कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी का निधन हो गया है। वे कई दिनों से बीमार थे। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मिजोरम के राज्यपाल कुरैशी 83 साल के थे। वे लंबे समय से बीमार थे। कुरेशी का व्यापक करियर कई दशकों तक फैला रहा, जिसके दौरान उन्होंने भारतीय राजनीति और शासन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
अजीज कुरैशी का जन्म 24 अप्रैल 1940 को भोपाल में हुआ था। वह 1984 में मध्यप्रदेश के सतना से लोकसभा चुनाव में सांसद चुने गए थे। कुरैशी मध्यप्रदेश कांग्रेस इलेक्शन कमेटी के सचिव, भारतीय युवा कांग्रेस के संस्थापक सदस्य होने के साथ ही 1973 में मध्यप्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों में मंत्री भी रहे। कुरैशी को 24 जनवरी 2020 को मध्यप्रदेश की तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी का अध्यक्ष नियुक्त किया था।
अजीज कुरैशी की शिक्षा उत्तर आगरा और भोपाल में हुई। अपनी सियासी पारी में उन्होंने मध्य प्रदेश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में भी तीखे तेवरों के साथ मौजूदगी दिखाई। कांग्रेस के खाते से उत्तराखंड के राज्यपाल बनाए गए। उन्होंने उत्तर प्रदेश और मिजोरम में भी अतिरिक्त जिम्मेदारी के साथ इस पद पर सेवाएं दीं। वे सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से भी वे जुड़े रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के जमाने में कांग्रेस से जुड़े और उनके करीबी रहे डॉ. कुरैशी पार्टी के विभिन्न पदों पर भी रहे।
अजीज कुरैशी अपनी बेबाकी और मुखरता के चलते सियासत में खास पहचान रखते थे। कई मुद्दों पर वे अक्सर अपनी पार्टी के केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व से भी भिड़ जाया करते थे। भोपाल के इकबाल मैदान में उनके समर्थकों द्वारा किया जाने वाला सालाना मुशायरा भी एक खास पहचान रखता है।
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