संजय कुमार ने रेलटेल के प्रमुख का पदभार संभाला

 

रेलवे के उपक्रम रेलटेल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक का पदभार संजय कुमार ने संभाल लिया है। रेलटेल कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने यह जानकारी दी। इससे पहले वे रेलटेल में ही निदेशक (नेटवर्क प्लानिंग एवं विपणन) थे। उनके पास निदेशक (परियोजना, परिचालन एवं देखरेख) के निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी था।

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संजय कुमार के बारे में

  • भारतीय रेलवे सिग्नल इंजीनियर सेवा के अधिकारी कुमार के पास रेलवे के क्षेत्र में काम करने का करीब 30 साल का अनुभव है। वे इंडियन रेलवे सर्विस ऑफ सिग्नल इंजीनियर्स (IRSSE) के अधिकारी हैं।
  • उन्होंने कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापार करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं, जिसमें निर्यात सेवाएं और अंतरराष्ट्रीय बोलियों और अनुबंधों में भाग लेना शामिल है।
  • रेलटेल के लिए अपने भविष्य के लक्ष्यों के बारे में, कुमार ने कहा कि वे अपनी सेवाओं और परियोजनाओं की पेशकश का विस्तार करने के लिए चल रहे विकास, विविधीकरण और आधुनिकीकरण की गति को बनाए रखेंगे।
  • रेलटेल कई क्षेत्रों में आईओटी, एआई और एमएल जैसी अत्याधुनिक तकनीकों पर आधारित सेवाओं और परियोजनाओं की बढ़ती संख्या प्रदान करके तकनीकी परिवर्तन का पूरा लाभ उठाएगा।

 

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:

 

  • रेलटेल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक: संजय कुमार

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Dr. Rajiv Bahl named as Director General of ICMR_90.1

 

मनसुख मंडाविया ने आरोग्य मंथन 2022 का उद्घाटन किया

 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) के 4 साल पूरे होने और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के एक साल पूरे होने के उपलक्ष्य में दो दिवसीय आरोग्य मंथन 2022 कार्यक्रम का उद्घाटन किया। मंडाविया ने कहा कि देश में 33 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में इसके कवरेज में 19 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं, और 24 करोड़ से अधिक एबीएचए नंबर भी हैं। यह देश में स्वास्थ्य रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर दर्शाता है।

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मंडाविया के अनुसार, प्रतिदिन 4.5 लाख कार्ड बनाने की वर्तमान दर को बढ़ाकर 10 लाख आयुष्मान कार्ड प्रतिदिन किया जाएगा। मंडाविया ने स्वास्थ्य दावा विनिमय (एचसीएक्स), राष्ट्रीय ई-रूपी पोर्टल और डिजिटलीकरण के लिए रोडमैप सहित कई नई पहल भी शुरू कीं। एनएचए, कॉफी टेबल बुक और बेस्ट प्रैक्टिस बुकलेट के लिए वार्षिक रिपोर्ट के डिजिटल संस्करण का भी अनावरण किया गया। उन्होंने डिजिटल हेल्थ एक्सपो का भी उद्घाटन किया, जिसमें डिजिटल हेल्थ इनोवेटर्स की उत्साही भागीदारी देखी गई।

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International Daughters Day 2022: जानें अंतरराष्ट्रीय बेटी दिवस क्यों मनाया जाता है?

 

हर साल सितंबर महीने के आखिरी रविवार को ‘अंतरराष्ट्रीय बेटी दिवस’ (International Daughter’s Day) मनाया जाता है। इस साल 26 सितंबर यानी आज Daughters Day मनाया जा रहा है। हर रिश्ते का एक खास दिन मनाया जाता है, ऐसे में आज बेटी दिवस मनाया जा रहा है। इस दिन को मनाने का एक खास उद्देश्य है। इस उद्देश्य के तहत पूरी दुनिया में बेटियों को भी बेटे के समान ही महत्व और सम्मान दिया जाए इसलिए यह दिन मनाया जाता है। बेटी की अहमियत उसके माता-पिता से ज्यादा कोई नहीं समझ सकता है।

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अंतरराष्ट्रीय डॉटर्स दिवस का महत्व

परिवार के सदस्यों के साथ संबंध बनाए रखने में एक बेटी का महत्वपूर्ण किरदार है। जिस समाज में महिलाओं को पुरूष से कमतर माना जाता है उस समाज में बदलाव लाने के लिए इस दिन की महत्वपूर्ण अहमियत है।

 

डॉटर्स दिवस क्यों मनाया जाता है

बेटियों को समर्पित यह दिन उनकी तारीफ करने और उनको यह बताने के लिए मनाया जाता है कि वे कितनी खास हैं। यह दिन बेटियों के लिए जागरूकता बढ़ाने और समानता को प्रोत्साहित करने के लिए भी महत्वपूर्ण है। इस दिन को मनाने का मतलब लोगों को जागरूक करना है कि लड़कियों को भी लड़कों की तरह समान अधिकार और अवसर मिलने चाहिए।

 

डॉटर्स दिवस का इतिहास

संयुक्त राष्ट्र ने लड़कियों के महत्व को समझते हुए उन्हें सम्मान देने के लिए पहली बार 11 अक्टूबर 2012 को एक दिन बेटियों को समर्पित किया। दुनिया भर के देशों ने संयुक्त राष्ट्र की इस पहल का स्वागत किया। इसके बाद से ही हर देश में बेटियों के लिए एक दिन समर्पित किया गया है। हर देश में डॉटर्स दिवस अलग-अलग दिन मनाया जाता है।

 

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ICMR के नए महानिदेशक बने डॉ. राजीव बहल

 

डॉ. राजीव बहल को तीन साल की अवधि के लिए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) का महानिदेशक नियुक्त किया गया है। इसके साथ उन्हें स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग का सचिव भी बनाया गया है। बहल वर्तमान में जिनेवा में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) में मातृ, नवजात शिशु पर शोध प्रमुख एवं किशोर स्वास्थ्य सह-नवजात इकाई के प्रमुख हैं।

 

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है कि मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने डॉ. राजीव बहल को आईसीएमआर के महानिदेशक-सह-स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव के पद पर तीन साल की अवधि के लिए पदभार ग्रहण करने की तारीख से नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।

 

बहल से पूर्व डॉ. बलराम भार्गव का आईसीएमआर के महानिदेशक और स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव के रूप में विस्तारित कार्यकाल जुलाई में समाप्त हो गया। भार्गव को इस पद पर 16 अप्रैल 2018 को चार साल के लिए नियुक्त किया गया था।

 

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:

  • आईसीएमआर मुख्यालय: नई दिल्ली;
  • ICMR संस्थापक: भारत सरकार;
  • आईसीएमआर की स्थापना: 1911।

 

World Pharmacists Day 2022: विश्व फार्मासिस्ट दिवस क्यों मनाया जाता है?

 

हर साल 25 सितंबर को दुनियाभर में विश्व फार्मासिस्ट दिवस (World Pharmacists Day) मनाया जाता है। बता दें जब भी कोई व्यक्ति बीमार होता है तो वह डॉक्टर के पास जाता है और डॉक्टर उसे कुछ दवाईयां लिख कर देता हैं, जिन्हें लेने के लिए आपको फार्मासिस्ट के पास जाना पड़ता है। इन्ही फार्मेसियों पर ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से इस दिन को मनाने की शुरुआत की गई।

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विश्व फार्मासिस्ट दिवस की थीम

 

हर साल इस दिन का आयोजन एक थीम के साथ किया जाता है। उसी के तहत इस साल भी विश्व फार्मासिस्ट दिवस की एक थीम तय की गई गई है। इस साल इसकी थीम स्वस्थ विश्व के लिए फार्मासिस्ट यूनाइटेड इन एक्शन तय की गई है।

 

इस दिन को मनाने की शुरुआत

इस दिन को मनाने की शुरुआत अंतर्राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल फेडरेशन (FIP) के द्वारा इस्तांबुल तुर्की में की गई थी। साल 1912 में 25 सितंबर को ही अंतरराष्ट्रीय फार्मास्युटिकल्स की स्थापना की गई थी, जिसकी वजह से हर साल 25 सितंबर को विश्व फार्मासिस्ट दिवस मनाया जाता है।

 

यह दिवस 25 सितंबर को ही क्यों मनाते हैं?

अंतर्राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल फेडरेशन (FIP) के सदस्यों ने इस तारीख का सुझाव इसलिए दिया क्योंकि इसी तारीख पर एफआईपी (FIP) की 1912 में स्थापना हुई थी।

 

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:

 

  • इंटरनेशनल फार्मास्युटिकल फेडरेशन के सीईओ: डॉ कैथरीन दुग्गन;
  • इंटरनेशनल फार्मास्युटिकल फेडरेशन की स्थापना: 25 सितंबर 1912;
  • इंटरनेशनल फार्मास्युटिकल फेडरेशन मुख्यालय: हेग, नीदरलैंड;
  • इंटरनेशनल फ़ार्मास्युटिकल फ़ेडरेशन का आदर्श वाक्य: दुनिया भर में फ़ार्मेसी को आगे बढ़ाना।

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World Contraception Day 2022: जानें विश्व गर्भनिरोधक दिवस के बारे में

 

हर साल 26 सितंबर को विश्व गर्भनिरोधक दिवस (World Contraception Day) मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को गर्भनिरोधक के बारे में जागरूक करना होता है। भारत के अलावा कई देशों में गर्भनिरोधक के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए समय-समय पर विशेष जानकारी दी जाती है। विश्व गर्भ निरोधक दिवस मनाने का उद्देश्य वर्तमान में युवा पीढ़ी को यौन जागरूक बनाने के लिए किया जाता है। लोगों को समय-समय पर कार्यक्रम का आयोजन कर इस विषय में जानकारी दी जाती है। युवा पीढ़ी को गर्भनिरोधक के उपाय के बारे में बताना और इस कार्यक्रम में लोगों को गर्भधारण के बचाव के बारे में बताया जाता है।

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इस दिन को मनाने की शुरुआत साल 2007 में 26 सितंबर को हुई थी। गर्भनिरोधक साधनों को अपनाकर महिला के स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को भी कम किया जा सकता है। एक सर्वे रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम बंगाल, जम्मू कश्मीर में रहने वाली महिलाओं की बात करें तो पहले 95 परसेंट और 83 परसेंट महिलाओं को इसके बारे में जानकारी है।

 

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:

 

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन मुख्यालय: जिनेवा, स्विट्ज़रलैंड;
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना: 7 अप्रैल 1948;
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक: टेड्रोस एडनॉम।

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अंतर्राष्ट्रीय परमाणु हथियार उन्मूलन दिवस: 26 सितंबर

 

संयुक्त राष्ट्र हर साल 26 सितंबर को परमाणु हथियारों के पूर्ण उन्मूलन के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस (International Day for the Total Elimination of Nuclear Weapons) के रूप में मनाता है। इस दिन का उद्देश्य परमाणु हथियारों से मानवता के लिए उत्पन्न खतरे और उनके पूर्ण उन्मूलन की आवश्यकता के बारे में जन जागरूकता बढ़ाना है। यह जनता और उनके नेताओं को ऐसे हथियारों को खत्म करने के वास्तविक लाभों और उन्हें बनाए रखने की सामाजिक एवं आर्थिक लागतों के बारे में शिक्षित करने का अवसर प्रदान करता है।

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इस दिन का इतिहास:

 

26 सितंबर 2013 को न्यूयॉर्क में आयोजित परमाणु निरस्त्रीकरण पर महासभा की उच्च स्तरीय बैठक के अनुवर्ती के रूप में महासभा ने दिसंबर 2013 में अपने संकल्प 68/32 में अंतर्राष्ट्रीय दिवस घोषित किया। जन जागरूकता बढ़ाने और परमाणु निरस्त्रीकरण मामलों पर गहन भागीदारी की तलाश करने के लिए महासभा द्वारा किए गए प्रयासों की एक श्रृंखला में यह नवीनतम था।

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Antyodaya Divas 2022: जानें इस दिवस के बारे में

 

भारत में, पंडित दीनदयाल उपाध्याय (Pandit Deendayal Upadhyaya) की जयंती को चिह्नित करने के लिए हर साल 25 सितंबर को अंत्योदय दिवस (Antyodaya Diwas) मनाया जाता है। अंत्योदय का अर्थ “गरीब से गरीब व्यक्ति का उत्थान” या “अंतिम व्यक्ति का उत्थान” है। यह दिन मोदी सरकार द्वारा 25 सितंबर 2014 को घोषित किया गया था और आधिकारिक तौर पर 2015 से मनाया जा रहा है।

भारत सरकार द्वारा 25 सितंबर, 2014 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 98 वीं जयंती के अवसर पर ‘अंत्योदय दिवस’ की घोषणा की गई थी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने ही अंत्योदय का नारा दिया था। पंडित दीनदयाल उपाध्याय कहते थे कि कोई भी देश अपनी जड़ों से कटकर कभी भी विकास नहीं कर सका है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी में संगठन का अद्वितीय और अद्भुत कौशल था।

 

पंडित दीनदयाल उपाध्याय के बारे में:

 

  • साल 1916 में मथुरा में पैदा हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय भारतीय जनसंघ के प्रमुख नेताओं में से एक थे, जिनसे बाद में भाजपा का उदय हुआ। वे साल 1953 से साल 1968 तक भारतीय जनसंघ के नेता रहे।
  • दीनदयाल उपाध्याय एक मानवतावादी, अर्थशास्त्री, पत्रकार, दार्शनिक और सक्षम राजनेता थे।
  • दीनदयाल उपाध्याय ने सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की थी। हालाँकि, वह सेवा में शामिल नहीं हुए और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के स्वयंसेवक बन गए।
  • साल 1940 के दशक में, दीनदयाल उपाध्याय ने हिंदुत्व राष्ट्रवाद की विचारधारा के प्रसार के लिए उत्तर प्रदेश के लखनऊ से
  • एक मासिक पत्रिका ‘राष्ट्र धर्म (Rashtra Dharma)’ का शुभारंभ किया। बाद में, उन्होंने ‘पांचजन्य’, एक साप्ताहिक पत्रिका और एक दैनिक, ‘स्वदेश’ शुरू किया।
  • दीनदयाल उपाध्याय 11 फरवरी, 1968 की तड़के उत्तर प्रदेश के मुग़लसराय रेलवे स्टेशन के पास रहस्यमय परिस्थितियों में मृत पाए गए थे। बाद में, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पाया कि उन्हें लुटेरों ने मार दिया था।

 

 

 

यूपी में महिलाओं को समर्पित रही विधानमंडल की कार्यवाही

 

उत्तर प्रदेश विधानमंडल के दोनों सदनों में एक इतिहास रचा गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर दोनों सदनों में पूरा एक दिन महिला सदस्यों को समर्पित किया गया था, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष की महिला सदस्यों ने भागीदारी की और महिला हितों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। मानसून सत्र के चौथे दिन विधानसभा और विधान परिषद में केवल महिलाओं से जुड़े मुद्दों की गूंज रही। देश की किसी विधानसभा में यह पहला मौका था, जबकि महिला सदस्यों के लिए पूरा दिन समर्पित किया गया। आमतौर पर सरकार की पहल का विरोध करने वाला विपक्ष भी मुख्यमंत्री की इस सोच को लेकर सकारात्मक रहा।

ऐतिहासिक कार्यवाही में चर्चा की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने वैदिक उद्धरणों और आख्यानों का उल्लेख करते हुए भारतीय संस्कृति में महिलाओं की महत्ता को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि आज सदन में आज सभी लोग नारी शक्ति को देख रहे हैं। आज सदन का दिन महिलाओं के नाम है। सीएम ने कहा कि भारत में महिला-पुरुष दोनों को समान अधिकार है। हम सभी को पता है कि मातृ शक्ति से सब कुछ संभव है।

 

भारत का पहला सफल पूर्ण-हाथ प्रत्यारोपण केरल के अस्पताल में किया गया

 

देश में पहली बार दो मरीजों के पूरे हाथ (फुल आर्म) का ट्रांसप्लांट हुआ है। केरल के कोच्चि में अमृता हॉस्पिटल ने यह इतिहास रचा है। जिन मरीजों में आर्म ट्रांसप्लांट किया गया है, उनमें एक- इराकी नागरिक यूसुफ हसन सईद अल जुवैनी हैं। दूसरे- कर्नाटक के अमरेश हैं। इन दोनों ने बिजली के करंट से अपने दोनों हाथ गंवा दिए थे। डॉ. सुब्रमण्यन अय्यर और डॉ. मोहित शर्मा की अगुआई में 20 सर्जन और 10 एनेस्थेटिस्ट्स की टीम ने ये सर्जरी कीं।

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दोनों मरीजों को 3 हफ्ते बाद अस्पताल से छुट्टी भी मिल गई। डॉ. अय्यर ने बताया कि दोनों हाथों को कंधे से जोड़ा जाना था। कुछ ब्लड वेसेल्स को जोड़ना कठिन था, लेकिन इसे ठीक कर लिया गया। दुनिया में केवल तीन कंधे के स्तर के फुल आर्म ट्रांसप्लांटेशन हुए हैं। यह भारत में पहला है।

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