
पेप्सिको और CARE ने भारत में ‘शी फीड्स द वर्ल्ड’ (She Feeds the World) कार्यक्रम शुरू किया है। यह कार्यक्रम कृषि क्षेत्र में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिये है, जो मुख्य रूप से छोटे पैमाने की महिला उत्पादकों पर केंद्रित होगा। विकासशील देशों में सभी कृषि श्रमिकों में महिलाएँ लगभग आधी हैं और पुरुषों की तुलना में प्रति सप्ताह 13 घंटे अधिक कार्य करती हैं।
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मुख्य बिंदु
- अनुसंधान से पता चलता है कि यदि पुरुषों के समान महिला किसानों की संसाधनों तक पहुँच सुनिश्चित होती है, तो वे अपने खेतों की उपज में 20-30 प्रतिशत तक की वृद्धि कर सकती हैं, इससे संभवतः विश्व में भूखे लोगों की संख्या को 150 मिलियन तक कम किया जा सकता है।
- इस कार्यक्रम के प्रमुख उद्देश्यों में फसल की उपज बढ़ाना, बीपीएल परिवारों की महिलाओं की आय में वृद्धि करना, स्वस्थ और संतुलित आहार तक पहुँच सुनिश्चित करने के साथ ही सतत् कृषि पर महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान करना है।
- यह कार्यक्रम कृषि क्षेत्र में लैंगिक असमानता को कम करने तथा देश में कृषि परिवारों को एक स्थिर आय प्राप्त करने में मदद करेगा, साथ ही सतत् कृषि पर महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान करेगा।
- प्रारंभ में इस कार्यक्रम को पश्चिम बंगाल के कूचबिहार ज़िले और अलीपुरद्वार ज़िले में लागू किया जाएगा। पेप्सिको तथा केयर का लक्ष्य इस कार्यक्रम के माध्यम से 48,000 से अधिक महिलाओं की स्थिति में सुधार करना है।
- पश्चिम बंगाल के 1.5 मिलियन से अधिक लोग इससे लाभान्वित होंगे।
सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण टेकअवे:
- पेप्सिको फाउंडेशन के सीईओ: रेमन लागुआर्टा (3 अक्टूबर 2018–);
- पेप्सिको फाउंडेशन मुख्यालय: खरीद, हैरिसन, न्यूयॉर्क, संयुक्त राज्य अमेरिका;
- पेप्सिको फाउंडेशन की स्थापना: 1965;
- पेप्सिको फाउंडेशन के अध्यक्ष: रेमन लागुआर्टा।



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