देश भर में 15 जनवरी 2021 से स्वर्ण आभूषणों और कलाकृतियों की हॉलमार्क व्यवस्था अनिवार्य कर दी जाएगी। इस कदम का उद्देश्य कीमती धातु की शुद्धता सुनिश्चित करना है। इसके तहत सभी जौहरियों के लिये भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के पास पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा तथा वे केवल हॉलमार्क स्वर्ण आभूषण तथा कलाकृति ही बेच सकेंगे। इस संदर्भ में अधिसूचना अगले साल 15 जनवरी 2020 को जारी की जाएगी और एक साल बाद निर्णय प्रभाव में आएगा।
सोने की हॉलमार्किंग एक गुणवत्ता प्रमाणपत्र है और फिलहाल यह स्वैच्छिक है। बीआईएस अप्रैल 2000 से स्वर्ण आभूषण के लिए हॉलमार्किंग योजना चला रहा है। भारतीय मानक ब्यूरो ने तीन श्रेणी: 14 कैरेट, 18 कैरेट और 22 कैरेट के हॉलमार्किंग स्वर्ण आभूषण के लिए मानक तैयार किए हैं।
स्रोत: द इकोनॉमिक टाइम्स



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