विश्व कठपुतली दिवस 2026 हर वर्ष 21 मार्च को विश्वभर में मनाया जाता है। कठपुतली कला को वैश्विक कला के रूप में मान्यता देने हेतु विश्व कठपुतली दिवस (WPD) हर साल 21 मार्च को दुनिया भर में मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य दुनिया भर में कठपुतली कलाकारों को बढ़ावा देना और उनका सम्मान करना भी है।
इस दिन का उद्देश्य कठपुतली कला की समृद्ध परंपरा को बढ़ावा देना और संरक्षित करना है। यह दिवस कठपुतली को एक सांस्कृतिक और शैक्षिक माध्यम के रूप में महत्व देता है। इसकी शुरुआत वर्ष 2003 में UNIMA (यूनियन इंटरनेशनेल डे ला मैरिओनेट) द्वारा की गई थी। यह आयोजन कठपुतली कलाकारों, रचनाकारों और विभिन्न सांस्कृतिक संगठनों को एक मंच पर लाता है।
इस दिवस के कई प्रमुख उद्देश्य हैं, जो परंपरा और आधुनिकता दोनों को समर्थन देते हैं:
2026 में एक नई वैश्विक पहल शुरू की गई है। अब हर वर्ष एक प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय कठपुतली विशेषज्ञ मुख्य व्याख्यान (Keynote Lecture) देंगे। यह व्याख्यान Charleville-Mézières (फ्रांस) में आयोजित होगा और विश्वभर में प्रसारित किया जाएगा। इसका उद्देश्य विचारों के आदान-प्रदान, सीखने और सांस्कृतिक चर्चा को बढ़ावा देना है।
यह दिवस केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा और संचार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कठपुतली जटिल विचारों को सरल बनाकर प्रस्तुत करने में मदद करती है। यह विशेष रूप से बच्चों और विविध समुदायों तक संदेश पहुँचाने का प्रभावी माध्यम है।
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