World Alzheimer’s Day 2022: जानें विश्व अल्जाइमर दिवस के बारे में

 

प्रत्येक वर्ष 21 सितंबर को विश्व स्तर पर विश्व अल्जाइमर दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाए जाने का उद्देश्य अल्जाइमर रोग और इससे संबंधित भ्रांतियों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। पिछले कुछ सालों में अल्‍जाइमर एक सामान्‍य बीमारी के रूप में उभर कर सामने आई है। यह दिवस दुनिया भर में बीमारी, सामान्य लक्षणों और जोखिम कारकों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है।

 

Bank Maha Pack includes Live Batches, Test Series, Video Lectures & eBooks

अल्जाइमर रोग

 

अल्‍जाइमर दिमागी बीमारी है, जो व्‍यक्ति के दिमाग को कमजोर कर याद्दाश्‍त पर असर डालती है। पहले ये बीमारी ज्‍यादातर बुजुर्गों में देखने में मिलती थी, लेकिन तनाव और डिप्रेशन की वजह से अब ये कम उम्र के व्‍यक्ति को भी अपना शिकार बना रही है। अल्‍जाइमर के बढ़ने की एक वजह जागरूकता की कमी भी है। यह स्थिति एक प्रगतिशील बीमारी है जिसके कारण मस्तिष्क की कोशिकाएं बिगड़ती हैं और मर जाती हैं।

 

क्‍यों मनाते हैं विश्व अल्जाइमर दिवस?

विश्व अल्जाइमर दिवस हर साल 21 सितंबर को मनाया जाता है। अल्‍जाइमर एक मानसिक रोग है, जिसे लोग गंभीरता से नहीं लेते। ज्‍यादातर लोगों का मानना है कि उम्र के साथ याददाश्त का कमजोर होना आम बात है। यही वजह है कि अधिकतर लोग बिना ट्रीटमेंट के कई तरह की पर्सनेलिटी डिसऑर्डर का सामना कर रहे हैं। भारत में ही नहीं अन्‍य देशों में भी लोग इस बीमारी को नजरअंदाज कर रहे हैं। लोगों की इसी सोच को बदलने के उद्देश्‍य से हर साल अल्‍जाइमर दिवस मनाया जाता है।

 

वर्ल्‍ड अल्‍जाइमर दिवस का इतिहास

वर्ल्‍ड अल्‍जाइमर दिवस को साल 2012 से हर साल विश्‍वस्‍तर पर मनाया जा रहा है। बता दें कि अल्‍जाइमर का इलाज पहली बार साल 1901 में एक जर्मन महिला का किया गया था। इस बीमारी का इलाज जर्मन मनोचिकित्‍सक डॉ. अलोइस अल्‍जाइमर ने किया था। उन्‍हीं के नाम पर इस बीमारी का नाम रखा गया था। जब अल्‍जाइमर डिजीज ने 21 सितंबर 1994 को अपनी 10वीं एनिवर्सरी सेलिब्रेट की तब इस दिवस को विश्‍व स्‍तर पर हर साल मनाने की घोषणा की गई। तभी से हर देश में कई जागरूकता अभियान और आयोजन आयोजित किए जाते हैं।

Find More Important Days Here

गुजराती फिल्म ‘छेलो शो’ हुई ऑस्कर के लिए नॉमिनेट

 

सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार ऑस्कर अवार्ड के 2023 के लिए नॉमिनेशन चल रहे हैं। इस साल के ऑस्कर के लिए भारत की एक फिल्म को नामांकित हुई है। ऑस्कर 2023 के लिए निर्देशक पैन नलिन की गुजराती फिल्म ‘छेलो शो’ (द लास्ट फिल्म शो) को भारत की ओर से आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में भेजने का फैसला किया गया है।

 

‘छेलो शो’ (द लास्ट फिल्म शो) को भारत की तरफ से विदेशी भाषा की कैटिगरी में बेस्ट फिल्म के लिए ऑफिशियल एंट्री मिली है। फिल्म में भाविन राबरी, भावेश श्रीमाली, ऋचा मीणा, दीपेन रावल और परेश मेहता ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। फिल्म को पहली बार साल 2021 में ट्रिबेका फिल्म फेस्टिवल में दिखाया गया था। इसके बाद फिल्म को कई अलग-अलग अवॉर्ड फंक्शन में दिखाया गया है जहां इसे खूब तारीफ मिली है।

 

बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म

 

बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी के लिए ऑस्कर एकेडमी के तमाम सदस्य देशों की तरफ हर साल वहां की स्थानीय भाषा में एक फिल्म भेजी जाती है। इन फिल्मों में से कोई पांच फिल्में अंतिम दौर तक पहुंचेंगी और ये पांच फिल्में ऑस्कर की बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी के लिए नामित फिल्में कही जाती है। जिनमें एक फिल्म को इस अवार्ड के लिए चुना जाता है।

 

फिल्म की कहानी ये है

 

ये फिल्म एक किशोर के सिल्वर स्क्रीन के सपनों की कहानी कहती है। बीते साल अक्तूबर में इस फिल्म को वालाडोलिड इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का गोल्ड स्पाइक अवार्ड मिल चुका है। ‘छेलो शो’ एक ऐसे बच्चे समय की कहानी है जो सौराष्ट्र का रहने वाला है। उसके पिता एक गुजरात के एक रेलवे स्टेशन पर चाय बेचते हैं। एक दिन एक समय सिनेमाघर के प्रॉजेक्शन रूम में पहुंच जाता है और बहुत सारी फिल्में देखता है। जो उसकी लाइफ में कई बदलाव लाता है।

 

ऑस्कर पुरस्कारों में भारत

 

ऑस्कर पुरस्कारों में आखिरी बार साल 2001 में आमिर खान की फिल्म “लगान” ने अंतिम पांच में जगह बनाई थी। अंतिम पांच में जगह बनाने वाली दो अन्य भारतीय फिल्में “मदर इंडिया”(1958) और “सलाम बॉम्बे” (1989) हैं। ऑस्कर 2023 के लिए छेलो शो की एंट्री देश में रीजनल सिनेमा को बढ़ावा देगी।

 

World Peace Day 2022: जानें क्‍यों मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस?

 

अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस (World Peace Day) हर वर्ष 21 सितंबर को पूरे विश्व में मनाया जाता है। इस दिन यूनाइटेड नेशनल जनरल असेंबली (UNGA) राष्ट्रों और लोगों के बीच अहिंसा, शांति और युद्धविराम के आदर्शों को बढ़ावा देने के प्रयास करती है। इस वर्ष वर्ल्‍ड पीस डे की थीम है ‘End racism. Build peace.’ जिसका अर्थ है ‘नस्‍लवाद खत्‍म करें. शांति स्‍थापित करें’।

Bank Maha Pack includes Live Batches, Test Series, Video Lectures & eBooks

पहली बार यह दिवस कब मनाया गया?

 

पहली बार इस दिवस को 1982 में कई राष्ट्रों, राजनीतिक समूहों, सैन्य समूहों और लोगों द्वारा मनाया गया था। 2013 में संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने इसे शांति शिक्षा के लिए समर्पित किया। इस दिन की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय (न्यूयॉर्क) में संयुक्त राष्ट्र शांति घंटी बजाकर की जाती है।

 

क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस?

 

अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस को पूरी दुनिया में अहिंसा और संघर्ष विराम के रूप में माना जाता है। दुनिया में जहां भी युद्ध चल रहा है, इस दिन उनसे अपने विवाद खत्म करने की उम्मीद की जाती है, ताकि वे आपसी झगड़ों को खत्म करके शांति से रह सकें।

 

विश्व शांति दिवस का महत्व

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, विश्‍व शांति का अर्थ केवल हिंसा न होना नहीं है, बल्कि ऐसे समाजों का निर्माण है जहां सभी को यह अहसास हो कि वे आगे बढ़ सकते हैं और फल-फूल सकते हैं। साल 1981 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित यह दिन, मानवता के लिए सभी मतभेदों से ऊपर उठने, शांति के लिए प्रतिबद्ध होने और शांति की संस्कृति के निर्माण में योगदान करने का दिन है।

 

विश्व शांति दिवस का इतिहास

 

साल 2001 में विश्‍व शांति दिवस की आधिकारिक तिथि 21 सितंबर घोषित की गई थी। इससे पहले तक यह वार्षिक महासभा के उद्घाटन सत्र, सितंबर के तीसरे मंगलवार को मनाया जाता था। इस दिन को मनाने के लिए, न्यूयॉर्क शहर में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में संयुक्त राष्ट्र शांति घंटी (UN Peace Bell) बजाई जाती है। जून 1954 में जापान के संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा पीस बेल दान की गई थी। बेल टॉवर को Hanamido (फूलों से सजा हुआ एक छोटा मंदिर) की तर्ज पर बनाया गया था जो उस स्थान का प्रतीक है जहां गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था।

 

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:

  • संयुक्त राष्ट्र का मुख्यालय न्यूयॉर्क, यूएसए में है।
  • संयुक्त राष्ट्र की स्थापना 24 अक्टूबर 1945 को हुई थी।
  • एंटोनियो गुटेरेस संयुक्त राष्ट्र के महासचिव हैं।

Find More Important Days Here

 

महाराष्ट्र सरकार ने ‘दौलताबाद किले’ का नाम बदलकर ‘देवगिरि किला’ करने का किया घोषणा

 

महाराष्ट्र के पर्यटन मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा है कि ‘दौलताबाद किले’ का नाम बदलकर ‘देवगिरी किला’ रखा जाएगा। इससे पहले हाल ही में राज्य की एकनाथ शिंदे सरकार ने औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजीनगर और उस्मानाबाद का धाराशिव किया था। इसके अतिरिक्त सरकार ने नवी मुंबई एयरपोर्ट का भी नाम बदल कर डीबी पाटिल एयरपोर्ट कर दिया था।

 

Bank Maha Pack includes Live Batches, Test Series, Video Lectures & eBooks

 

हैदराबाद मुक्ति दिवस के अवसर पर किले के परिसर में स्थित भारत माता मंदिर में आयोजित तिरंगा फहराने के एक समारोह में भाग लेते हुए लोढ़ा ने कहा कि किले को दौलताबाद उर्फ ​​देवगिरी के नाम से जाना जाता है। इसे आज भी दौलताबाद किले के नाम से जाना जाता है। राज्य पर्यटन विभाग इसका नाम बदलकर देवगिरी किले के रूप में करने का प्रस्ताव प्रस्तुत करेगा।

 

दौलताबाद किले के बारे में

 

दौलतपुर किला महाराष्ट्र के औरंगाबाद के पास देवगिरी गांव में स्थित एक ऐतिहासिक किलेदार गढ़ है। यह पहले यादव राजवंश की राजधानी थी और कुछ समय के लिए दिल्ली सल्तनत की राजधानी थी। 14 वीं शताब्दी में मोहम्मद तुगलक द्वारा किले का नाम बदलकर दौलताबाद कर दिया गया था, जिन्होंने दक्षिणी भारत में सैन्य अभियानों के आधार के रूप में इसके महत्व को समझा और अपनी राजधानी बनाने के विचार की कल्पना की। किले को बाद में क़ुब्बतुल इस्लाम के नाम से जाना गया और इस नाम से सिक्के ढाले गए।

Find More State In News Here

 

श्रीलंका का सबसे बड़ा ऋणदाता बना भारत

 

भारत ने आर्थिक संकटों का सामना कर रहे श्रीलंका को इस साल सबसे ज्यादा मदद दी है। इसमें भारत द्वारा द्वीप राष्ट्र को दिया गया 377 मिलियन अमेरिकी डॉलर का ऋण भी शामिल है। वेराइट रिसर्च थिंक-टैंक ने कहा है कि भारत इस साल श्रीलंका के लिए सबसे बड़े ऋणदाता के रूप में सामने आया है।

 

Bank Maha Pack includes Live Batches, Test Series, Video Lectures & eBooks

 

इस समय भारत, एशियाई विकास बैंक के 360 मिलियन अमरीकी डॉलर का ऋणी है। ये जनवरी से अप्रैल 2022 तक कुल भुगतान का 76 प्रतिशत हिस्सा है। कोलंबो के एक स्वतंत्र वेराइट रिसर्च थिंक-टैंक ने बताया कि साल 2022 के पहले चार महीनों में श्रीलंका को कुल 968 मिलियन अमेरिकी डॉलर का ऋण मिला है, इसमें भारत का योगदान 377 मिलियन अमेरिकी डॉलर है। इस योगदान के साथ श्रीलंका के लिए भारत सबसे बड़े द्विपक्षीय ऋणदाता के रूप में ऊभर कर सामने आया है।

 

दूसरा सबसे बड़ा ऋणदाता

 

एशियाई विकास बैंक (ADB) इस अवधि में 35.96 करोड़ डॉलर के साथ दूसरा सबसे बड़ा ऋणदाता था। इसके बाद विश्व बैंक है जिसने श्रीलंका को 6.73 करोड़ डॉलर का कर्ज दिया है। गौरतलब है कि वैराइट रिसर्च एशिया में सरकारों और निजी क्षेत्र के लिए रणनीतिक विश्लेषण और सलाह देने काम करता है।

 

श्रीलंका का सबसे बड़ा द्विपक्षीय ऋणदाता

वैराइट रिसर्च थिंक टैंक ने बताया कि 2017 से 2021 के बीच चीन श्रीलंका का सबसे बड़ा द्विपक्षीय ऋणदाता रहा है। साल 2021 में,चीन ने 947 मिलियन अमेरीकी डॉलर दिए थे। इसमें से 809 मिलियन अमरीकी डॉलर चीन विकास बैंक से उधार दिए गए थे। वहीं, इस समयावधि में एडीबी श्रीलंका के लिए सबसे बड़ा बहुपक्षीय ऋणदाता रहा है।

Find More International News

 

 

ग्लोबल क्लीन एनर्जी फोरम का प्रतिनिधित्व करेंगे केंद्रीय मंत्री

 

केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह अमेरिका में वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा कार्रवाई मंच की बैठक में हिस्सा लेने वाले संयुक्त मंत्री स्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। इस प्रतिनिधिमंडल में ऊर्जा और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह सहित अन्य सदस्य अमेरिका में पेनसिल्वेनिया के पिट्सबर्ग में 21 से 23 सितंबर तक आयोजित होने वाले स्वच्छ ऊर्जा मंत्रिस्तरीय और मिशन इनोवेशन के संयुक्त आयोजन में भी हिस्सा लेंगे।

Bank Maha Pack includes Live Batches, Test Series, Video Lectures & eBooks

मुख्य बिंदु

  • इस बैठक में स्वच्छ ऊर्जा नवाचार और उसे लागू करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए 30 से अधिक देशों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, युवा पेशेवर, नागरिक समाज और मंत्रियों सहित स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में काम करने वाले दुनिया भर के हजारों लोग शामिल होंगे।
  • भारतीय प्रतिनिधिमंडल द्वारा स्वच्छ ऊर्जा समाधान में तेजी लाने के लिए जैव-रिफाइनरियों, टिकाऊ विमानन ईंधन, सामग्री त्वरित मंच, ऊर्जा दक्षता, कार्बन कैप्चर और हाइड्रोजन वैली प्लेटफॉर्म के निर्माण के क्षेत्र में किए गए प्रयासों को उजागर करने की संभावना है।
  • केंद्रीय मंत्री द्वारा भविष्य में कार्बन उत्सर्जन कम करने की भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करने की संभावना है। इसका उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छ ऊर्जा नवाचारों को तेज करके देश के ऊर्जा परिदृश्य को बदलना है।

 

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:

  • केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय में राज्य मंत्री और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के राज्य मंत्री: जितेंद्र सिंह

Find More Summits and Conferences Here

 

इम्‍फाल में आम लोगों की शिकायतों के लिए वेब-पोर्टल का शुभारंभ

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने आम लोगों की शिकायतों के निवारण के लिए इम्‍फाल में एक वेब-पोर्टल का शुभारंभ किया। इस वेब-पोर्टल का नाम ‘सीएम दा हैसी’ है। आम जनता डब्‍ल्‍यू डब्‍ल्‍यू डब्‍ल्‍यू डॉट सीएम दा हैसी डॉट जीओवी डॉट इन पर लॉग इन करके वेब-पोर्टल में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायतकर्ता अपनी शिकायतों की स्थिति भी देख सकते हैं।

मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित लोक शिकायत निवारण और भ्रष्टाचार निरोधी प्रकोष्ठ इस पोर्टल के जरिये जनता की शिकायतों का एक निर्धारित समय में निवारण करेगा। प्रकोष्‍ठ कार्रवाई करने योग्य शिकायतों को राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक विभाग को उपलब्‍ध करायेगा। आगे की पूछताछ और जांच के लिए इसे संबंधित विभागों को भेजा जाएगा। लोक शिकायत निवारण तथा भ्रष्टाचार निरोधी प्रकोष्ठ को मार्च 2022 से अब तक कुल 134 शिकायतें प्राप्त हुई हैं जिनमें से 85 प्रतिशत शिकायतों का निराकरण कर दिया गया है।

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:

  • मणिपुर की राजधानी: इंफाल
  • मणिपुर के मुख्यमंत्री: नोंगथोम्बम बीरेन सिंह
  • मणिपुर के राज्यपाल: ला गणेशानी

छात्रों को प्रवेश-स्तर की क्लाउड नौकरियों के लिए कौशल प्रदान करेगा गूगल क्लाउड

गूगल क्लाउड ने घोषणा की है कि उसने फ्यूचरस्किल्स प्राइम, एक आईटी मंत्रालय और नैसकॉम डिजिटल स्किलिंग पहल के सहयोग से कुबेरनेट्स पाठ्यक्रम के साथ अपने कंप्यूटिंग फाउंडेशन का पहला समूह लॉन्च किया है। शुरुआती स्तर के पाठ्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को क्लाउड कंप्यूटिंग, क्लाउड बेसिक्स, बिग डेटा और मशीन लर्निग (एमएल) का अनुभव करने का अवसर प्रदान करना है।

 

पाठ्यक्रम आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर, डेटा एनालिटिक्स, क्लाउड नेटिव एप्लिकेशन डेवलपमेंट सहित विविध कैरियर पथों के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण (गूगल क्लाउड स्किल्स बूस्ट प्लेटफॉर्म के माध्यम से) प्रदान करेगा। गूगल क्लाउड ने एक बयान में कहा, कार्यक्रम पूरा करने के बाद, प्रतिभागियों को एक कोर्स पूरा होने का प्रमाण पत्र और उद्योग द्वारा मान्यता प्राप्त कौशल बैज मिलेगा।

 

मुख्य बिंदु

 

  • गूगल क्लाउड में इंजीनियरिंग के वीपी और इंडिया डेवलपमेंट सेंटर के प्रमुख अनिल भंसाली ने कहा, गूगल क्लाउड प्रमाणन व्यक्तियों को उनकी क्लाउड विशेषज्ञता को मान्य करने, उनके करियर को ऊंचा करने और क्लाउड प्रौद्योगिकी के साथ व्यवसायों को बदलने में मदद करेगा।
  • पाठ्यक्रम उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्रों और उभरती प्रौद्योगिकियों पर खुद को कौशल करने के इच्छुक फ्रेशर्स को मुफ्त में पेश किया जाएगा।
  • गार्टनर के अनुसार, क्लाउड तकनीक मुख्यधारा बन रही है, जिसमें उद्यम क्लाउड-आधारित पेशकशों पर अधिक निवेश कर रहे हैं, जिससे क्लाउड प्रतिभा की उच्च मांग और अपस्किलिंग की आवश्यकता है।

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:

  • गूगल सीईओ: सुंदर पिचाई।
  • गूगल की स्थापना: 4 सितंबर 1998, कैलिफोर्निया, संयुक्त राज्य।
  • Google के संस्थापक: लैरी पेज, सर्गेई ब्रिन।
  • नैसकॉम अध्यक्ष: कृष्णन रामानुजम;
  • नैसकॉम मुख्यालय स्थान: नई दिल्ली;
  • नैसकॉम की स्थापना: 1 मार्च 1988।

 

भारतीय वायु सेना अपने श्रीनगर स्थित मिग -21 स्क्वाड्रन ‘स्वॉर्ड आर्म्स’ को रिटायर करने के लिए तैयार

 

भारतीय वायु सेना से इस साल सितंबर में सशस्त्र बलों से ‘मिग -21 स्क्वाड्रन स्वॉर्ड आर्म्स ‘ रिटायर हो रहा है। श्रीनगर के अवंतीपुरा स्थित मिग-21 (MiG 21) बाइसन लड़ाकू विमानों वाली ‘स्वार्ड आर्म’ स्क्वाड्रन 30 सितंबर को रिटायर हो जाएगा। साल 2019 में बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तानी वायुसेना के साथ हुई फाइट में विंग कमांडर (अब ग्रुप कैप्टन) अभिनंदन वर्धमान ने अपने बाइसन फाइटर जेट से एफ-16 फाइटर जेट को मार गिराया था। विंग कमांडर अभिनंदन उस समय इसी स्वार्ड आर्म स्कावड्रन में तैनात थे।

 

Bank Maha Pack includes Live Batches, Test Series, Video Lectures & eBooks

 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नंबर 51 स्क्वाड्रन को सितंबर के अंत तक योजना के अनुसार सेवानिवृत्त किया जाना है। उन्होंने कहा कि मिग-21 के बाकी तीन स्क्वाड्रनों को 2025 तक चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर दिया जाएगा। मिग-21 जेट को चार दशक पहले भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था और इनमें से कई विमान दुर्घटनाओं में बर्बाद हो गए।

 

नंबर 51 स्क्वाड्रन

 

नंबर 51 स्क्वाड्रन या ‘स्वॉर्ड आर्म्स’ भारतीय वायुसेना के शानदार स्क्वाड्रनों में से एक है। इसने साल 1999 में ऑपरेशन सफेद सागर (कारगिल संघर्ष) के दौरान भाग लिया था। इसे प्रभावी योगदान के लिए एक वायु सेना पदक और तीन मेंशन-इन-डिस्पैच से सम्मानित किया गया था। ऑपरेशन पराक्रम के दौरान स्क्वाड्रन को कश्मीर घाटी की वायु रक्षा का काम सौंपा गया था।

 

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:

  • भारतीय वायु सेना प्रमुख: एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी;
  • भारतीय वायु सेना मुख्यालय: नई दिल्ली;
  • भारतीय वायु सेना की स्थापना: 8 अक्टूबर 1932, भारत।

Find More News Related to DefenceIAF's Project Cheetah: Indian defence companies to equip Israeli Heron drones_70.1

 

 

सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने कारगिल इंटरनेशनल मैराथन का उद्घाटन किया

सेनाध्यक्ष जनरल मनोज पांडे ने लद्दाख में कारगिल इंटरनेशनल मैराथन का उद्घाटन किया। कार्यक्रम का आयोजन लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद (LAHDC), कारगिल और लद्दाख पुलिस द्वारा सरहद पुणे के सहयोग से किया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय मैराथन में 2000 से अधिक धावकों ने भाग लिया।

मनोज पांडे के बारे में

 

जनरल मनोज पांडे, पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएसएम, एडीसी एक भारतीय सेना के जनरल हैं जो 29वें और वर्तमान सेनाध्यक्ष के रूप में सेवारत हैं। उन्होंने पहले थल सेनाध्यक्ष, पूर्वी कमान के जनरल ऑफिसर-कमांडिंग-इन-चीफ और अंडमान और निकोबार कमांड के कमांडर-इन-चीफ (CINCAN) के रूप में कार्य किया।

Recent Posts

द हिंदू रिव्यू मार्च 2026
Most Important Questions and Answer PDF
QR Code
Scan Me