पंजाब में ‘श्री गुरु तेग बहादुर वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटी विधेयक 2026’ पारित

पंजाब विधानसभा ने सर्वसम्मति से श्री गुरु तेग बहादुर वर्ल्ड-क्लास यूनिवर्सिटी बिल 2026 को पारित कर दिया है। यह नई यूनिवर्सिटी श्री आनंदपुर साहिब में स्थापित की जाएगी, जो ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। इस पहल का उद्देश्य रक्षा, एयरोस्पेस, साइबर सुरक्षा और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में एक आधुनिक और उच्च स्तरीय संस्थान विकसित करना है।

गुरु तेग बहादुर यूनिवर्सिटी बिल 2026: मुख्य बिंदु

  • यह विधेयक एक वैश्विक स्तर की आधुनिक शैक्षणिक संस्था की स्थापना का खाका प्रस्तुत करता है।
  • यह परियोजना तकनीकी शिक्षा और शोध को बढ़ावा देने के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

मुख्य विशेषताएं:

  • आनंदपुर साहिब में वर्ल्ड-क्लास यूनिवर्सिटी की स्थापना
  • तीन वर्षों में ₹300 करोड़ का प्रस्तावित निवेश
  • चालू बजट में ₹20 करोड़ का प्रारंभिक आवंटन
  • उन्नत और विशेषीकृत पाठ्यक्रमों पर फोकस

स्थान: आनंदपुर साहिब क्यों चुना गया?

यह विश्वविद्यालय श्री आनंदपुर साहिब में स्थापित किया जाएगा, जो सिखों के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर से जुड़ा ऐतिहासिक स्थल है। यह स्थान सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इसे विश्वविद्यालय के लिए प्रतीकात्मक रूप से चुना गया है। यह पहल परंपरा और आधुनिक शिक्षा के समन्वय का उदाहरण है।

विशेष पाठ्यक्रम

  • इस परियोजना का प्रमुख आकर्षण उभरते और रणनीतिक क्षेत्रों में विशेष पाठ्यक्रम शुरू करना है।
  • यह संस्थान उत्तर भारत में पहली बार कई उन्नत क्षेत्रों में विशेष शिक्षा प्रदान करेगा।

प्रमुख कोर्स:

  • रक्षा अध्ययन और तकनीक
  • एयरोस्पेस इंजीनियरिंग
  • साइबर सुरक्षा
  • क्वांटम कंप्यूटिंग
  • पाठ्यक्रम शुरू होने की समयसीमा

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र जुलाई 2026 से शुरू होने की संभावना है।

यह परियोजना के तेज़ी से क्रियान्वयन को दर्शाता है और उन्नत शिक्षा ढांचे के विकास की दिशा में सरकार की प्राथमिकता को स्पष्ट करता है।

निवेश योजना और वित्तीय ढांचा

  • इस परियोजना में तीन वर्षों में कुल ₹300 करोड़ का निवेश किया जाएगा।
  • सरकार ने चालू वित्त वर्ष में ₹20 करोड़ का आवंटन पहले ही कर दिया है।

यह चरणबद्ध निवेश निम्न कार्यों में उपयोग होगा—

  • बुनियादी ढांचे का विकास
  • शिक्षकों की नियुक्ति
  • शोध सुविधाओं और प्रयोगशालाओं की स्थापना
  • शैक्षणिक कार्यक्रमों का संचालन
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vikash

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