भारत और कनाडा के बीच यूरेनियम आपूर्ति पर समझौता, जानें विस्तार से

भारत और कनाडा ने 02 मार्च 2026 को यूरेनियम एवं महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति को लेकर अहम समझौतों पर हस्ताक्षर करने के साथ वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब अमेरिकी डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) को जल्द अंतिम रूप देने पर भी सहमति बनी। दोनों नेताओं के बीच यहां हुई बातचीत के दौरान रक्षा, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी, छोटे एवं मॉड्यूलर परमाणु रिएक्टर (एसएमआर), शिक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया गया।

दोनों देशों के बीच स्ट्रेटेजिक एनर्जी पार्टनरशिप

  • भारत-कनाडा स्ट्रेटेजिक एनर्जी पार्टनरशिप की शुरुआत।
  • फोकस एरिया में क्लीन एनर्जी, कन्वेंशनल एनर्जी, सिविल न्यूक्लियर एनर्जी और ज़रूरी मिनरल शामिल हैं।
  • इंडिया एनर्जी वीक 2026 में कनाडा और इंडिया मिनिस्टीरियल एनर्जी डायलॉग की दोबारा शुरुआत।
  • हाइड्रोजन, बायोफ्यूल, सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल, बैटरी स्टोरेज, CCUS में सहयोग।
  • एक खास बात कैमेको और इंडिया के डिपार्टमेंट ऑफ़ एटॉमिक एनर्जी के बीच कैनेडियन डॉलर (CAD) का 2.6 बिलियन यूरेनियम सप्लाई एग्रीमेंट था। इससे इंडिया की सिविल न्यूक्लियर एनर्जी कैपेसिटी भी बढ़ रही है।
  • कनाडा का लक्ष्य 2030 तक हर साल 50 मिलियन टन LNG बनाना और इंडिया के साथ एनर्जी ट्रेड बढ़ाना भी है।

भारत एवं कनाडा के द्विपक्षीय संबंध

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत एवं कनाडा के द्विपक्षीय संबंध अब ‘नई ऊर्जा, आपसी विश्वास और सकारात्मकता’ से भरे हुए हैं। कनाडा 2.6 अरब डॉलर के यूरेनियम आपूर्ति समझौते के तहत भारत के असैन्य परमाणु ऊर्जा क्षेत्र का समर्थन करेगा। मोदी ने कहा कि असैन्य परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक यूरेनियम आपूर्ति पर ऐतिहासिक समझौता हुआ है। हम छोटे मॉड्यूलर और उन्नत रिएक्टरों पर भी साथ काम करेंगे।

महत्वपूर्ण खनिजों पर समझौता ज्ञापन

  • महत्वपूर्ण खनिजों पर समझौता ज्ञापन (एमओयू) से स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और उन्नत विनिर्माण के लिए सुरक्षित आपूर्ति शृंखला को मजबूती मिलेगी। कनाडा के पास दुर्लभ खनिजों का बड़ा भंडार मौजूद है।
  • दोनों पक्षों ने आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरपंथ को साझा एवं गंभीर चुनौती बताते हुए सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इन चुनौतियों के खिलाफ हमारा करीबी सहयोग वैश्विक शांति एवं स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।
  • मोदी और कार्नी ने बातचीत के दौरान पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर भी चर्चा की। मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति हमारे लिए गंभीर चिंता का विषय है। भारत सभी विवादों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति का समर्थन करता है और क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
  • मोदी ने अपने प्रेस वक्तव्य में कहा कि भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय व्यापार को वर्ष 2030 तक 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। यह फिलहाल लगभग 13 अरब डॉलर है।

शिक्षा क्षेत्र में कृत्रिम मेधा

  • रक्षा क्षेत्र में ‘भारत-कनाडा रक्षा संवाद’ स्थापित करने पर सहमति बनी। समुद्री क्षेत्र में निगरानी क्षमता और सैन्य आदान-प्रदान बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया।
  • शिक्षा क्षेत्र में कृत्रिम मेधा, स्वास्थ्य, कृषि और नवाचार के क्षेत्र में विश्वविद्यालयों के बीच नई साझेदारियां होंगी तथा कनाडाई विश्वविद्यालय भारत में परिसर खोलेंगे।
  • कार्नी ने रणनीतिक ऊर्जा साझेदारी की घोषणा करते हुए कहा कि यह समझौते दोनों देशों के लिए दीर्घकालिक अवसर पैदा करेंगे।

 

 

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vikash

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