भारत सरकार ने बेहतर उद्योग और अनुसंधान एवं विकास सहयोग के लिए “मंथन” मंच का अनावरण किया

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भारत सरकार ने देश में प्रौद्योगिकी आधारित सामाजिक प्रभाव नवाचारों और समाधानों को लागू करने के लिए उद्योग और अनुसंधान संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए “मंथन” मंच का अनावरण किया। देश के भीतर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के सभी क्षेत्रों को सक्षम और सशक्त बनाने के विज़न के दायित्‍व का वहन करने वाले भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (पीएसए) के कार्यालय ने मंथन मंच के शुभारंभ की घोषणा की है। 

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इसका उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र द्वारा परिभाषित सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) चार्टर के अनुरूप भारत के सतत लक्ष्‍यों को हासिल करने के लिए उद्योग और वैज्ञानिक अनुसंधान तथा विकास पारिस्थितिकी तंत्र के बीच बड़े पैमाने पर सहयोग को बढ़ावा देना है। यह शुभारंभ भारत की आज़ादी के 75 वर्ष- आज़ादी का अमृत महोत्सव का स्‍मरण कराता है तथा राष्ट्रीय और वैश्विक समुदायों को भारत की प्रौद्योगिकी क्रांति के समीप लाने का अवसर प्रस्तुत करता है। भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद हैं।

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Bal Aadhar Initiative: UIDAI के तहत 79 लाख बच्चों का नामांकन

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आधार के संरक्षक भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआईए) ने इस साल एक नया कृतिमान रचा है। यूआईडीएआईए ने इस साल अप्रैल से जुलाई महीने के दौरान पांच साल से कम उम्र के 79 लाख से अधिक बच्चों का पंजीकरण किया है।  बयान के मुताबिक यह पंजीकरण पांच साल तक के बच्चों का बाल आधार बनवाने और अभिभावकों व बच्चों को कई लाभ प्राप्त करने में मदद की नई पहल के तहत हुआ है।

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यूआईडीएआईए के आधिकारिक बयान के मुताबिक, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने इस वित्तवर्ष के शुरुआती चार महीनों (अप्रैल से जुलाई के बीच) में पांच साल तक के 79 लाख से अधिक बच्चों का पंजीकरण किया है। बयान में कहा गया कि 31 मार्च 2022 तक पांच साल उम्र तक के 2.64 करोड़ बच्चों के पास बाल आधार था, जो बढ़कर जुलाई के अंत में 3.43 करोड़ हो गया।

बाल आधार कार्ड का उद्देश्य

गौरतलब है कि आधार कार्ड देश के नागरिको के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है । इसका उपयोग कई प्रकार के कार्यों में किया जाता है। अब केंद्र और राज्य की कई सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ लेने के लिए इसकी जरूरत पड़ती है। अब सरकार ने बच्चो के लिए बाल आधार कार्ड बनवाने का आदेश दिया है। देश के लोगों को इस योजना के तहत पांच साल या उससे कम उम्र में बच्चों का बाल आधार कार्ड बनवाना होगा। इस योजना के जरिये बच्चों को भी सरकार की योजनाओं और सेवाओं का लाभ दिया जाएगा। इसके जरिये बच्चों का स्कूलो में एडमिशन करवाने में भी आसानी होगी।

NIPAM ने 10 लाख छात्रों को बौद्धिक संपदा जागरूकता और बुनियादी प्रशिक्षण देने का लक्ष्य हासिल किया

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राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा जागरूकता मिशन (NIPAM) ने 10 लाख छात्रों को बौद्धिक संपदा (IP) जागरूकता और बुनियादी प्रशिक्षण देने का लक्ष्य हासिल कर लिया है। यह लक्ष्य 15 अगस्त, 2022 की समय-सीमा से पहले हासिल कर लिया गया है। इस मिशन का उद्देश्य 10 लाख छात्रों को बौद्धिक संपदा और उसके अधिकारों के बारे में जागरूकता प्रदान करना है।

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इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा (कक्षा 8 से 12) के छात्रों में रचनात्मकता और नवाचार की भावना का विकास करना तथा कॉलेज/विश्वविद्यालयों के छात्रों को उनके नवाचार की रक्षा करने के लिये प्रेरित करना है। यह कार्यक्रम बौद्धिक संपदा कार्यालय, पेटेंट, डिज़ाइन और व्यापार चिह्न महानियंत्रक कार्यालय (CGPDTM), वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है।

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अरुणाचल प्रदेश में आसमान से दवा का सफल प्रक्षेपण किया गया

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देश में अब ड्रोन से दवाओं की डिलीवरी होगी। अरुणाचल प्रदेश में इसका सफल प्रक्षेपण किया गया। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने इसकी जानकारी दी। बताया कि भारत को ड्रोन हब बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के मार्गदर्शन में राज्य में ड्रोन सर्विस शुरू की गई। अरुणाचल प्रदेश सरकार भी हेल्थ, कृषि, आपदा प्रबंधन में ड्रोन का इस्तेमाल करने की पायलट परियोजना का संचालन करेगी।

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मुख्य बिंदु

  • सीएम खांडू ने कहा कि ड्रोन सर्विस की पहली उड़ान शुरू हो गई है। पूर्वी कामेंग जिले के सेप्पा से च्यांग ताजो तक के लिए आकाश से दवा का सफल प्रक्षेपण किया गया। 
  • बता दें देश में पहली बार ड्रोन से मेडिसिन की डिलीवरी होगी। इससे गांव के दूर-दराज इलाके अछूते नहीं रहेंगे।
  • राज्य में पायलट एरियल हेल्थकेयर डिलीवरी के लिए सीमित प्रायोगिक आधार पर ड्रोन नेटवर्क स्थापित किया जा रहा है। नेटवर्क स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में निदान और आपातकालीन उपचार को सक्षम करेगा।
  • ड्रोन के प्रमुख विग्नेश संथानम ने कहा, ‘2011 के मध्य में हमने स्थानीय स्वास्थ्य वितरण प्रणाली, रोग प्रोफ़ाइल और इलाके की प्रकृति के बारे में अधिक जानने के लिए अरुणाचल प्रदेश में एक क्षेत्र अध्ययन किया।

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Vostok-2022: रूस में होगा भारत-चीन सैन्य अभ्यास

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चीन ने कहा कि उसके सैनिक रूस में इस महीने के अंत होने वाले ‘वोस्तोक 2022’ सैन्य अभ्यास में हिस्सा लेंगे। इस सैन्य अभ्यास में भारतीय सेना भी शिरकत कर रही है। चीन के रक्षा मंत्रालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि चीनी और रूसी सेनाओं के बीच वार्षिक सहयोग योजना और दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति के अनुसार, ‘चाइनीज़ पीपुल्स लिबरेशन आर्मी’ (पीएलए) निकट भविष्य में होने वाले सैन्य अभ्यास में भाग लेने के लिए कुछ सैनिकों को रूस भेजेगी। उसमें कहा गया है कि भारत, बेलारूस, ताजिकिस्तान, मंगोलिया और अन्य देश भी अभ्यास में हिस्सा लेंगे।

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प्रमुख बिंदु

  • इस युद्धाभ्यास में भारत, चीन, रूस के अलावा बेलारूस, मंगोलिया, ताजिकिस्तान की सेनाएं भी हिस्सा लेंगी। वोस्तोक अभ्यास रूस में 30 अगस्त से 5 सितंबर तक आयोजित किया जाना है। 
  • रूस ने बताया है कि इस अभ्यास में शामिल होने के लिए सभी सदस्य देशों ने सहमति दे दी है। इसका मौजूदा क्षेत्रीय तनाव से कोई लेना-देना नहीं है।
  • चीनी रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि चीनी सैनिक रूस के नेतृत्व में संयुक्त सैन्य अभ्यास में भाग लेने के लिए मेजबान देश की यात्रा करेंगे। 
  • मंत्रालय ने यह भी साफ किया कि इस संयुक्त अभ्यास में चीन की भागीदारी मौजूदा अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्थिति से असंबंधित है। 
  • चीन के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि अभ्यास में उसकी भागीदारी रूस के साथ चल रहे द्विपक्षीय वार्षिक सहयोग समझौते का हिस्सा है। 
  • इसका उद्देश्य भाग लेने वाले देशों की सेनाओं के साथ व्यावहारिक और मैत्रीपूर्ण सहयोग को गहरा करना, भाग लेने वाले दलों के बीच रणनीतिक सहयोग के स्तर को बढ़ाना और विभिन्न सुरक्षा खतरों का जवाब देने की क्षमता को मजबूत करना है।

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भारत के आईटी सचिव को संयुक्त राष्ट्र के उच्च स्तरीय इंटरनेट पैनल में नियुक्त किया गया

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संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी सचिव अल्केश कुमार शर्मा को इंटरनेट गवर्नेस पर प्रख्यात विशेषज्ञों के एक पैनल में नियुक्त किया। गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि इंटरनेट के अग्रणी विंट सेर्फ और नोबेल पुरस्कार विजेता पत्रकार मारिया रीसा को भी 10-सदस्यीय इंटरनेट गवर्नेंस फोरम (आईजीएफ) लीडरशिप पैनल में नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, प्रौद्योगिकी पर गुटेरेस के दूत अमनदीप सिंह गिल भी पैनल में होंगे।

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कौन हैं अल्केश कुमार शर्मा?

अल्केश कुमार शर्मा केरल कैडर के एक भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी हैं। कैबिनेट सचिवालय में एक पूर्व सचिव, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के साथ शहरी विकास और गरीबी उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय परियोजना निदेशक के रूप में भी काम किया है।

पैनल में 10 सदस्यों की सूची:

  • संयुक्त राज्य अमेरिका से विंट सेर्फ़,
  • मिस्र से हातेम डोविदार,
  • डेनमार्क से लिस फ़ुहर,
  • मेक्सिको से मारिया फर्नांडा गार्ज़ा,
  • एस्टोनिया से टूमस हेंड्रिक इल्वेस,
  • फिलीपींस और यूएसए से मारिया रसा,
  • भारत से अलकेश कुमार शर्मा,
  • ऑस्ट्रिया से कैरोलिन एडस्टाडलर,
  • नाइजीरिया से गबेंगा सेसन, और
  • चीन से लैन ज़ू।

पैनल की भूमिका क्या है?

पैनल को आईजीएफ के जनादेश और डिजिटल सहयोग के लिए गुटेरेस के रोडमैप में सिफारिशों के तहत स्थापित किया गया था। पैनल की भूमिका इंटरनेट के रणनीतिक और जरूरी मुद्दों से निपटने और आईजीएफ को रणनीतिक सलाह प्रदान करने की है।

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भारत ने श्रीलंकाई नौसेना को डोर्नियर समुद्री टोही विमान सौंपा

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भारत ने श्रीलंका को एक डोर्नियर समुद्री टोही विमान उपहार में दिया जो द्वीप राष्ट्र को अपने जलक्षेत्र में मानव और मादक पदार्थों की तस्करी तथा अन्य संगठित अपराधों जैसी कई चुनौतियों से निपटने में सक्षम बनाएगा। समारोह में श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे भी मौजूद थे। समारोह ऐसे समय में हुआ जब भारत अपना 76वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है और एक दिन बाद चीन का उच्च प्रौद्योगिकी वाला मिसाइल एवं उपग्रह निगरानी पोत श्रीलंका के हम्बनटोटा बंदरगाह पर लंगर डालेगा।

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भारतीय नौसेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल एस एन घोरमडे ने कोलंबो में भारतीय उच्चायुक्त गोपाल बागले के साथ कोलंबो अंतरराष्ट्रीय विमानपत्तन के पास कातुनायके में श्रीलंका की वायुसेना के एक केंद्र पर श्रीलंकाई नौसेना को समुद्री टोही विमान सौंपा। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस विमान से श्रीलंका अपने जलक्षेत्र में मानव और मादक पदार्थों की तस्करी तथा अन्य संगठित अपराधों जैसी कई चुनौतियों से निपटने में सक्षम होगा। विदेश मंत्रालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, श्रीलंका की समुद्री सुरक्षा के लिए मौजूदा चुनौतियों को देखते हुए विमान को समय पर शामिल किया गया है।

इस विमान की खासियत

इस विमान को श्रीलंकाई वायुसेना के 15 सदस्य उड़ा सकेंगे, जिन्हें चार महीनों तक भारत में खासतौर से प्रशिक्षण दिया गया है। इस दल में पायलट, पर्यवेक्षक, इंजीनियरिंग अधिकारी और टेक्नीशियन शामिल हैं। श्रीलंकाई वायु सेना से जुड़ा भारत सरकार का तकनीकी दल इसकी निगरानी करेगा। 

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केंद्र ने आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) की सीमा 5 लाख करोड़ करने की मंजूरी दी

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केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) की सीमा में 50,000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी करके उसे 4.5 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर पांच लाख करोड़ करने को मंजूरी दे दी है। यह अतिरिक्त राशि विशेष रूप से आतिथ्य (हास्पिटैलिटी) और उससे संबंधित क्षेत्रों के उद्यमों के लिए निर्धारित की गई है। यह वृद्धि आतिथ्य और उससे संबंधित उद्यमों में कोविड-19 महामारी की वजह से आए गंभीर व्यवधानों को ध्यान में रखकर की गई है।

कार्यान्वन का कार्यक्रम:

ईसीएलजीएस एक सतत योजना है। कुल 50,000 करोड़ रुपये की इस अतिरिक्त राशि को आतिथ्य और उससे संबंधित क्षेत्रों के उद्यमों पर खर्च किया जाएगा। इस खर्च को इस योजना की वैधता की अवधि 31 मार्च 2023 के भीतर ही कार्यान्वित किया जाएगा।

इसका प्रभाव:

ईसीएलजीएस पहले से ही जारी एक योजना है और आतिथ्य एवं उससे संबंधित क्षेत्रों में कोविड-19 महामारी के कारण आए व्यवधानों के कारण, सरकार ने विशेष रूप से इन क्षेत्रों से जुड़े उद्यमों के लिए 50,000 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की है। इस वृद्धि के जरिए कर्ज प्रदान करने वाली संस्थाओं को इन क्षेत्रों के उद्यमों को कम लागत पर 50,000 करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त ऋण देने के लिए प्रोत्साहित करके इन व्यावसायिक उद्यमों को अपनी संचालन संबंधी देनदारियों को चुकाने और अपने व्यवसाय को जारी रखने में सक्षम बनाने के कदम से उन्हें राहत मिलने की उम्मीद है।

इसका पृष्ठभूमि:

वर्तमान में जारी महामारी ने उन क्षेत्रों पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव डाला है जिनमें लोगों के एक-दूसरे से मिलने-जुलने की अधिक संभावना रहती है और आतिथ्य एवं उससे संबंधित क्षेत्र इसी श्रेणी में आते हैं। अन्य क्षेत्र जहां तेजी से उबरते हुए वापस अपने रास्ते पर आ गए, वहीं इन क्षेत्रों में लंबे समय तक मांग में कमी जारी रही। इस स्थिति ने उनके निर्वाह और उबरने की प्रक्रिया में मदद के लिए उपयुक्त उपायों की जरूरत पैदा की। इसके अलावा, उनकी उच्च रोजगार संभावनाओं और अन्य क्षेत्रों के साथ उनके प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष संबंधों को देखते हुए समग्र आर्थिक सुधार को सहारा देने की दृष्टि से भी उनका पुनरुद्धार जरूरी है। 
इस वास्तविकता को स्वीकार करते हुए, केन्द्रीय बजट 2022-23 में ईसीएलजीएस की वैधता को मार्च, 2023 तक बढ़ाने और ईसीएलजीएस के गारंटीकृत कवर की सीमा में 50,000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी करते हुए कुल कवर को पांच लाख करोड़ रुपये तक करने की घोषणा की गई और अतिरिक्त राशि को विशेष रूप से आतिथ्य और उससे संबंधित क्षेत्रों के उद्यमों के लिए निर्धारित किया गया।

NPS और APY के खाताधारकों को बड़ी राहत, अब UPI के जरिए भी कर पाएंगे अंशदान

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नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और अटल पेंशन योजना (APY) के खाताधारकों के लिए राहत की खबर है। दरअसल, पेंशन फंड रेगुलेटर पीएफआरडीए (PFRDA) की दो पेंशन योजनाओं के अंशधारक अब यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी यूपीआई (UPI) के जरिए भी अपना अंशदान कर पाएंगे। अभी तक नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और अटल पेंशन योजना (APY) के खाताधारक अपने स्वैच्छिक अंशदान को आईएमपीएस/ एनईएफटी/ आरटीजीएस का इस्तेमाल कर नेटबैंकिंग खाते के जरिए सीधे भेज सकते थे, लेकिन अब इसका दायरा बढ़ा दिया गया है।

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क्या है यूपीआई?

बता दें कि यूपीआई एक रियल टाइम पेमेंट सिस्टम है, जो एक बैंक के अकाउंट से दूसरे बैंक के अकाउंट में पैसा तुरंत ट्रांसफर करने की सुविधा देता है। खास बात है कि यूपीआई के जरिए रात या दिन कभी भी मनी ट्रांसफर कर सकते हैं।

क्या है NPS?

एनपीएस योजना संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए संचालित की जाती है। 2004 से लागू यह योजना केंद्र सरकार के कर्मचारियों (सशस्त्र बलों को छोड़कर) के लिए अनिवार्य है। यह उन्हीं कर्मचारियों पर लागू है जो 1 जनवरी 2004 से सेवा में शामिल हुए हैं। मई 2009 में, इसे स्वैच्छिक आधार पर निजी और असंगठित क्षेत्र में विस्तारित किया गया था।

क्या है APY?

अटल पेंशन योजना या एपीवाई असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए है। योजना के अंशधारकों को उनके योगदान के आधार पर 60 वर्ष की उम्र होने के बाद गारंटी के साथ 1,000 रुपये से 5,000 रुपये मासिक की न्यूनतम पेंशन मिलती है। इन दोनों ही योजनाओं से करोड़ों लोग जुड़े हुए हैं। 

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पीएम मोदी ने अगले 25 साल के लिए ‘पंच प्राण’ लक्ष्य की घोषणा की

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पीएम नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के ऐतिहासिक मौके पर लाल किले से देश को 5 प्रण दिलाए हैं। उन्होंने कहा कि अगले 25 सालों में जब देश अपनी आजादी के 100 साल पूरे करेगा, तब तक हमें इन संकल्पों को पूरा करना है। उन्हों कहा कि मुझे लगता है कि आने वाले 25 सालों के लिए हमें अपने संकल्पों को 5 आधारों पर केंद्रित करना होगा। हमें उन पंच प्रण को लेकर 2047 में जब आजादी के 100 साल होंगे तो आजादी के दीवानों के सपनों को पूरा करना होगा।

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पंच प्रण क्या हैं?

पहला प्रण – विकसित भारत का लक्ष्य, दूसरा प्रण – गुलामी के हर अंश से मुक्ति, तीसरा प्रण – अपनी विरासत पर गर्व करना,  चौथा प्रण – एकता और एकजुटता और पांचवां प्रण – नागरिकों में कर्तव्य की भावना का होना।

आने वाले 25 साल के लिए हमें उन पंच प्राण पर अपनी शक्ति को केंद्रित करना होगा। 2047 जब आजादी के 100 साल होंगे, आजादी के दिवानों के सारे सपने पूरे करने का जिम्मा उठाकर चलना होगा। पीएम ने कहा कि हम जीव में भी शिव देखते हैं, हम वो लोग हैं जो नर में नारायण देखते हैं, हम वो लोग हैं जो नारी को नारायणी कहते हैं, हम वो लोग हैं जो पौधे में परमात्मा देखते हैं। ये हमारा सामर्थ्य है, जब विश्व के सामने खुद गर्व करेंगे तो दुनिया करेगी।

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