भारतीय नौसेना ने 15 फरवरी 2026 को विशाखापत्तनम स्थित पूर्वी नौसेना कमान में मिलन विलेज का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के सबसे बड़े बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यासों में से एक एक्सरसाइज मिलन 2026 की औपचारिक शुरुआत का प्रतीक है। समारोह की अध्यक्षता वाइस एडमिरल संजय भल्ला ने की, जिन्होंने 70 से अधिक देशों की भागीदारी वाली नौसेनाओं के लिए मिलन विलेज का औपचारिक उद्घाटन किया। यह आयोजन भारत की बढ़ती समुद्री कूटनीति और वैश्विक पहुंच को दर्शाता है।
मिलन विलेज क्या है और इसका महत्व
मिलन विलेज एक विशेष रूप से तैयार किया गया अनुभव क्षेत्र है, जिसका उद्देश्य नौसैनिक प्रतिनिधियों के बीच मित्रता, सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। यह एक सामाजिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में कार्य करता है, जहाँ पेशेवर संवाद के साथ-साथ आपसी संबंध भी मजबूत होते हैं।
मुख्य विशेषताएँ:
- 70 से अधिक देशों की भागीदारी
- सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और लोक नृत्य
- हस्तशिल्प और हथकरघा स्टॉल
- नौसैनिक स्मृति-चिह्न प्रदर्शनी
- भारतीय क्षेत्रीय व्यंजन
- मिलन 2026 का विषय है – “मित्रता, सहयोग और सहभागिता”।
एक्सरसाइज मिलन 2026: एक महत्वपूर्ण समुद्री संगम
एक्सरसाइज मिलन 2026 का आयोजन 15 से 25 फरवरी 2026 तक विशाखापत्तनम में किया जाएगा। यह एक ऐतिहासिक समुद्री संगम का हिस्सा है, जिसमें शामिल हैं:
- अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू 2026 (IFR 2026)
- इंडियन ओशन नेवल सिम्पोजियम (IONS) प्रमुखों का सम्मेलन
अभ्यास दो चरणों में आयोजित होगा:
- हार्बर चरण
- समुद्री चरण
मुख्य गतिविधियाँ:
- पनडुब्बी रोधी युद्धाभ्यास
- वायु रक्षा अभ्यास
- खोज एवं बचाव अभियान
- सहकारी समुद्री सुरक्षा अभियान
इन गतिविधियों का उद्देश्य विभिन्न नौसेनाओं के बीच समन्वय (इंटरऑपरेबिलिटी) और सामूहिक प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करना है।
भारत की ‘महासागर’ दृष्टि को सुदृढ़ करना
मिलन 2026, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महासागर (MAHASAGAR) दृष्टि – Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions – का व्यावहारिक रूप है।
यह अभ्यास भारत की भूमिका को मजबूत करता है:
- एक विश्वसनीय सुरक्षा साझेदार के रूप में
- वैश्विक समुद्री क्षेत्र में जिम्मेदार भागीदार के रूप में
- मुक्त, खुला, समावेशी और नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था के समर्थक के रूप में
दुनिया भर की नौसेनाओं की मेजबानी करके भारत समुद्री क्षेत्र जागरूकता और सहकारी सुरक्षा ढांचे को सुदृढ़ करता है।
मिलन विलेज के माध्यम से सांस्कृतिक कूटनीति
मिलन विलेज भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करता है। प्रतिनिधियों को अनुभव होगा:
- लाइव गायन प्रस्तुतियाँ
- पारंपरिक लोक नृत्य
- भारतीय हस्तशिल्प प्रदर्शन
- विविध क्षेत्रीय व्यंजन
यह सांस्कृतिक जुड़ाव पेशेवर नौसैनिक अभ्यासों को पूरक बनाता है और सहभागी देशों के बीच दीर्घकालिक संबंध स्थापित करता है।
एक्सरसाइज मिलन का विकास
एक्सरसाइज मिलन की शुरुआत 1995 में भारतीय नौसेना द्वारा द्विवार्षिक अभ्यास के रूप में की गई थी। प्रारंभ में यह कुछ क्षेत्रीय देशों तक सीमित था, लेकिन समय के साथ यह एक प्रमुख बहुपक्षीय समुद्री आयोजन बन गया।
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की बढ़ती समुद्री भागीदारी के साथ मिलन का दायरा और जटिलता दोनों बढ़े हैं। 2026 का संस्करण विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह अपने व्यापक पैमाने और IFR 2026 तथा IONS सम्मेलन के साथ समन्वय के कारण ऐतिहासिक माना जा रहा है।


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