
भारतीय फार्माकोपिया आयोग (आईपीसी) के सचिव सह वैज्ञानिक निदेशक राजीव सिंह रघुवंशी को भारत का अगला औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) बनाने की सिफारिश की गई है। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सरकार से डॉ. वी जी सोमानी के उत्तराधिकारी के रूप में उनके नाम की सिफारिश की है। बता दें यूपीएससी की सिफारिश को स्वास्थ्य मंत्रालय की मंजूरी मिलनी बाकी है और इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति की मंजूरी की आवश्यकता होगी।
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आईपीसी में वरिष्ठ मुख्य वैज्ञानिक अधिकारी डॉ सोमानी, डॉ रघुवंशी और डॉ जय प्रकाश पिछले सप्ताह यूपीएससी द्वारा आयोजित इंटरव्यू के लिए शामिल हुए थे। डॉ सोमानी को 14 अगस्त, 2019 को तीन साल के कार्यकाल के लिए डीसीजीआई नियुक्त किया गया था और उन्होंने 16 अगस्त को कार्यभार संभाला था। उनका कार्यकाल दो बार (16 अगस्त और 16 नवंबर) तीन-तीन महीने के लिए बढ़ाया गया था। डीसीजीआई देश भर में गुणवत्तापूर्ण दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार है। इसके पास नई दवाओं को मंजूरी देने और नैदानिक परीक्षणों को विनियमित करने का भी अधिकार है।
राजीव सिंह रघुवंशी के बारे में
डॉ रघुवंशी 16 फरवरी, 2021 को सचिव-सह-वैज्ञानिक निदेशक के रूप में आईपीसी में शामिल हुए थे। उन्होंने आईआईटी-बीएचयू (पूर्व में आईटी-बीएचयू), वाराणसी से स्नातक और परास्नातक और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इम्यूनोलॉजी, नई दिल्ली से पीएचडी पूरी की है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इम्यूनोलॉजी में सात साल तक काम करने के बाद, वह अग्रणी भारतीय बहुराष्ट्रीय दवा कंपनी रैनबैक्सी लेबोरेटरीज लिमिटेड में शामिल हो गए। रैनबैक्सी लेबोरेटरीज में 12 साल काम करने के बाद वह हैदराबाद के डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज लिमिटेड चले गए, जहां उन्होंने 11 साल तक काम किया।



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