा लाभ उठाते हुए प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इटली ने कुल 30 पदक जीते, जिनमें 10 स्वर्ण पदक शामिल थे। विशेष रूप से 14 कांस्य पदकों के साथ उनका कांस्य पदक आंकड़ा सबसे अधिक में से एक रहा, जिसने मेजबान राष्ट्र के रूप में उनकी मजबूत उपस्थिति को दर्शाया।

अन्य उल्लेखनीय प्रदर्शन

  • जर्मनी ने 26 पदकों के साथ मजबूत प्रदर्शन किया।
  • कनाडा ने कुल 21 पदक अपने नाम किए।
  • चीन ने 15 पदक हासिल किए।
  • दक्षिण कोरिया ने 10 पदक जीते।
  • ऑस्ट्रेलिया ने 6 पदक अर्जित किए।
  • ग्रेट ब्रिटेन ने 5 पदक हासिल किए।

पहली या दुर्लभ स्वर्ण पदक जीतने वाले देश

कई देशों ने ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतकर अपने शीतकालीन ओलंपिक सफर में महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की—

  • स्पेन – 1 स्वर्ण
  • ब्राज़िल– 1 स्वर्ण
  • कजाकिस्तान– 1 स्वर्ण

इन उपलब्धियों ने उनके शीतकालीन ओलंपिक इतिहास में नए अध्याय जोड़े और वैश्विक खेल मंच पर उनकी बढ़ती उपस्थिति को दर्शाया।

रजत पदक विजेता (बिना स्वर्ण के)

कुछ देशों ने स्वर्ण पदक भले ही न जीते हों, लेकिन रजत पदकों के माध्यम से उल्लेखनीय प्रदर्शन किया—

  • पोलैंड– 3 रजत पदक
  • न्यूज़ीलैंड – 2 रजत पदक
  • फिनलैंड – 1 रजत पदक

बिना पदक वाले देश

  • कई सहभागी देश, जिनमें भारत, अर्जेंटीना, दक्षिण अफ्रीका, पुर्तगाल आदि शामिल हैं, इस संस्करण में पदक हासिल नहीं कर सके।
  • हालांकि, शीतकालीन ओलंपिक में भागीदारी स्वयं में एक बड़ी उपलब्धि है। यह न केवल खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय अनुभव प्रदान करती है, बल्कि विश्वभर में शीतकालीन खेलों के विकास और लोकप्रियता को भी बढ़ावा देती है।

BAFTA Awards 2026: देखें पूरी बाफ्टा अवार्ड्स विनर्स की लिस्ट

79वें ब्रिटिश अकादमी फिल्म अवॉर्ड्स (BAFTA 2026) का आयोजन 22 फरवरी को लंदन के रॉयल फेस्टिवल हॉल में British Academy of Film and Television Arts द्वारा किया गया। इस भव्य समारोह की मेजबानी प्रसिद्ध अभिनेता Alan Cumming ने की। इस अवॉर्ड में भारतीय फिल्म ‘बूंग’ ने चिल्ड्रन्स एंड फैमिली फिल्म कैटेगरी में बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड जीता। इसके अलावा इस बार बाफ्टा में ‘वन बैटल आफ्टर अनदर’ और ‘सिनर्स’ का दबदबा रहा। लियोनार्डो डिकैप्रियो की एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘वन बैटल आफ्टर अनदर’ सर्वश्रेष्ठ फिल्म समेत छह पुरस्कार जीते। वहीं अमेरिकन फिल्म ‘सिनर्स’ और हॉरर कहानी ‘फ्रैंकस्टीन’ ने तीन-तीन पुरस्कार जीते। जेसी बकले ने ‘हैमनेट’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार जीता। जबकि रॉबर्ट आरामयो ने ब्रिटिश इंडी फिल्म ‘आई स्वियर’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार अपने नाम किया।

यहां देखें पूरी लिस्ट

  • सर्वश्रेष्ठ फिल्म – बैटल आफ्टर अनदर
  • सर्वश्रेष्ठ निर्देशक – पॉल थॉमस एंडरसन (वन बैटल आफ्टर अनदर)
  • सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री – जेसी बकले (हैमनेट)
  • सर्वश्रेष्ठ अभिनेता – रॉबर्ट आरामयो (आई स्वियर)
  • सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री – वुन्मी मोसाकु (सिनर्स)
  • सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता –
  • आउटस्टैंडिंग ब्रिटिश फिल्म- हैमनेट
  • बेस्ट चिंड्रेंस एंड फैमिली फिल्म – बूंग
  • गैर अंग्रेजी भाषा की फिल्म – सेंटिमेंटल वैल्यूज
  • बेस्ट स्क्रीनप्ले – सिनर्स
  • बेस्ट एनिमेटेड फिल्म – जूट्रोपोलिस 2
  • बेस्ट डॉक्यूमेंट्री – मिस्टर नोबडी अगेंस्ट पुतिन
  • बेस्ट सिनेमैटोग्राफी – वन बैटल आफ्टर अनदर
  • बेस्ट एडिटिंग – वन बैटल आफ्टर अनदर
  • स्पेशल विजुअल इफेक्ट्स – अवतार: फायर एंड ऐश
  • ब्रिटिश शॉर्ट फिल्म – दिस इज एंडोमेट्रियोसिस
  • राइजिंग स्टार – रॉबर्ट अरामायो (सिनर्स)

BAFTA के बारे में

  • ब्रिटिश अकादमी फिल्म अवॉर्ड्स (BAFTA) एक वार्षिक पुरस्कार समारोह है, जो ब्रिटिश और अंतरराष्ट्रीय फिल्मों में उत्कृष्टता को सम्मानित करता है।
  • यह पुरस्कार British Academy of Film and Television Arts (BAFTA) द्वारा प्रदान किए जाते हैं।
  • इन पुरस्कारों का पहला आयोजन 29 मई 1949 को यूनाइटेड किंगडम में किया गया था।
  • वर्ष 2013 से इनका आधिकारिक नाम “EE ब्रिटिश अकादमी फिल्म अवॉर्ड्स” रखा गया है।
  • इस समारोह का प्रसारण 1956 से BBC द्वारा किया जा रहा है, जिससे यह विश्वभर में दर्शकों तक पहुंचता है।

विश्व शांति और समझदारी दिवस 2026

विश्व शांति और समझ दिवस 2026 (World Peace and Understanding Day 2026), हर साल 23 फरवरी को मनाया जाता है, जो वैश्विक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए संवाद, आपसी सम्मान और अंतर-सांस्कृतिक समझ पर जोर देता है, जो रोटरी इंटरनेशनल के साथ निकटता से जुड़ा हुआ है। उसी ऐतिहासिक बैठक ने आगे चलकर रोटरी इंटरनेशनल की स्थापना की नींव रखी, जो आज विश्व के सबसे बड़े मानवीय सेवा नेटवर्क में से एक है।

यह दिवस “वर्ल्ड अंडरस्टैंडिंग मंथ” (World Understanding Month) के दौरान मनाया जाता है और वैश्विक शांति, नैतिक नेतृत्व तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देता है। यह समाज को याद दिलाता है कि स्थायी शांति केवल तभी संभव है जब न्याय, संवाद, सहानुभूति और सामूहिक प्रयास को प्राथमिकता दी जाए। देशों और समुदायों के बीच सहयोग तथा पारस्परिक समझ ही विश्व में दीर्घकालिक शांति की आधारशिला है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: 1905 में रोटरी की स्थापना

विश्व शांति और समझ दिवस, 1905 में शिकागो में Paul P. Harris द्वारा स्थापित रोटरी की वर्षगांठ का प्रतीक है।

प्रमुख मील के पत्थर

  • 1905: शिकागो में पहली रोटरी बैठक
  • अमेरिका के विभिन्न शहरों में विस्तार
  • इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ रोटरी क्लब्स का गठन
  • आगे चलकर Rotary International के रूप में विकास

एक छोटे पेशेवर समूह से शुरू होकर रोटरी आज 200 से अधिक देशों और क्षेत्रों में कार्यरत एक वैश्विक मानवीय आंदोलन बन चुका है।

विश्व शांति और समझ दिवस 2026 की विशेषताएं

विश्व शांति और समझ दिवस 2026, रोटरी की शांति निर्माण और विकास के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

  • 1905 में रोटरी की स्थापना का स्मरण
  • प्रतिवर्ष 23 फरवरी को आयोजन
  • “वर्ल्ड अंडरस्टैंडिंग मंथ” के दौरान मनाया जाना
  • नैतिक नेतृत्व और मानवीय सेवा पर जोर
  • संवाद और अंतर-सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा

रोटरी ने अपने प्रारंभिक वर्षों से ही United Nations के साथ सहयोग किया है और वैश्विक विकास व शांति पहलों में योगदान दिया है।

प्रत्येक वर्ष रोटरी लगभग 75 विद्वानों का चयन “रोटरी पीस एंड कॉन्फ्लिक्ट रेजोल्यूशन” स्नातकोत्तर कार्यक्रम के तहत करता है, जिससे शांति निर्माण के अकादमिक और व्यावहारिक प्रयासों को सशक्त किया जाता है।

फोकस के क्षेत्र: रोटरी वैश्विक शांति को कैसे बढ़ावा देता है

विश्व शांति और समझ दिवस 2026, रोटरी के उन प्रमुख क्षेत्रों को रेखांकित करता है जो सतत शांति में योगदान देते हैं—

  • रोग निवारण और उपचार
  • स्वच्छ जल और स्वच्छता पहल
  • मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य
  • बुनियादी शिक्षा और साक्षरता
  • आर्थिक विकास
  • संघर्ष समाधान और शांति अध्ययन

गरीबी, असमानता और संसाधनों की कमी जैसी समस्याओं को संबोधित कर रोटरी अस्थिरता के मूल कारणों पर काम करता है।

विश्व शांति और समझ दिवस 2026 का महत्व

यह दिवस इस बात पर बल देता है कि शांति निष्क्रिय प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसके लिए सक्रिय सहयोग आवश्यक है।

इसका व्यापक महत्व—

  • ध्रुवीकरण कम करने हेतु अंतर-सांस्कृतिक संवाद को प्रोत्साहन
  • न्याय और जिम्मेदारी पर आधारित नेतृत्व को बढ़ावा
  • समुदायों के बीच आपसी सम्मान को मजबूत करना
  • व्यक्तिगत कल्याण को सामाजिक स्थिरता से जोड़ना
  • समावेशी और न्यायपूर्ण समाजों का समर्थन

यह दिवस रेखांकित करता है कि संवाद, सहानुभूति और सेवा जैसे दैनिक कार्य वैश्विक सद्भाव में प्रत्यक्ष योगदान देते हैं।

वैश्विक सहयोग और नैतिक नेतृत्व

नैतिक नेतृत्व विश्व शांति और समझ दिवस 2026 का मूल तत्व है। रोटरी का मार्गदर्शक सिद्धांत “Service Above Self” जिम्मेदार शासन और नागरिक भागीदारी को सुदृढ़ करता है।

यह दिवस बढ़ावा देता है—

  • राजनीतिक विभाजनों से परे अंतरराष्ट्रीय सहयोग
  • सतत विकास के लिए साझेदारी
  • वैश्विक चुनौतियों के समाधान हेतु सामूहिक प्रयास

साझेदारी और शांति शिक्षा पहलों के माध्यम से रोटरी सीमाओं के पार समझ और सहयोग को निरंतर मजबूत करता रहा है।

व्यापार सूचकांकों का आधार वर्ष बदलकर 2022-23 किया गया

भारत सरकार ने भारत के मर्चेंडाइज ट्रेड इंडेक्स (Merchandise Trade Indices) का आधार वर्ष 2012-13 से बदलकर 2022-23 कर दिया है। यह घोषणा 20 फरवरी 2026 को की गई। इस संशोधन का उद्देश्य व्यापार आंकड़ों की प्रासंगिकता, विश्वसनीयता और विश्लेषणात्मक उपयोगिता को बेहतर बनाना है, ताकि नीति-निर्माताओं, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत को अधिक सटीक जानकारी मिल सके। यह संशोधन वाणिज्यिक खुफिया और सांख्यिकी महानिदेशालय (DGCI&S) द्वारा किया गया, क्योंकि पिछले दशक में अर्थव्यवस्था और वैश्विक व्यापार पैटर्न में बड़े संरचनात्मक बदलाव हुए हैं।

आधार वर्ष क्यों बदला गया?

  • भारत के मर्चेंडाइज ट्रेड इंडेक्स (Merchandise Trade Indices) का आधार वर्ष 2022-23 इसलिए संशोधित किया गया है ताकि यह भारत के वर्तमान बाह्य व्यापार ढांचे को सही रूप से प्रतिबिंबित कर सके।
  • वर्ष 2012-13 के बाद से भारतीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण संरचनात्मक बदलाव हुए हैं। इनमें वस्तुओं की संरचना (Commodity Composition) में परिवर्तन, निर्यात का विविधीकरण (Export Diversification) तथा नए व्यापारिक साझेदारों का उदय शामिल है।
  • सरकार के अनुसार, आधार वर्ष को अद्यतन करने से सूचकांक समकालीन व्यापक आर्थिक संकेतकों (Macroeconomic Indicators) और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं (Global Best Practices) के साथ बेहतर सामंजस्य स्थापित करते हैं।
  • यह संशोधन भारतीय सांख्यिकी संस्थान, कोलकाता के प्रोफेसर नचिकेता चट्टोपाध्याय की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिशों के आधार पर किया गया।

संशोधित ट्रेड इंडेक्स में क्या बदलाव हुए?

नई 2022-23 श्रृंखला में कई सुधार शामिल किए गए हैं—

  • प्रमुख वस्तु (Principal Commodity – PC) स्तर पर अद्यतन कवरेज
  • 2022-23 के व्यापार मूल्यों के आधार पर संशोधित वेटिंग संरचना
  • उभरती और घटती व्यापार वस्तुओं का बेहतर प्रतिनिधित्व
  • अंतरराष्ट्रीय व्यापार वर्गीकरण के साथ सामंजस्य
  • निर्यात और आयात में नवीनतम मूल्य हिस्सेदारी के अनुसार पुनर्गणित वेट

इससे सूचकांक भारत की वर्तमान व्यापार टोकरी को अधिक सटीक रूप से दर्शाते हैं।

नई श्रृंखला में विस्तृत कवरेज

संशोधित आधार वर्ष के तहत निम्नलिखित विस्तृत सूचकांक शामिल किए गए हैं—

  • मासिक, त्रैमासिक और वार्षिक सूचकांक
  • प्रमुख वस्तु (PC) वर्गीकरण आधारित सूचकांक
  • मानक अंतर्राष्ट्रीय व्यापार वर्गीकरण (SITC) आधारित सूचकांक
  • व्यापक आर्थिक श्रेणियाँ (BEC) आधारित सूचकांक
  • शीर्ष 20 निर्यात और आयात साझेदार देशों के द्विपक्षीय एवं क्षेत्रवार सूचकांक
  • व्यापार की शर्तें (Terms of Trade) — सकल, शुद्ध और आय शर्तें

यह व्यापक संरचना व्यापार नीति मूल्यांकन और आर्थिक पूर्वानुमान के लिए विश्लेषण क्षमता को मजबूत बनाती है।

Terms of Trade (व्यापार की शर्तें) क्या हैं?

संशोधन के बाद भारत में Terms of Trade के विश्लेषण को और सशक्त बनाया गया है—

  • सकल व्यापार शर्तें (Gross Terms of Trade): निर्यात मात्रा सूचकांक ÷ आयात मात्रा सूचकांक
  • शुद्ध व्यापार शर्तें (Net Terms of Trade): निर्यात मूल्य सूचकांक ÷ आयात मूल्य सूचकांक
  • आय व्यापार शर्तें (Income Terms of Trade): शुद्ध व्यापार शर्तें × निर्यात मात्रा

इन संकेतकों से यह आकलन किया जाता है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भारत की क्रय शक्ति बढ़ रही है या घट रही है।

अर्थशास्त्र में आधार वर्ष संशोधन का महत्व

  • आधार वर्ष बदलना एक मानक सांख्यिकीय प्रक्रिया है, जिससे आर्थिक संकेतक सटीक और अद्यतन बने रहते हैं।
  • समय के साथ व्यापार पैटर्न बदलते हैं, इसलिए पुराना आधार वर्ष वर्तमान वास्तविकताओं को सही ढंग से नहीं दर्शा पाता।
  • अब 2022-23 को नया आधार वर्ष बनाने से नीति-निर्माताओं को निर्यात-आयात प्रदर्शन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर अधिक यथार्थवादी और समकालीन दृष्टिकोण मिलेगा।

कौन हैं आशा शर्मा? जो संभालेंगी Microsoft Gaming की कमान

माइक्रोसॉफ्ट ने 2026 में एक बड़े नेतृत्व परिवर्तन के तहत भारतीय मूल की अधिकारी आशा शर्मा को माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग की नई सीईओ और Xbox प्रमुख नियुक्त किया है। वे लंबे समय से Xbox डिवीजन का नेतृत्व कर रहे फिल स्पेंसर का स्थान लेंगी, जो 2014 से इस पद पर कार्यरत रहने के बाद सेवानिवृत्त हो रहे हैं। आशा शर्मा की नियुक्ति को माइक्रोसॉफ्ट की रणनीतिक दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। कंपनी अब कंसोल खिलाड़ियों पर दोबारा ध्यान केंद्रित करने के साथ-साथ गेमिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) नवाचार को संतुलित करने की योजना बना रही है। यह कदम गेमिंग उद्योग में प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने और Xbox ब्रांड को नई दिशा देने की कोशिश का संकेत देता है।

माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग में नेतृत्व परिवर्तन

माइक्रोसॉफ्ट के गेमिंग डिवीजन में यह नेतृत्व परिवर्तन ऐसे समय पर हुआ है जब वैश्विक गेमिंग उद्योग तेज प्रतिस्पर्धा और तकनीकी बदलाव के दौर से गुजर रहा है।

प्रमुख घटनाक्रम

  • 2014 से Xbox का नेतृत्व कर रहे फिल स्पेंसर का सेवानिवृत्त होना
  • Xbox प्रेसिडेंट Sarah Bond का पद छोड़ना
  • Matt Booty को चीफ कंटेंट ऑफिसर के रूप में पदोन्नति
  • आशा शर्मा की 2026 में माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग की सीईओ के रूप में नियुक्ति

माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला ने कहा कि आशा शर्मा को उनके मजबूत उपभोक्ता अनुभव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पृष्ठभूमि के कारण चुना गया है। यह बदलाव माइक्रोसॉफ्ट की भविष्य की गेमिंग रणनीति को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।

आशा शर्मा कौन हैं? करियर और पृष्ठभूमि

आशा शर्मा ने माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग प्रमुख बनने से पहले तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में मजबूत पहचान बनाई है। उनका करियर नेतृत्व, नवाचार और रणनीतिक क्रियान्वयन का उदाहरण माना जाता है।

पेशेवर उपलब्धियां

  • इंस्टाकार्ट में चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) रहीं, जहां उन्होंने कंपनी को उसके IPO के दौरान सफलतापूर्वक मार्गदर्शन दिया।
  • मेटा प्लेटफ़ॉर्म में चार वर्षों तक प्रोडक्ट लीडरशिप की भूमिका निभाई।
  • 2013 से पहले माइक्रोसॉफ्ट की मार्केटिंग टीम में कार्य किया।
  • बाद में माइक्रोसॉफ्ट में वापसी कर AI मॉडल, AI एजेंट एप्लिकेशन और डेवलपर टूल्स का नेतृत्व संभाला।

रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने लगभग 100 इंजीनियरों की टीम को संगठित कर चीन के DeepSeek AI मॉडल का तेजी से परीक्षण कराया और कुछ ही दिनों में माइक्रोसॉफ्ट एज़्योर के माध्यम से समाधान उपलब्ध कराए। यह उनकी तेज निर्णय क्षमता और दबाव में उत्कृष्ट क्रियान्वयन क्षमता को दर्शाता है।

आशा शर्मा का विज़न

आशा शर्मा ने 2026 में माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग की सीईओ के रूप में कर्मचारियों को अपने पहले संदेश में संतुलित और दूरदर्शी दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।

उन्होंने कहा कि इस पद को संभालते समय वह “विनम्रता और तात्कालिकता” दोनों महसूस कर रही हैं। उन्होंने Xbox की विरासत को स्वीकार करते हुए यह भी माना कि गेमिंग उद्योग तेजी से बदल रहा है और नई रणनीति की आवश्यकता है।

उनकी तीन प्रमुख प्राथमिकताएं

1. बेहतरीन गेम्स (Great Games)
उच्च गुणवत्ता और रचनात्मकता से भरपूर गेम्स का विकास, जो खिलाड़ियों को वास्तविक और यादगार अनुभव दें।

2. Xbox की वापसी (The Return of Xbox)
कंसोल खिलाड़ियों के साथ मजबूत संबंध स्थापित करना और ब्रांड की पहचान को फिर से सशक्त बनाना।

3. गेमिंग का भविष्य (Future of Play)
नई तकनीकों, विशेषकर AI, का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करते हुए गेमिंग अनुभव को अगले स्तर तक ले जाना।

AI पर स्पष्ट रुख

AI को लेकर उठ रही चिंताओं पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि माइक्रोसॉफ्ट अल्पकालिक लाभ के लिए गेमिंग इकोसिस्टम को “भावनाहीन AI कंटेंट” (Soulless AI Slop) से नहीं भरेगा। उनका संदेश साफ था—AI का उपयोग रचनात्मकता को बढ़ाने के लिए होगा, न कि उसे प्रतिस्थापित करने के लिए। यह दृष्टिकोण दर्शाता है कि कंपनी गुणवत्ता, नवाचार और खिलाड़ियों के भरोसे को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी।

हरशरण कौर त्रेहन PSPCL की पहली महिला डायरेक्टर (कमर्शियल) बनीं

हरशरण कौर त्रेहन को पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (PSPCL) में निदेशक (वाणिज्यिक) नियुक्त किया गया है। 20 फरवरी 2026 को जारी इस नियुक्ति के साथ वे PSPCL के बोर्ड स्तर तक पहुँचने वाली पहली महिला तकनीकी विशेषज्ञ (टेक्नोक्रेट) बन गई हैं। उन्होंने पटियाला स्थित निगम मुख्यालय में दो वर्ष के कार्यकाल के लिए पदभार ग्रहण किया, जो भारत के सार्वजनिक क्षेत्र की विद्युत उपयोगिताओं में महिला नेतृत्व के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

हरशरण कौर त्रेहन की PSPCL नियुक्ति: प्रमुख विवरण

  • हरशरण कौर त्रेहन की पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (PSPCL) में नियुक्ति पंजाब सरकार के ऊर्जा सचिव बसंत गर्ग द्वारा जारी आदेशों के माध्यम से औपचारिक रूप से की गई। बसंत गर्ग वर्तमान में PSPCL के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे हैं।
  • उन्हें पदभार ग्रहण करने की तिथि से दो वर्ष के लिए निदेशक (वाणिज्यिक) नियुक्त किया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि 65 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद वे इस पद पर कार्यरत नहीं रहेंगी।
  • यह नियुक्ति अगस्त 2025 में पूर्व निदेशक (वाणिज्यिक) हीरा लाल गोयल के इस्तीफे के बाद हुई है। इससे पहले इस पद का अतिरिक्त प्रभार इंद्रपाल सिंह के पास था।

पंजाब के पावर सेक्टर में एक अग्रणी हस्ती

हरशरण कौर त्रेहन पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (PSPCL) में निदेशक स्तर तक पहुँचने वाली पहली महिला टेक्नोक्रेट हैं। इससे पहले मई 2021 में वे संगठन की पहली महिला इंजीनियर-इन-चीफ बनी थीं और मटेरियल मैनेजमेंट विंग का नेतृत्व किया था। अक्टूबर 2022 में सेवानिवृत्त होने के बाद अब वे पुनः नेतृत्वकारी भूमिका में सेवा देने लौटी हैं।

उनका करियर वर्ष 1987 में तत्कालीन पंजाब राज्य विद्युत बोर्ड में सहायक अभियंता (Assistant Engineer) के रूप में शुरू हुआ था। तीन दशकों से अधिक के कार्यकाल में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ संभालीं, जिनमें शामिल हैं—

  • ट्रांसमिशन डिज़ाइन
  • सबस्टेशन डिज़ाइन
  • हाइडल (जलविद्युत) डिज़ाइन
  • थर्मल प्लांट संचालन
  • इन्वेस्टमेंट प्रमोशन सेल

उनका अनुभव तकनीकी और वाणिज्यिक दोनों परिचालन क्षेत्रों में व्यापक रहा है, जो उन्हें ऊर्जा क्षेत्र में एक अनुभवी और प्रभावशाली नेतृत्वकर्ता बनाता है।

हरशरण कौर त्रेहन के प्रमुख योगदान

हरशरण कौर त्रेहन ने डिप्टी चीफ इंजीनियर (रेगुलेशन) के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण सुधारों में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने—

  • सप्लाई कोड में सुधार
  • वाणिज्यिक विनियम (Commercial Regulations) को परिष्कृत किया
  • विद्युत आपूर्ति निर्देश पुस्तिकाओं को अद्यतन और सुव्यवस्थित किया

इंजीनियर-इन-चीफ (मटेरियल मैनेजमेंट) के रूप में उन्होंने ₹1,000 करोड़ से अधिक के वार्षिक बजट वाली खरीद प्रक्रियाओं का प्रबंधन किया, जिससे पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित हुई।

नियुक्ति का महत्व

पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (PSPCL) में उनकी नियुक्ति तकनीकी नेतृत्व पदों पर लैंगिक प्रतिनिधित्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति मानी जा रही है।

भारत की पावर यूटिलिटीज़ में परंपरागत रूप से बोर्ड स्तर पर महिलाओं की भागीदारी सीमित रही है। ऐसे में उनका निदेशक (वाणिज्यिक) बनना कई महिला इंजीनियरों और पेशेवरों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।

निदेशक (वाणिज्यिक) के रूप में उनका फोकस उपभोक्ता सेवाओं में सुधार और PSPCL की वाणिज्यिक गतिविधियों को मजबूत करने पर रहेगा, विशेषकर—

  • बिलिंग दक्षता
  • राजस्व प्रबंधन
  • नियामक अनुपालन

स्थिर तथ्य (Static Facts)

  • नाम: हरशरण कौर त्रेहन
  • पद: निदेशक (वाणिज्यिक), PSPCL
  • नियुक्ति तिथि: 20 फरवरी 2026
  • कार्यकाल: 2 वर्ष
  • PSEB में नियुक्ति वर्ष: 1987
  • PSPCL की पहली महिला इंजीनियर-इन-चीफ: 2021
  • मुख्यालय: पटियाला, पंजाब

रेलवे हुआ स्मार्ट! शिकायत निवारण और भीड़ प्रबंधन के लिए एआई-सक्षम ऐप्स की शुरुआत

भारतीय रेलवे ने शिकायत निवारण, टिकट कन्फर्मेशन की भविष्यवाणी, हाउसकीपिंग सेवाओं और भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए सात प्रमुख यात्री-उन्मुख एप्लिकेशनों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को एकीकृत किया है। इस पहल का नेतृत्व रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र (CRIS) ने किया, जिसे नई दिल्ली में आयोजित AI India Summit 2026 के दौरान प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। इन नए एआई-सक्षम ऐप्स का उद्देश्य देशभर में यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना, शिकायतों का त्वरित समाधान करना और ट्रेन संचालन को अधिक कुशल बनाना है।

RailMadad और RailOne में एआई: स्मार्ट यात्री सेवाएँ

Indian Railways के एआई-सक्षम ऐप्स में अब कई उन्नत सुविधाएँ शामिल की गई हैं, जो यात्री सेवाओं को अधिक प्रभावी और त्वरित बनाती हैं।

  • RailMadad – एआई शिकायतों को उनकी तात्कालिकता और प्रकार के आधार पर वर्गीकृत कर प्राथमिकता तय करता है।
  • RailOne – प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) वाले टिकट की कन्फर्मेशन प्रतिशत का अधिक सटीक पूर्वानुमान लगाता है।
  • Coach Mitra – ऑनबोर्ड हाउसकीपिंग सेवाओं में एआई सहायता प्रदान करता है (वर्तमान में 74 ट्रेनों में संचालित)।

G V L Satya Kumar, प्रबंध निदेशक, Centre for Railway Information Systems (CRIS) के अनुसार, RailMadad में एआई शिकायत रुझानों की पहचान करने और यात्रियों की भावनाओं (Sentiment Analysis) का आकलन करने में भी सक्षम है।

इसके अतिरिक्त, Bhashini के साथ एकीकरण से 12 भाषाओं में वॉइस-टू-टेक्स्ट सुविधा उपलब्ध हुई है, जिससे बहुभाषी शिकायत दर्ज करना अधिक सुलभ और आसान हो गया है।

CRIS ने 15 और सिस्टम में एआई एकीकरण बढ़ाया

रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र (CRIS), जो भारतीय रेल का तकनीकी अंग है, अब 15 अतिरिक्त प्रणालियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को शामिल कर रहा है।

इनमें प्रमुख सिस्टम शामिल हैं—

  • अनुकूलित और स्वचालित लोको लिंक का निर्माण (GOAL)
  • कोचिंग क्रू लिंक प्रबंधन प्रणाली (CCLMS)
  • ट्रैक प्रबंधन प्रणाली

इन उन्नयनों का उद्देश्य माल ढुलाई (फ्रेट) की दक्षता बढ़ाना, ट्रेन संचालन को अधिक सुचारु बनाना तथा सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करना है। यह कदम भारतीय रेलवे के डिजिटल परिवर्तन और स्मार्ट प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

रेलवे भीड़ प्रबंधन और बॉटलनेक पूर्वानुमान में एआई

Indian Railways ने भीड़ प्रबंधन के लिए एक उन्नत एआई आधारित प्रणाली विकसित की है, जो रेलवे संचालन में एक बड़ा नवाचार मानी जा रही है।

यह प्रणाली निम्न डेटा को एकीकृत करेगी—

  • आरक्षित टिकटिंग डेटा
  • अनारक्षित टिकटिंग डेटा
  • ट्रेन मूवमेंट डेटा

एआई प्रति घंटे के आधार पर यह अनुमान लगाएगा कि किस प्लेटफॉर्म पर अधिक भीड़ होने की संभावना है। टिकट खरीद के समय (टाइमस्टैम्प) को ट्रेन शेड्यूल के साथ जोड़कर यात्रियों की आवाजाही (फुटफॉल) का घनत्व मानचित्रित किया जाएगा।

महत्वपूर्ण रूप से, यह प्रणाली स्टेशन के प्रवेश द्वारों और फुट ओवर ब्रिज पर संभावित भीड़भाड़ (बॉटलनेक) की पहले से पहचान करेगी, ताकि जाम की स्थिति बनने से पहले ही प्रबंधन किया जा सके।

साथ ही, यह पूर्वानुमान निम्न परिस्थितियों के अनुसार समायोजित किया जाएगा—

  • त्योहार
  • विशेष कार्यक्रम
  • वीकेंड यात्रा में वृद्धि

यह सक्रिय (Proactive) दृष्टिकोण यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करेगा और दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने में सहायक होगा।

प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस और सुरक्षा में एआई

  • रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र (CRIS) ऐतिहासिक विफलता (Failure) डेटा के आधार पर एआई-आधारित घटना पूर्वानुमान मॉडल विकसित कर रहा है।
  • अब मरम्मत केवल खराबी आने के बाद (Reactive Maintenance) नहीं, बल्कि पहले से अनुमान (Predictive Maintenance) के आधार पर की जाएगी। यह प्रणाली ट्रैक, लोकोमोटिव, वैगन और सिग्नलिंग सिस्टम जैसे महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों की अग्रिम पहचान कर सकेगी कि कहाँ मरम्मत की आवश्यकता है।
  • इस बदलाव से रेलवे सुरक्षा में वृद्धि होगी और संचालन में होने वाली बाधाएँ कम होंगी।

GST डेटा से माल ढुलाई में बढ़ोतरी

  • भारतीय रेल अब जीएसटी डेटा का उपयोग कर देशभर में वस्तुओं की आवाजाही का विश्लेषण कर रहा है।
  • एआई की सहायता से लगभग 300 संभावित फ्रेट क्लस्टर पहचाने गए हैं, जहाँ रेलवे अपनी माल सेवाओं का विस्तार कर सकता है।
  • इस पहल का उद्देश्य सड़क परिवहन से रेल परिवहन की ओर माल ढुलाई को प्रोत्साहित करना, दक्षता बढ़ाना और लॉजिस्टिक्स लागत को कम करना है।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • भारतीय रेलवे का तकनीकी अंग: रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र (CRIS)
  • घोषणा का मंच: AI India Summit 2026
  • एआई-सक्षम ऐप्स: RailMadad, RailOne, Coach Mitra
  • Bhashini के माध्यम से समर्थित भाषाएँ: 12
  • पहचाने गए फ्रेट क्लस्टर: 300
  • Coach Mitra संचालित ट्रेनें: 74

यह डिजिटल और एआई आधारित परिवर्तन भारतीय रेलवे को अधिक सुरक्षित, कुशल और भविष्य के लिए तैयार परिवहन प्रणाली बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मेड इन इंडिया: नड्डा ने कसौली सेंटर में स्वदेशी टीडी वैक्सीन लॉन्च की

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश के सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट में देश में बनी टेटनस और एडल्ट डिप्थीरिया (Td) वैक्सीन लॉन्च की। यह लॉन्च भारत के पब्लिक हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और हेल्थकेयर में आत्मनिर्भर भारत के विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है। इसके साथ ही, भारत ने ग्लोबल वैक्सीन मैन्युफैक्चरिंग लीडर के तौर पर अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है।

CRI कसौली में देसी Td वैक्सीन लॉन्च हुई

  • स्वदेशी टेटनस एवं एडल्ट डिफ्थीरिया (Td) वैक्सीन का शुभारंभ हिमाचल प्रदेश स्थित केंद्रीय अनुसंधान संस्थान, कसौली में किया गया, जो भारत के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के वैक्सीन निर्माण संस्थानों में से एक है।
  • केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री Jagat Prakash Nadda ने इस अवसर को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
  • यह वैक्सीन अब वैश्विक सिफारिशों और टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (NTAGI) के दिशानिर्देशों के अनुरूप टेटनस टॉक्सॉइड (TT) वैक्सीन का स्थान लेगी।

यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम के लिए 55 लाख Td वैक्सीन डोज़

औपचारिक शुभारंभ के साथ ही Td वैक्सीन अब भारत के सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (UIP) के अंतर्गत उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रमुख घोषणाएँ

  • अप्रैल 2026 तक 55 लाख डोज़ की आपूर्ति
  • आगामी वर्षों में उत्पादन क्षमता में चरणबद्ध वृद्धि
  • राष्ट्रीय नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में पूर्ण एकीकरण

स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह कदम राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने और वैक्सीन आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

Td वैक्सीन में परिवर्तन क्यों महत्वपूर्ण है?

टेटनस टॉक्सॉइड (TT) से Td वैक्सीन में बदलाव वैश्विक सिफारिशों के अनुरूप किया गया है। यह कदम व्यापक और बेहतर प्रतिरक्षा कवरेज सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है।

पृष्ठभूमि सिफारिशें

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने वर्ष 2006 में TT से Td में परिवर्तन की सिफारिश की।
  • 2017 के WHO टेटनस वैक्सीन पोजीशन पेपर में इस सिफारिश की पुनः पुष्टि की गई।
  • स्ट्रैटेजिक एडवाइजरी ग्रुप ऑफ एक्सपर्ट्स (SAGE) द्वारा इसका समर्थन किया गया।
  • भारत में टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (NTAGI) ने इसे अपनाने की अनुशंसा की।

Td वैक्सीन टेटनस और डिफ्थीरिया दोनों से सुरक्षा प्रदान करती है। इससे सभी आयु वर्गों, विशेषकर गर्भवती महिलाओं, के लिए प्रतिरक्षा कवरेज और अधिक सुदृढ़ होता है।

भारत ने हासिल की 99% टीकाकरण कवरेज

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने बताया कि भारत ने लगभग 99% टीकाकरण कवरेज प्राप्त कर ली है। उन्होंने इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी उपलब्धि बताया।

यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम (UIP) की प्रमुख विशेषताएँ

भारत का सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (UIP) विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण कार्यक्रम है।

मुख्य बिंदु

  • 11 वैक्सीन के माध्यम से 12 बीमारियों से सुरक्षा
  • प्रतिवर्ष लगभग 5 करोड़ लाभार्थी
  • 2.5 करोड़ गर्भवती महिलाएँ
  • 2.5 करोड़ बच्चे
  • गर्भावस्था से 16 वर्ष की आयु तक 27 डोज़ का प्रावधान
  • U-WIN प्लेटफॉर्म के माध्यम से डिजिटल ट्रैकिंग
  • गर्भवती महिलाओं के लिए 5 एंटीनटल (Antenatal) जांच सुनिश्चित, जिनमें कम से कम एक विशेषज्ञ परामर्श शामिल

यह व्यापक कार्यक्रम देश की मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

CRI कसौली: वैक्सीन आत्मनिर्भरता को मजबूती

हिमाचल प्रदेश स्थित केंद्रीय अनुसंधान संस्थान, कसौली (CRI) गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज (GMP) मानकों के तहत वैक्सीन निर्माण करने वाला पहला सरकारी संस्थान है।

संस्थान ने सफलतापूर्वक—

  • विकासात्मक अध्ययन पूरे किए
  • टेस्ट लाइसेंस प्राप्त किया
  • मार्केटिंग प्राधिकरण हासिल किया
  • वाणिज्यिक उत्पादन शुरू किया
  • केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला से मंजूरी प्राप्त की

स्वदेशी Td वैक्सीन भारत की वैक्सीन नवाचार क्षमता, अनुसंधान कौशल और नियामक अनुपालन की बढ़ती मजबूती को दर्शाती है। यह पहल देश को वैक्सीन निर्माण में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

 

लार्सन एंड टूब्रो व्योमा ढोलेरा SIR में 250 मेगावाट ग्रीन एआई डेटा सेंटर का अध्ययन करेगा

गुजरात सरकार ने India AI Impact Summit 2026 के दौरान Larsen & Toubro की व्योमा इकाई (L&T Vyoma) के साथ ढोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन (SIR) में 250 मेगावाट क्षमता वाला ग्रीन एआई-रेडी डेटा सेंटर स्थापित करने की संभावनाओं का अध्ययन करने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। ₹25,000 करोड़ के प्रस्तावित निवेश वाला यह प्रोजेक्ट भारत में एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग और सतत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

250 मेगावाट ग्रीन एआई डेटा सेंटर: MoU की प्रमुख बातें

यह समझौता गुजरात के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और एलएंडटी की व्योमा इकाई के बीच नई दिल्ली में आयोजित समिट के दौरान ‘इन्वेस्टमेंट प्रमोशन एक्टिविटी’ के अंतर्गत हुआ।

हस्ताक्षर गुजरात के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुन मोढवाडिया की उपस्थिति में किए गए।

परियोजना की मुख्य विशेषताएँ

  • निवेश: ₹25,000 करोड़
  • क्षमता: 250 मेगावाट हाई-स्केल एआई-रेडी डेटा सेंटर
  • स्थान: ढोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन (SIR)
  • प्रकृति: ग्रीन एवं सतत अवसंरचना
  • संभावित संचालन वर्ष: 2028

MoU के तहत L&T Vyoma की भूमिका

समिट में घोषित समझौते के अनुसार, L&T Vyoma अंतिम परियोजना क्रियान्वयन से पहले विस्तृत व्यवहार्यता अध्ययन (Feasibility Study) करेगी।

अध्ययन में शामिल होंगे:

  • भूमि की उपयुक्तता
  • अवसंरचना की तैयारी
  • उपलब्धता क्षेत्र (Availability Zones)
  • स्थिरता एवं सतत विकास मानक

वहीं, गुजरात सरकार संबंधित विभागों के माध्यम से आवश्यक अवसंरचना और नीतिगत सहयोग उपलब्ध कराएगी।

एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ढोलेरा SIR क्यों?

ढोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन (SIR) भारत के सबसे बड़े नियोजित औद्योगिक स्मार्ट शहरों में से एक है। इसे आधुनिक अवसंरचना, बेहतर कनेक्टिविटी और औद्योगिक कॉरिडोर के साथ रणनीतिक रूप से विकसित किया गया है।

यह प्रस्तावित परियोजना निम्न लक्ष्यों के अनुरूप है:

  • गुजरात आईटी/आईटीईएस नीति (2022–27)
  • भारत के डिजिटल परिवर्तन लक्ष्य
  • नवीकरणीय एवं सतत ऊर्जा पहल

सरकार का मानना है कि यह परियोजना गुजरात को एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, एडवांस्ड एनालिटिक्स और क्लाउड कंप्यूटिंग का अग्रणी केंद्र बनाने में मदद करेगी।

आर्थिक और रोजगार प्रभाव

₹25,000 करोड़ का यह बड़ा निवेश गुजरात और विशेष रूप से ढोलेरा SIR के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक अवसर लेकर आ सकता है।

प्रत्यक्ष प्रभाव

  • निर्माण और कमीशनिंग में रोजगार
  • दीर्घकालिक संचालन से जुड़े रोजगार
  • तकनीकी एवं डेटा प्रबंधन भूमिकाएँ

अप्रत्यक्ष प्रभाव

  • सहायक पारिस्थितिकी तंत्र का विकास
  • एआई स्टार्टअप्स और डिजिटल सेवाओं की वृद्धि
  • क्षेत्रीय अवसंरचना को बढ़ावा
  • कुल मिलाकर, यह परियोजना ढोलेरा SIR को भारत के उभरते एआई इकोसिस्टम का एक महत्वपूर्ण केंद्र बना सकती है।

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