दुनिया भर में “ओरेकल ऑफ ओमाहा” के नाम से प्रसिद्ध महान निवेशक वॉरेन बफेट ने लगभग छह दशकों तक नेतृत्व करने के बाद बर्कशायर हैथवे के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका यह निर्णय कॉरपोरेट इतिहास के सबसे लंबे और प्रभावशाली नेतृत्व कालों में से एक के समापन का संकेत है, जिसने आधुनिक निवेश दर्शन को नई दिशा दी।
95 वर्ष की उम्र में वॉरेन बफेट ने 1965 से बर्कशायर हैथवे का नेतृत्व करने के बाद CEO पद छोड़ दिया है। उन्होंने कार्यकारी जिम्मेदारी ग्रेग एबेल को सौंपी है, जबकि वे कंपनी के चेयरमैन बने रहेंगे। इससे नेतृत्व में निरंतरता और निवेश दर्शन की स्थिरता सुनिश्चित होगी।
बर्कशायर हैथवे मूल रूप से न्यू इंग्लैंड स्थित एक संघर्षरत वस्त्र निर्माण कंपनी थी।
1965 में वॉरेन बफेट ने कंपनी का नियंत्रण संभाला, शुरुआत में वस्त्र व्यवसाय को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया।
समय के साथ उन्होंने पूंजी को बीमा और निवेश क्षेत्रों में स्थानांतरित किया। यहीं से एक विविधीकृत व्यावसायिक साम्राज्य की नींव पड़ी।
बफेट की दीर्घकालिक और मूल्य-आधारित निवेश रणनीति बर्कशायर की पहचान बन गई।
बफेट के नेतृत्व में कंपनी एक वैश्विक समूह में बदल गई। आज बर्कशायर हैथवे का मूल्य 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक है।
कंपनी में पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियाँ और शेयर निवेशों का संतुलित मिश्रण है।
बफेट ने विकेंद्रीकृत प्रबंधन को बढ़ावा दिया, जहाँ प्रबंधकों को स्वतंत्रता मिली, लेकिन पूंजी आवंटन में सख्त अनुशासन बना रहा।
उनके वार्षिक शेयरधारक पत्र और ओमाहा की बैठकें दुनिया भर के निवेशकों के लिए मार्गदर्शक बन गईं।
बर्कशायर हैथवे के पास एप्पल, कोका-कोला, अमेरिकन एक्सप्रेस और बैंक ऑफ अमेरिका जैसी दिग्गज कंपनियों में बड़े निवेश हैं।
इसके अलावा, कंपनी BNSF रेलवे, GEICO, बर्कशायर हैथवे एनर्जी और कई विनिर्माण व खुदरा कंपनियों की पूर्ण मालिक है।
यह विविधीकृत संरचना कंपनी को आर्थिक उतार-चढ़ाव में भी मजबूत बनाए रखती है।
वर्तमान में नॉन-इंश्योरेंस व्यवसायों के वाइस चेयरमैन ग्रेग एबेल 1 जनवरी 2026 से बर्कशायर हैथवे के नए CEO बनेंगे।
उन्होंने कंपनी के ऊर्जा और बुनियादी ढांचा व्यवसाय के विस्तार में अहम भूमिका निभाई है।
उनकी नियुक्ति निरंतरता का प्रतीक है, क्योंकि वे रणनीतिक निर्णयों में लंबे समय से शामिल रहे हैं और बफेट का पूरा विश्वास प्राप्त है।
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| चर्चा में क्यों? | वॉरेन बफेट ने लगभग छह दशकों बाद CEO पद छोड़ा |
| वॉरेन बफेट कौन हैं? | “ओरेकल ऑफ ओमाहा” के नाम से प्रसिद्ध महान निवेशक |
| संबंधित कंपनी | बर्कशायर हैथवे |
| नए CEO | ग्रेग एबेल |
| बफेट की नई भूमिका | बोर्ड के चेयरमैन |
| कंपनी का मूल्य | 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक |
बर्कशायर हैथवे के CEO के रूप में वॉरेन बफेट का स्थान कौन लेगा?
A) चार्ली मंगर
B) अजीत जैन
C) ग्रेग एबेल
D) बिल गेट्स
उत्तर प्रदेश सरकार ने फाइनेंशियल ईयर 2026–27 के लिए ₹9.13 ट्रिलियन का बजट पेश किया…
भारत में स्वामी दयानंद सरस्वती की 202वीं जयंती मनाई जा रही है। वे एक महान…
अदानी पावर ने परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में प्रवेश करते हुए एक नई सहायक कंपनी Adani…
भारत सरकार ज़मीनी स्तर पर डीसेंट्रलाइज़्ड स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने के लिए कोऑपरेटिव सेक्टर…
भारत सरकार ने श्वेत क्रांति 2.0 की शुरुआत की है, जो देश के डेयरी क्षेत्र…
राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद (NPC) 12 फरवरी 2026 को अपना 68वाँ स्थापना दिवस मनाएगी। इसके साथ…