वर्ष 2025 भारत और विश्व के लिए UNESCO मान्यताओं के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। इस वर्ष UNESCO के विभिन्न कार्यक्रमों के अंतर्गत कई नई प्रविष्टियाँ जोड़ी गईं। ये प्रविष्टियाँ विश्व धरोहर स्थल, अस्थायी सूची, अमूर्त सांस्कृतिक विरासत, मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड रजिस्टर, क्रिएटिव सिटीज़ नेटवर्क तथा वैश्विक जियोपार्क्स तक फैली हुई हैं। सामूहिक रूप से ये इस वैश्विक प्रवृत्ति को दर्शाती हैं कि अब केवल स्मारकों ही नहीं, बल्कि जीवंत परंपराओं, दस्तावेजी विरासत, भूवैज्ञानिक धरोहर और रचनात्मक शहरों को भी मान्यता दी जा रही है।
2025 की श्रेणीवार प्रविष्टियाँ
1. UNESCO विश्व धरोहर सूची (2025)
भारत
- भारत के मराठा सैन्य परिदृश्य
- 47वें विश्व धरोहर समिति सत्र (पेरिस) में सूचीबद्ध
- 17वीं से 19वीं शताब्दी के बीच मराठाओं द्वारा निर्मित 12 किलों का समूह
- इसमें जिंजी किला (तमिलनाडु) तथा महाराष्ट्र के रायगढ़, प्रतापगढ़, शिवनेरी, सिंधुदुर्ग जैसे किले शामिल हैं
- सैन्य अभियंत्रण, रणनीतिक भू-दृश्य उपयोग और ऐतिहासिक महत्व के लिए मान्यता
वैश्विक (भारत के बाहर)
- खमेर रूज नरसंहार स्थल (कंबोडिया)
- तुओल स्लेंग कारागार (S-21)
- M-13 कारागार
- चोएंग एक किलिंग फील्ड्स
भारत की नई प्रविष्टियाँ (सितंबर 2025 में घोषित)
- भारत ने प्राकृतिक धरोहर श्रेणी के अंतर्गत 7 नए स्थलों को जोड़ा
- कुल अस्थायी सूची अब 69 स्थलों तक पहुँच गई
नए जोड़े गए प्राकृतिक स्थल
- दक्कन ट्रैप्स – पंचगनी और महाबलेश्वर (महाराष्ट्र)
- सेंट मैरी द्वीप बेसाल्ट स्तंभ (कर्नाटक)
- मेघालयन युग की गुफाएँ (मेघालय)
- नागा हिल ओफियोलाइट (नागालैंड)
- एर्रा मट्टी दिब्बालु / लाल रेत के टीले (आंध्र प्रदेश)
- तिरुमला पहाड़ियाँ (आंध्र प्रदेश)
- वरकला क्लिफ (केरल)
ये प्रविष्टियाँ भू-धरोहर, जलवायु इतिहास और पारिस्थितिक संरक्षण पर भारत के बढ़ते फोकस को दर्शाती हैं।
3. UNESCO अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (ICH) – 2025
भारत
- दीपावली (दीवाली)
- 2025 में सूचीबद्ध
- प्रकाश, सौहार्द और सामुदायिक जीवन का प्रतीक जीवंत परंपरा के रूप में मान्यता
- भारत सहित विश्वभर में भारतीय प्रवासी समुदायों द्वारा मनाया जाने वाला पर्व
- इस प्रविष्टियों से UNESCO की जीवित विरासत रूपरेखा में भारत की उपस्थिति और सुदृढ़ हुई।
4. UNESCO मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड रजिस्टर (2025)
भारत की नई प्रविष्टियाँ
- भगवद्गीता की पांडुलिपियाँ
- भरत मुनि द्वारा रचित नाट्यशास्त्र
महत्व
- भारत की कुल प्रविष्टियाँ बढ़कर 14 हो गईं
- भारत की दार्शनिक, आध्यात्मिक और कलात्मक बौद्धिक विरासत को मान्यता
- भविष्य की पीढ़ियों के लिए दस्तावेजी धरोहर संरक्षण पर बल दिया गया
5. UNESCO क्रिएटिव सिटीज़ नेटवर्क (UCCN) – 2025
भारत
- लखनऊ – गैस्ट्रोनॉमी का शहर
- अवधी व्यंजन परंपरा और गंगा-जमुनी तहज़ीब के लिए मान्यता
- हैदराबाद के बाद भारत का दूसरा गैस्ट्रोनॉमी शहर
वैश्विक प्रमुख बिंदु (2025)
- विश्वभर में 58 नए शहर जोड़े गए
- पहली बार वास्तुकला को रचनात्मक क्षेत्र के रूप में शामिल किया गया
- नेटवर्क का विस्तार होकर 100+ देशों के 408 शहरों तक पहुँचा
6. UNESCO वैश्विक जियोपार्क (2025)
वैश्विक अपडेट
- 16 नए UNESCO वैश्विक जियोपार्क जोड़े गए
- जियोपार्क की कुल संख्या अब 50 देशों में 229 हो गई
- ज्वालामुखीय क्षेत्र, जीवाश्म स्थल, पर्वतीय प्रणालियाँ और प्राचीन भू-दृश्य शामिल किए गए
भारत
-
फिलहाल कोई वैश्विक जियोपार्क नहीं, लेकिन एर्रा मट्टी दिब्बालु और दक्कन ट्रैप्स जैसे स्थल भविष्य में प्रबल संभावनाएँ दर्शाते हैं।


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