भारत का व्यापार घाटा फरवरी 2026 में बढ़कर 27.1 अरब डॉलर हो गया है। इसका मुख्य कारण आयात में तेज वृद्धि और निर्यात में हल्की गिरावट है। वाणिज्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस महीने भारत का निर्यात 36.61 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 0.81% कम है। वहीं, आयात 24% बढ़कर 63.71 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जिसका मुख्य कारण सोना और चांदी की अधिक खरीद है।
फरवरी 2026 में भारत का व्यापार घाटा पिछले वर्ष के इसी महीने की तुलना में काफी बढ़ गया है। यह 27.1 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो फरवरी 2025 के 14 अरब डॉलर से लगभग दोगुना है। व्यापार घाटा तब होता है जब किसी देश का आयात उसके निर्यात से अधिक हो जाता है, जिससे नकारात्मक व्यापार संतुलन बनता है।
व्यापार घाटा बढ़ने का एक प्रमुख कारण आयात में तेज वृद्धि है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, फरवरी 2026 में आयात 24% बढ़कर 63.71 अरब डॉलर हो गया। इस वृद्धि का मुख्य कारण सोना और चांदी की अधिक खरीद रही।
फरवरी 2026 में भारत का निर्यात 36.61 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 0.81% की गिरावट दर्शाता है। यह गिरावट वैश्विक व्यापार परिस्थितियों में चल रही चुनौतियों को दर्शाती है।
अधिकारियों के अनुसार, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक घटनाक्रम भारत के व्यापार को प्रभावित कर रहे हैं। इस क्षेत्र की स्थिति ने वैश्विक शिपिंग मार्गों में बाधा उत्पन्न की है और लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ा दी है। विशेष रूप से होरमुज़ जलडमरूमध्य के आसपास की स्थिति ने माल परिवहन को धीमा कर दिया है और परिवहन खर्च में वृद्धि की है।
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