भारत का डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम लगातार तेज़ी से विस्तार कर रहा है। दिसंबर महीने में यूनिफ़ाइड पेमेंट्स इंटरफ़ेस (UPI) के माध्यम से लेन-देन की संख्या और मूल्य—दोनों में मज़बूत वृद्धि दर्ज की गई। ताज़ा आंकड़े बताते हैं कि व्यक्ति और व्यवसाय नक़द रहित भुगतान पर तेजी से निर्भर हो रहे हैं, जिससे रियल-टाइम डिजिटल भुगतान प्रणालियों में भारत की वैश्विक अग्रणी स्थिति और सुदृढ़ हुई है।
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया (NPCI) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर में UPI लेन-देन की मात्रा साल-दर-साल 29% बढ़कर 21.63 अरब (बिलियन) लेन-देन तक पहुंच गई। लेन-देन का मूल्य और दैनिक उपयोग भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ा, जो देशभर में डिजिटल भुगतान अपनाने की निरंतर वृद्धि को दर्शाता है।
यूनिफ़ाइड पेमेंट्स इंटरफ़ेस (UPI) एक रियल-टाइम भुगतान प्रणाली है, जो मोबाइल फ़ोन के माध्यम से बैंक खातों के बीच तुरंत धन हस्तांतरण की सुविधा देती है।
NPCI द्वारा विकसित UPI, पीयर-टू-पीयर और मर्चेंट लेन-देन को आसान, कम लागत और उच्च सुरक्षा के साथ सक्षम बनाता है। यह भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और वित्तीय समावेशन प्रयासों की रीढ़ बन चुका है।
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