
इंडोनेशियाई में 10वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस (एडीएमएम-प्लस) में भाग लेने के लिए 16-17 नवंबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह राजधानी जकार्ता की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। वह 16 नवंबर को होने वाली बैठक के दौरान क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दों पर मंच को संबोधित करेंगे।
इस बैठक की मेजबानी एडीएमएम-प्लस का अध्यक्ष होने के नाते इंडोनेशिया कर रहा है। बैठक से इतर राजनाथ सिंह आसियान देशों के रक्षा मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करके पारस्परिक रूप से संबंधों को और मजबूत करने के लिए रक्षा सहयोग मामलों पर चर्चा करेंगे।
एडीएमएम-प्लस क्या है?
एडीएमएम-प्लस सात विशेषज्ञ कार्य समूहों (ईडब्ल्यूजी) अर्थात् समुद्री सुरक्षा, सैन्य चिकित्सा, साइबर सुरक्षा, शांति स्थापना संचालन, आतंकवाद विरोधी, मानवीय खदान कार्रवाई और मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) के माध्यम से सदस्य देशों के बीच व्यावहारिक सहयोग को आगे बढ़ाता है। 10वें एडीएमएम-प्लस के दौरान 2024-2027 चक्र के लिए सह-अध्यक्षों के अगले सेट की भी घोषणा की जाएगी। 2021-2024 के वर्तमान चक्र में भारत इंडोनेशिया के साथ एचएडीआर पर ईडब्ल्यूजी की सह-अध्यक्षता कर रहा है।
आसियान के 10 सदस्य देश
रक्षा मंत्रालय के अनुसार एडीएमएम आसियान में सर्वोच्च रक्षा सलाहकार और सहकारी तंत्र है। इसके 10 सदस्य देशों में ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओ पीडीआर, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, वियतनाम हैं। इसके अलावा आठ संवाद साझेदारों में भारत, अमेरिका, चीन, रूस, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड सुरक्षा एवं रक्षा सहयोग को मजबूत करेंगे।
भारत 1992 में आसियान का संवाद भागीदार बना और एडीएमएम-प्लस का उद्घाटन 12 अक्टूबर, 2010 को हनोई (वियतनाम) में हुआ था। 2017 से एडीएमएम-प्लस मंत्री आसियान और प्लस देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए सालाना बैठक कर रहे हैं।



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