विश्व वन्यजीव दिवस हर वर्ष 3 मार्च को मनाया जाता है ताकि ग्रह के जीवों और वनस्पतियों को होने वाले खतरों के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके। इस दिन का उद्देश्य विश्व के जंगली जीवों और वनस्पतियों के बारे में जागरूकता पैदा करना और उन्हें जागृत करना है। यह दिन दुनिया भर में इकोसिस्टम को सुरक्षित रखने और हैबिटैट डिस्ट्रक्शन और क्लाइमेट चेंज जैसे बढ़ते खतरों के बीच वाइल्डलाइफ क्राइम से निपटने की तुरंत ज़रूरत की याद दिलाता है।
वर्ल्ड वाइल्डलाइफ डे दुनिया को याद दिलाता है कि,
“Medicinal and Aromatic Plants: Conserving Health, Heritage and Livelihoods” (“औषधीय और सुगंधित पौधे: स्वास्थ्य, विरासत और आजीविका का संरक्षण”)
विश्व वन्यजीव दिवस 2026 की थीम मानव जीवन में औषधीय और सुगंधित पौधों की महत्वपूर्ण भूमिका पर केंद्रित है। ये पौधे केवल स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक परंपराओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी अत्यंत आवश्यक हैं।
इनका योगदान निम्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण है—
विकासशील देशों में लगभग 70% से 95% लोग पौधों पर आधारित पारंपरिक चिकित्सा पर निर्भर हैं। यह तथ्य दर्शाता है कि वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वनस्पति जैव विविधता का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।
मेडिकल और एरोमैटिक पौधे इन वजहों से तेज़ी से खतरे में हैं,
2026 कैंपेन इन चीज़ों को बढ़ावा देता है,
1. बायोडायवर्सिटी कंज़र्वेशन
2. सस्टेनेबल ट्रेड और रेगुलेशन
CITES और नेशनल कानूनों के ज़रिए कई देश खतरे में पड़े पेड़-पौधों और जानवरों के ट्रेड को रेगुलेट करने का मकसद रखते हैं।
3. क्लाइमेट और इकोलॉजिकल बैलेंस
हेल्दी इकोसिस्टम इनमें योगदान देते हैं,
जैसे, पॉलिनेटर दुनिया भर में 75% मुख्य खाने की फसलें उगाने में मदद करते हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने 20 दिसंबर 2013 को, अपने 68वें अधिवेशन में वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने एवं वनस्पति के लुप्तप्राय प्रजाति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए 3 मार्च को हर साल विश्व वन्यजीव दिवस मनाने की घोषणा की थी। वन्य जीवों को विलुप्त होने से रोकने के लिए सबसे पहले साल 1872 में वाइल्ड एलीफेंट प्रिजर्वेशन एक्ट पारित हुआ था।
इस दिवस को मनाने का मकसद बहुत ही साफ है कि दुनियाभर में जिस भी वजहों से वन्यजीव और वनस्पतियों लुप्त हो रही हैं उन्हें बचाने के तरीकों पर काम करना। पृथ्वी की जैव विविधता को बनाए रखने के लिए वनस्पतियां और जीव-जंतु बहुत जरूरी हैं। लेकिन पर्यावरण के असंतुलन और तरह-तरह के एक्सरपेरिमेंट्स के कुछ सारे जीव और वनस्पतियों का अस्तित्व खतरे में है।
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