भारत के वस्तु एवं सेवा कर (GST) राजस्व में दिसंबर महीने में भी निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है, जो स्थिर आर्थिक गतिविधियों और बेहतर कर अनुपालन को दर्शाती है। जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जीएसटी संग्रह में पिछले वर्ष की तुलना में 6% से अधिक की वृद्धि हुई है, जिससे सरकारी वित्त को मजबूती मिली है। जीएसटी प्राप्तियों में यह निरंतर बढ़ोतरी भारत की अप्रत्यक्ष कर प्रणाली की बढ़ती परिपक्वता और दरों के सरलीकरण व ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस को बढ़ावा देने वाले हालिया कर सुधारों के प्रभाव को दर्शाती है।
दिसंबर में सकल जीएसटी संग्रह साल-दर-साल आधार पर 6.1% बढ़कर लगभग ₹1.75 लाख करोड़ हो गया। नवीनतम आंकड़े यह भी दर्शाते हैं कि अप्रैल–दिसंबर FY26 के दौरान संचयी जीएसटी संग्रह में मजबूत वृद्धि हुई है, जो जीएसटी व्यवस्था के तहत स्थिर राजस्व प्रदर्शन और बेहतर अनुपालन का संकेत है।
हाल के वर्षों में रिकॉर्ड जीएसटी संग्रह
सितंबर 2025 में अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों की घोषणा की गई:
जीएसटी संरचना को चार स्लैब (5%, 12%, 18%, 28%) से घटाकर तीन किया गया—
उद्देश्य: जीएसटी को सरल बनाना, विवाद कम करना और प्रणाली को अधिक व्यवसाय-अनुकूल बनाना
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