श्री सर्बानंद सोनोवाल ने राष्ट्रीय लॉजिस्टिक पोर्टल का उद्घाटन किया

about - Part 1548_3.1

केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने हाल ही में ‘राष्ट्रीय लॉजिस्टिक पोर्टल (समुद्री)’ का उद्घाटन किया। एक आधिकारिक बयान के अनुसार इस एकल खिड़की पोर्टल का मकसद लॉजिस्टिक लागत को कम करना है। बयान में कहा गया कि राष्ट्रीय लॉजिस्टिक पोर्टल (एनएलपी) देश भर में फैले लॉजिस्टिक क्षेत्र की सभी व्यापार प्रक्रियाओं के लिए एकल खिड़की होगी। इसमें जलमार्ग, सड़क मार्ग और वायुमार्ग में परिवहन के सभी साधनों के साथ ही एक ई-मार्केटप्लेस भी शामिल होगा।

Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams

एनएलपी का कार्यान्वयन 2021 में शुरू किया गया था और पहले चरण में एनएलपी समुद्री का विकास किया गया। बयान में कहा गया है कि एनएलपी समुद्री की गतिविधियों को चार अलग-अलग कार्यक्षेत्रों में वर्गीकृत किया गया है – वाहक, कार्गो, बैंकि तथा वित्त तथा नियामक निकाय, और सहभागी सरकारी एजेंसियां (पीजीए)। इस मौके पर सोनेवाल ने कहा कि एनएलपी समुद्री एक खुला मंच है, जो कई सेवा प्रदाताओं को साथ मिलकर या स्वतंत्र रूप से आयात-निर्यात सेवाएं मुहैया कराने की अनुमति देता है।

Find More National News Here

Person Of The Year: Dr. Subramaniam Jaishankar, Foreign Minister Of India_70.1

World Leprosy Day 2023: जानें इससे जुड़ी जरूरी बातें

about - Part 1548_6.1

विश्व कुष्ठ दिवस या विश्व कुष्ठ उन्मूलन दिवस हर साल कुष्ठ रोग के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। यह दिन दुनियाभर में जनवरी के चौथे रविवार को मनाया जाता है। इसी क्रम में इस साल यह दिवस 29 जनवरी को मनाया जा रहा है, लेकिन भारत में इस दिन को 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के साथ मनाता है। इस दिन को मनाने के शुरुआत साल 1954 में राउल फोलेरो ने की थी। उन्होंने यह दिन गांधी जी को समर्पित किया था।

Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams

दरअसल, गांधी जी कुष्ठ रोगियों के प्रति दया और स्नेह का भाव रखते हैं। यही वजह थी उन्होंने कुष्ठ रोगियों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए सफल प्रयास किया था। उनके इसी प्रयास को ध्यान में रखते हुए भारत में 30 जनवरी को कुष्ठ रोग दिवस मनाया जाता है।

 

क्या है कुष्ठ रोग?

कुष्ठ एक संक्रामक बीमारी है, जिसकी वजह से त्वचा, श्वसन तंत्र, आंखें और तंत्रिकाएं काफी प्रभावित होती हैं। यह रोग विशेष रूप से आपकी त्वचा, मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के बाहर की नसों को प्रभावित करता है, जिसे परिधीय तंत्रिकाएं कहा जाता है। यह बीमारी मायकोबैक्टीरियम लैप्री नामक बैक्टीरिया के चलते होती है। कुष्ठ रोग से पीड़ित लोगों में इसके मुख्य लक्षणों के रूप में त्वचा में घाव, गांठ आदि दिखाई दे सकते हैं। ये लक्षण कई हफ्तों या महीनों तक रह सकते हैं। त्वचा के यह घाव फीके रंग के दिखते हैं।

 

कुष्ठ रोग के लक्षण

 

कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्ति में इसके कुछ सामान्य लक्षण नजर आने लगते हैं। इन लक्षणों में कमजोर मांसपेशियां, त्वचा पर दानेदार उभार, उंगलियों के पोरों का सुन्न होना और त्वचा पर घाव होना प्रमुख है। इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को हुए यह घाव आसानी से ठीक नहीं होते। इस बीमारी के होने पर अगर सही समय पर इलाज न किया जाए, तो इससे कुष्ठ रोग आपकी त्वचा, नसों, हाथ, पैर और आंखों को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है। साथ ही गंभीर स्थिति में किडनी खराब, बांझपन, ग्लूकोमा आदि भी हो सकते हैं।

 

दिन का इतिहास:

 

इस दिन की शुरुआत 1954 में फ्रांसीसी परोपकारी और लेखक, राउल फोलेरो (Raoul Follereau) ने महात्मा गांधी के जीवन को श्रद्धांजलि के रूप में की थी, जो कुष्ठ से पीड़ित लोगों के लिए करुणा रखते थे।

 

Find More Important Days Here

Veer Bal Diwas 2022: History, Significance and Celebration in India_80.1

लाला लाजपत राय की 158 वीं जयंती मनाई गयी

about - Part 1548_9.1

देश स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय की 158वीं जयंती मना रहा है, जिन्हें पंजाब केसरी के नाम से जाना जाता है। लाला लाजपत राय का जन्म 28 जनवरी 1865 को उनके नाना-नानी के घर धुदिके में हुआ था। स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय की 158वीं जयंती के अवसर पर कैबिनेट मंत्री ने ग्रामीणों की मांग पर 12 लाख रुपये अनुदान देने की घोषणा की। लाला लाजपत राय ने राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष में बहुत बड़ा योगदान दिया है। उन्हें स्वदेशी आंदोलन के नेता के रूप में भी जाना जाता था।

Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams

लाला लाजपत राय

 

लाला लाजपत राय एक भारतीय लेखक और राजनीतिज्ञ हैं। उनका जन्म 28 जनवरी 1865 को हुआ था और उनकी मृत्यु 17 नवंबर 1928 को हुई थी। उन्हें ‘पंजाब केसरी’ के नाम से जाना जाता है और उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। लोग उन्हें ‘पंजाब दा शेर’ भी कहते थे जिसका अर्थ है ‘पंजाब का शेर’।

वह लाल बाल पाल त्रिमूर्ति के तीन सदस्यों में से एक थे। वह शुरुआती वर्षों में पंजाब नेशनल बैंक की प्रबंधन गतिविधियों और 1894 में अपने शुरुआती चरणों में लक्ष्मी बीमा कंपनी से भी जुड़े थे।

 

लाला लाजपत राय इतिहास

 

लाला लाजपत राय का जन्म 28 जनवरी 1865 को एक अग्रवाल जैन परिवार में मुंशी राधा कृष्ण की छह संतानों में सबसे बड़े पुत्र के रूप में हुआ था। उन्होंने इस युवावस्था का अधिकांश समय जगराओं में बिताया।

 

लाला लाजपत राय शिक्षा

 

1870 के दशक के अंत में, उनके पिता को रेवाड़ी में स्थानांतरित कर दिया गया था, जहाँ उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, रेवाड़ी, पंजाब प्रांत में की थी, जहाँ उनके पिता एक उर्दू शिक्षक के रूप में तैनात थे। 1880 में, लाजपत राय ने कानून का अध्ययन करने के लिए लाहौर के गवर्नमेंट कॉलेज में दाखिला लिया, जहाँ वे लाला हंस राज और पंडित गुरु दत्त जैसे देशभक्तों और भविष्य के स्वतंत्रता सेनानियों के संपर्क में आए।

लाहौर में अध्ययन के दौरान वे स्वामी दयानंद सरस्वती के हिंदू सुधारवादी आंदोलन से प्रभावित हुए, मौजूदा आर्य समाज लाहौर के सदस्य बने और लाहौर स्थित आर्य गजट के संस्थापक-संपादक बने।

 

लाला लाजपत राय करियर

 

लाला लाजपत राय का करियर लाहौर में अध्ययन और मौजूदा आर्य समाज लाहौर में प्रवेश के दौरान स्वामी दयानंद सरस्वती के हिंदू सुधारवादी आंदोलन से प्रेरित था। वे लाहौर में आर्य गजट के संस्थापक संपादक भी थे। 1884 में, उनके पिता को रोहतक स्थानांतरित कर दिया गया और लाला लाजपत राय लाहौर में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद साथ आए। 1886 में, वह हिसार चले गए जहां उनके पिता का स्थानांतरण हो गया था। लाला लाजपत राय जी 1886 में, वह हिसार चले गए और कानून का अभ्यास करने लगे। बाबू चुरामणि के साथ हिसार के बार काउंसिल के संस्थापक सदस्य बन गए। 1888 और 1889 में, वह इलाहाबाद में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वार्षिक सत्र में भाग लेने के लिए हिसार के एक प्रतिनिधि थे।

 

साल 1892 में, वह लाहौर उच्च न्यायालय के समक्ष अभ्यास करने के लिए लाहौर चले गए। स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए भारत की राजनीतिक नीति को आकार देने के लिए, उन्होंने पत्रकारिता का भी अभ्यास किया और द ट्रिब्यून जैसे कई समाचार पत्रों में लेखों का योगदान दिया। 1914 में, उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के लिए खुद को समर्पित करने के लिए कानून की प्रैक्टिस छोड़ दी। अक्टूबर 1917 में, उन्होंने न्यूयॉर्क में इंडियन होम रूल लीग ऑफ अमेरिका की स्थापना की। वे 1917 से 1920 तक संयुक्त राज्य अमेरिका में रहे। उनका प्रारंभिक स्वतंत्रता संग्राम आर्य समाज और सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व से प्रभावित था।

 

FATF Blacklists Myanmar, Calls for Due Diligence To Transactions in Nation_70.1

 

सूर्य का अध्ययन करने वाला भारत का पहला मिशन आदित्य-एल1 जून-जुलाई तक लॉन्च किया जाएगा: इसरो अध्यक्ष

about - Part 1548_12.1

भारतीय तारा भौतिकी संस्थान (आईआईए) ने इसरो को ‘विजिबल एमिशन लाइन कोरोनाग्राफ’ (वीईएलसी) सौंप दिया, जिसे सूर्य के अध्ययन के लिए देश के प्रथम विशेष वैज्ञानिक अभियान ‘आदित्य एल1’ के जरिये अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। आदित्य एल1 के जरिये भेजा जाने वाला यह सबसे बड़ा उपकरण है। आदित्य एल1 मिशन जून या जुलाई में प्रस्तावित है। वीईएलसी को औपचारिक रूप से इसरो अध्यक्ष एस सोमनाथ को आईआईए के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में अनुसंधान व प्रौद्योगिकी केंद्र (सीआरईएसटी) परिसर में सौंप दिया गया।

Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams

आईआईए ने कहा कि इसने वीईएलसी की जांच सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। इसने एक बयान में कहा कि इसरो वीईएलसी की आगे की जांच करेगा और इसे आदित्य एल1 अंतरिक्ष यान के साथ जोड़ा जाएगा। वीईएलसी टीम को बधाई देते हुए सोमनाथ ने कहा कि आदित्य एल-1 को जून या जुलाई में प्रक्षेपित किए जाने की उम्मीद है। आदित्य एल1 सूर्य-पृथ्वी प्रणाली के ‘लैगरेंगियन प्वाइंट1’ के पास स्थित एक कक्षा से सूर्य का अध्ययन करने वाला भारत का प्रथम अंतरिक्ष मिशन है।

क्या है ये मिशन?

आदित्य-एल1 मिशन पूरी तरह से सूरज को केंद्रित करके बनाया गया है। इस मिशन के तहत इसरो आदित्य-एल1 को ऑर्बिट एल-1 में लॉन्च करेगी। दरअसल, ये वही ऑर्बिटल है जो सूरज और पृथ्वी के बीच का पहला लाग्रंगियन पॉइन्ट है। लाग्रंगियन पॉइन्ट अंतरिक्ष में एक ऐसी स्थिति होती है, जो पृथ्वी से भेजी गई चीज को वहां रोके रखती है। इस जगह पर गुरुत्वाकर्षण का खिंचाव और कक्षा की गति संतुलित रहती है।

 

आदित्य-एल1 के बारे में

आदित्य-एल1 एक ऐसा स्पेक्राफ्ट है जिसमें सात पेलोड हैं। इसमें प्राइमरी पेलोड विजिबल एमिशन लाइन कोरोनाग्राफ है। इसे इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स, बेंगलुरु द्वारा डिजाइन और निर्मित गया है। आपको बता दे, सैटेलाइट में लगे पेलोड का मतलब होता है, सैटेलाइट द्वारा ले जाए जाने वाले साइंटिफिक उपकरण, जिनका इस्तेमाल इस मिशन में इसरो द्वारा किया जाएगा।

India's Manned Space Flight Gaganyaan to be Launched in the Fourth Quarter of 2024_80.1

नाटो के पूर्व जनरल पेट्र पावेल बने चेक गणराज्य के नए राष्ट्रपति

about - Part 1548_15.1

उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) सैन्य समिति के पूर्व अध्यक्ष पेट्र पावेल 28 जनवरी 2023 को चेक गणराज्य के नए राष्ट्रपति बन गए। पेट्र पावेल ने अपने प्रतिद्वंदी और विवादास्पद राष्ट्रपति मिलोस जमैन को बदलने के लिए एक रन-ऑफ वोट में अरबपति लेडी बैबिस को हरा दिया। सांख्यिकी कार्यालय के अनुसार पावेल को 58 प्रतिशत से अधिक वोट मिले। जीत के बाद पावेल ने लोगों का धन्यवाद किया और कहा कि आप सभी ने वोट देकर लोकतंत्र का सम्मान किया और इस देश की परवाह की।

Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams

चुनाव के दौरान जनरल पावेल को 58.2 प्रतिशत वोट मिले जबकि आंद्रेज बेबिस के पक्ष में 42.8 मत पड़े। सेवानिवृत्त जनरल पेट्र पावेल विवादास्पद मौजूदा राष्ट्रपति मिलोस जमैन की जगह लेंगे। पावेल यूरोपीय संघ और नाटो के मुखर समर्थक रहे हैं, चेक गणराज्य के भविष्य को उनकी सदस्यता से अभिन्न रूप से जोड़कर देखते हैं। पावेल ने बार-बार रूस के साथ संघर्ष के दौरान यूक्रेन को सैन्य और मानवीय सहायता प्रदान करने वाले देशों के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया है।

 

जनरल पावेल के बारे में

 

  • जनरल पावेल उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की सैन्य समिति के अध्यक्ष रह चुके हैं।
  • जनरल पावेल यूरोपीय संघ और नाटो के मुखर समर्थक रहे हैं।
  • पावेल ने रूस-यूक्रेन संघर्ष के दौरान यूक्रेन को सैन्य और मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए बार-बार अपना समर्थन व्यक्त किया है।

FATF Blacklists Myanmar, Calls for Due Diligence To Transactions in Nation_70.1

Shaheed Diwas 2023: भारत में क्यों मनाया जाता है शहीद दिवस?

about - Part 1548_18.1

हर साल भारत में 30 जनवरी को शहीद दिवस मनाया जाता है। इस दिन मोहनदास करमचंद गांधी यानी महात्मा गांधी की पुण्यतिथी मनाई जाती है। भारत समेत दुनिया के 15 देश अपने स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मान देने के लिए शहीद दिवस मनाया जाता है। 30 जनवरी को, भारत के राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, रक्षामंत्री के साथ सेना, वायुसेना और नौसेना प्रमुख, दिल्ली के राजघाट पर महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। वहीं, बाकी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश इस दिन शहीदों की याद में दो मिनट का मौन रखते हैं। शहीद दिवस देश के शहीदों को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है।

Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams

क्यों मनाया जाता है शहीद दिवस?

 

शहीद दिवस देश के शहीदों को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है। शहीद दिवस के दिन, देश उन स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देता है, जिन्होंने ब्रिटिश शासन से आज़ादी पाने के लिए भारत के संघर्ष के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी। आज़ादी पाने के लिए भारत के संघर्ष के दौरान, ऐसे कई लोग थे जिन्होंने महात्मा गांधी के अहिंसा के विचारों का विरोध किया था।

 

शहीद दिवस एवं महात्मा गांधी में क्या संबंध है?

महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता कहा जाता है। महात्मा गांधी ने अहिंसा के रास्ते पर चलते हुए ब्रिटिश शासन के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व किया था। 1947 में आखिरकार भारत को स्वतंत्रता हासिल हुई, लेकिन 30 जनवरी, 1948 के दिन नाथुराम गोडसे ने महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी। गोली लगते ही महात्मा गांधी की मौके पर ही मौत हो गई। उन्हें नई दिल्ली के बिड़ला हाउस कंपाउंड में एक प्रार्थना सभा के दौरान गोली मार दी गई थी, जिसमें उनकी मौत हो गई थी।

इसके बाद से भारत में इस दिन को शहीद दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। इस दिन महान स्वतंत्रता सैनानियों की शहादत को याद किया जाता है। महात्मा गांधी आज दुनियाभर में अहिंसा के प्रतीक माने जाते हैं। दुनिया के कई नेता उन्हें अपना प्रेरणास्रोत मानते हैं। महात्मा गांधी अहिंसा, सत्याग्रह और स्वराज जैसे तीन सिद्धांतों को मानते थे।

Find More Important Days Here

Veer Bal Diwas 2022: History, Significance and Celebration in India_80.1

 

 

हॉकी विश्व कप 2023: फाइनल में जर्मनी ने बेल्जियम को 5-4 से हराया

about - Part 1548_21.1

जर्मनी ने हॉकी विश्व कप के फाइनल में बेल्जियम को हराकर खिताब जीत लिया। इसी के साथ जर्मनी ने बेल्जियम के पिछले पांच साल के दबदबे को खत्म कर दिया। दो गोल से पिछड़ने के बाद जर्मनी ने एक बार फिर शानदार वापसी की। चैंपियन बेल्जियम की टीम को पेनल्टी शूटआउट में हराकर तीसरी बार एफआईएच पुरुष हॉकी विश्व का खिताब जीत लिया।

Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams

रोमांचक फाइनल में नियमित समय के बाद दोनों टीम 3-3 से बराबर थी, लेकिन इसके बाद जर्मनी की टीम ने खचाखच भरे कलिंगा स्टेडियम में सडन डेथ में 5-4 से जीत दर्ज की। जर्मनी के लिए नियमित समय में निकलास वेलेन (29वें मिनट), गोंजालो पेइलाट (41वें मिनट) और कप्तान मैट्स ग्रेमबुश (48वें मिनट) ने गोल दागे।

गत चैंपियन बेल्जियम की ओर से फ्लोरेंट वेन ओबेल फ्लोरेंट (10वें मिनट), टेंगास कोसिन्स (11वें मिनट) और टॉम बून (59वें मिनट) में गोल दागे। मौजूदा टूर्नामेंट में यह तीसरा मौका है जब जर्मनी ने 0-2 से पिछड़ने के बाद जीत दर्ज की जो टीम की मानसिक मजबूती की पहचान है। जर्मनी ने इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ क्वार्टर फाइनल और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में भी दो गोल से पिछड़ने के बाद जीत दर्ज की थी।

जर्मनी ने इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड की बराबरी करते हुए अपने विश्व खिताब की संख्या को तीन तक पहुंचाया। जर्मनी ने इससे पहले 2002 और 2006 में भी खिताब जीते थे। पुरुष हॉकी विश्व कप में सर्वाधिक खिताब जीतने का रिकॉर्ड पाकिस्तान के नाम दर्ज है जिसने चार बार यह खिताब अपने नाम किया है।

Find More Sports News Here

Indian batter Ishan Kishan hits fastest ODI double hundred off 126 balls_80.1

भारत ने जीता महिला अंडर-19 टी20 विश्व कप

about - Part 1548_24.1

अंडर-19 महिला टी20 विश्व कप के फाइनल में भारत ने इंग्लैंड को सात विकेट से हराकर टूर्नामेंट जीत लिया है। टीम इंडिया ने इस विश्व कप के पहले संस्करण को जीतकर इतिहास रच दिया है। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 69 रन का लक्ष्य रखा था और टीम इंडिया ने तीन विकेट खोकर इसे हासिल कर लिया।

Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams

भारत ने जीता महिला अंडर-19 टी20 विश्व कप

 

भारत ने महिला अंडर-19 टी20 विश्व कप जीत लिया है। फाइनल मैच में टीम इंडिया ने इंग्लैंड ने सात विकेट से हराया। इस मैच में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 68 रन बनाए थे। टीम इंडिया ने यह आसान लक्ष्य तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया। इसके साथ ही भारत ने पहला महिला अंडर-19 टी20 विश्व कप अपने नाम किया। भारतीय महिला टीम पहली बार आईसीसी का कोई भी टूर्नामेंट जीतने में सफल रही है।

 

ICC U-19 महिला T20 विश्व कप

इंग्लैंड के कप्तान और शानदार ऑलराउंडर ग्रेस स्क्रिवेंस को बल्ले और गेंद से शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया है।

 

ICC U-19 महिला T20 विश्व कप: संक्षेप में स्कोर

भारत महिला अंडर-19: 69/3 (14 ओवर); भारत ने 36 गेंद शेष रहते सात विकेट से जीत दर्ज की।

भारत ने 14 ओवर में तीन विकेट पर 69 (सौम्या तिवारी ने नाबाद 24, गोंगाडी तृषा ने 24, शेफाली वर्मा ने 15, एलेक्सा स्टोनहाउस ने 8 रन देकर एक, हन्ना बेकर ने 13 रन देकर एक विकेट)

इंग्लैंड महिला अंडर-19: 68/10 (17.1 ओवर)

इंग्लैंड 17.1 ओवर में 68 रन पर ऑल आउट (रयाना मैकडोनाल्ड-गे 19, सोफिया स्मेल 11, टाइटस साधु दो विकेट पर 6, पार्शवी चोपड़ा ने 13 रन पर दो, अर्चना ने 17 रन पर दो विकेट)

 

दोनों टीमों की प्लेइंग XI:

 

भारत U19s महिला XI: एसएस सहरावत, शैफाली वर्मा (कप्तान), एसएम तिवारी, जी त्रिशा, आरएम घोष, एचएन बसु, टीआर साधु, एमएस कश्यप, अर्चना, पी चोपड़ा, एसएम यादव

इंग्लैंड U19s महिला XI: जी स्क्रिवेंस, एल हीप, एन हॉलैंड, सेरेन स्मेल, सीआर पावेली, आरएल मैकडोनाल्ड-गे, ए स्टोनहाउस, जे ग्रोव्स, ईजे एंडरसन, सोफिया स्मेल, एचएल बेकर

 

Find More Sports News Here

Indian batter Ishan Kishan hits fastest ODI double hundred off 126 balls_80.1

 

उद्यान उत्सव 2023 – राष्ट्रपति भवन का अमृत उद्यान 31 जनवरी से खुलेगा

about - Part 1548_27.1

राष्ट्रपति भवन स्थित अमृत उद्यान 31 जनवरी से आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इसके साथ ही उद्यान उत्सव 2023 का उद्घाटन कर दिया। सरकार ने शनिवार को ऐतिहासिक मुगल गार्डन का नाम बदलकर अमृत उद्यान कर दिया था। इस उद्यान को साल में एक बार जनता के लिए खोला जाता है।

Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams

मुख्य बिंदु

 

  • राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि अमृत उद्यान जनता के लिए 31 जनवरी से 26 मार्च तक खुला रहेगा, जहां दर्शक सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक यहां घूम सकते हैं। इसमें कहा गया है कि यह उद्यान 28 से 31 मार्च तक विशिष्ट श्रेणी के लोगों के लिए खुलेगा।
  • इसके तहक किसानों के लिए 28 मार्च को, दिव्यांगों के लिए 29 सेना व अर्धसैनिक बलों व पुलिसकर्मियों के लिए 30 और 31 मार्च को महिलाओं व स्वयं सहायता समूह की जनजातीय महिलाओं के लिए खुलेगा।
  • हालांकि, यह प्रत्येक सोमवार, 1 और 2 मार्च, G20 शिखर सम्मेलन और 8 मार्च (होली) को बंद रहेगा।
  • इस बार करीब दो महीने तक जनता हर्बल गार्डन, बोन्साई गार्डन, सेंट्रल लॉन, लॉन्ग गार्डन और सर्कुलर गार्डन का भ्रमण कर सकेगी।
  • पूर्ववर्ती राष्ट्रपतियों के कार्यकाल के दौरान यहां हर्बल-1, हर्बल-2, टेक्टाइल गार्डन, बोंसाई गार्डन और आरोग्य वनम जैसे उद्यान विकसित किए गए।

 

राष्ट्रपति भवन के अमृत उद्यान के बारे में

 

राष्ट्रपति भवन में मौजूद मुगल गार्डन का नाम बदलकर अब अमृत उद्यान हो गया है। अमृत महोत्सव के तहत इसका नाम बदला गया है। राष्ट्रपति भवन के अंदर मौजूद अमृत उद्यान पूरे 15 एकड़ में फैला हुआ है, जिसमें 10 से ज्यादा बगीचे हैं। जिनमें गुलाब के अलावा और भी कई तरह के खूबसूरत फूल, सेंट्रल लॉन एंड लॉग, सर्कुलर, स्पिरिचवल, हर्बल (33 औषधीय पौधे), बोन्साई (ढाई सौ प्लांट), कैक्ट्स (80 वेरायटी) व नक्षत्र गार्डन (27 वैरायटी) शामिल हैं। इतना ही नहीं इसके अलावा तकरीबन 160 तरह के 5 हजार पेड़ भी मौजूद हैं।

अमृत उद्यान पूरे 15 एकड़ में फैला हुआ है। जिसमें 138 तरह के गुलाब देखे जा सकते हैं। 10 हजार से ज्यादा ट्यूलिप की वैराइटी मौजूद है और 70 अलग-अलग टाइप के लगभग 5 हजार सीज़नल फूलों भी उद्यान की शोभा बढ़ाते हैं। आम जनता के लिए पहली बार भारत देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने इस उद्यान को खुलवाया था। यहां ब्रिटिश और मुगल दोनों तरह के गार्डन की झलक देखने को मिलती है। राष्ट्रपति भवन का निर्माण करने वाले आर्किटेक्ट एडविन लुटियंस ने इसे बनाया था।

Person Of The Year: Dr. Subramaniam Jaishankar, Foreign Minister Of India_70.1

 

PM Modi ने जारी किया 75 रुपये का सिक्का

about - Part 1548_30.1

पीएम नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के करियप्पा ग्राउंड में एनसीसी रैली में भाग लिया और राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के 75 साल पूरे होने के अवसर पर एक स्पेशल डे कवर और 75 रुपये मूल्य का एक स्मारक सिक्का जारी किया। प्रधानमंत्री मोदी ने एनसीसी की रैली में कहा कि भारत का समय आ गया है, आज पूरी दुनिया हमारे देश की ओर देख रही है और इसका सबसे बड़ा कारण भारत के युवा हैं।

Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams

एनसीसी रैली को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने उन लोगों के योगदान की सराहना की जिन्होंने पिछले 75 वर्षों में एनसीसी का प्रतिनिधित्व किया है और इसका हिस्सा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश को एनसीसी कैडेटों के दृढ़ संकल्प और सेवा की भावना पर गर्व है। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों और तटीय क्षेत्रों से लगभग 1 लाख लोगों ने एनसीसी के लिए नामांकन किया है।

 

पीएम मोदी ने ₹75 के सिक्के जारी किए

 

  • पीएम मोदी ने युवाओं के जज्बे की तारीफ की और वादा किया कि वे हमेशा देश में पहले नंबर पर आएंगे।
  • सैन्य उद्योग में भारत के सुधारों से देश के युवा लाभान्वित हो रहे हैं।
  • पिछले आठ वर्षों के दौरान अर्धसैनिक और पुलिस बलों में हमारी लड़कियों की संख्या में वृद्धि हुई है।
  • महिलाएं अब सशस्त्र बलों की तीनों शाखाओं में मौजूद हैं।
  • पीएम मोदी ने उस क्षमता पर प्रकाश डाला जो स्टार्टअप और डिजिटल क्रांति ने युवाओं के लिए पैदा की है।
  • उन्होंने कहा कि युवा भारत के विकास को चला रहे हैं और राष्ट्र का क्षण आ गया है।

Find More Defence News HereInternational Day of Persons with Disabilities 2022: 3 December_90.1

Recent Posts

द हिंदू रिव्यू मार्च 2026
Most Important Questions and Answer PDF
QR Code
Scan Me