
पीएम मोदी ने राजस्थान में अपनी यात्रा के दौरान “यूरिया गोल्ड” नामक एक नई प्रकार की यूरिया लॉन्च की, जो सल्फर से लेपित है जो मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार करने और किसानों के खर्चों को कम करने में मदद कर सकती है। इसके इस्तेमाल से आपको खेतों में कम खाद देनी पड़ेगी और फसल की क्वालिटी भी बढ़ेगी। यह यूरिया की एक नई किस्म है। यह सल्फर कोटेड यूरिया (SCU) होता है। इसलिए इसे सल्फर यूरिया भी कहते हैं। इसके इस्तेमाल का एक बड़ा फायदा यह है कि इससे मिट्टी में सल्फर की कमी नहीं रहेगी। इस समय यह यूरिया राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर लिमिटेड (RCF) कंपनी द्वारा बनाया जा रहा है।
यूरिया गोल्ड फर्टिलाइजर के फायदे
यूरिया गोल्ड को लॉन्च करने का उद्देश्य मिट्टी में उर्वरकता की कमी को दूर करना और किसानों के लिए इनपुट लागत को कम करना है। यूरिया गोल्ड आर्थिक दृष्टि से और गुणवत्ता के हिसाब से मौजूदा नीम कोटेड यूरिया से बेस्ट है। यह यूरिया मिट्टी में सल्फर की कमी को दूर करता है। यह पौधों में नाइट्रोजन यूज एफिशिएंसी को बढ़ाता है। इससे फसल का उत्पादन बढ़ता है। इसके इस्तेमाल से उर्वरक की खपत भी कम होती है। साथ ही फसल की गुणवत्ता बढ़ती है।
दूसरे उर्वरकों से कैसे बेहतर है यूरिया गोल्ड
सल्फर कोटेड यूरिया से नाइट्रोजन धीरे-धीरे रिलीज होती है। यूरिया गोल्ड में ह्यूमिक एसिड मिलाने से उर्वरक के रूप में इसका जीवनकाल बढ़ जाता है। यह न सिर्फ मौजूदा यूरिया का अच्छा विकल्प है, बल्कि इससे जमीन में उर्वरक का उपयोग भी घटेगा। एक रिपोर्ट के अनुसार, 15 किलो यूरिया गोल्ड 20 किलो पारंपरिक यूरिया के बराबर फायदा देता है। इससे यह किसानों के लिए अधिक किफायती और प्रभावी विकल्प बनेगा। रिपोर्ट के अनुसार यूरिया गोल्ड यूरिया के डायवर्जन को भी रोकेगा। यानी इसका उपयोग सिर्फ खेती में ही होगा।



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