विश्व स्वास्थ्य दिवस के विशेष अवसर पर 07 अप्रैल 2026 को महाराष्ट्र सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्यव्यापी महत्वाकांक्षी अभियान “मेरा गांव, स्वस्थ गांव” (माझं गाव, आरोग्यसंपन्न गांव) का औपचारिक शुभारंभ किया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजीत पवार और सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रकाश आबिटकर सहित मंत्रिमंडल के अन्य वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे। इस अवसर पर अभियान की मार्गदर्शिका पुस्तिका एवं सूचनात्मक वीडियो का भी विमोचन किया गया।
राज्य सरकार का लक्ष्य
राज्य सरकार का लक्ष्य इस अभियान के माध्यम से ग्रामीण महाराष्ट्र की स्वास्थ्य प्रणाली को अधिक सक्षम, रोगमुक्त और आत्मनिर्भर बनाना है। सरकार की योजना इसे मात्र एक सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखकर एक व्यापक जन आंदोलन के रूप में विकसित करने की है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि गांव स्तर से लेकर राज्य स्तर तक स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण से ग्रामीण जनता को उनके घर के दरवाजे पर ही उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं प्राप्त हो सकेंगी।
इस अभियान की मुख्य विशेषता
इस अभियान की मुख्य विशेषता उपचार के बजाय “बचाव” पर अधिक ध्यान केंद्रित करना है। इसके तहत स्वच्छता, शुद्ध पेयजल की आपूर्ति, अपशिष्ट जल प्रबंधन और बेहतर पोषण जैसे बुनियादी कारकों पर काम किया जाएगा। साथ ही, संक्रामक एवं गैर-संक्रामक रोगों के नियंत्रण के साथ-साथ मातृ-बाल स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य और बदलती जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के प्रति नागरिकों को जागरूक किया जाएगा।
ग्राम पंचायत स्तर तक समितियों का गठन
अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक समितियों का गठन किया गया है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले गांवों को “स्वस्थ गांव” के रूप में सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने 65।25 करोड़ रुपए के पुरस्कारों का प्रावधान किया है, जो जिला परिषदों, पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों को दिए जाएंगे।


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