भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से बढ़ रहा है। सरकार द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत में 1 लाख से अधिक स्टार्टअप ऐसे हैं जिनमें कम से कम एक महिला निदेशक या साझेदार है। यह संख्या कुल 2.12 लाख से अधिक DPIIT द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स में से है। यह उपलब्धि 2016 में शुरू की गई स्टार्टअप इंडिया पहल की सफलता को दर्शाती है, जिसका उद्देश्य नवाचार, उद्यमिता और निवेश को बढ़ावा देना है।
DPIIT स्टार्टअप डेटा 2026: मुख्य बिंदु
ताजा DPIIT डेटा 2026 भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम की संरचना और विकास को दर्शाता है।
मुख्य आंकड़े (31 जनवरी 2026 तक):
- कुल मान्यता प्राप्त स्टार्टअप: 2,12,283
- महिला निदेशक/साझेदार वाले स्टार्टअप: 1,02,054
- बंद हुए स्टार्टअप: 6,789
- इनमें महिला नेतृत्व वाले बंद स्टार्टअप: 2,950
यह आंकड़े भारत में महिला उद्यमिता के बढ़ते प्रभाव को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।
स्टार्टअप इंडिया पहल का प्रभाव
स्टार्टअप इंडिया पहल की शुरुआत 16 जनवरी 2016 को की गई थी।
इस पहल ने भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इसका मुख्य उद्देश्य एक अनुकूल वातावरण तैयार करना है, जिसमें नीति सुधार, फंडिंग सपोर्ट और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ शामिल हैं।
मुख्य प्रभाव:
- नवाचार और तकनीकी विकास को बढ़ावा
- स्टार्टअप्स में निवेश को प्रोत्साहन
- महिला उद्यमियों और युवाओं को समर्थन
- विभिन्न राज्यों में मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम का निर्माण
मुख्य सारांश डेटा
भारत में महिलाओं के नेतृत्व वाले स्टार्टअप
| श्रेणी | प्रमुख जानकारी |
| कुल स्टार्टअप (2017–जनवरी 2026) | 23,718 (2025 में सबसे अधिक) |
| वर्ष 2026 में स्टार्टअप (जनवरी तक) | 2,363 |
| तेज़ वृद्धि का दौर | 2021–2025 (तेजी से विस्तार) |
| शीर्ष राज्य (कुल योगदान) | महाराष्ट्र (सबसे अधिक) |
| दूसरा शीर्ष राज्य | कर्नाटक |
| तीसरा शीर्ष राज्य | दिल्ली |
| सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला राज्य | गुजरात (2020 के बाद तेज़ वृद्धि) |
| अन्य प्रमुख राज्य | तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना |
| सबसे कम भागीदारी वाले क्षेत्र | लक्षद्वीप, लद्दाख, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश |
शीर्ष 10 राज्य (2025 के आँकड़े – शिखर वर्ष)
| रैंक | राज्य | स्टार्टअप की संख्या |
| 1 | महाराष्ट्र | 4,043 |
| 2 | उत्तर प्रदेश | 2,525 |
| 3 | कर्नाटक | 2,219 |
| 4 | गुजरात | 1,845 |
| 5 | तमिलनाडु | 1,674 |
| 6 | तेलंगाना | 1,619 |
| 7 | दिल्ली | 1,911 |
| 8 | हरियाणा | 1,250 |
| 9 | राजस्थान | 906 |
| 10 | मध्य प्रदेश | 846 |
भारत में स्टार्टअप को समर्थन देने वाली सरकारी योजनाएं
भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने कई प्रमुख योजनाएं शुरू की हैं। ये योजनाएं स्टार्टअप के विभिन्न चरणों में वित्तीय और संस्थागत सहायता प्रदान करती हैं।
1. फंड ऑफ फंड्स फॉर स्टार्टअप्स (FFS)
- फंड ऑफ फंड्स फॉर स्टार्टअप्स (FFS) का संचालन भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) द्वारा किया जाता है।
- यह योजना SEBI पंजीकृत वैकल्पिक निवेश फंड्स (AIFs) को पूंजी प्रदान करती है, जो आगे स्टार्टअप्स में निवेश करते हैं।
मुख्य बिंदु:
- कुल निवेश: ₹25,859 करोड़
- महिला-नेतृत्व वाले स्टार्टअप में निवेश: ₹2,995 करोड़ (2020 से)
- यह योजना भारत में वेंचर कैपिटल फंडिंग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण रही है।
2. स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना (SISFS)
- स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना (SISFS) शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स को इनक्यूबेटर्स के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
- इसका उद्देश्य उन स्टार्टअप्स की मदद करना है, जिन्हें शुरुआती दौर में फंडिंग प्राप्त करना कठिन होता है।
मुख्य बिंदु:
- कुल स्वीकृत फंडिंग: ₹592 करोड़
- महिला-नेतृत्व वाले स्टार्टअप के लिए फंडिंग: ₹294 करोड़
- यह योजना जमीनी स्तर पर नवाचार को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाती है।
3. क्रेडिट गारंटी योजना (CGSS)
- क्रेडिट गारंटी स्कीम फॉर स्टार्टअप्स (CGSS) स्टार्टअप्स को ऋण प्राप्त करने में मदद करती है।
- यह योजना वित्तीय संस्थानों को क्रेडिट गारंटी प्रदान करती है, जिससे स्टार्टअप्स को आसानी से ऋण मिल सके।
मुख्य बिंदु:
- कुल गारंटीकृत ऋण: ₹925 करोड़
- महिला-नेतृत्व वाले स्टार्टअप को ऋण: ₹39 करोड़
- यह योजना ऋणदाताओं के जोखिम को कम करती है और स्टार्टअप्स के लिए वित्तीय पहुंच को बेहतर बनाती है।
सरकारी स्टार्टअप योजनाओं का प्रदर्शन
‘स्टार्टअप इंडिया’ पहल के तहत इन प्रमुख योजनाओं का प्रदर्शन मज़बूत भागीदारी और अपेक्षाकृत कम बंद होने की दरों को दर्शाता है।
| योजना | समर्थित स्टार्टअप | बंद हुए स्टार्टअप |
| FFS (फंड ऑफ फंड्स फॉर स्टार्टअप्स) | 1,382 | 17 |
| SISFS (स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना) | 3,311 | 26 |
| CGSS (क्रेडिट गारंटी योजना) | 281 | 1 |
ये आंकड़े दर्शाते हैं कि सरकारी समर्थित योजनाएं स्टार्टअप्स को टिके रहने और आगे बढ़ने में मदद कर रही हैं, साथ ही इन योजनाओं के तहत समर्थित स्टार्टअप्स में विफलता दर भी काफी कम है।
राज्यों में महिला-नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स की वृद्धि
DPIIT स्टार्टअप डेटा 2026 विभिन्न राज्यों में महिला-नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स की बढ़ती संख्या को भी दर्शाता है।
महाराष्ट्र, कर्नाटक, दिल्ली, गुजरात और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में महिला निदेशकों वाले स्टार्टअप्स की संख्या सबसे अधिक है।
यह निम्न बातों को दर्शाता है—
- प्रमुख राज्यों में मजबूत उद्यमिता इकोसिस्टम
- फंडिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर तक बेहतर पहुंच
- महिलाओं की बढ़ती जागरूकता और व्यवसाय में सक्रिय भागीदारी


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