यूनाइटेड किंगडम (United Kingdom), कम गति पर स्व-ड्राइविंग वाहनों के उपयोग के लिए विनियमन की घोषणा करने वाला पहला देश बन गया है. UK स्वायत्त ड्राइविंग तकनीक को आगे बढ़ाने में सबसे आगे रहना चाहता है. UK की सरकार ने अनुमान लगाया है कि UK की लगभग 40% कारों में 2035 तक स्व-ड्राइविंग क्षमता होगी. इससे देश में 38,000 नौकरियों का सृजन होगा. ALKS की गति सीमा 37 मील प्रति घंटा निर्धारित की जानी है. ALKS एक एकल लेन में चलाए जाएंगे.
Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams
स्व-ड्राइविंग वाहन कैसे काम करते हैं?
एक स्व-ड्राइविंग वाहन पूरी तरह से स्वायत्त है. वाहन के सुरक्षित संचालन के लिए किसी चालक की आवश्यकता नहीं है. स्व-ड्राइविंग तकनीकों को उबर, गूगल, निसान, टेस्ला द्वारा विकसित किया गया है. अधिकांश स्व-ड्राइविंग सिस्टम आंतरिक मानचित्र बनाए रखते हैं. वे अपने आसपास का नक्शा बनाने के लिए लेजर, सेंसर और रडार का उपयोग करते हैं. बनाए गए नक्शे के आधार पर, वाहन के एक्ट्यूएटर्स को निर्देश दिए जाते हैं.
सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण टेकअवे:
Find More International News
ट्रांसजेंडर अधिकार संशोधन विधेयक 2026 संसद में पेश किया गया है। यह विधेयक 2019 के…
पंजाब विधानसभा ने सर्वसम्मति से श्री गुरु तेग बहादुर वर्ल्ड-क्लास यूनिवर्सिटी बिल 2026 को पारित…
गुजरात ने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया…
अमेरिका और इजराइल की तरफ से ईरान पर हमले (Israel Iran War) लगातार जारी हैं,…
ईरान-इजरायल जंग थमने का नाम नहीं ले रही। मिडिल ईस्ट में संकट अब तक बरकरार…
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रही जंग ने पूरी विश्व में उथल-पुथल मचा रखी…