Home   »   राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘प्रचंड’ हेलीकॉप्टर...

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘प्रचंड’ हेलीकॉप्टर में भरकर रचा इतिहास

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जैसलमेर एयर फोर्स स्टेशन पर स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर ‘HAL Prachand’ में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया। वह ‘प्रचंड’ हेलीकॉप्टर में को-पायलट के रूप में उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति बन गईं। यह क्षण भारत की रक्षा क्षमता और स्वदेशी सैन्य तकनीक के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह विशेष उड़ान भारतीय वायुसेना के सबसे बड़े युद्धाभ्यास ‘Vayu Shakti 2026’ से पहले आयोजित की गई। राष्ट्रपति ने लगभग 25 मिनट की इस विशेष सॉर्टी के दौरान सीमा क्षेत्र और Pokhran Field Firing Range का हवाई सर्वेक्षण किया।

जैसलमेर में क्या हुआ?

  • भारतीय वायुसेना द्वारा विस्तृत ब्रीफिंग के बाद सॉर्टी शुरू हुई।
  • प्रस्थान से पहले राष्ट्रपति ने कॉकपिट से हाथ हिलाकर भारत की वायु शक्ति पर विश्वास व्यक्त किया।
  • उड़ान के दौरान उन्होंने LCH ‘प्रचंड’ को “आत्मनिर्भरता का सशक्त प्रतीक” बताया।
  • उन्होंने सीमा पर तैनात सैनिकों को शुभकामनाएँ दीं और उनकी समर्पित सेवा को सलाम किया।

LCH ‘प्रचंड’: भारत का पहला स्वदेशी अटैक हेलीकॉप्टर

LCH ‘प्रचंड’ भारत का पहला स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित किया गया लड़ाकू हेलीकॉप्टर है, जिसे Hindustan Aeronautics Limited (HAL) ने तैयार किया है।

मुख्य विशेषताएँ:

  • उन्नत एवियोनिक्स और स्टील्थ क्षमता
  • रात्रि हमला (Night Attack) क्षमता
  • एयर-टू-एयर और एयर-टू-ग्राउंड मिसाइलें
  • 20 मिमी टरेट गन और रॉकेट सिस्टम
  • उच्च ऊँचाई वाले क्षेत्रों में संचालन की क्षमता

इसकी तैनाती से भारतीय वायुसेना की युद्धक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

रक्षा प्लेटफॉर्म्स के साथ राष्ट्रपति की सक्रियता

  • LCH ‘प्रचंड’ की इस उड़ान के साथ राष्ट्रपति मुर्मू ने रक्षा क्षेत्र में एक और उपलब्धि जोड़ी।
  • अप्रैल 2023 में उन्होंने तेजपुर एयर फोर्स स्टेशन से Sukhoi Su-30MKI में उड़ान भरी थी।
  • अक्टूबर 2025 में अंबाला एयर फोर्स स्टेशन से Dassault Rafale में सॉर्टी की थी।

अब LCH ‘प्रचंड’ में उड़ान भरकर वह भारतीय वायुसेना के दो अलग-अलग लड़ाकू विमानों और एक अटैक हेलीकॉप्टर में सॉर्टी करने वाली पहली भारतीय राष्ट्रपति बन गई हैं।

‘वायु शक्ति’ 2026 और रणनीतिक महत्व

हेलीकॉप्टर ने पोखरण फायरिंग रेंज के ऊपर उड़ान भरी, जहाँ भारतीय वायुसेना का युद्धाभ्यास ‘वायु शक्ति’ आयोजित होना था। राष्ट्रपति दिन–संध्या–रात्रि युद्ध प्रदर्शन की साक्षी बनने वाली हैं।

पाकिस्तान सीमा के निकट उड़ान भरना भारत की परिचालन तैयारी और तकनीकी आत्मविश्वास का प्रतीक है। यह स्वदेशी रक्षा निर्माण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता और आत्मनिर्भरता के संदेश को भी मजबूत करता है।

LCH ‘प्रचंड’ का विकास

  • लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर परियोजना को अत्यधिक ऊँचाई और दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में संचालन की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया था। इसे अक्टूबर 2022 में जोधपुर में औपचारिक रूप से भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया।
  • यह हेलीकॉप्टर भारतीय वायुसेना और भारतीय थलसेना दोनों के लिए उपयुक्त है तथा सीमावर्ती और उच्च-ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनाती के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है।
  • LCH ‘प्रचंड’ भारत की बढ़ती एयरोस्पेस निर्माण क्षमता और स्वदेशी रक्षा उत्पादन के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।
prime_image

TOPICS:

QR Code
Scan Me