स्मार्ट गांव की दिशा में कदम: कुसुनपुर होगा ओडिशा का पहला स्मार्ट गांव

कुसुनपुर गाँव, ओडिशा (Kusunpur village, Odisha) के केंद्रपाड़ा जिले में स्थित, राज्य का पहला स्मार्ट गांव बनने जा रहा है। इस पहल को वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (Council of Scientific and Industrial Research) द्वारा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत शुरू किया गया है। लगभग 130 परिवारों और 700 की आबादी वाले इस गांव को सतत और आत्मनिर्भर ग्रामीण जीवन के मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा।

कुसुनपुर स्मार्ट गांव परियोजना: दृष्टि और उद्देश्य

कुसुनपुर स्मार्ट गांव परियोजना का उद्देश्य उन्नत तकनीक और वैज्ञानिक समाधानों को सीधे ग्रामीण समुदायों तक पहुंचाना है। यह पहल मिशन मोड में लागू की जा रही है, जिसमें कई अनुसंधान संस्थान मिलकर व्यावहारिक और विस्तार योग्य समाधान लागू करेंगे। इसका मुख्य लक्ष्य एक आत्मनिर्भर, जलवायु-लचीला (climate resilient) और टिकाऊ गांव का निर्माण करना है, जो पूरे भारत के लिए एक मॉडल बन सके।

CSIR स्मार्ट गांव परियोजना: प्रमुख संस्थान

इस परियोजना में CSIR के अंतर्गत कई विशेषज्ञ संस्थान शामिल हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में अपनी विशेषज्ञता प्रदान करेंगे:

  • CSIR-केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (CBRI), रुड़की
  • CSIR-खनिज एवं सामग्री प्रौद्योगिकी संस्थान (IMMT), भुवनेश्वर
  • CSIR-केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (CEERI)
  • CSIR-अंतर्विषयक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राष्ट्रीय संस्थान (NIIST)
  • CSIR-संरचनात्मक इंजीनियरिंग अनुसंधान केंद्र (SERC)
  • CSIR-केंद्रीय चर्म अनुसंधान संस्थान (CLRI)

कुसुनपुर में स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर विकास

इस परियोजना का एक प्रमुख हिस्सा आधुनिक और जलवायु-अनुकूल बुनियादी ढांचे का विकास है। इसके तहत—

  • जलवायु-लचीले स्कूल और आंगनवाड़ी भवन
  • सामुदायिक शौचालयों का निर्माण
  • बेहतर गांव नियोजन और लेआउट
  • बहुउद्देश्यीय चक्रवात शेल्टर का निर्माण

ये सभी सुधार विशेष रूप से ओडिशा जैसे तटीय क्षेत्रों में सुरक्षा, स्वच्छता और आपदा-प्रबंधन को मजबूत करेंगे।

नवीकरणीय ऊर्जा और स्वच्छ जीवन समाधान

कुसुनपुर स्मार्ट गांव पहल के तहत स्वच्छ ऊर्जा और टिकाऊ जीवनशैली को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अंतर्गत—

  • सौर ऊर्जा जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग
  • स्वच्छ ईंधन (clean cooking fuel) की उपलब्धता
  • सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था

यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जीवन स्तर सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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vikash

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