अब नहीं खोएंगे PF के पैसे, EPFO का नया प्लेटफॉर्म करेगा मदद

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ‘E-PRAAPTI’ नाम से एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च करने जा रहा है। मनसुख मंडाविया ने इसकी घोषणा करते हुए बताया कि इस पहल का मकसद यूज़र्स को यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) के बिना भी, निष्क्रिय या बिना दावे वाले प्रॉविडेंट फंड खातों को ट्रैक करने और उन्हें फिर से चालू करने में मदद करना है। यह कदम डिजिटल शासन, पारदर्शिता और यूज़र्स के सशक्तिकरण की दिशा में सरकार के प्रयासों को दर्शाता है।

E-PRAAPTI पोर्टल क्या है?

E-PRAAPTI का पूरा नाम ‘EPF Aadhaar-Based Access Portal to Tracking the Inoperative Accounts’ है। यह एक नया डिजिटल सिस्टम है, जिसे लोगों को उनके पुराने या निष्क्रिय प्रोविडेंट फंड खातों को मैनेज करने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

यह प्लेटफ़ॉर्म आधार-आधारित प्रमाणीकरण का उपयोग करेगा और उपयोगकर्ताओं को अपने नियोक्ताओं पर निर्भर हुए बिना, स्वतंत्र रूप से अपने खातों तक पहुँचने की सुविधा देगा।

यह विशेष रूप से उन व्यक्तियों के लिए फायदेमंद होगा जिन्होंने कई बार अपनी नौकरियाँ बदली हैं या जो अपने EPF विवरणों का ट्रैक खो चुके हैं।

शुरुआत में, यह पोर्टल ‘सदस्य ID-आधारित प्रणाली’ का उपयोग करके कार्य करेगा और उपयोगकर्ताओं को अपने खाते का विवरण आसानी से प्राप्त करने में सक्षम बनाएगा।

नए EPFO ​​प्लेटफ़ॉर्म की मुख्य विशेषताएं

  • E-PRAAPTI पोर्टल ने कई ऐसे उपयोगकर्ता-अनुकूल फ़ीचर्स पेश किए हैं, जिनका उद्देश्य पहुँच और कार्यकुशलता में सुधार करना है।
  • इसके अलावा, उपयोगकर्ता आधार का उपयोग करके सुरक्षित रूप से लॉग इन कर सकते हैं, जिससे त्वरित और विश्वसनीय पहचान सत्यापन सुनिश्चित होता है।
  • यह प्लेटफ़ॉर्म लोगों को इनएक्टिव या अनक्लेम्ड EPF अकाउंट और उन अकाउंट को भी ट्रेस करने और रीएक्टिवेट करने की सुविधा देगा जो UAN से लिंक नहीं हैं।
  • साथ ही, सब्सक्राइबर अपने अकाउंट को खुद मैनेज कर सकते हैं, और ज़्यादातर मामलों में एम्प्लॉयर के दखल की ज़रूरत खत्म हो जाएगी।
  • बाद के फेज़ में यह सिस्टम उन यूज़र्स को सपोर्ट करेगा जिन्हें अपनी मेंबर ID याद नहीं है और इसे और भी ज़्यादा इनक्लूसिव बना देगा।

EPFO में डिजिटल बदलाव को बढ़ावा

E-PRAAPTI की शुरुआत, EPFO ​​की अपनी सेवाओं को आधुनिक बनाने और कागज़ी काम को कम करने की बड़ी कोशिश का एक हिस्सा है।

संगठन ने इस दिशा में पहले ही काफी प्रगति कर ली है, जिसके तहत:

  • वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 83.1 मिलियन दावों का निपटारा किया गया, जो वित्त वर्ष 2024-25 के 60.1 मिलियन दावों से ज़्यादा है।
  • इसके अलावा, अब ज़्यादातर दावों की प्रोसेसिंग डिजिटल तरीके से की जाती है।
  • चेक अपलोड करने की ज़रूरत खत्म करने जैसी प्रक्रियाओं को आसान बनाया गया है।
  • साथ ही, बैंक खातों को लिंक करने और उनका सत्यापन करने की प्रक्रिया भी तेज़ हो गई है।

इन बदलावों से यह सिस्टम ज़्यादा कुशल और उपयोगकर्ता के लिए ज़्यादा सुविधाजनक बन गया है।

दावों का तेज़ी से निपटारा और ऑटोमेशन

EPFO सेवाओं में एक अहम सुधार, दावों की ऑटोमेटेड प्रोसेसिंग में बढ़ोतरी है।

  • वित्त वर्ष 2025–26 में, कुल 55.1 मिलियन एडवांस दावों को प्रोसेस किया गया।
  • साथ ही, इनमें से 71.11% दावों का निपटारा तीन दिनों के भीतर कर दिया गया।
  • कुल मिलाकर, 98.70% दावों को महज़ 20 दिनों के भीतर सुलझा लिया गया।
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vikash

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