Home   »   प्लास्टइंडिया 2026 नई दिल्ली में शुरू...

प्लास्टइंडिया 2026 नई दिल्ली में शुरू होगा

PLASTINDIA 2026, दुनिया की सबसे बड़ी और प्रभावशाली प्लास्टिक प्रदर्शनियों में से एक, 5 फरवरी 2026 से भारत मंडपम, नई दिल्ली में शुरू होने जा रही है। यह छह दिवसीय आयोजन 10 फरवरी 2026 तक चलेगा। इस प्रदर्शनी में उद्योग जगत के शीर्ष नेता, नीति-निर्माता, नवोन्मेषक और वैश्विक प्रदर्शक एक ही मंच पर एकत्र होंगे। यह आयोजन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह वैश्विक विनिर्माण, स्थिरता और नवाचार में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है, विशेष रूप से प्लास्टिक क्षेत्र में, जो राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख स्तंभ है।

पृष्ठभूमि: PLASTINDIA क्या है?

PLASTINDIA एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त प्लास्टिक प्रदर्शनी है, जिसमें प्लास्टिक प्रोसेसिंग, मशीनरी, कच्चे माल और टिकाऊ समाधानों में नवीनतम विकास को प्रदर्शित किया जाता है। PLASTINDIA 2026 का आयोजन रसायन एवं पेट्रोकेमिकल्स विभाग, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के सहयोग से किया जा रहा है।

वर्षों के दौरान, PLASTINDIA वैश्विक निर्माताओं, आपूर्तिकर्ताओं और खरीदारों के लिए एक प्रमुख मिलन मंच बनकर उभरा है, जिसने भारतीय उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों और उन्नत तकनीकों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

प्रमुख थीम और दृष्टिकोण

PLASTINDIA 2026 की थीम “भारत नेक्स्ट” (Bharat Next) है। यह थीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परिकल्पित आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ पूरी तरह मेल खाती है।

प्रदर्शनी का उद्देश्य एक आत्मनिर्भर औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है, जो विनिर्माण-आधारित विकास को बढ़ावा दे, निर्यात में वृद्धि करे और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन में योगदान दे। यह भारत की क्षमताओं को चार स्तंभों—मैन (Men), मटेरियल (Material), मशीन (Machine) और मार्केट (Markets) के माध्यम से प्रस्तुत करती है, साथ ही पाँच रणनीतिक तत्वों पर केंद्रित है:

  • व्यापार (Trade)
  • प्रौद्योगिकी (Technology)
  • प्रतिभा (Talent)
  • परंपरा (Tradition)
  • पर्यटन (Tourism)

PLASTINDIA 2026 की प्रमुख विशेषताएँ

PLASTINDIA 2026 में दुनिया भर से 2,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शक भाग लेंगे। ये प्रदर्शक प्लास्टिक मशीनरी, उन्नत कच्चे माल और सर्कुलर इकोनॉमी आधारित समाधानों में अत्याधुनिक नवाचार प्रस्तुत करेंगे, जिनका उद्देश्य पर्यावरणीय प्रभाव को कम करना है।

इस संस्करण की एक बड़ी विशेषता यह है कि PLASTINDIA 2026 को पहली बार “ज़ीरो वेस्ट प्रदर्शनी” के रूप में आयोजित किया जा रहा है। आयोजन स्थल पर उत्पन्न होने वाले सभी ठोस कचरे को अलग-अलग किया जाएगा, पुनर्चक्रित और पुनः उपयोग किया जाएगा, ताकि कोई भी कचरा लैंडफिल में न जाए। यह पहल उद्योग के स्थिरता और जिम्मेदार विनिर्माण पर बढ़ते फोकस को दर्शाती है।

इसके अलावा, युवाओं, नवोन्मेषकों और स्टार्ट-अप्स के लिए एक समर्पित मंच भी होगा, जहाँ उभरते उद्यमी टिकाऊ प्लास्टिक समाधानों और नई तकनीकों को प्रदर्शित कर सकेंगे।

विशेष प्रदर्शनी और ज्ञान साझा करना

PLASTINDIA 2026 की एक अनूठी विशेषता एक विशेष संग्रहालय है, जो प्लास्टिक की बहुआयामी उपयोगिता और दैनिक जीवन में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को प्रदर्शित करेगा। इसमें यह दिखाया जाएगा कि प्लास्टिक किस प्रकार प्रमुख क्षेत्रों में योगदान देता है, जैसे:

  • कृषि
  • स्वास्थ्य सेवा
  • जल प्रबंधन
  • गतिशीलता और परिवहन

यहाँ प्लास्टिक के दुरुपयोग के बजाय उसके जिम्मेदार उपयोग और प्रबंधन पर जोर दिया जाएगा।

प्लास्टिक उद्योग का आर्थिक महत्व

भारतीय प्लास्टिक उद्योग का वर्तमान मूल्यांकन लगभग ₹3–3.5 लाख करोड़ है और यह तेज़ी से विकास के पथ पर है। जैसे-जैसे भारत USD 10 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है, प्लास्टिक क्षेत्र की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाएगी, विशेष रूप से:

  • अवसंरचना विकास में
  • उपभोक्ता वस्तुओं के विनिर्माण में
  • वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं के साथ एकीकरण में

PLASTINDIA 2026 जैसे आयोजन भारत को एक वैश्विक विनिर्माण और नवाचार केंद्र के रूप में सशक्त करने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

prime_image

TOPICS:

QR Code
Scan Me