भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क बन गया है, जो देश के शहरी परिवहन विकास में एक बड़ी उपलब्धि है। केंद्रीय मंत्री टोकन साहू ने घोषणा की कि भारत में अब 1,143 किमी से अधिक मेट्रो लाइन संचालित हो रही हैं, जबकि लगभग 936 किमी मेट्रो लाइन निर्माणाधीन है। यह तेज़ विस्तार आधुनिक बुनियादी ढांचे और बेहतर परिवहन व्यवस्था के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
भारत में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार
- भारत में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार तेज़ और परिवर्तनकारी रहा है।
- 2014 में जहां केवल 5 शहरों में मेट्रो सेवा थी, वहीं आज यह 29 शहरों तक पहुंच चुकी है।
- यह वृद्धि सरकार के शहरी परिवहन को बेहतर बनाने और ट्रैफिक जाम कम करने के प्रयासों को दर्शाती है।
- आज मेट्रो नेटवर्क प्रतिदिन लगभग 1.15 करोड़ यात्रियों को सेवा प्रदान करता है, जिससे यह सार्वजनिक परिवहन की रीढ़ बन गया है।
दिल्ली मेट्रो की महत्वपूर्ण भूमिका
- दिल्ली मेट्रो ने भारत के मेट्रो नेटवर्क को विकसित करने में अहम भूमिका निभाई है।
- 24 दिसंबर 2002 को शुरू हुई दिल्ली मेट्रो आज दक्षता, समयपालन और सुरक्षा के लिए एक वैश्विक मॉडल बन चुकी है।
सरकार की भूमिका और पहल
- भारत में मेट्रो नेटवर्क के तेज़ विस्तार के पीछे सरकार की मजबूत नीतियां और समर्थन मुख्य कारण हैं।
- इसकी नींव पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में रखी गई थी।
- वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मेट्रो परियोजनाओं का तेजी से विस्तार हुआ है।
सरकार का मुख्य फोकस रहा है—
- सतत शहरी विकास
- बेहतर कनेक्टिविटी
- सड़क परिवहन पर निर्भरता कम करना
यह उपलब्धि भारत को वैश्विक स्तर पर आधुनिक शहरी परिवहन प्रणाली वाले देशों की श्रेणी में मजबूत स्थान दिलाती है।


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