डिजिटल शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने 21 जुलाई 2025 को नेवा (नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन) सेवा केंद्र का उद्घाटन किया। इस लॉन्च के साथ ही दिल्ली में नेवा परियोजना के पहले चरण की सफलतापूर्वक पूर्णता भी सुनिश्चित हुई, जिससे राजधानी की विधायिका अब कागज़ रहित, पारदर्शी और कुशल विधिनिर्माण की राष्ट्रीय दृष्टि के अनुरूप हो गई है।
पृष्ठभूमि
नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन (NeVA) संसदीय कार्य मंत्रालय (MoPA) की एक पहल है, जिसका उद्देश्य देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में विधायी प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण करना है। यह “एक राष्ट्र, एक एप्लिकेशन” की अवधारणा के अंतर्गत आता है, जिससे विधायी कार्य, प्रश्नोत्तर और सत्र से जुड़ी जानकारियों की एकरूपता और डिजिटल पहुँच सुनिश्चित होती है।
उद्देश्य और लक्ष्य
NeVA का मुख्य उद्देश्य प्रौद्योगिकी-संचालित प्रणाली के माध्यम से विधायी कार्यप्रणाली में परिवर्तन लाना है, जिससे दस्तावेजों की डिजिटल पहुँच संभव हो सके और कागज़ पर निर्भरता कम हो। यह पहल डिजिटल इंडिया मिशन के व्यापक लक्ष्य को समर्थन देती है, जिससे रीयल-टाइम, पर्यावरण अनुकूल और सुगठित विधायी कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।
दिल्ली विधानसभा में नेवा (NeVA) की प्रमुख विशेषताएँ
महत्व और प्रभाव
यह पहल विधायी कार्यों में पारदर्शिता, सुलभता और पर्यावरणीय स्थिरता को मजबूती देती है। इससे कागज़ की खपत समाप्त होती है, सूचनाओं को प्राप्त करने की प्रक्रिया बेहतर होती है और यह आधुनिक, नागरिक-केन्द्रित शासन को बढ़ावा देती है। विधायकों ने इस पहल का स्वागत एक ऐसे कदम के रूप में किया है जो उत्तरदायित्व को बढ़ाता है।
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